चुनाव आयोग ने बताया कि तमिलनाडु में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) चरण के दौरान 12.8 लाख से अधिक मतदाताओं ने मतदाता सूची में शामिल होने के लिए आवेदन दिए
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चर्चा में क्यों
चुनाव आयोग ने बताया कि तमिलनाडु में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) चरण के दौरान 12.8 लाख से अधिक मतदाताओं ने मतदाता सूची में शामिल होने के लिए आवेदन दिए।
पृष्ठभूमि
तमिलनाडु में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) की अवधि 18 जनवरी को समाप्त हो रही है। इस अवधि के दौरान, लगभग 97.37 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए, जिससे राज्य के मतदाताओं की कुल संख्या घटकर 5.43 करोड़ रह गई है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यSIR के दौरान तमिलनाडु में 12.8 लाख से अधिक मतदाताओं ने शामिल होने के लिए Form 6 और 6A जमा किए।
- तथ्यSIR के दौरान निर्वाचकों की सूची से लगभग 97.37 लाख मतदाताओं को हटा दिया गया।
- तथ्यसंशोधन के बाद तमिलनाडु में मतदाताओं की संख्या घटकर 5.43 करोड़ रह गई है।
- तथ्यमतदाता सूची से नाम हटाने के लिए 32,000 से अधिक फॉर्म जमा किए गए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अखंडता सुनिश्चित करने में आवधिक मतदाता सूची संशोधन के महत्व और सटीक मतदाता डेटा बनाए रखने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- डेटा इंटीग्रिटी: मतदाता सूची से मृत या स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान और उन्हें हटाने में चुनौतियां
- समावेशन की बाधाएं: हाशिए पर रहने वाले समूहों के लिए फॉर्म 6 और 6A तक पहुंच में प्रक्रियात्मक मुश्किलें
- राजनीतिक मध्यस्थता: व्यक्तिगत मतदाता आवेदन को आसान बनाने में पार्टी एजेंटों की भूमिका
मुख्य शब्द: मतदाता सूची · विशेष गहन पुनरीक्षण में तेलंगाना की मतदाता सूची से लगभग 70 लाख नाम हटे · मतदाता समावेश · लोकतंत्र की अखंडता · चुनाव आयोग
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।