दिल्ली में अब बिकेंगे ग्रीन पटाखे, सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी
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चर्चा में क्यों
सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली के दौरान वायु प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में प्रमाणित 'ग्रीन' पटाखों के निर्माण, बिक्री और उपयोग की अनुमति दी है।
पृष्ठभूमि
सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय दिल्ली के एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के 391 तक पहुँचने की रिपोर्टों के बाद आया है। प्रमाणित 'ग्रीन' पटाखों को पारंपरिक पटाखों की तुलना में 20-30% कम उत्सर्जन पैदा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यत्योहार से पहले शुक्रवार सुबह दिल्ली का AQI 391 तक पहुंच गया।
- तथ्य24 अक्टूबर को मुंबई का AQI 322 तक पहुंच गया।
- तथ्यग्रीन firecrackers को पारंपरिक पटाखों की तुलना में 20-30% कम उत्सर्जन (emissions) पैदा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- स्थानयह अनुमति दिल्ली और इसके आसपास के क्षेत्रों पर लागू होती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: उत्तरी भारत में मौसमी वायु गुणवत्ता संकट के समाधान में 'हरित' पटाखों की प्रभावकारिता का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- रेगुलेटरी लूपहोल: पड़ोसी राज्यों से बिना सर्टिफिकेट वाले पारंपरिक पटाखों के आने को रोकना मुश्किल
- तकनीकी सीमा: 'बहुत खराब' AQI स्तर को कम करने में 20-30% उत्सर्जन कटौती की प्रभावशीलता संदिग्ध
मुख्य शब्द: एयर क्वालिटी इंडेक्स · ग्रीन पटाखे · पर्यावरण नियमन · प्रदूषण कम करना · न्यायिक हस्तक्षेप
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।