दिल्ली में 47.5 लाख नामों की फिर होगी जांच, CEO ने दिए ऑर्डर
GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· चुनाव, चुनाव आयोग एवं चुनाव सुधार· प्रीलिम्स·
चर्चा में क्यों
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने फॉर्म 6 के आवेदनों पर कार्रवाई में प्रशासनिक देरी के कारण मतदाता सूची से हटाए गए 47.5 लाख नामों के पुन: सत्यापन (reverification) का आदेश दिया है।
पृष्ठभूमि
दिल्ली में फॉर्म 6 के कुल 4.5 लाख आवेदनों में से केवल 1,238 आवेदनों का निपटारा 42 दिनों के भीतर किया गया। दिल्ली CEO ने चुनावी पंजीकरण अधिकारियों (Electoral Registration Officers) को निर्देश दिया है कि वे 'अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट' (ASDD) श्रेणियों के तहत हटाए गए नामों के पुन: सत्यापन के लिए बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) के माध्यम से घर-घर जाकर जांच करें।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यनए वोटरों के लिए मतदाता सूची में शामिल होने हेतु Form 6 का उपयोग किया जाता है।
- संस्थाबूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) मतदाताओं के घर-घर जाकर वेरिफिकेशन (verification) के लिए जिम्मेदार होते हैं।
- तथ्यविशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में सभी दावों और आपत्तियों को निपटाने की समय सीमा 30 नवंबर है।
- तथ्य11 अक्टूबर तक 15 निर्वाचन क्षेत्रों में शून्य फॉर्म (Zero forms) का निपटान नहीं किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सटीक मतदाता सूची बनाए रखने में आने वाली प्रशासनिक चुनौतियों और मतदाता दावों के विलंबित प्रसंस्करण के सार्वभौमिक मताधिकार के सिद्धांत पर पड़ने वाले प्रभावों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- प्रशासनिक बाधा: फॉर्म 6 आवेदनों की कम निपटान दर (1% से कम) मतदाता सूची में नाम जोड़ने में रुकावट डाल रही है
- प्रक्रियात्मक अखंडता: समय सीमा और 'एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड एंड डुप्लीकेट' (ASDD) वर्गीकरण में गलतियों के कारण मताधिकार से वंचित होने का जोखिम
- लॉजिस्टिक बाधाएं: डेटा की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए बूथ लेवल ऑफिसर्स द्वारा घर-घर जाकर वेरिफिकेशन की ज़रूरत
मुख्य शब्द: मतदाता सूची · सार्वभौमिक मताधिकार · विशेष गहन पुनरीक्षण में तेलंगाना की मतदाता सूची से लगभग 70 लाख नाम हटे · बूथ लेवल ऑफिसर · प्रशासनिक दक्षता · अधिकारों से वंचित करना
राजव्यवस्था एवं संविधान पर और नोट्स
- भारत निर्वाचन आयोग पर वोटर लिस्ट में बदलाव और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं · 21 अक्टूबर 2026
- लद्दाख में उपराज्यपाल को मिलेगी फाइनल अथॉरिटी, MHA ने ड्राफ्ट तैयार किया · 20 अक्टूबर 2026
- 3 महीने में पूरे होंगे पंचायत चुनाव, इलाहाबाद हाई कोर्ट का सख्त आदेश · 20 अक्टूबर 2026
- राजस्थान कांस्टेबल के 1.5 लाख की रिश्वत मांग की जांच के लिए पूर्व मंजूरी जरूरी नहीं: सुप्रीम कोर्ट · 19 अक्टूबर 2026
- ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के नए गवर्नर, लोक भवन में शपथ ली · 19 अक्टूबर 2026
- KIIFB के 1 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स पर कैबिनेट ने रिपोर्ट स्वीकार की · 19 अक्टूबर 2026
कोई गलती या कोई कमी?
किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।