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भाग I · स्था. 11.2025 
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कर्नाटक में ग्राम पंचायतों के लिए 1,261 करोड़ रुपये के बजट की होगी समीक्षा

GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)· प्रीलिम्स + मेन्स·

राजकोषीय संघवाद और विकेंद्रीकृत शासन: पंचायती राज फंडिंग से संबंधित एक प्रमुख GS2 विषय।

चर्चा में क्यों

कर्नाटक सरकार ने विकेंद्रीकृत शासन (decentralised governance) को बढ़ावा देने के लिए ग्राम पंचायतों को ₹1,261 करोड़ आवंटित करने के संबंध में पांचवें राज्य वित्त आयोग (State Finance Commission) की सिफारिशों की एक समिति द्वारा समीक्षा करने की घोषणा की है।

पृष्ठभूमि

कर्नाटक सरकार ग्राम पंचायतों के लिए ₹1,261 करोड़, तालुका पंचायतों के लिए ₹557 करोड़ और जिला पंचायतों के लिए ₹183 करोड़ के लिए पांचवें राज्य वित्त आयोग (State Finance Commission) की सिफारिशों की समीक्षा करेगी। ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री के नेतृत्व वाली एक समिति इस समीक्षा की निगरानी करेगी और नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों से परामर्श लेगी।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्य₹1,261 करोड़: कर्नाटक में ग्राम पंचायतों के लिए पांचवें राज्य वित्त आयोग (State Finance Commission) द्वारा अनुशंसित राशि।
  • तथ्य₹557 करोड़: कर्नाटक में तालुक पंचायतों के लिए अनुशंसित राशि।
  • तथ्य₹183 करोड़: कर्नाटक में ज़िला पंचायतों के लिए अनुशंसित राशि।
  • संस्थानेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी: विकेंद्रीकृत शासन (decentralised governance) पर विशेषज्ञ सलाह के लिए परामर्शित किया जाने वाला संस्थान।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

विकेंद्रीकृत शासन (decentralised governance) पर विशेषज्ञ सलाह के लिए कर्नाटक सरकार किस संस्थान से परामर्श करेगी?

  1. (a)नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी
  2. (b)टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज
  3. (c)इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन
  4. (d)दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स
उत्तर देखें

उत्तर: (a) नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी — नोट में उल्लेख है कि कमेटी नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों से परामर्श करेगी।

मेन्स के लिए

प्रश्न: राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के माध्यम से ग्राम पंचायतों की राजकोषीय स्वायत्तता को सुदृढ़ करना किस प्रकार भारत में जमीनी स्तर के लोकतंत्र को सशक्त बना सकता है, चर्चा कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • राजकोषीय विकेंद्रीकरण: राज्य स्तर की निगरानी और स्थानीय निकायों की वित्तीय स्वायत्तता के बीच संतुलन
  • संस्थागत बाधा: फंड वितरण में देरी से ग्रामीण बुनियादी ढांचे और सेवा वितरण प्रभावित
  • क्षमता निर्माण: बड़े पैमाने पर विकेंद्रीकृत फंड के प्रबंधन के लिए ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक ट्रेनिंग की ज़रूरत

मुख्य शब्द: राजकोषीय संघवाद · जमीनी स्तर की लोकतंत्र · विकेंद्रीकृत शासन · राज्य वित्त आयोग · पंचायती राज संस्थान

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS2 · पंचायती राज एवं शहरी स्थानीय निकाययह भी: GS2 · संवैधानिक संस्थाएं (CAG, UPSC, वित्त आयोग, NCSC...)

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।