कर्नाटक में पहली बार भोसगा केरे में दिखे ग्रेटर फ्लेमिंगो पक्षी
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चर्चा में क्यों
कर्नाटक राज्योत्सव बर्ड काउंट (Karnataka Rajyotsava Bird Count) के दौरान भोसगा केरे में पहली बार ग्रेटर फ्लेमिंगो (Greater Flamingos) देखे गए हैं, जो पक्षियों के बदलते प्रवास पैटर्न (Migration patterns) को दर्शाते हैं।
पृष्ठभूमि
चार दिवसीय पक्षी गणना (30 अक्टूबर से 2 नवंबर तक) के दौरान 79 चेकलिस्ट में 139 पक्षी प्रजातियों को दर्ज किया गया। यह पहल eBird द्वारा आयोजित की गई थी और इसमें Winged Endeavours द्वारा आयोजित एक वॉक भी शामिल थी, जिसमें 62 प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया गया।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- पर्यावरणगणना के दौरान भोसगा केरे में पहली बार ग्रेटर फ्लेमिंगो (Greater flamingos) देखे गए।
- तथ्यकर्नाटक राज्योत्सव बर्ड काउंट (Karnataka Rajyotsava Bird Count) में कुल 139 पक्षी प्रजातियों (bird species) को रिकॉर्ड किया गया।
- संस्थाeBird वह संस्था है जिसने बर्ड काउंट (bird count) पहल को आयोजित किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में जैव विविधता की निगरानी और संरक्षण रणनीतियों को सूचित करने में पक्षी गणना जैसे 'नागरिक विज्ञान' (citizen science) पहलों के महत्व की चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- डेटा सटीकता: आधिकारिक संरक्षण नीति के लिए वॉलंटियर-आधारित चेकलिस्ट को स्टैंडर्डाइज करने में चुनौतियां
- हैबिटेट मॉनिटरिंग: स्थानीय पारिस्थितिक स्वास्थ्य और जलवायु प्रभाव के संकेतकों के रूप में प्रवासी बदलावों की ट्रैकिंग
मुख्य शब्द: सिटिजन साइंस · बायोडायवर्सिटी मॉनिटरिंग · प्रवास के पैटर्न · संरक्षण डेटा
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।