ISRO के देवदास मेनन दुनिया के टॉप 2% वैज्ञानिकों की लिस्ट में शामिल
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चर्चा में क्यों
ISRO के शोधकर्ता देवदास मेनन को 2026 स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी-एल्विसेयर (Stanford University-Elsevier) की 'वर्ल्ड्स टॉप 2% साइंटिस्ट्स' सूची में 'कम्युनिकेशन एंड मीडिया स्टडीज' उप-क्षेत्र में एकमात्र भारतीय के रूप में नामित किया गया है।
पृष्ठभूमि
देवदास मेनन ISRO के एक शोधकर्ता हैं, जिनका कार्य साइबरसाइकोलॉजी (cyberpsychology) और डिजिटल मीडिया व्यवहार पर केंद्रित है। उन्होंने 2026 के स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी-एल्वेसर (Stanford University-Elsevier) रिपोर्ट में 56,727 की वैश्विक रैंक हासिल की।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- पददेवदास मेनन: इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) में रिसर्चर।
- तथ्यदेवदास मेनन की ग्लोबल रैंक: 56,727।
- रिपोर्ट / सूचकांकस्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी-एल्विसेयर (Stanford University-Elsevier) वर्ल्ड्स टॉप 2% साइंटिस्ट्स लिस्ट: 2026 एडिशन।
- विज्ञान-तकनीकरिसर्च फोकस: Cyberpsychology और डिजिटल मीडिया बिहेवियर।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा देने और वैश्विक ज्ञान अर्थव्यवस्था में भारत की स्थिति को सुदृढ़ करने में अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक रैंकिंग के महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- नॉलेज इकोनॉमी: साइबरसाइकोलॉजी जैसे खास क्षेत्रों में भारत के R&D फुटप्रिंट को मजबूत करना
- संस्थागत तालमेल: इंटरडिसिप्लिनरी डिजिटल मीडिया स्टडीज के लिए ISRO की रिसर्च क्षमताओं का लाभ उठाना
मुख्य शब्द: नॉलेज इकोनॉमी · अनुसंधान और विकास · साइबरसाइकोलॉजी · डिजिटल मीडिया व्यवहार · वैज्ञानिक रैंकिंग
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर और नोट्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।