रुपया 96 के पार जाने से रोका, RBI ने लिया एक्शन
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विनिमय दर में अस्थिरता और मौद्रिक हस्तक्षेप: व्यापक आर्थिक स्थिरता (Macroeconomic Stability) के लिए एक प्रमुख GS3 विषय।
चर्चा में क्यों
RBI ने भारतीय रुपये के मूल्य में सालाना 7% की गिरावट को देखते हुए, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96 के स्तर को पार करने से रोकने के लिए फॉरेक्स मार्केट (forex market) में हस्तक्षेप किया।
पृष्ठभूमि
RBI के हस्तक्षेप से पहले रुपया 95.76 और 95.9850 के बीच उतार-चढ़ाव (fluctuate) के साथ कारोबार करता रहा। कच्चे तेल की कीमतों का 100 डॉलर से अधिक होना, US ट्रेजरी यील्ड (US Treasury yields) का 5.2% से ऊपर जाना और पूंजी का बाहर जाना (capital outflows) रुपये की गिरावट के मुख्य कारण रहे।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यरुपये की गिरावट की दर (depreciation rate): अक्टूबर 2026 तक सालाना 7%।
- तथ्यUS Treasury yields का 5.2% से ऊपर होना रुपये की गिरावट (depreciation) के लिए एक कारक बताया गया है।
- संस्थाRBI: रुपये को स्थिर करने के लिए फॉरेक्स मार्केट्स (forex markets) में हस्तक्षेप करने के लिए जिम्मेदार रेगुलेटर।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
नोट में भारतीय रुपये की गिरावट के लिए किस कारक को मुख्य कारण बताया गया है?
- (a)US ट्रेजरी यील्ड 7% से ऊपर
- (b)US ट्रेजरी यील्ड 4.5% पर
- (c)यूएस ट्रेजरी यील्ड 3% से नीचे
- (d)US ट्रेजरी यील्ड 5.2% से ऊपर
उत्तर देखें
उत्तर: (d) US ट्रेजरी यील्ड 5.2% से ऊपर — यह नोट 5.2% से ऊपर के US Treasury yields को रुपये की गिरावट के लिए एक विशिष्ट कारक के रूप में पहचानता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय रुपये की अस्थिरता को प्रभावित करने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए और विनिमय दर की स्थिरता बनाए रखने में भारतीय रिज़र्व बैंक की हस्तक्षेपवादी नीतियों की प्रभावकारिता का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर के आयाम
- एक्सटर्नल शॉक: घरेलू करेंसी की स्थिरता पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और US ट्रेजरी यील्ड का असर
- कैपिटल फ्लाइट: कैपिटल आउटफ्लो को मैनेज करने की चुनौतियां और फॉरेक्स रिजर्व कम होने के साथ इनका संबंध
- मौनेटरी पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: घरेलू महंगाई और इंटरेस्ट रेट पैरिटी के बीच एक्सचेंज रेट स्थिरता को संतुलित करना
मुख्य शब्द: एक्सचेंज रेट में उतार-चढ़ाव · फॉरेक्स रिजर्व · पूंजी का बाहर जाना · मौनेटरी इंटरवेंशन · मैक्रोइकोनॉमिक स्टेबिलिटी
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।