बेंगलुरु में बनेगी भारत की पहली हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन, मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर के लिए तैयार
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इंफ्रास्ट्रक्चर और मेक इन इंडिया: स्वदेशी हाई-स्पीड रेल तकनीक पर एक GS3 केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
भारत मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (MAHSR) कॉरिडोर के लिए बेंगलुरु स्थित BEML फैसिलिटी में अपनी पहली हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन का निर्माण कर रहा है।
पृष्ठभूमि
यह ट्रेन 249 किमी प्रति घंटे की परिचालन गति (operational speed) तक पहुँच सकेगी और इसमें 557 यात्री सफर कर सकेंगे। इसमें स्वदेशी डिजाइन, एक रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम (regenerative braking system) और एर्गोनोमिक इंटीरियर (ergonomic interiors) की सुविधा दी गई है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाBEML: बेंगलुरु में स्थित वह फैसिलिटी जहाँ पहली हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन (Bullet Train) का निर्माण किया जा रहा है।
- तथ्यऑपरेशनल स्पीड: इस ट्रेन को 249 किमी प्रति घंटा की रफ्तार तक पहुंचने के लिए डिजाइन किया गया है।
- तथ्यक्षमता: इस ट्रेन को 557 यात्रियों को ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- विज्ञान-तकनीकरीजेनरेटिव ब्रेकिंग (Regenerative braking): ऊर्जा दक्षता (energy efficiency) सुनिश्चित करने के लिए ट्रेन में शामिल एक फीचर।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
ऊर्जा दक्षता (energy efficiency) सुनिश्चित करने के लिए हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन में किस तकनीक को शामिल किया गया है?
- (a)एयरोडायनामिक शील्डिंग
- (b)मैग्नेटिक लेविटेशन
- (c)रीजेनरेटिव ब्रेकिंग
- (d)सोलर प्रोपल्शन
उत्तर देखें
उत्तर: (c) रीजेनरेटिव ब्रेकिंग — नोट में उल्लेख है कि ऊर्जा दक्षता (energy efficiency) के लिए ट्रेन में एक रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम (regenerative braking system) है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: स्वदेशी उच्च गति वाली रेल तकनीक का विकास भारत के बुनियादी ढांचा लक्ष्यों और 'मेक इन इंडिया' पहल में किस प्रकार योगदान देता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- तकनीकी संप्रभुता: विदेशी हाई-स्पीड रेल टेक्नोलॉजी और कंपोनेंट्स पर निर्भरता कम करना
- एनर्जी एफिशिएंसी: ऑपरेशनल कार्बन फुटप्रिंट कम करने के लिए रिजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम का एकीकरण
- लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी: क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा के समय को कम करना
मुख्य शब्द: स्वदेशी तकनीक · मेक इन इंडिया · हाई-स्पीड रेल · रीजेनरेटिव ब्रेकिंग · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।