आंध्र प्रदेश तट पर साइक्लोन अर्नब का लैंडफॉल, 1,80,000 लोगों को निकाला गया
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आपदा प्रबंधन और तटीय संवेदनशीलता: चक्रवाती तूफान के प्रभावों पर एक GS3 केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
चक्रवात अर्नाब (Cyclone Arnab) आंध्र प्रदेश के तट पर एक 'बहुत गंभीर' चक्रवाती तूफान के रूप में टकराया, जिसके कारण आंध्र प्रदेश और ओडिशा में 1,80,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
पृष्ठभूमि
IMD द्वारा चक्रवात अर्णब को 'बहुत गंभीर' चक्रवाती तूफान के रूप में वर्गीकृत किया गया था, जिसकी निरंतर हवा की गति 125-135 किमी प्रति घंटा और झोंके 150 किमी प्रति घंटे तक दर्ज किए गए। इसने आंध्र प्रदेश और यानम के तटों को प्रभावित किया, जिससे विशाखापट्टनम (315 मिमी) और कोरापुट (188 मिमी) जैसे जिलों में भारी वर्षा हुई।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यसाइक्लोन Arnab को 'बहुत गंभीर' (very severe) चक्रवाती तूफान के रूप में वर्गीकृत किया गया था, जो IMD स्केल पर तीसरा सबसे उच्चतम श्रेणी है।
- तथ्यसाइक्लोन Arnab की अधिकतम सस्टेंड विंड स्पीड (sustained wind speed) 125-135 kmph थी, जिसमें गस्ट्स (gusts) 150 kmph तक दर्ज किए गए।
- स्थानसाइक्लोन के लैंडफॉल (landfall) के दौरान विशाखापट्टनम में 315 mm की सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई।
- संस्थाइंडिया मेट्रोलॉजीकल डिपार्टमेंट (IMD) वह संस्था है जो साइक्लोनिक स्टॉर्म (cyclonic storm) के वर्गीकरण की रिपोर्टिंग के लिए जिम्मेदार है।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
Cyclone Arnab के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- IMD द्वारा इस चक्रवात को 'बहुत गंभीर' (very severe) चक्रवाती तूफान के रूप में वर्गीकृत किया गया था।
- चक्रवात की अधिकतम सस्टेंड विंड स्पीड (sustained wind speed) 200 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई।
- लैंडफॉल के दौरान कोरापुट में 315 mm की सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई।
- (a)केवल 1
- (b)केवल 3
- (c)केवल 1 और 2
- (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (a) केवल 1 — कथन 1 सही है। कथन 2 गलत है: अधिकतम निरंतर हवा की गति 125-135 किमी प्रति घंटा (kmph) थी। कथन 3 गलत है: विशाखापट्टनम में सर्वाधिक 315 मिमी (mm) वर्षा दर्ज की गई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में तटीय आपदा प्रबंधन के समक्ष मौजूद चुनौतियों का परीक्षण कीजिए और पूर्वी तट पर बढ़ते चक्रवातीय तीव्रता के प्रभावों को कम करने के लिए उचित उपायों का सुझाव दीजिए।
उत्तर के आयाम
- अर्ली वार्निंग सिस्टम: स्थानीय जिला-स्तरीय निकासी प्रोटोकॉल के साथ IMD के रियल-टाइम डेटा का एकीकरण
- इंफ्रास्ट्रक्चर रेजिलिएंस: तेज़ हवाओं के कारण पावर ग्रिड और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क की संवेदनशीलता
- कोस्टल ज़ोनिंग: आंध्र और ओडिशा में शहरी विस्तार और डिजास्टर-रेज़िलिएंट बफर ज़ोन के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: चक्रवाती तूफान · आपदा न्यूनीकरण · अर्ली वार्निंग सिस्टम · तटीय संवेदनशीलता · निकासी प्रोटोकॉल
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।