आंध्र प्रदेश में साइक्लोन अर्नब का कहर, 180,000 लोगों को निकाला गया
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तटीय आपदा प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव: GS3 और पर्यावरण से संबंधित एक प्रासंगिक केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
चक्रवात अर्नाब (Cyclone Arnab) 135 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। इसके कारण 1,80,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और नेपाल और श्रीलंका में क्षेत्रीय व्यवधान पैदा हुए।
पृष्ठभूमि
चक्रवात अर्णब (Cyclone Arnab) को एक अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में वर्गीकृत किया गया था, जिसकी हवा की गति 135kph (84mph) तक पहुंच गई थी। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल के दौरान 1.5m के तूफान की लहर (storm surge) का पूर्वानुमान लगाया था।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यसाइक्लोन Arnab की हवा की गति 135kph (84mph) तक पहुंच गई।
- तथ्यआंध्र प्रदेश और ओडिशा से 180,000 लोगों को निकाला गया।
- तथ्यIMD ने लैंडफॉल के लिए 1.5m के स्टॉर्म सर्ज (storm surge) का पूर्वानुमान दिया है।
- स्थानसाइक्लोन के कारण नेपाल ने तीन दिनों के लिए ट्रेकिंग परमिट निलंबित कर दिए हैं।
- स्थानफ्लैश फ्लड (flash flood) की चेतावनी के कारण श्रीलंका ने स्कूल बंद कर दिए।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
Cyclone Arnab और इसके प्रभाव के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- इस चक्रवात को 135kph की हवा की गति के साथ एक 'बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान' (very severe cyclonic storm) के रूप में वर्गीकृत किया गया था।
- India Meteorological Department ने लैंडफॉल के दौरान 1.5m के स्टॉर्म सर्ज (storm surge) का पूर्वानुमान लगाया।
- प्रभावित तटीय क्षेत्रों से कुल 200,000 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
- (a)केवल 2
- (b)केवल 1 और 2
- (c)केवल 2 और 3
- (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (b) केवल 1 और 2 — कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है: नोट में उल्लेख है कि 180,000 लोगों को निकाला गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में तटीय आपदा प्रबंधन के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और बढ़ते चक्रवातीय तीव्रता के प्रभावों को कम करने के लिए उचित उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: मल्टी-पर्पस साइक्लोन शेल्टर और मजबूत तटीय तटबंधों की ज़रूरत
- अर्ली वार्निंग की सीमाएं: दूरस्थ तटीय और पहाड़ी क्षेत्रों में रियल-टाइम कम्युनिकेशन की चुनौतियां
- सीमा पार का प्रभाव: बंगाल की खाड़ी में क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन के लिए तालमेल की ज़रूरत
मुख्य शब्द: चक्रवाती तूफान · तूफ़ानी लहर · आपदा शमन · अर्ली वार्निंग सिस्टम · तटीय संवेदनशीलता
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।