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भाग I · स्था. 11.2025 
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मंगल ग्रह से आया 800 ग्राम का उल्कापिंड मिला, NASA ने बताया बेहद पुराना

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन)· प्रीलिम्स·

प्लैनेटरी जियोलॉजी (Planetary geology) और मीटियोरिटिक्स (Meteoritics): GS3 साइंस एंड टेक्नोलॉजी और स्पेस एक्सप्लोरेशन (Space exploration) के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र।

चर्चा में क्यों

NASA के शोधकर्ताओं ने 'Teghaza 001' उल्कापिंड (meteorite) को मंगल ग्रह के सबसे पुराने ज्ञात नमूनों में से एक के रूप में पहचाना है। यह नमूना मंगल ग्रह पर शुरुआती ज्वालामुखी गतिविधि और पानी के साथ होने वाली प्रतिक्रियाओं के प्रमाण प्रदान करता है।

पृष्ठभूमि

NASA की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (Jet Propulsion Laboratory) ने 'तेगाज़ा 001' (Teghaza 001) नामक 800 ग्राम के मंगल ग्रह के उल्कापिंड की पहचान की है। अनुमान है कि यह नमूना 4.1 बिलियन साल से भी पहले बना था।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • विज्ञान-तकनीकTeghaza 001: एक 800-ग्राम का Martian meteorite (मंगल ग्रह का उल्कापिंड), जिसे अब तक के सबसे पुराने ज्ञात नमूनों में से एक के रूप में पहचाना गया है।
  • तथ्यTeghaza 001: इसका निर्माण 4.1 बिलियन साल से अधिक पहले हुआ था।
  • संस्थाजेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (Jet Propulsion Laboratory): NASA की वह फैसिलिटी जो पहचान और विश्लेषण के लिए जिम्मेदार है।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

Teghaza 001 उल्कापिंड (meteorite) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. इस नमूने (specimen) के 4.1 बिलियन साल से अधिक पुराने होने का अनुमान है।
  2. इस उल्कापिंड (meteorite) को चंद्रमा से प्राप्त एक नमूने के रूप में पहचाना गया।
  3. इस उल्कापिंड (meteorite) का वजन 800 ग्राम है और यह ज्ञात सबसे पुराने मंगल ग्रह के नमूनों (Martian specimens) में से एक है।
  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 1 और 3
  3. (c)केवल 2 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (b) केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: नोट में उल्लेख है कि यह एक Martian meteorite (मंगल ग्रह का उल्कापिंड) है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: उल्कापिंडों और ग्रहीय भूविज्ञान के अध्ययन से प्रारंभिक सौर मंडल के विकास और पृथ्वी के अपने भूवैज्ञानिक इतिहास की समझ में किस प्रकार योगदान मिलता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • भूवैज्ञानिक प्रॉक्सी: शुरुआती मार्सियन ज्वालामुखी गतिविधि और जलीय इंटरैक्शन के प्रमाण के रूप में उल्कापिंड
  • एस्ट्रोबायोलॉजिकल महत्व: शुरुआती ग्रहों की सतहों पर पानी की प्रतिक्रियाओं को समझना

मुख्य शब्द: प्लैनेटरी जियोलॉजी · एस्ट्रोबायोलॉजी · उल्कापिंड विज्ञान · ज्वालामुखी गतिविधि · सौर मंडल का विकास

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: टाइम्स ऑफ इंडिया ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।