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भाग I · स्था. 11.2025 
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डेटा सेंटर के लिए अब होगा इंफ्रास्ट्रक्चर वेरिफिकेशन, नीति आयोग और डेलॉइट इंडिया का प्लान

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)· प्रीलिम्स + मेन्स·

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर गवर्नेंस: तकनीकी विस्तार और स्थानीय विरोध के बीच संतुलन पर आधारित एक GS3 केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

नीति आयोग और Deloitte India ने ठाणे और आंध्र प्रदेश में स्थानीय विरोध को दूर करने के लिए डेटा सेंटर की मंजूरी को सत्यापित बुनियादी ढांचे (Infrastructure) से जोड़ने वाला एक फ्रेमवर्क जारी किया है।

पृष्ठभूमि

अगस्त 2026 में भारत की डेटा सेंटर क्षमता 1.57 GW थी, जिसके 2030 तक 4.5-6.5 GW तक पहुँचने का अनुमान है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय इन मंजूरियों के लिए एक केंद्रीय ऑडिट तंत्र (audit mechanism) की निगरानी करेगा।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यअगस्त 2026 में भारत की डेटा सेंटर क्षमता 1.57 GW तक पहुंच गई।
  • तथ्य2030 तक भारत के लिए प्रोजेक्टेड डेटा सेंटर कैपेसिटी 4.5-6.5 GW है।
  • संस्थाइलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) सेंट्रल ऑडिट मैकेनिज्म की निगरानी करेगा।
  • स्थानठाणे और आंध्र प्रदेश में डेटा सेंटर्स (Data Centres) का स्थानीय विरोध देखा गया।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

भारत में डेटा सेंटर अप्रूवल्स के लिए सेंट्रल ऑडिट मैकेनिज्म की निगरानी कौन सा मंत्रालय करेगा?

  1. (a)नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
  2. (b)इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
  3. (c)शहरी विकास मंत्रालय
  4. (d)संचार मंत्रालय
उत्तर देखें

उत्तर: (b) इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय — नोट में उल्लेख है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय इन मंजूरियों के लिए एक सेंट्रल ऑडिट मैकेनिज्म (central audit mechanism) की निगरानी करेगा।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में बुनियादी ढांचा सत्यापन ढांचे (infrastructure verification frameworks) किस प्रकार तीव्र डिजिटल विस्तार और स्थानीय पर्यावरणीय एवं सामाजिक चिंताओं के बीच संतुलन स्थापित कर सकते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • रेगुलेटरी बॉटलनेक: इंफ्रास्ट्रक्चर की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए स्टैंडर्ड ऑडिट प्रोटोकॉल की ज़रूरत
  • सामाजिक घर्षण: शहरी विस्तार के साथ स्थानीय समुदाय के अधिकारों और पर्यावरणीय चिंताओं के बीच संतुलन
  • कैपेसिटी स्केलिंग: मौजूदा 1.57 GW कैपेसिटी और 2030 के लक्ष्यों के बीच के अंतर को दूर करना

मुख्य शब्द: डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर · ऑडिट मैकेनिज्म · क्षमता का अनुमान · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · अर्बन प्लानिंग

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS2 · ई-गवर्नेंस एवं नागरिक सेवाएंयह भी: GS3 · IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंग

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।