सत्याधीशसत्याधीश
SatyaDheesh
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
ताज़ा करने के लिए खींचें
भाग I · स्था. 11.2025 
SatyaDheesh
सत्याधीश
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
लाइव

चीन से भारत का ट्रेड डेफिसिट $105.93 बिलियन पहुंचा, इंपोर्ट में भारी उछाल

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDI· प्रीलिम्स + मेन्स·

व्यापार घाटा (Trade deficit) और आयात पर निर्भरता: संरचनात्मक आर्थिक असंतुलन का विश्लेषण करने के लिए GS3 का एक महत्वपूर्ण विषय।

चर्चा में क्यों

चीन के जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ कस्टम्स (GAC) की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की पहली तीन तिमाहियों में चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा (Trade Deficit) 105.93 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है।

पृष्ठभूमि

वर्ष 2026 की पहली तीन तिमाहियों में चीन को भारत का निर्यात 40.7% बढ़कर 19.26 बिलियन डॉलर हो गया। चीन से आयात में 23.3% की वृद्धि के साथ यह 125.19 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जिससे 105.93 बिलियन डॉलर का व्यापार घाटा (Trade Deficit) दर्ज किया गया।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्य2026 की पहली तीन तिमाहियों में चीन के साथ भारत का ट्रेड डेफिसिट (trade deficit) $105.93 बिलियन तक पहुंच गया।
  • तथ्य2026 की पहली तीन तिमाहियों में चीन से भारत का आयात 23.3% बढ़कर $125.19 बिलियन हो गया।
  • तथ्य2026 की पहली तीन तिमाहियों में चीन को भारत का निर्यात 40.7% बढ़कर $19.26 बिलियन हो गया।
  • संस्थाGeneral Administration of Customs (GAC) चीन के ट्रेड डेटा के लिए रिपोर्टिंग बॉडी है।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

2026 की पहली तीन तिमाहियों (quarters) में चीन के साथ भारत के व्यापार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. चीन को भारत का निर्यात 40.7% बढ़कर $125.19 बिलियन तक पहुंच गया।
  2. चीन से भारत का आयात 23.3% बढ़कर $125.19 बिलियन तक पहुंच गया।
  3. 2026 की पहली तिमाही में चीन के साथ ट्रेड डेफिसिट (trade deficit) $105.93 बिलियन तक पहुंच गया।
  1. (a)केवल 2
  2. (b)केवल 3
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (a) केवल 2 — स्टेटमेंट 2 सही है। स्टेटमेंट 1 गलत है: चीन को निर्यात बढ़कर $19.26 बिलियन हो गया। स्टेटमेंट 3 गलत है: यह घाटा 2026 की पहली तीन तिमाहियों (quarters) में इस आंकड़े तक पहुंच गया।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे के संरचनात्मक कारणों का विश्लेषण कीजिए और घरेलू विनिर्माण को सुदृढ़ करने तथा आयात पर निर्भरता कम करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।

उत्तर के आयाम

  • संरचनात्मक असंतुलन: घरेलू मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए चीनी इंटरमीडिएट गुड्स पर भारी निर्भरता
  • सप्लाई चेन की कमजोरी: एक ही प्रमुख व्यापारिक पार्टनर से महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स के आयात पर निर्भरता
  • पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: 'आत्मनिर्भर भारत' के उद्देश्यों और सस्ते आयातित कच्चे माल की ज़रूरत के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: व्यापार घाटा · संरचनात्मक असंतुलन · सप्लाई चेन रेज़िलिएंस · आयात प्रतिस्थापन · मैन्युफैक्चरिंग कॉम्पिटिटिवनेस

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗

अर्थव्यवस्था पर और नोट्स

सभी अर्थव्यवस्था करेंट अफेयर्स →

कोई गलती या कोई कमी?

किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।

गलती बताएँ →कुछ और चाहिए? बताएँ →[email protected]

यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।