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पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे की सुदृढ़ता: एक GS3 और आपदा प्रबंधन केस स्टडी।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने तीस्ता नदी के कारण होने वाले भूस्खलन और भूमि धंसने की समस्या से निपटनेके लिए रंगपो से रानीपूल तक NH10 को उन्नत करने हेतु ₹993.64 करोड़ की परियोजना की घोषणा की है।
इस परियोजना के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 10 को पक्के शोल्डर, सुरंगों और वायाडक्ट्स (मचानों) से सुसज्जित एक दो-लेन वाले राजमार्ग में उन्नत किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य तीस्ता नदी के कारण होने वाले बार-बार के भूस्खलन और भूमि धंसने की समस्याओं का शमन करना है।
NH10 अपग्रेड परियोजना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उत्तर: (a) केवल 1 — कथन 1 सही है। कथन 2 गलत है: इस परियोजना में राजमार्ग को दो-लेन वाले राजमार्ग में अपग्रेड करना शामिल है। कथन 3 गलत है: भूस्खलन तीस्ता नदी के कारण होते हैं।
Q. भूकंपीय गतिविधियों और नदी-प्रेरित भूस्खलन के प्रति संवेदनशील हिमालयी क्षेत्रों में लचीले बुनियादी ढांचे के विकास में आने वाली इंजीनियरिंग और पर्यावरणीय चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
कीवर्ड: Climate-resilient infrastructure · Geological hazards · Disaster-mitigation · Himalayan ecology · Logistics connectivity
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।