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भाग I · स्था. 11.2025 
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सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि किसी मृत यात्री से भौतिक ट्रेन टिकट की वसूली न होने के आधार पर किसी घातक दुर्घटना के लिए मुआवजे के दावे को खारिज नहीं किया जा सकता

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सार्वजनिक परिवहन प्रदाताओं की देयता और सद्भावना (bona fide) की स्थिति के लिए साक्ष्य मानकों पर न्यायिक सिद्धांत: एक GS2 और नीतिशास्त्र (Ethics) केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि किसी मृत यात्री से भौतिक ट्रेन टिकट की वसूली न होने के आधार पर किसी घातक दुर्घटना के लिए मुआवजे के दावे को खारिज नहीं किया जा सकता।

पृष्ठभूमि

जस्टिस उज्ज्वल भुयान और जस्टिस ए.एस. चंदरकर की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट ने महेशभाई के माता-पिता को ₹8 लाख के मुआवजे और ब्याज के आदेश को बहाल कर दिया है। कोर्ट ने गुजरात हाई कोर्ट के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें मृतक का टिकट गायब होने के कारण दावे को खारिज कर दिया गया था।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यसुप्रीम कोर्ट ने 2017 में हुई एक यात्री की मृत्यु के लिए ₹8 लाख के मुआवजे और ब्याज के फैसले को बहाल कर दिया।
  • स्थानयह घटना गुजरात में हुई जहाँ एक यात्री ट्रेन से गिर गया।
  • संस्थासुप्रीम कोर्ट के फैसले में इस बात पर जोर दिया गया कि पिता का शपथ पत्र (sworn statement) और अस्पताल में भर्ती होने के रिकॉर्ड एक यात्री की स्थिति को मान्य कर सकते हैं।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

ट्रेन मुआवजे पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. न्यायालय ने निर्णय दिया कि भौतिक ट्रेन टिकट की अनुपलब्धता एक वैध मुआवजे के दावे को विफल नहीं कर सकती।
  2. यह घटना 27 सितंबर, 2018 को गुजरात में हुई थी।
  3. उच्चतम न्यायालय ने ₹8 लाख के मुआवजे और ब्याज के साथ पुरस्कार को बहाल कर दिया।
  1. (a)केवल 3
  2. (b)केवल 1 और 2
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (a) केवल 3 — कथन 3 सही है। कथन 1 गलत है: न्यायालय ने निर्णय दिया कि भौतिक टिकट की वसूली न होना एक वैध दावे को विफल नहीं कर सकता। कथन 2 गलत है: यह घटना 2017 में हुई थी।

मेन्स के लिए

Q. भारतीय रेलवे के सार्वजनिक सेवा ढांचे के भीतर सामाजिक न्याय और यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने में न्यायिक सक्रियता के महत्व पर चर्चा कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • Evidence standard: Balancing formal documentation against circumstantial evidence like sworn statements and medical records.
  • Liability framework: Determining the extent of railway liability in cases of passenger fatalities and lack of physical proof.

कीवर्ड: Judicial Review · Social Justice · Public Liability · Bona fide · Compensation Framework

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: The Hindu ↗यह भी: GS2 · Judiciary & landmark judgments

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।