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ई-गवर्नेंस और प्रशासनिक सुधार: भू-अभिलेखों में पारदर्शिता बढ़ाने पर एक GS2 केस स्टडी।
पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से, तमिलनाडु सरकार ने 2 नवंबर से विशिष्ट संपत्ति विलेखों (property deeds) के लिए पेपरलेस पंजीकरण अनिवार्य करने हेतु एक सरकारी आदेश (G.O.) जारी किया है।
यह पहल STAR 3.0 प्रणाली के द्वितीय चरण का एक हिस्सा है। यह पहल बंदोबस्त, विमुक्ति, विभाजन विलेखों और बंदोबस्त विलेखों के निरसन पर लागू होती है। भौतिक पहचान से पूर्व, संबंधित दस्तावेज डिजिटल रूप से उप-पंजीयक को प्रेषित किए जाते हैं।
तमिलनाडु में पेपरलेस पंजीकरण पहल के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उत्तर: (b) केवल 2 — कथन 2 सही है। कथन 1 गलत है: यह STAR 3.0 प्रणाली के दूसरे चरण का हिस्सा है। कथन 3 गलत है: भौतिक पहचान से पहले दस्तावेज डिजिटल रूप से भेजे जाते हैं।
Q. भारतीय राज्यों में भूमि पंजीकरण के लिए कागज रहित प्रणाली (paperless system) की ओर संक्रमण किस प्रकार भ्रष्टाचार को कम करने और प्रशासनिक पारदर्शिता में सुधार करने में सहायक हो सकता है, चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
कीवर्ड: Transparency · Digital Governance · Administrative Reform · E-Governance · Public Service Delivery
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।