मून पर बनेंगे न्यूक्लियर रिएक्टर, NASA, चीन और रूस कर रहे हैं तैयारी
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अंतरिक्ष शासन और परमाणु तकनीक: GS3 विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और अंतर्राष्ट्रीय संबंध का एक केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
NASA, चीन और रूस स्थायी चंद्र आधारों (Lunar Bases) को ऊर्जा देने के लिए लूनर न्यूक्लियर रिएक्टर विकसित कर रहे हैं। इससे रेडिएशन के खतरों और 1967 की आउटर स्पेस ट्रीटी (Outer Space Treaty) के संभावित उल्लंघन को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
पृष्ठभूमि
NASA ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर 2030 तक एक रिएक्टर की मांग की है, जो पांच वर्षों तक 20 किलोवाट बिजली पैदा कर सके। रूस के सेलेना (Selena) रिएक्टर की योजना 2036 के लिए बनाई गई है, जिसका लक्ष्य चीन के चंद्र स्टेशनों को 10 किलोवाट बिजली प्रदान करना है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- विज्ञान-तकनीकNASA के Lunar Reactor 1 को 20 किलोवाट बिजली पैदा करने और बिना किसी हस्तक्षेप के पांच साल तक काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- विज्ञान-तकनीकरूस के Selena रिएक्टर को 10 किलोवाट तक बिजली पैदा करने और एक दशक तक स्वायत्त रूप से (autonomously) चलने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- तथ्यपृथ्वी के कैलेंडर के अनुसार चंद्रमा की रातें दो सप्ताह से अधिक समय तक चलती हैं, जिससे केवल सोलर एनर्जी (Solar Energy) स्थायी बेस बनाने के लिए पर्याप्त नहीं है।
- संस्था1967 की Outer Space Treaty अंतरिक्ष गतिविधियों और संभावित परमाणु उपयोग को नियंत्रित करने वाला प्राथमिक अंतरराष्ट्रीय ढांचा है।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
कौन सा अंतर्राष्ट्रीय ढांचा (International framework) अंतरिक्ष गतिविधियों और अंतरिक्ष में संभावित परमाणु उपयोग को नियंत्रित करता है?
- (a)1967 आउटर स्पेस ट्रीटी
- (b)अंटार्कटिक संधि
- (c)UN चार्टर
- (d)जिनेवा कन्वेंशन
उत्तर देखें
उत्तर: (a) 1967 आउटर स्पेस ट्रीटी — 1967 की Outer Space Treaty अंतरिक्ष गतिविधियों और संभावित परमाणु उपयोग को नियंत्रित करने वाला प्राथमिक अंतरराष्ट्रीय ढांचा है।
मेन्स के लिए
Q. बाह्य अंतरिक्ष संधि (Outer Space Treaty) के ढांचे के भीतर चंद्र अन्वेषण के लिए परमाणु रिएक्टरों की तैनाती से जुड़ी तकनीकी और कानूनी चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- Regulatory vacuum: Lack of specific international protocols for nuclear waste management and containment in lunar environments.
- Safety-Security dilemma: Risk of radioactive dispersal during launch failures vs. the necessity of high-output power for deep-space missions.
- Geopolitical friction: Potential for 'first-mover' advantage in lunar resource extraction leading to non-cooperative space governance.
कीवर्ड: Lunar Exploration · Nuclear Propulsion · Outer Space Treaty · Space Governance · Radioisotope Systems
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।