2027 तक तैयार होगा PRANIK फ्यूजन रिएक्टर, प्रानोस फ्यूजन ने बनाया प्लान
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न्यूक्लियर फ्यूजन और डीपटेक इनोवेशन (Deeptech innovation): GS3 विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (Science & Technology) का एक महत्वपूर्ण विषय।
चर्चा में क्यों
बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप Pranos Fusion ने 2027 तक एक बड़े फ्यूजन रिएक्टर, PRANIK के डिजाइन को अंतिम रूप देने की योजना की घोषणा की है।
पृष्ठभूमि
प्रानोस फ्यूजन (Pranos Fusion) एक डीपटेक स्टार्टअप है, जिसे इंस्टीट्यूट ऑफ प्लाज्मा रिसर्च (परमाणु ऊर्जा विभाग और JNCASR से संबद्ध) में इनक्यूबेट किया गया है। कंपनी ने अब तक $7.2 मिलियन जुटाए हैं और वर्तमान में यह प्लाज्मा नियंत्रण और सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट्स (superconducting magnets) का परीक्षण करने के लिए PRAGYA टोकामक (tokamak) का उपयोग कर रही है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- विज्ञान-तकनीकटोकामक (Tokamak): एक डोनट के आकार का न्यूक्लियर रिएक्टर जो फ्यूजन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सुपरहीटेड प्लाज्मा को दीवारों से दूर रखने के लिए शक्तिशाली मैग्नेट्स का उपयोग करता है।
- तथ्यPRANIK: उस बड़े फ्यूजन रिएक्टर का नाम जिसके डिजाइन 2027 तक फाइनल होने की उम्मीद है।
- संस्थाइंस्टीट्यूट ऑफ प्लाज्मा रिसर्च (Institute of Plasma Research): परमाणु ऊर्जा विभाग (Department of Atomic Energy) और JNCASR, बेंगलुरु से संबद्ध एक संस्था।
- विज्ञान-तकनीकफ्यूजन प्रोसेस (Fusion Process): इसमें हाइड्रोजन आइसोटोप्स (deuterium और tritium) को मिलाकर हीलियम और एक फास्ट न्यूट्रॉन (fast neutron) बनाया जाता है, जिसके लिए लगभग 100 मिलियन डिग्री सेल्सियस तापमान की आवश्यकता होती है।
- पदशौर्य कौशल: Pranos Fusion के को-फाउंडर और CEO।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
न्यूक्लियर फ्यूजन (Nuclear Fusion) तकनीक के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- इंस्टीट्यूट ऑफ प्लाज्मा रिसर्च (Institute of Plasma Research) एक स्वतंत्र संस्था है जिसका डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी (Department of Atomic Energy) से कोई संबंध नहीं है।
- PRANIK रिएक्टर एक स्मॉल-स्केल रिएक्टर है जिसे तत्काल व्यावसायिक उपयोग के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- फ्यूजन प्रोसेस (Fusion process) में हाइड्रोजन आइसोटोप्स को मिलाकर हीलियम और एक फास्ट न्यूट्रॉन (fast neutron) बनाया जाता है।
- (a)केवल 1
- (b)केवल 2
- (c)केवल 3
- (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (c) केवल 3 — स्टेटमेंट 3 सही है। स्टेटमेंट 1 गलत है: यह डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी (Department of Atomic Energy) और JNCASR से संबद्ध है। स्टेटमेंट 2 गलत है: यह एक बड़ा फ्यूजन रिएक्टर (fusion reactor) है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक सतत ऊर्जा स्रोत के रूप में परमाणु संलयन (न्यूक्लियर फ्यूजन) की क्षमता और डीपटेक नवाचार (deeptech innovation) में निजी स्टार्टअप्स की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- तकनीकी बाधा: सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट्स का उपयोग करके 100 मिलियन डिग्री सेल्सियस पर प्लाज्मा स्टेबिलिटी बनाए रखना
- सुरक्षा का फायदा: फ्यूजन की बिजली पैदा करने की क्षमता, जिसमें फिशन से जुड़े लंबे समय तक रहने वाले रेडियोएक्टिव कचरे का खतरा नहीं होता
- आर्थिक व्यवहार्यता: प्राइवेट सेक्टर में फ्यूजन रिएक्टर लगाने के लिए भारी शुरुआती कैपिटल कॉस्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर की ज़रूरत
मुख्य शब्द: न्यूक्लियर फ्यूजन · टोकामक · डीपटेक · ऊर्जा सुरक्षा · प्लाज्मा फिजिक्स · सस्टेनेबल एनर्जी
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।