पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 29 मिलियन मेट्रिक टन पराली जलाई गई
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पराली जलाने की चुनौतियां: कृषि मशीनीकरण और नियामक अनुपालन (Regulatory Compliance) पर GS3 का एक केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसानों ने 29 मिलियन मीट्रिक टन पराली (paddy straw) जलाई, जो PPSSWA 2009 की सीमाओं और हैप्पी सीडर्स (Happy Seeders) की उच्च लागत को रेखांकित करता है।
पृष्ठभूमि
पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में किसानों द्वारा 29 मिलियन मीट्रिक टन पराली जलाई गई। PPSSWA 2009 के दिशा-निर्देशों के बावजूद, कटाई के लिए कम समय उपलब्ध होने और हैप्पी सीडर (Happy Seeders) की उच्च लागत के कारण यह प्रथा जारी है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाCPCB ने पराली जलाने (straw burning) की निगरानी के लिए 2025 में स्क्वॉड (squads) तैनात किए।
- तथ्यपंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 29 मिलियन मीट्रिक टन धान का पुआल (paddy straw) जलाया गया।
- विज्ञान-तकनीककृषि अवशेषों को जलाने की निगरानी के लिए NASA सैटेलाइट्स का उपयोग किया जाता है, हालांकि रिपोर्टों के अनुसार किसान पहचान से बचने के लिए रात में आग लगाते हैं।
- तथ्यरात के समय पराली जलाने (straw burning) के कारण रिपोर्ट किया गया 90% का रिडक्शन (reduction) गलत हो सकता है।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
उत्तरी भारत में पराली जलाने (stubble burning) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- अधिकारियों द्वारा पराली जलाने (straw burning) में रिपोर्ट की गई 90% की कमी को पूरी तरह सटीक माना गया है।
- CPCB ने कृषि अवशेषों को जलाने (agricultural burning) की निगरानी के लिए 2024 में स्क्वॉड तैनात किए।
- पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसानों ने 29 मिलियन मीट्रिक टन धान की पराली (paddy straw) जलाई।
- (a)केवल 3
- (b)केवल 1 और 2
- (c)केवल 2 और 3
- (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (a) केवल 3 — स्टेटमेंट 3 सही है। स्टेटमेंट 1 गलत है: रात के समय होने वाले जलने (burning) के कारण 90% की कटौती सटीक नहीं हो सकती। स्टेटमेंट 2 गलत है: CPCB ने 2025 में स्क्वॉड (squads) तैनात किए थे।
मेन्स के लिए
Q. मौजूदा विनियामक ढाँचों और तकनीकी हस्तक्षेपों के बावजूद, उत्तर भारत में पराली जलाने की समस्या को नियंत्रित करने में आने वाली चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- Economic barrier: High capital expenditure for Happy Seeders and machinery for small-scale farmers
- Regulatory loophole: Night-time burning tactics to evade satellite monitoring and CPCB enforcement
- Logistical constraint: Narrow harvest windows under PPSSWA 2009 creating time-pressure for farmers
कीवर्ड: Stubbe burning · Soil depletion · Air quality management · Agricultural mechanization · Regulatory compliance
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।