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भाग I · स्था. 11.2025 
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जियो प्लेटफॉर्म्स लाएगा भारत का सबसे बड़ा 30,213 करोड़ का IPO

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· पूंजी बाज़ार एवं SEBI· प्रीलिम्स·

कॉर्पोरेट फाइनेंस और कैपिटल मार्केट्स: GS3 के अंतर्गत बड़े पैमाने पर होने वाले IPO और कॉर्पोरेट डीलीवरेजिंग (Corporate Deleveraging) पर एक केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) अपने कर्ज को चुकाने के लिए 30,213 करोड़ रुपये का भारत का सबसे बड़ा IPO लॉन्च कर रहा है। यह एक प्रमुख टेलीकॉम और डिजिटल इकाई द्वारा पूंजी बाजार (Capital Market) में एक बड़ा कदम है।

पृष्ठभूमि

मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) 1,065 रुपये से 1,119 रुपये के बीच की कीमत पर 27 करोड़ शेयर जारी कर रही है। इस IPO का उद्देश्य 27,500 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाना है और इसके लिए अब तक 212 एंकर इन्वेस्टर्स (anchor investors) से लगभग 8,110 करोड़ रुपये जुटाए जा चुके हैं।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यJio Platforms IPO का साइज: Rs 30,213 करोड़।
  • तथ्यIPO शेयर प्राइस रेंज: Rs 1,065-1,119।
  • तथ्यजारी किए गए शेयरों की संख्या: 27 करोड़।
  • तथ्यएंकर इन्वेस्टर्स में LIC, BlackRock, Fidelity, GIC और Abu Dhabi Investment Authority शामिल हैं।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

Jio Platforms IPO के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. IPO का साइज लगभग Rs 15,000 करोड़ है।
  2. IPO का उद्देश्य Rs 27,500 करोड़ की देनदारियों (borrowings) को चुकाना है।
  3. IPO कुल 37 करोड़ शेयर जारी कर रहा है।
  1. (a)केवल 2
  2. (b)केवल 3
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (a) केवल 2 — स्टेटमेंट 2 सही है। स्टेटमेंट 1 गलत है: IPO का साइज Rs 30,213 करोड़ है। स्टेटमेंट 3 गलत है: नोट में उल्लेख है कि 27 करोड़ शेयर्स जारी किए जा रहे हैं।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय तकनीकी दिग्गजों द्वारा बड़े पैमाने पर आयोजित किए जाने वाले आईपीओ (IPO) भारत के पूंजी बाजारों को गहरा करने और कॉर्पोरेट डीलीवरेजिंग (ऋणमुक्ति) को सुगम बनाने में किस प्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • कैपिटल मोबिलिटी: कर्ज वाले बैलेंस शीट से इक्विटी-फंडेड एक्सपेंशन की ओर बदलाव
  • मार्केट डेप्थ: रिटेल इन्वेस्टर की भागीदारी और लिक्विडिटी पर हाई-वैल्यू लिस्टिंग का असर
  • संस्थागत प्रभाव: भारतीय टेक इकोसिस्टम में ग्लोबल और डोमेस्टिक सॉवरेन वेल्थ फंड्स की भूमिका

मुख्य शब्द: कैपिटल मार्केट्स · IPO · डीलीवरेजिंग · एंकर इन्वेस्टर्स · कॉरपोरेट फाइनेंस

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: इकोनॉमिक टाइम्स ↗यह भी: GS3 · IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंग

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।