महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट अपडेट के लिए व्हाट्सएप पर डॉक्यूमेंट स्वीकार करने का आदेश
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निर्वाचन प्रक्रियाओं में ई-गवर्नेंस और डिजिटल समावेश: एक GS2 और एथिक्स (Ethics) केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने विशेष गहन पुनरीक्षण अभ्यास के दौरान सत्यापन हेतु व्हाट्सएप के माध्यम से मतदाता दस्तावेज जमा करने की अनुमति दी है।
पृष्ठभूमि
महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, एस. चोकलिंगम ने निर्वाचन अधिकारियों को व्हाट्सएप के माध्यम से प्राप्त दस्तावेजों को स्वीकार करने का निर्देश दिया और सत्यापन हेतु बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) को गृह-निरीक्षण करने की अनुमति प्रदान की। दावे और आपत्तियां प्रस्तुत करने की समय-सीमा को 30 सितंबर से बढ़ाकर 12 अक्टूबर, 2026 कर दिया गया है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यमहाराष्ट्र के विशेष गहन पुनरीक्षण में दावे और आपत्तियां दायर करने की समय सीमा को बढ़ाकर 12 अक्टूबर, 2026 कर दिया गया है।
- पदS. Chockalingam महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (Chief Electoral Officer) के रूप में कार्यरत हैं।
- पदज्ञानेश कुमार भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं।
- संस्थाभारत के निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) के निर्णय एक तीन सदस्यीय पैनल द्वारा लिए जाते हैं।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
महाराष्ट्र में विशेष गहन पुनरीक्षण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- भारत निर्वाचन आयोग के निर्णय एक सदस्यीय पैनल द्वारा लिए जाते हैं।
- महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (Chief Electoral Officer) ने WhatsApp के माध्यम से मतदाता दस्तावेज जमा करने की अनुमति दी।
- दावे और आपत्तियां दायर करने की समय सीमा बढ़ाकर 12 अक्टूबर, 2025 कर दी गई है।
- (a)केवल 2
- (b)केवल 1 और 2
- (c)केवल 1 और 3
- (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (a) केवल 2 — कथन 2 सही है। कथन 1 गलत है: निर्णय एक तीन-सदस्यीय पैनल द्वारा लिए जाते हैं। कथन 3 गलत है: समय सीमा को बढ़ाकर 12 अक्टूबर, 2026 कर दिया गया है।
मेन्स के लिए
Q. निर्वाचन प्रक्रियाओं में व्हाट्सएप जैसे इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के एकीकरण से मतदाता पंजीकरण को कैसे सुदृढ़ किया जा सकता है, तथा इस प्रक्रिया में डेटा सुरक्षा और प्रामाणिकता से संबंधित चिंताओं के समाधान के उपायों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- Data integrity: Risks of forged digital documents and lack of end-to-end encryption in standard messaging apps
- Digital divide: Potential exclusion of rural populations with limited smartphone access or low digital literacy
- Administrative efficiency: Streamlining the Special Intensive Revision process through decentralized digital submission
कीवर्ड: e-governance · electoral integrity · digital inclusion · administrative decentralization · data privacy
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।