यूरोप में रिकॉर्ड गर्मी, भारत की ठंडक से हैरान वैज्ञानिक
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चर्चा में क्यों
वैज्ञानिक इस तथ्य का विश्लेषण कर रहे हैं कि यूरोप में रिकॉर्ड तोड़ हीटवेव की तुलना में भारत में अपेक्षाकृत कम तापमान क्यों दर्ज किया गया, जिसमें उन्होंने सिंचाई और प्रदूषण की भूमिका को रेखांकित किया है।
पृष्ठभूमि
यूरोप ने अपने इतिहास के सबसे भीषण हीटवेव का सामना किया, जिसके परिणामस्वरूप कृषि क्षेत्र में पतन और स्वास्थ्य संबंधी आपातकालीन स्थितियाँ उत्पन्न हुईं। भारत में, व्यापक सिंचाई और वायु प्रदूषण (जो सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करता है) को तापमान में वृद्धि की दर को धीमा करने वाले कारकों के रूप में पहचाना गया है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- विज्ञान-तकनीकएल्बेडो प्रभाव (Albedo effect): वायु प्रदूषण सूर्य के प्रकाश को परावर्तित कर सकता है, जिससे सतह के तापमान में संभावित रूप से कमी आ सकती है।
- तथ्यसिंचाई प्रणालियाँ वाष्पीकरण को बढ़ाती हैं, जो स्थानीय और क्षेत्रीय तापमान प्रोफाइल को प्रभावित कर सकती हैं।
- पर्यावरणहीटवेव कृषि पतन और गर्मी से संबंधित स्वास्थ्य आपात स्थितियों के प्राथमिक कारक हैं।
मेन्स के लिए
Q. सिंचाई और वायु प्रदूषण जैसे मानवजनित कारकों के क्षेत्रीय जलवायु प्रतिमानों पर प्रभाव और भारत की जलवायु सुदृढ़ता पर इन कारकों के दीर्घकालिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- Impact of albedo effect from pollution
- Sustainability of irrigation-led cooling
- Vulnerability of heat-exposed laborers
- Long-term climate trajectory
कीवर्ड: Albedo effect · Climate resilience · Anthropogenic factors · Evaporative cooling · Heat stress
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।