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भाग I · स्था. 11.2025 
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543 कैंसर दवाओं की नई MRP पर JSA इंडिया ने उठाए सवाल

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फार्मास्युटिकल मूल्य विनियमन और सामर्थ्य: GS2 सामाजिक न्याय और सार्वजनिक स्वास्थ्य का एक केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

JSA India ने 543 एंटी-कैंसर दवाओं के ब्रांड्स की संशोधित MRP (मैक्सिमम रिटेल प्राइस) के लिए NPPA के त्रुटिपूर्ण फॉर्मूले और स्वतंत्र सत्यापन (independent verification) की कमी की आलोचना की है।

पृष्ठभूमि

NPPA ने 9 नवंबर, 2026 से प्रभावी होने वाली 543 एंटी-कैंसर दवा ब्रांडों के लिए संशोधित MRP (अधिकतम खुदरा मूल्य) जारी किए हैं। यह कदम 17 अक्टूबर, 2026 को 137 नॉन-शेड्यूल्ड दवाओं के ट्रेड मार्जिन राशनालाइजेशन (Trade Margin Rationalisation) के बाद उठाया गया है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • संस्थाNPPA: नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (National Pharmaceutical Pricing Authority)।
  • तथ्य543 एंटी-कैंसर मेडिसिन ब्रांड्स की MRP में संशोधन किया गया।
  • तथ्य17 अक्टूबर, 2026 को 137 non-scheduled दवाओं का Trade Margin Rationalisation किया गया।
  • तथ्यएंटी-कैंसर ब्रांड्स के लिए संशोधित MRPs 9 नवंबर, 2026 से प्रभावी होंगे।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

National Pharmaceutical Pricing Authority (NPPA) और एंटी-कैंसर दवाओं की कीमतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. एंटी-कैंसर ब्रांड्स के लिए संशोधित MRPs 9 नवंबर, 2025 से प्रभावी होंगे।
  2. NPPA ने 543 एंटी-कैंसर मेडिसिन ब्रांड्स के लिए संशोधित MRPs जारी किए।
  3. 137 non-scheduled दवाओं के लिए Trade Margin Rationalisation किया गया।
  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 1 और 2
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (d) केवल 2 और 3 — कथन 2 और 3 सही हैं। कथन 1 गलत है: नोट के अनुसार प्रभावी तिथि 9 नवंबर, 2026 है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में औषधियों की वहनीयता (affordability) और उद्योग की व्यवहार्यता (viability) के बीच संतुलन स्थापित करने में आने वाली चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: NPPA के प्राइस रिवीजन फॉर्मूले में स्वतंत्र वेरिफिकेशन की कमी
  • दवाओं तक पहुँच: पुरानी बीमारियों के इलाज में खराब प्राइसिंग मॉडल का असर
  • मार्केट डिस्टॉर्शन: नॉन-शेड्यूल्ड ड्रग्स की उपलब्धता पर ट्रेड मार्जिन रैशनलाइजेशन के प्रभाव

मुख्य शब्द: किफायती होना · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · मूल्य नियंत्रण · सार्वजनिक स्वास्थ्य · मार्केट रैशनलाइजेशन

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS3 · उद्योग, निवेश एवं MSME

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।