RBI के नए ड्राफ्ट नॉर्म्स से 2 लाख करोड़ के प्रोडक्ट्स पर असर पड़ सकता है
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NBFC रेगुलेशन और MSME क्रेडिट एक्सेस: GS3 और इकोनॉमी के लिए एक महत्वपूर्ण केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
RBI अधिकारी मल्होत्रा ने बताया कि नियामक 6 अगस्त को जारी किए गए ड्राफ्ट नियमों पर हितधारकों (Stakeholders) से मिले फीडबैक का अध्ययन कर रहा है। इन नियमों में NBFCs को केवल टर्म लोन तक सीमित रखने और रिवॉल्विंग क्रेडिट प्रोडक्ट्स (Revolving credit products) पर रोक लगाने का प्रस्ताव दिया गया था।
पृष्ठभूमि
RBI द्वारा 6 अगस्त को जारी किए गए ड्राफ्ट नियमों में प्रस्ताव दिया गया है कि NBFCs केवल टर्म लोन (term loans) प्रदान करें, न कि रिवॉल्विंग क्रेडिट (revolving credit)। प्रस्तावित रेगुलेशंस से 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य वाले क्रेडिट प्रोडक्ट्स प्रभावित हो सकते हैं और इससे MSME की वित्त तक पहुंच पर असर पड़ सकता है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यNBFCs को मिलने वाला बैंक क्रेडिट वर्तमान में लगभग 37% पर मजबूत है।
- तथ्यप्रस्तावित रेगुलेशंस (regulations) 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य वाले क्रेडिट प्रोडक्ट्स (credit products) को प्रभावित कर सकते हैं।
- विज्ञान-तकनीकइमर्जिंग टेक्नोलॉजी (Emerging technology) को NBFCs द्वारा वर्तमान में टर्म लोन (term loans) को रिवॉल्विंग क्रेडिट प्रोडक्ट्स (revolving credit products) के रूप में ऑफर करने के कारण के रूप में उद्धृत किया गया है।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
NBFCs के संबंध में RBI के ड्राफ्ट नॉर्म्स (draft norms) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- प्रस्तावित रेगुलेशंस (regulations) 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य वाले क्रेडिट प्रोडक्ट्स (credit products) को प्रभावित कर सकते हैं।
- NBFCs को मिलने वाला बैंक क्रेडिट वर्तमान में लगभग 37% पर मजबूत है।
- ड्राफ्ट मानदंडों में प्रस्ताव है कि NBFCs को केवल टर्म लोन (term loans) देने तक सीमित रखा जाना चाहिए।
- (a)केवल 2
- (b)केवल 3
- (c)केवल 1 और 3
- (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (d) केवल 2 और 3 — कथन 2 और 3 सही हैं। कथन 1 गलत है: नोट में उल्लेख है कि उत्पादों का मूल्य 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
मेन्स के लिए
Q. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को ऋण प्रदान करने में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) की भूमिका की चर्चा कीजिए और पुनरावर्ती ऋण (revolving credit) पर प्रतिबंध लगाने के वित्तीय समावेशन पर पड़ने वाले प्रभावों का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर के आयाम
- Credit accessibility: Potential contraction of revolving credit limits for MSMEs and individual borrowers.
- Systemic risk vs. Innovation: Balancing the RBI's mandate to prevent systemic risk against the impact of technological credit innovations.
- Regulatory friction: Conflict between RBI's past inspection directions and the evolving credit products offered by NBFCs.
कीवर्ड: NBFC · Revolving Credit · Term Loans · MSME Finance · Systemic Risk · Monetary Policy
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।