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भाग I · स्था. 11.2025 
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केरलम में पिछले 10 साल में बढ़ा मैंग्रोव कवर, रिपोर्ट में खुलासा

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चर्चा में क्यों

ICAR-CMFRI ने सैटेलाइट मॉनिटरिंग के जरिए तटीय रिकवरी (coastal recovery) पर नज़र रखते हुए रिपोर्ट दी है कि पिछले एक दशक (2017-2026) में केरल के मैंग्रोव कवर में बढ़ोतरी हुई है।

पृष्ठभूमि

ICAR-सेंट्रल मरीन फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट (CMFRI) ने केरल में मैंग्रोव वनस्पति का मानचित्रण करने के लिए 2017 और 2026 की सैटेलाइट इमेजेस (satellite images) की तुलना की। अध्ययन में पाया गया कि पिछले पांच दशकों में राज्य ने अपने लगभग 90% मैंग्रोव खो दिए हैं, हालांकि हाल के एक दशक में इनमें वृद्धि दर्ज की गई है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • संस्थाCMFRI: ICAR-सेंट्रल मरीन फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट वह संस्था है जिसने मैंग्रोव स्टडी (mangrove study) आयोजित की थी।
  • तथ्यकेरल ने पांच दशकों की अवधि में अपने लगभग 90% मैंग्रोव कवर (mangrove cover) को खो दिया है।
  • तथ्य1982 और 2023 के बीच बंगाल की खाड़ी में 100 से अधिक मरीन हीटवेव (marine heatwave) घटनाएं दर्ज की गईं।
  • स्थानकेरल: वह राज्य जहाँ मैंग्रोव रिकवरी और सैटेलाइट मॉनिटरिंग स्टडी (satellite monitoring study) का अध्ययन किया गया।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के तटीय क्षेत्रों में तटीय पारिस्थितिकी तंत्र प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन अनुकूलन को सुदृढ़ करने में उपग्रह-आधारित सुदूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • तकनीकी एकीकरण: कार्बन सोखने वाले मैंग्रोव इकोसिस्टम की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए हाई-रिज़ॉल्यूशन सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग
  • इकोलॉजिकल रेज़िलिएंस: तटीय सुरक्षा नीतियों को बेहतर बनाने के लिए ऐतिहासिक मैंग्रोव नुकसान और हालिया रिकवरी ट्रेंड्स के बीच संतुलन
  • क्लाइमेट मॉनिटरिंग: बंगाल की खाड़ी में बढ़ते समुद्री हीटवेव्स की आवृत्ति और तीव्रता से निपटना

मुख्य शब्द: रिमोट सेंसिंग · मैंग्रोव संरक्षण · तटीय लचीलापन · कार्बन सिक्वेस्ट्रेशन · मरीन हीटवेव्स

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS1 · भौतिक भूगोल (भू-आकृतियां, महासागर, जलवायु)

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।