CJI सूर्यकांत बोले- छात्रों का शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार गैर-परक्राम्य है
GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· Judiciary & landmark judgments· Mains·
मौलिक अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था: छात्र प्रदर्शनों पर न्यायिक दृष्टिकोण से संबंधित एक GS2 विषय।
चर्चा में क्यों
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में कहा कि न्यायपालिका छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान उन्होंने कॉलेजियम की पारदर्शिता (Transparency) से जुड़ी चिंताओं पर भी चर्चा की।
पृष्ठभूमि
मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने पटना स्थित चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में छात्रों के साथ संवाद किया। इस संवाद के दौरान विरोध प्रदर्शनों के प्रति पुलिस की प्रतिक्रिया और कॉलेजियम सिस्टम (Collegium System) की पारदर्शिता जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- पदसूर्यकांत: भारत के मुख्य न्यायाधीश।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
CJI सूर्यकांत और चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के छात्रों के बीच हुई बातचीत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- यह संवाद पटना स्थित Chanakya National Law University में संपन्न हुआ।
- CJI ने स्पष्ट किया कि छात्रों के लिए शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार गैर-परक्राम्य (non-negotiable) है।
- प्रस्तावित चर्चा में विधि (law) की डिग्री को पांच वर्ष की अवधि में संकुचित करने का विषय शामिल है।
- (a)केवल 2
- (b)केवल 1 और 2
- (c)केवल 1 और 3
- (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (b) केवल 1 और 2 — कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है: नोट में उल्लेख है कि प्रस्ताव कानून की डिग्री को चार वर्षों में संपीड़ित (compress) करने का है।
मेन्स के लिए
Q. शैक्षणिक संस्थानों में शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के बीच संवैधानिक संतुलन का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- Judicial oversight: Balancing fundamental rights of students against administrative requirements of educational institutions
- Institutional transparency: Addressing public demand for clarity in the judicial appointment process (Collegium system)
कीवर्ड: Fundamental Rights · Judicial Activism · Public Order · Collegium System · Right to Protest
राजव्यवस्था एवं संविधान पर और नोट्स
- 4 चरणों में पंचायत चुनाव, 4.03 करोड़ वोटर चुनेंगे अपने प्रतिनिधि · 4 अक्टूबर 2026
- लोकल बॉडीज में 34% BC रिजर्वेशन पर आंध्र प्रदेश ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती · 3 अक्टूबर 2026
- 16 ट्रिब्यूनल्स पर नज़र रखेगा नेशनल ट्रिब्यूनल्स कमीशन, यूनियन लॉ मिनिस्ट्री ने जारी किए नियम · 3 अक्टूबर 2026
- गुजरात बना UCC बिल 2026 पर प्रेसिडेंटल असेंट पाने वाला दूसरा राज्य · 2 अक्टूबर 2026
- 49,194.05 करोड़ के बकाया जुर्माने वाले वाहन मालिकों की सेवाएं ब्लॉक करने का सुप्रीम कोर्ट का आदेश · 2 अक्टूबर 2026
- मणि सी. कप्पन को अयोग्य घोषित करने के लिए केरल हाई कोर्ट का आदेश · 2 अक्टूबर 2026
कोई गलती या कोई कमी?
किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।