ISRO ने NVS-03 सैटेलाइट लॉन्च किया, NavIC को फिर से मिलेगा मजबूती
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स्पेस टेक्नोलॉजी और स्वदेशी नेविगेशन सिस्टम: GS3 विज्ञान और प्रौद्योगिकी (Science & Technology) का एक महत्वपूर्ण विषय।
चर्चा में क्यों
ISRO ने NavIC नक्षत्र (constellation) को उसके न्यूनतम परिचालन विन्यास (minimum operational configuration) के चार उपग्रहों तक बहाल करने के लिए NVS-03 उपग्रह को सफलतापूर्वक लॉन्च किया है।
पृष्ठभूमि
NVS-03 सैटेलाइट का वजन 2,250 किलोग्राम है और इसे 30 अक्टूबर, 2026 को सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया था। इसमें एक स्वदेशी रुबिडियम एटॉमिक क्लॉक (Rubidium atomic clock) है और यह नागरिक मोबाइल एक्सेस को बेहतर बनाने के लिए L1 फ्रीक्वेंसी बैंड पर सिग्नल प्रसारित करता है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- विज्ञान-तकनीकNVS-03: NavIC के ऑपरेशनल फ्लीट को बहाल करने के लिए ISRO द्वारा लॉन्च किया गया एक नेविगेशन सैटेलाइट।
- तथ्यNVS-03 का वजन: 2,250 किलोग्राम।
- विज्ञान-तकनीकरूबिडियम एटॉमिक क्लॉक (Rubidium atomic clock): NVS-03 सैटेलाइट में इस्तेमाल किया जाने वाला एक स्वदेशी कंपोनेंट।
- विज्ञान-तकनीकL1 frequency band: यह वह बैंड है जिसका उपयोग NVS-03 द्वारा सिविलियन मोबाइल एक्सेस को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है।
- स्थानसतीश धवन स्पेस सेंटर: NVS-03 मिशन के लिए लॉन्च साइट।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
NVS-03 सैटेलाइट की नेविगेशन क्षमताओं को सपोर्ट करने के लिए इसमें कौन सा स्वदेशी कंपोनेंट (component) शामिल है?
- (a)क्वार्ट्ज ऑसिलेटर
- (b)हाइड्रोजन मेज़र
- (c)सीज़ियम एटॉमिक क्लॉक
- (d)रुबिडियम एटॉमिक क्लॉक
उत्तर देखें
उत्तर: (d) रुबिडियम एटॉमिक क्लॉक — नोट में उल्लेख है कि NVS-03 सैटेलाइट में एक स्वदेशी रुबिडियम एटॉमिक क्लॉक (Rubidium atomic clock) है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की रणनीतिक स्वायत्तता सुनिश्चित करने और नागरिक बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने में 'नाविक' (NavIC) जैसी स्वदेशी नेविगेशन प्रणालियों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: GPS या GLONASS जैसे विदेशी GNSS सिस्टम्स पर निर्भरता कम करना
- तकनीकी संप्रभुता: हाई-प्रिसिजन पोजिशनिंग के लिए स्वदेशी रुबिडियम एटॉमिक क्लॉक का विकास
- सिविलियन यूटिलिटी: L1 फ्रीक्वेंसी बैंड ट्रांसमिशन के जरिए मोबाइल कनेक्टिविटी और डिजास्टर मैनेजमेंट को बेहतर बनाना
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · स्वदेशी तकनीक · नेविगेशन सिस्टम · स्पेस इंफ्रास्ट्रक्चर · तकनीकी संप्रभुता
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।