GS2 · राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध · 14
GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)प्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि सशस्त्र बलों में महिला अधिकारियों के लिए कम कार्यकाल की धारणा ने असमान अवसर पैदा किए हैं, और उनके स्थायी कमीशन (Permanent Commission) और पेंशन संबंधी लाभों के अधिकार को बरकरार रखा।
सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत द्वारा लिखित एक फैसले में यह निर्णय दिया कि सशस्त्र बलों को महिलाओं के लिए स्थायी कमीशन (Permanent Commission) की रिक्तियों पर वार्षिक सीमा नहीं लगानी चाहिए। कोर्ट ने पाया कि महिलाओं की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACRs) को अनुचित रूप से ग्रेड किया गया था, जिससे उनके करियर की प्रगति में बाधा आ रही थी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पदCJI सूर्यकांत ने महिला अधिकारियों के लिए परमानेंट कमीशन (Permanent Commission) से संबंधित जजमेंट्स लिखे।
- तथ्ययह फैसला आर्मी, एयर फोर्स और नेवी पर लागू होता है।
- तथ्यकोर्ट ने परमानेंट कमीशन की वैकेंसी पर वार्षिक कैप (annual cap) लगाने के फैसले को खारिज कर दिया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सशस्त्र बलों में प्रदर्शन मूल्यांकन में संस्थागत पूर्वाग्रह किस प्रकार लैंगिक समानता में बाधा उत्पन्न कर सकते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए और इस संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- संस्थागत भेदभाव: वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में भेदभावपूर्ण ग्रेडिंग करियर की प्रगति में सिस्टमैटिक बाधाएं पैदा कर रही है
- संवैधानिक जनादेश: आर्टिकल 14 और 16 के अनुसार सार्वजनिक रोज़गार में समान अवसर और गैर-भेदभाव सुनिश्चित करना
- पॉलिसी शिफ्ट: महिलाओं के लिए लंबे समय तक करियर स्थिरता सुनिश्चित करने हेतु कार्यकाल-आधारित से परमानेंट कमीशन में बदलाव
मुख्य शब्द: लैंगिक समानता · परमानेंट कमीशन · संस्थागत पक्षपात · समान अवसर · न्यायिक सक्रियता
GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)प्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें कहा गया है कि अनुसूचित जाति (Scheduled Caste) का दर्जा केवल हिंदुओं, सिखों और बौद्धों तक ही सीमित है, और अन्य धर्मों में धर्म परिवर्तन करने पर यह दर्जा समाप्त हो जाता है।
अदालत का यह फैसला संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 के क्लॉज 3 पर आधारित है। यह निर्णय विशेष रूप से अनुसूचित जातियाँ और अनुसूचित जनजातियाँ (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मिलने वाले लाभों और सुरक्षा के लिए पात्रता को प्रभावित करता है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- अधिनियम / विधेयकConstitution (Scheduled Caste) Order, 1950: क्लॉज 3 SC स्टेटस के लिए पात्रता को परिभाषित करता है।
- संस्थासुप्रीम कोर्ट: धार्मिक धर्मांतरण और SC स्टेटस के संबंध में आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा।
- तथ्यफैसले के अनुसार, SC स्टेटस के लिए पात्र धर्म: हिंदू, सिख और बौद्ध।
- अधिनियम / विधेयकअनुसूचित जातियाँ और अनुसूचित जनजातियाँ (अत्याचार निवारण) अधिनियम: धर्म परिवर्तन करने पर इस अधिनियम के तहत मिलने वाली सुरक्षा समाप्त हो जाती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के संदर्भ में, अनुसूचित जाति की स्थिति को धार्मिक पहचान से जोड़ने के संवैधानिक और सामाजिक निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- संवैधानिक टकराव: अनुच्छेद 25 (धर्म की स्वतंत्रता) और SC/ST एक्ट के सामाजिक-आर्थिक संरक्षण के बीच संतुलन
- पहचान का संकट: धार्मिक धर्मांतरण पर पिछड़े समुदायों को सुरक्षा ढांचों से बाहर किए जाने का जोखिम
- पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: आरक्षण कोटा की अखंडता बनाए रखना बनाम धार्मिक पसंद के व्यक्तिगत अधिकार
मुख्य शब्द: संवैधानिक व्याख्या · सामाजिक न्याय · धार्मिक धर्मांतरण · आरक्षण नीति · अनुसूचित जातियाँ
चर्चा में क्यों: डोनाल्ड ट्रंप ने क्षेत्रीय युद्ध को समाप्त करने के लिए ईरान के साथ 'बहुत अच्छी' बातचीत का दावा किया है, जबकि ईरान ने मध्यस्थों के जरिए संभावित राजनयिक प्रयासों की खबरों के बावजूद बातचीत से आधिकारिक तौर पर इनकार किया है।
ईरान ने मंगलवार को इज़राइल, खाड़ी अरब देशों और उत्तरी इराक पर मिसाइलों से हमला किया। इसके जवाब में, इज़राइली और अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने तेहरान और इस्लामिक रिपब्लिक के अन्य स्थानों पर स्थित लक्ष्यों पर हमला किया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने युद्ध के संबंध में अज़रबैजान, मिस्र, ओमान, पाकिस्तान, रूस, दक्षिण कोरिया, तुर्की और तुर्कमेनिस्तान के समकक्षों के साथ बातचीत की।
- पदस्टीव विटकॉफ (Steve Witkoff) डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नियुक्त US स्पेशल एन्वॉय (Special Envoy) हैं।
- स्थानईरान के पार्लियामेंट स्पीकर मोहम्मद बगर गालिबफ ने वित्तीय और तेल बाजारों में हेरफेर करने के लिए इस्तेमाल की जा रही 'फेक न्यूज' का हवाला देते हुए बातचीत की खबरों से इनकार किया।
- संस्थापाकिस्तान, ओमान और मिस्र को वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत के लिए संभावित मध्यस्थ (intermediaries) के रूप में उद्धृत किया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य-पूर्वी संघर्षों के मध्यस्थता में क्षेत्रीय मध्यस्थों की भूमिका और इन संघर्षों का वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।
- मार्केट में उतार-चढ़ाव: सक्रिय संघर्ष के दौरान गलत जानकारी के जरिए तेल और फाइनेंशियल मार्केट्स में हेरफेर
- डिप्लोमैटिक विखंडन: ईरानी अधिकारियों के बीच आंतरिक मतभेद अमेरिका के नेतृत्व वाले मध्यस्थता प्रयासों के लिए एकजुट प्रतिक्रिया को जटिल बना रहे हैं
- मध्यवर्ती डायनेमिक्स: बैक-चैनल कम्युनिकेशन स्थापित करने में ओमान और पाकिस्तान जैसी क्षेत्रीय शक्तियों की भूमिका
मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक मध्यस्थता · ऊर्जा सुरक्षा · बैक-चैनल डिप्लोमेसी · क्षेत्रीय स्थिरता · मार्केट मैनिपुलेशन
चर्चा में क्यों: ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष ने मध्य पूर्व के ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाया है, जिसमें कतर का LNG हब भी शामिल है। यह स्थिति एशियाई ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रही है।
ईरान और इज़राइल ने ऊर्जा बुनियादी ढांचे (Energy Infrastructure) को निशाना बनाकर संघर्ष को और तेज कर दिया है। इन हमलों ने विशेष रूप से कतर के लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) हब को प्रभावित किया, जिससे वैश्विक ऊर्जा की कीमतों में भारी उछाल आया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यवर्तमान ईरान-इजरायल तनाव में कतर का LNG हब एक प्राथमिक लक्ष्य है।
- स्थानईरान और इज़राइल द्वारा मिडिल ईस्ट की एनर्जी फैसिलिटीज (energy facilities) को निशाना बनाया जा रहा है।
- तथ्यएशिया की आर्थिक स्थिरता के लिए Gulf-आधारित LNG पर भारी निर्भरता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य पूर्वी भू-राजनीतिक अस्थिरता के प्रति एशियाई अर्थव्यवस्थाओं की संवेदनशीलता का विश्लेषण कीजिए और ऊर्जा आयात निर्भरता में विविधता लाने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।
- सप्लाई चेन की कमजोरी: खाड़ी आधारित LNG पर भारी निर्भरता एशियाई औद्योगिक स्थिरता के लिए एक सिंगल पॉइंट ऑफ फेलियर पैदा करती है
- जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम: मिडिल ईस्ट में तनाव से ग्लोबल एनर्जी मार्केट्स में कीमतों में तुरंत उतार-चढ़ाव आया
मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · भू-राजनीतिक जोखिम · सप्लाई चेन रेजिलिएंस · LNG व्यापार · मार्केट में उतार-चढ़ाव
स्रोत: अल जज़ीरा ↗+2 और खबरें इस विषय पर GS2शासन › पारदर्शिता, जवाबदेही एवं RTIप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: बिहार सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति लागू करने के लिए CAG द्वारा पैनल में शामिल ऑडिटर्स (Auditors) के माध्यम से सभी शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) का ऑडिट करने का निर्णय लिया है।
यह ऑडिट बिहार के 19 नगर निगमों, 89 नगर परिषदों और 154 नगर पंचायतों को कवर करेगा। ऑडिट नेशनल म्युनिसिपल अकाउंट्स मैनुअल (National Municipal Accounts Manual) के प्रावधानों के अनुसार किए जाएंगे।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाबिहार में अर्बन लोकल बॉडीज (Urban Local Bodies) के ऑडिट के लिए CAG द्वारा पैनल में शामिल ऑडिटर्स का उपयोग किया जाएगा।
- तथ्यऑडिट में 19 म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, 89 म्युनिसिपल काउंसिल और 154 नगर पंचायत शामिल हैं।
- तथ्यऑडिट्स (Audits) नेशनल म्युनिसिपल अकाउंट्स मैनुअल (National Municipal Accounts Manual) के प्रावधानों का पालन करेंगे।
मेन्स के लिए
प्रश्न: नगर निकायों के लिए ऑडिट प्रक्रियाओं के मानकीकरण से नगरपालिका शासन में वित्तीय पारदर्शिता कैसे बढ़ सकती है और भ्रष्टाचार पर कैसे अंकुश लगाया जा सकता है, चर्चा कीजिए।
- संस्थागत निगरानी: समान ऑडिट मानक सुनिश्चित करने के लिए CAG-पैनल वाले ऑडिटर्स के जरिए जवाबदेही को मजबूत करना
- राजकोषीय अखंडता: नेशनल म्युनिसिपल अकाउंट्स मैनुअल के साथ तालमेल बिठाकर शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में लीकेज कम करना
- अर्बन गवर्नेंस: 'क्लीन सिटी' पहलों के लिए पारदर्शी फंड मैनेजमेंट के साथ तेज़ी से होते शहरीकरण में संतुलन
मुख्य शब्द: राजकोषीय पारदर्शिता · जवाबदेही · नगर निगम शासन · ज़ीरो-टॉलरेंस · ऑडिट स्टैंडर्डाइजेशन
GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › न्यायपालिका एवं ऐतिहासिक फैसलेमेन्स चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इस बारे में कानूनी स्पष्टीकरण मांगा है कि यदि विपक्षी पार्टी का कोई मुख्यमंत्री ED की छापेमारी में बाधा डालता है, तो उस पर क्या कार्रवाई होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक याचिका पर सुनवाई की, जिसमें आरोप लगाया गया है कि ममता बनर्जी ने ₹2,742 करोड़ के कोयला तस्करी मामले की जांच में बाधा डाली। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा ने अनुच्छेद 32 के तहत ED अधिकारियों के अदालत जाने के अधिकारों के संबंध में सवाल उठाए।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- तथ्यED की जांच ₹2,742 करोड़ के कोयला तस्करी मामले से जुड़ी है।
- संस्थाप्रवर्तन निदेशालय (ED): कोयला तस्करी मामले की जांच करने वाली एजेंसी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: एजेंसियों की जांच में कार्यकारी हस्तक्षेप के संवैधानिक निहितार्थों और अनुच्छेद 32 के अंतर्गत न्यायिक समीक्षा के दायरे का विश्लेषण कीजिए।
- संस्थागत अखंडता: केंद्रीय जांच एजेंसियों की स्वतंत्रता से राजनीतिक हस्तक्षेप का खतरा
- न्यायिक निगरानी: कार्यपालिका की छूट और सिविल सर्वेंट्स के संवैधानिक उपचार पाने के अधिकार के बीच संतुलन
- रूल ऑफ लॉ: कोयला तस्करी जैसे हाई-वैल्यू फाइनेंशियल क्राइम की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना
मुख्य शब्द: न्यायिक समीक्षा · कार्यपालिका का हस्तक्षेप · अनुच्छेद 32 · संस्थागत स्वायत्तता · कानून का शासन
GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › चुनाव, चुनाव आयोग एवं चुनाव सुधारप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: मशीन आवंटन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, रामनाथपुरम जिला चुनाव अधिकारी ने 2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए EVMs और VVPATs का पहला रैंडमाइजेशन (Randomisation) किया।
रैंडमाइजेशन प्रक्रिया जिला निर्वाचन अधिकारी सिमरनजीत सिंह कहलो द्वारा संचालित की गई और इसकी गवाह जनरल ऑब्जर्वर और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने बने। मशीनों को चार विशिष्ट निर्वाचन क्षेत्रों: परामकुडी (SC), तिरुवडनई, रामनाथपुरम और मुदुकुलथुर में आवंटित किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाडिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर: जिला स्तर पर EVMs और VVPATs के रैंडमाइजेशन (randomisation) को आयोजित करने के लिए जिम्मेदार।
- तथ्यरैंडमाइजेशन प्रक्रिया में Electronic Voting Machines (EVMs) और Voter Verified Paper Audit Trail (VVPATs) मशीनें दोनों शामिल थीं।
- स्थान2026 के तमिलनाडु विधान सभा चुनावों के लिए पहला रैंडमाइजेशन (randomisation) रामनाथपुरम जिले में हुआ।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में चुनावी प्रक्रिया की अखंडता सुनिश्चित करने में ईवीएम (EVMs) और वीवीपैट (VVPATs) के यादृच्छिकीकरण (randomisation) की प्रक्रिया के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- पारदर्शिता तंत्र: पहले से तय छेड़छाड़रोकने के लिए रैंडमाइज्ड मशीनों की सार्वजनिक रूप से साझा की गई लिस्ट
- लॉजिस्टिक इंटीग्रिटी: चेन ऑफ कस्टडी बनाए रखने के लिए रिटर्निंग ऑफिसर्स को डिसेंट्रलाइज्ड एलोकेशन
- टेक्नोलॉजिकल ट्रस्ट: इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग के पूरक के रूप में फिजिकल ऑडिट ट्रेल के तौर पर VVPATs का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: चुनावी शुचिता · पारदर्शिता · रैंडमाइजेशन · VVPAT · चुनाव आयोग की प्रक्रियाएं
चर्चा में क्यों: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका-ईरान वार्ता की मेजबानी के लिए इस्लामाबाद की इच्छा व्यक्त की है, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोबारा साझा (repost) किया है।
रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की के साथ मिलकर मध्य पूर्व में शांति स्थापित करनेके लिए गुप्त प्रयास कर रहा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान के साथ कई बार बातचीत की है, वहीं पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने डोनाल्ड ट्रंप से भी चर्चा की है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पदशहबाज शरीफ: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री।
- पदमसूद पेज़ेशकियन: ईरान के राष्ट्रपति।
- तथ्यमिडल ईस्ट शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की को मध्यस्थ (mediators) के रूप में रिपोर्ट किया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य पूर्व के संघर्षों के मध्यस्थता में पाकिस्तान जैसी क्षेत्रीय शक्तियों की भूमिका और भारत के रणनीतिक हितों पर इसके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
- भू-राजनीतिक लाभ: अमेरिका और ईरान के बीच तटस्थ मध्यस्थ के रूप में खुद को पेश करने की पाकिस्तान की कोशिश
- क्षेत्रीय स्थिरता: मध्य पूर्व सुरक्षा ढांचे पर मध्यस्थता वाले अमेरिका-ईरान समझौते का प्रभाव
मुख्य शब्द: मध्यस्थता · भू-राजनीति · रणनीतिक स्वायत्तता · क्षेत्रीय कूटनीति · बहुपक्षवाद
चर्चा में क्यों: गुजरात सरकार ने विभिन्न धर्मों के लिए व्यक्तिगत कानूनों (Personal Laws) हेतु एक समान कानूनी ढांचा स्थापित करने के उद्देश्य से अपनी विधानसभा में 'गुजरात यूनिफॉर्म सिविल कोड, 2026' बिल पेश किया है।
यह विधेयक मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल द्वारा पेश किया गया है और इसमें विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप (live-in relationships) के लिए एक समान कोड का प्रस्ताव दिया गया है। यदि यह पारित हो जाता है, तो उत्तराखंड के बाद गुजरात भारत का दूसरा राज्य बन जाएगा जो UCC (Uniform Civil Code) लागू करेगा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यउत्तराखंड के बाद गुजरात भारत का दूसरा राज्य है जिसने Uniform Civil Code कानून लागू किया है।
- अधिनियम / विधेयकगुजरात यूनिफॉर्म सिविल कोड, 2026 बिल में शादी, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप (live-in relationships) शामिल हैं।
- तथ्यप्रस्तावित कानून गुजरात के निवासियों और इसकी सीमाओं के बाहर रहने वाले लोगों पर लागू होता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने के संदर्भ में, राज्य स्तर पर समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के विधानों की संवैधानिक वैधता और सामाजिक निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- संघीय टकराव: राज्य-स्तरीय व्यक्तिगत कानून सुधारों और आर्टिकल 44 के व्यापक संवैधानिक जनादेश के बीच संघर्ष
- बहुलता बनाम एकरूपता: अल्पसंख्यक धार्मिक पर्सनल लॉ की सुरक्षा और कॉमन सिविल कोड के लक्ष्य के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: अनुच्छेद 44 · पर्सनल लॉ · यूनिफॉर्म सिविल कोड · संघवाद · धर्मनिरपेक्षता
GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो (TGCSB) और मेटा (Meta) ने सोशल मीडिया पर संकट के संकेतों (distress signals) के जरिए आत्महत्या करने की कोशिश करने वाले व्यक्तियों की पहचान करने और उन्हें बचाने के लिए एक AI-आधारित रियल-टाइम अलर्ट सिस्टम लागू करने के लिए हाथ मिलाया है।
TGCSB ने नवंबर और मार्च 2026 के बीच संभावित आत्महत्या के प्रयासों से 76 व्यक्तियों को बचाया। यह सिस्टम Meta प्लेटफॉर्म्स पर AI-आधारित मॉनिटरिंग का उपयोग करता है ताकि आत्म-नुकसान (self-harm) से संबंधित कंटेंट और व्यवहारिक पैटर्न की पहचान की जा सके और पुलिस हस्तक्षेप के लिए लोकेशन का पता लगाया जा सके।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाTGCSB: तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो (Telangana Cyber Security Bureau) वह राज्य एजेंसी है जो सुसाइड प्रिवेंशन (suicide prevention) पहल के लिए जिम्मेदार है।
- विज्ञान-तकनीकयह सिस्टम सोशल मीडिया पर डिस्ट्रेस सिग्नल्स (distress signals) और बिहेवियरल पैटर्न्स (behavioral patterns) की पहचान करने के लिए AI-ड्रिवन मॉनिटरिंग का उपयोग करता है।
- तथ्यनवंबर से अब तक 76 व्यक्तियों को संभावित आत्महत्या के प्रयासों से सफलतापूर्वक बचाया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में मानसिक स्वास्थ्य संकट के समाधान और आत्म-क्षति की रोकथाम में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) और एआई-आधारित निगरानी की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- प्राइवेसी-सिक्योरिटी ट्रेड-ऑफ: व्यक्तिगत डेटा प्राइवेसी अधिकारों और जीवन की सुरक्षा के लिए राज्य के कर्तव्य के बीच संतुलन
- एल्गोरिद्मिक बायस: संकट के संकेतों में सांस्कृतिक बारीकियों को गलत समझने या पिछड़े समूहों की अनदेखी करने की एआई की संभावना
- इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: प्राइवेट टेक जायंट्स और राज्य कानून प्रवर्तन के बीच रियल-टाइम डेटा शेयरिंग की ज़रूरत
मुख्य शब्द: पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · AI सर्विलांस · मानसिक स्वास्थ्य हस्तक्षेप · डेटा प्राइवेसी · रियल-टाइम मॉनिटरिंग
चर्चा में क्यों: आंध्र प्रदेश पेरेंट्स एसोसिएशन (PAAP) ने 31 प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों पर अवैध रूप से अतिरिक्त शुल्क वसूलने का आरोप लगाया है। यह आरोप दिसंबर 2025 के उस सरकारी आदेश के बावजूद लगाया गया है, जिसमें इस तरह की फीस वृद्धि पर रोक लगाई गई थी।
उच्च शिक्षा (R.M.) विभाग ने 24 दिसंबर, 2025 को एक सरकारी आदेश (G.O.) जारी किया, जिसमें शैक्षणिक वर्ष 2023-24 से 2025-26 के दौरान प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए शुल्क वृद्धि पर रोक लगा दी गई है। PAAP के अध्यक्ष एस. नरहरी ने नियमों का उल्लंघन करने वाले कॉलेजों पर जुर्माना लगाने और उनकी अनुमति रद्द करने की मांग की है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यआंध्र प्रदेश में 31 प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों पर अवैध फीस बढ़ाने का आरोप लगाया गया।
- तथ्यHigher Education (R.M.) डिपार्टमेंट ने 24 दिसंबर, 2025 को प्रोहिबिटिंग जी.ओ. जारी किया।
- तथ्यफीस फ्रीज (Fee freeze) उन छात्रों पर लागू होता है जिन्हें 2023-24 से 2025-26 के शैक्षणिक वर्षों के दौरान प्रवेश दिया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: निजी उच्च शिक्षण संस्थानों में शुल्क पारदर्शिता सुनिश्चित करने में आने वाली विनियामक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और छात्रों को मनमाने वित्तीय शोषण से बचाने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: बड़ी संख्या में प्राइवेट संस्थानों के फीस स्ट्रक्चर की निगरानी में कठिनाई
- एन्फोर्समेंट गैप: फीस के उल्लंघन पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई या ऑटोमेटेड रिपोर्टिंग की कमी
- सूचना की असमानता: राज्य शिक्षा विभागों और प्राइवेट कॉलेज मैनेजमेंट के बीच कम्युनिकेशन ब्रेकडाउन
मुख्य शब्द: नियामक निगरानी · फीस में पारदर्शिता · शिक्षा की समानता · प्रशासनिक जवाबदेही · नीति लागू करना
चर्चा में क्यों: दिल्ली हाई कोर्ट ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर यूनिवर्सिटी के एक छात्र के निलंबन को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि संस्थान प्रबंधन की विचारधारा के विपरीत विचारों की शांतिपूर्ण अभिव्यक्ति को दबा नहीं सकते।
दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि डॉ. बी.आर. अंबेडकर यूनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के कारण एक छात्र को निलंबित करना अनुचित और अत्यधिक था। कोर्ट ने विश्वविद्यालय को छात्र का निलंबन वापस लेने और उसे जुलाई से अपनी पढ़ाई फिर से शुरू करने की अनुमति देने का आदेश दिया।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- संस्थाडॉ. बी.आर. अंबेडकर यूनिवर्सिटी भारत में एक शैक्षणिक संस्थान है।
- तथ्यकोर्ट ने छात्र को जुलाई से पढ़ाई फिर से शुरू करने की अनुमति देने का आदेश दिया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: एक जीवंत लोकतंत्र के लिए पूर्व शर्त के रूप में उच्च शिक्षण संस्थानों के भीतर खुले संवाद और असहमति को बढ़ावा देने के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- संस्थागत स्वायत्तता बनाम व्यक्तिगत अधिकार: मैनेजमेंट के वैचारिक रुख और छात्रों की अभिव्यक्ति की आज़ादी के बीच संतुलन
- शिक्षण प्रभाव: असहमति वाली विचारधाराओं को दबाने से आलोचनात्मक सोच और बहुलवादी शैक्षणिक माहौल के विकास में कैसे बाधा आती है
मुख्य शब्द: अभिव्यक्ति की आज़ादी · अकादमिक स्वतंत्रता · आनुपातिकता · लोकतांत्रिक विमर्श · संस्थागत स्वायत्तता
चर्चा में क्यों: UK के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने घोषणा की है कि यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क, यूनिवर्सिटी ऑफ एबरडीन और यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल सहित नौ UK विश्वविद्यालयों को...
भारत में लगभग 40 मिलियन छात्र विश्वविद्यालयों में नामांकित हैं। UK की इस पहल के तहत नौ विश्वविद्यालय भारत में कैंपस स्थापित करेंगे। इनका उद्देश्य UK के शैक्षणिक मानकों को बनाए रखते हुए, विदेश में पढ़ाई करने की तुलना में कम लागत पर प्रोग्राम उपलब्ध कराना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यभारत में विश्वविद्यालयों में लगभग 40 मिलियन छात्र नामांकित हैं।
- स्थानयूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क, यूनिवर्सिटी ऑफ एबरडीन और यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल उन UK संस्थानों में शामिल हैं जो भारत में विस्तार कर रहे हैं।
- पदकीर स्टार्मर UK के प्राइम मिनिस्टर हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में विदेशी विश्वविद्यालयों के विस्तार से घरेलू उच्च शिक्षा परिदृश्य और देश के मानव पूंजी विकास पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए।
- बाज़ार में प्रतिस्पर्धा: उच्च-मानक UK-ब्रांडेड प्रोग्राम्स से घरेलू संस्थानों के सामने बढ़ते मुकाबले की संभावना
- आर्थिक तालमेल: ब्रिटिश और भारतीय शैक्षणिक निकायों के लिए मिलकर रिसर्च और नौकरी के अवसर पैदा करना
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: यह सुनिश्चित करने के लिए क्वालिटी एश्योरेंस फ्रेमवर्क की ज़रूरत कि विदेशी कैंपस भारतीय शैक्षिक मानकों का पालन करें
मुख्य शब्द: मानव पूंजी · शैक्षिक डिप्लोमेसी · बाज़ार उदारीकरण · अकादमिक मानक · नॉलेज इकोनॉमी
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने सामाजिक विभाजन की चिंताओं का हवाला देते हुए 2027 की जनगणना में डिनोटिफाइड, नोमैडिक और सेमी-नोमैडिक ट्राइब्स (DNTs) के लिए विशिष्ट गणना की मांग करने वाली एक याचिकाखारिज कर दी।
सुप्रीम कोर्ट ने 2027 की जनगणना में DNT/NT/SNT समुदायों से संबंधित एक विशिष्ट प्रश्न को शामिल करने की याचिका को खारिज कर दिया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने इस याचिका के जातिविहीन समाज के लक्ष्य पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव पर टिप्पणी की।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- तथ्य2027 जनगणना (Census): याचिका में उल्लिखित आगामी राष्ट्रीय जनगणना चक्र।
- पदसूर्यकांत: फैसले के समय भारत के मुख्य न्यायाधीश।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जनजातियों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए सटीक जनसांख्यिकीय गणना के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- पहचान की राजनीति: विशिष्ट समुदाय की पहचान और जातिविहीन समाज के संवैधानिक लक्ष्य के बीच संतुलन
- डेटा गैप: विशिष्ट गणना की कमी से खानाबदोश आबादी के लिए लक्षित कल्याण वितरण में बाधा
मुख्य शब्द: जनसांख्यिकीय गणना · सामाजिक न्याय · जातिविहीन समाज · संवैधानिक नैतिकता · खानाबदोश जनजाति
GS3 · अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा · 11
चर्चा में क्यों: पिछले आधे दशक में मीठे पानी की प्रवासी मछलियों की आबादी में 81% की गिरावट देखी गई है। इस कारण UN ने गोल्डन महसिर और गूंच कैटफिश सहित 30 प्रमुख मछली प्रजातियों को वैश्विक संरक्षण के लिए प्राथमिकता दी है।
अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक अध्ययन से संकेत मिलता है कि अत्यधिक मछली पकड़ना (overfishing) और आवास का विनाश मीठे पानी की प्रवासी मछलियों के लिए प्राथमिक खतरे हैं। IUCN ने मीठे पानी की प्रवासी मछलियों की 15,000 से अधिक प्रजातियों का आकलन किया है, जिनमें से 325 प्रजातियों की पहचान की गई है जिन्हें एक वैश्विक निगरानी समझौते में शामिल करने की आवश्यकता है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- पर्यावरणगोल्डन महसीर और गूंच कैटफ़िश उन 30 फ्लैगशिप फिश प्रजातियों में शामिल हैं जिन्हें UN द्वारा वैश्विक संरक्षण के लिए प्राथमिकता दी गई है।
- तथ्यपिछले आधे दशक में फ्रेशवॉटर माइग्रेटरी फिश (Freshwater migratory fish) की आबादी में अनुमानित 81% की गिरावट आई है।
- संस्थाIUCN (International Union for the Conservation of Nature) ने मीठे पानी की प्रवासी मछलियों (freshwater migratory fish) की 15,000 से अधिक प्रजातियों का आकलन किया है।
- अंतर्राष्ट्रीय संगठनUN ने तीन साल के भीतर कन्वेंशन ऑन द कंजर्वेशन ऑफ माइग्रेटरी स्पीशीज (Convention on the Conservation of Migratory Species) में 30 प्राथमिकता वाली मछली की प्रजातियों को जोड़ने का प्रस्ताव दिया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: प्रवासी मछली की घटती आबादी के पारिस्थितिक और आर्थिक निहितार्थों की चर्चा कीजिए और आवास के नुकसान को कम करने में अंतर्राष्ट्रीय संरक्षण ढाँचों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन कीजिए।
- बायोडायवर्सिटी का नुकसान: ओवरफिशिंग और हैबिटेट डिग्रेडेशन के कारण एक्वाटिक फूड वेब्स का अपरिवर्तनीय पतन
- रेगुलेटरी गैप: सीमा पार प्रवासी प्रजातियों से निपटने में मौजूदा मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क की सीमाएं
- आर्थिक ट्रेड-ऑफ: कारीगर और कमर्शियल फिशिंग आजीविका और दीर्घकालिक पारिस्थितिक स्थिरता के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: जैव विविधता संरक्षण · प्रवासी प्रजातियां · आवास का क्षरण · अत्यधिक मछली पकड़ना · सीमा पार शासन
चर्चा में क्यों: पूर्व चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच द्वारा जताई गई चिंताओं के बाद, SEBI ने अपने बोर्ड और कर्मचारियों के लिए हितों के टकराव (conflict-of-interest) से जुड़े कड़े नियमों का प्रस्ताव दिया है।
SEBI ने शीर्ष अधिकारियों के लिए अपनी संपत्ति और देनदारियों का सार्वजनिक रूप से खुलासा करने और एक डिजिटल रिकज़ल (recusal) प्रक्रिया लागू करने का प्रस्ताव दिया है। नियामक ने लागत कम करने के लिए फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) के लिए नेट बेसिस पर ट्रेड सेटलमेंट करने की योजना को भी मंजूरी दी है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थाSEBI: Securities and Exchange Board of India.
- तथ्यFPIs: ट्रांजैक्शन कॉस्ट (transaction costs) को कम करने के लिए नेट बेसिस (net basis) पर ट्रेड सेटल करने की अनुमति है।
- तथ्यडिजिटल रिक्यूजल (Digital recusal) प्रोसेस: SEBI बोर्ड के सदस्यों और कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित।
- तथ्यसोशल इम्पैक्ट फंड्स (Social impact funds): रिटेल पार्टिसिपेशन (retail participation) बढ़ाने के लिए स्वीकृत उपाय।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में पूंजी बाजारों और नियामक निकायों की सत्यनिष्ठा को सुदृढ़ करने में सुदृढ़ 'हितों के टकराव' (conflict-of-interest) के ढाँचों के महत्व की चर्चा कीजिए।
- संस्थागत ईमानदारी: मार्केट रेगुलेटर्स में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए व्यक्तिगत हितों के टकराव को कम करना
- मार्केट एफिशिएंसी: नेट सेटलमेंट मैकेनिज्म के जरिए FPIs के लिए ट्रांजैक्शन कॉस्ट कम करना
- पारदर्शिता के नियम: वैधानिक निकायों में जवाबदेही के लिए अनिवार्य संपत्ति खुलासा एक टूल
मुख्य शब्द: हितों का टकराव · कैपिटल मार्केट की ईमानदारी · नेट सेटलमेंट · नियामक निगरानी · पारदर्शिता · FPI
चर्चा में क्यों: राज्य सरकार ने चिन्हित हॉटस्पॉट्स में तपेदिक (Tuberculosis) की पहचान और निगरानी में तेजी लाने के लिए 100 AI-इनेबल्ड हैंडहेल्ड एक्स-रे (X-ray) मशीनों की खरीद की घोषणा की है।
राज्य सरकार ₹20 करोड़ की लागत से 100 AI-सक्षम हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें खरीदेगी। इन मशीनों को केंद्रीय टीबी डिवीजन (Central TB Division) द्वारा हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किए गए गांवों में तैनात किया जाएगा, ताकि प्रति व्यक्ति दो मिनट के भीतर रिपोर्ट तैयार की जा सके।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यइस खरीद में 100 AI-enabled हैंडहेल्ड X-ray मशीनें शामिल हैं।
- तथ्यखरीद की कुल लागत ₹20 करोड़ है।
- तथ्यये मशीनें प्रति व्यक्ति दो मिनट के भीतर रिपोर्ट जेनरेट करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं।
- संस्थासेंट्रल TB डिवीजन मशीन की तैनाती के लिए हॉटस्पॉट्स की पहचान करने के लिए जिम्मेदार संस्था है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ग्रामीण भारत में बीमारियों के प्रारंभिक निदान की चुनौतियों के समाधान में नैदानिक स्वास्थ्य सेवा (diagnostic healthcare) में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के एकीकरण की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- डायग्नोस्टिक एफिशिएंसी: ग्रामीण हॉटस्पॉट्स में टीबी रिपोर्ट के टर्नअराउंड टाइम को दो मिनट से कम करना
- इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: गाँवों में हाई-टेक AI डिप्लॉयमेंट के साथ निरंतर मेंटेनेंस और बिजली की ज़रूरत को संतुलित करना
मुख्य शब्द: जल्दी पहचान · सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी · हेल्थकेयर में AI · ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच · तकनीकी हस्तक्षेप
चर्चा में क्यों: NASA ने चंद्रमा की कक्षा में स्थित स्टेशन के बजाय चंद्रमा की सतह पर बेस बनाने और परमाणु ऊर्जा से चलने वाले मंगल यान (Mars spacecraft) को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए सात वर्षों में 20 बिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा की है।
NASA प्रशासक जेरेड इसाकमेन ने चंद्रमा की सतह पर एक बेस बनाने के लिए सात वर्षों में 20 बिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा की है। इस योजना में स्पेस रिएक्टर 1 फ्रीडम (Space Reactor 1 Freedom) शामिल है, जो मंगल मिशनों के लिए न्यूक्लियर इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन तकनीक (nuclear electric propulsion technology) का प्रदर्शन करने के लिए डिज़ाइन किया गया एक अंतरिक्ष यान है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- विज्ञान-तकनीकSpace Reactor 1 Freedom: एक न्यूक्लियर-पावर्ड स्पेसक्राफ्ट जिसे न्यूक्लियर इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी (nuclear electric propulsion technology) का प्रदर्शन करने के लिए डिजाइन किया गया है।
- तथ्यNASA के लूनर सरफेस बेस प्रोजेक्ट में सात साल की अवधि के दौरान $20 बिलियन का निवेश शामिल है।
- विज्ञान-तकनीकNASA, लूनर गेटवे (Lunar Gateway) स्टेशन के कंपोनेंट्स को लूनर सतह पर उपयोग के लिए रीपर्पॉज़ (repurpose) कर रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: दीर्घकालिक मानव अन्वेषण के लिए कक्षीय अंतरिक्ष स्टेशनों से स्थायी चंद्र सतह आधारों की ओर संक्रमण के रणनीतिक और तकनीकी निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
- प्रोपल्शन शिफ्ट: गहरे अंतरिक्ष की यात्रा के लिए केमिकल रॉकेट की सीमाओं को पार करने हेतु न्यूक्लियर इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन की ओर बदलाव
- भू-राजनीतिक तनाव: लूनर बेस की प्राथमिकता के बाद आर्टेमिस प्रोग्राम में अंतरराष्ट्रीय पार्टनर्स की भूमिका पर अनिश्चितता
- रिसोर्स लॉजिस्टिक्स: लूनर गेटवे के कंपोनेंट्स को सतह आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर और लाइफ सपोर्ट के लिए फिर से इस्तेमाल करने की चुनौतियां
मुख्य शब्द: न्यूक्लियर इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन · चंद्र सतह पर आवास · अंतरिक्ष अन्वेषण रणनीति · आर्टेमिस प्रोग्राम · डीप स्पेस एक्सप्लोरेशन
चर्चा में क्यों: केंद्र सरकार और JICA ने बेंगलुरु मेट्रो रेल प्रोजेक्ट फेज 3 (I) के वित्तपोषण के लिए 1,02,480 मिलियन जापानी येन के ऑफिशियल डेवलपमेंट असिस्टेंस (ODA) के लिए एक ऋण समझौता किया है।
इस परियोजना के अंतर्गत लगभग 44.65 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइनों और 31 एलिवेटेड स्टेशनों के लिए सिविल और आर्किटेक्चरल कार्य शामिल हैं। बेंगलुरु में बढ़ते ट्रैफिक डिमांड और शहरी भीड़भाड़ की समस्या को हल करने के लिए इसे जनवरी 2032 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यऋण राशि: 1,02,480 मिलियन जापानी येन।
- स्थानबेंगलुरु मेट्रो रेल प्रोजेक्ट फेज 3 (I) में 44.65 किलोमीटर की मेट्रो लाइनें शामिल हैं।
- तथ्यप्रोजेक्ट पूरा होने का लक्ष्य: जनवरी 2032।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय महानगरों में शहरी बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण में अंतर्राष्ट्रीय विकास सहायता की भूमिका और सतत शहरी गतिशीलता पर इसके प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।
- कर्ज की स्थिरता: ODA-फंडेड इंफ्रास्ट्रक्चर और लंबी अवधि की राजकोषीय देनदारियों के बीच संतुलन
- अर्बन मोबिलिटी: मास रैपिड ट्रांजिट विस्तार के जरिए कार्बन फुटप्रिंट कम करना
- प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन: केंद्र सरकार, राज्य निकायों और अंतरराष्ट्रीय लेंडर्स के बीच तालमेल
मुख्य शब्द: आधिकारिक विकास सहायता · अर्बन मोबिलिटी · इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग · मास रैपिड ट्रांजिट · टिकाऊ शहरीकरण
चर्चा में क्यों: ओडिशा पुलिस ने ₹55 लाख के इनाम वाले CPI (Maoist) के वरिष्ठ नेता सुकरू और चार अन्य कार्यकर्ताओं के आत्मसमर्पण की सूचना दी है। इस कार्रवाई के बाद राज्य में सक्रिय लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिस्ट (Left Wing Extremist) की संख्या घटकर एक अंक में रह गई है।
सुकरू और चार ऑपरेटिव्स (operatives) ने ओडिशा के कंधमाल पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वाले समूह ने AK-47 राइफल सहित हथियार सौंप दिए, जो माओवादी विरोधी अभियानों को एक महत्वपूर्ण बढ़ावा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यसुकरू CPI (Maoist) के एक वरिष्ठ नेता थे, जिन पर ₹55 लाख का इनाम था।
- स्थानकंधमाल ओडिशा का वह जिला है जहाँ सरेंडर (surrender) हुआ था।
- तथ्यइस आत्मसमर्पण के बाद ओडिशा में सक्रिय Left Wing Extremists की संख्या घटकर सिंगल डिजिट (single digits) में आ गई है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ओडिशा में वामपंथी उग्रवाद के घटते प्रभाव में योगदान देने वाले कारकों और आंतरिक सुरक्षा प्रबंधन में सुरक्षा बलों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- इंटेलिजेंस-लेड पुलिसिंग: टारगेटेड ऑपरेशंस और बाउंट-आधारित सरेंडर इंसेंटिव्स की सफलता
- विकास का संबंध: इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और कम होते माओवादी भर्ती के बीच संबंध
- सुरक्षा-विकास संतुलन: आदिवासी क्षेत्रों में किनेटिक ऑपरेशंस और सामाजिक-आर्थिक एकीकरण के बीच तालमेल
मुख्य शब्द: वामपंथी उग्रवाद · आंतरिक सुरक्षा · आतंकवाद विरोधी अभियान · माओवादी उग्रवाद · सुरक्षा बल
GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: HSBC ने मार्च 2026 के लिए फ्लैश इंडिया कंपोजिट परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) में 56.5 की गिरावट दर्ज की है, जो निजी क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती का संकेत देता है।
फ्लैश इंडिया कंपोजिट PMI फरवरी में 58.9 से गिरकर मार्च में 56.5 पर आ गया। मैन्युफैक्चरिंग PMI घटकर 53.8 रह गया, जबकि ऊर्जा संकट और बाजार में अस्थिरता के कारण इनपुट लागत 45 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यFlash India Composite PMI: 50 से ऊपर की रीडिंग विस्तार (expansion) का संकेत देती है, जबकि 50 से नीचे का स्तर संकुचन (contraction) को दर्शाता है।
- तथ्यमैन्युफैक्चरिंग PMI: फरवरी में 56.9 से गिरकर मार्च में 53.8 हो गया।
- तथ्यइनपुट कॉस्ट (Input costs): मार्च 2026 में तेल, ऊर्जा, भोजन, एल्युमीनियम, स्टील और केमिकल्स सहित 45 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।
- संस्थाHSBC: वह संस्था जो Flash India Composite Purchasing Managers' Index जारी करने के लिए जिम्मेदार है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक ऊर्जा झटकों और इनपुट लागत की अस्थिरता का भारत के विनिर्माण क्षेत्र और निजी क्षेत्र के विकास पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
- मार्जिन कंप्रेशन: कंपीटीटिवनेस बनाए रखने के लिए कंपनियां मुनाफे के मार्जिन को कम करके बढ़ती इनपुट कॉस्ट को झेल रही हैं
- बाहरी संवेदनशीलता: वैश्विक ऊर्जा झटकों और मार्केट वोलाटिलिटी के प्रति घरेलू मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट की संवेदनशीलता
मुख्य शब्द: परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स · इनपुट लागत · मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट · महंगाई का दबाव · बाज़ार में उतार-चढ़ाव
चर्चा में क्यों: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने छह यूक्रेनी नागरिकों और एक अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि उन्होंने बिना अनुमति के उत्तर-पूर्वी भारत में प्रवेश किया और म्यांमार में सशस्त्र समूहों को ड्रोन वॉरफेयर (drone warfare) में प्रशिक्षित करने की योजना बनाई।
13 मार्च को भारत के विभिन्न हवाई अड्डों पर सात विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया। NIA ने उन पर आतंकवाद विरोधी कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया है और उन्हें 27 मार्च तक हिरासत में रखा गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- संस्थाNIA: National Investigation Agency भारत में आतंकवाद विरोधी कानून लागू करने वाली प्राथमिक एजेंसी है।
- तथ्यआरोप म्यांमार में ड्रोन वॉरफेयर (drone warfare) में सशस्त्र समूहों को ट्रेनिंग देने से जुड़े हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बदलती ड्रोन युद्ध प्रौद्योगिकियों के बीच पूर्वोत्तर क्षेत्र में सीमा सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों के प्रबंधन में भारत के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- तकनीकी असमानता: छिद्रपूर्ण सीमा क्षेत्रों में छोटे और कम ऊंचाई वाले ड्रोन का पता लगाना और उन्हें बेअसर करना मुश्किल
- डिप्लोमैटिक घर्षण: काउंटर-टेररिज्म कार्रवाई और यूक्रेन व अमेरिका के साथ द्विपक्षीय संबंधों के बीच संतुलन
- सीमा पार उग्रवाद: म्यांमार-भारत सीमा पर गैर-राज्य अभिनेताओं और विदेशी प्रॉक्सी की निगरानी की जटिलता
मुख्य शब्द: आतंकवाद विरोधी · ड्रोन वॉरफेयर · सीमा सुरक्षा · गैर-राज्य अभिनेता · राष्ट्रीय सुरक्षा
चर्चा में क्यों: NASA और यूरोपियन स्पेस एजेंसी चंद्रमा पर लंबे समय तक मानव उपस्थिति को सुगम बनाने के लिए वहां रहने हेतु 'इन्फ्लेटेबल हैबिटेट्स' (Inflatable habitats) के विकल्प पर विचार कर रहे हैं।
NASA और यूरोपियन स्पेस एजेंसी (European Space Agency) ऐसे इन्फ्लेटेबल हैबिटेट्स (inflatable habitats) पर शोध कर रहे हैं जिन्हें संकुचित रूप में ले जाया जा सकता है और चंद्रमा की सतह पर फुलाया जा सकता है। इन संरचनाओं को कम द्रव्यमान (low mass), उच्च आयतन दक्षता (high volume efficiency) और अंतरिक्ष यात्रियों के लिए रेडिएशन शील्डिंग (radiation shielding) प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- विज्ञान-तकनीकInflatable habitats को इस तरह डिजाइन किया गया है कि उन्हें कंप्रेस्ड फॉर्म (compressed form) में ट्रांसपोर्ट किया जा सके और चंद्रमा पर पहुँचने पर इन्फ्लेट (inflate) किया जा सके।
- विज्ञान-तकनीकइन्फ्लेटेबल लूनर हैबिटेट्स (inflatable lunar habitats) के मुख्य फायदों में कम द्रव्यमान (low mass), उच्च वॉल्यूम एफिशिएंसी (high volume efficiency) और रेडिएशन शील्डिंग (radiation shielding) शामिल हैं।
- पदNASA और European Space Agency (ESA) इन लूनर हैबिटेशन (lunar habitation) समाधानों की खोज करने वाली प्राथमिक एजेंसियां हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: चंद्रमा पर दीर्घकालिक मानव निवास स्थापित करने की तकनीकी और रसद संबंधी चुनौतियों तथा अंतरिक्ष के खतरों पर विजय प्राप्त करने में नवीन इंजीनियरिंग की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- रेडिएशन मिटिगेशन: हाई-एनर्जी कॉस्मिक किरणों और सोलर फ्लेयर्स के खिलाफ इंजीनियरिंग शील्डिंग
- लॉजिस्टिकल एफिशिएंसी: पेलोड मास की सीमाओं और अधिक लिविंग स्पेस की ज़रूरत के बीच संतुलन
- सस्टेनेबिलिटी: लंबे समय तक चंद्रमा पर रहने के लिए लाइफ-सपोर्ट सिस्टम विकसित करना
मुख्य शब्द: चंद्र आवास · अंतरिक्ष अन्वेषण · रेडिएशन शील्डिंग · एयरोस्पेस इंजीनियरिंग · सस्टेनेबल स्पेस मिशन
GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए रिटर्निंग ऑफिसर्स के तबादले और तैनाती को मंजूरी दी है।
निर्वाचन आयोग (ECI) ने भवनपुर निर्वाचन क्षेत्र सहित पश्चिम बंगाल के लिए रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्तियों को मंजूरी दे दी है। NDA के घटक दल, BJP को पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए 27 सीटें आवंटित की गई हैं। असम, केरल और पुडुचेरी के लिए चुनाव 9 अप्रैल, 2026 को निर्धारित हैं, जबकि मतगणना 4 मई, 2026 को होगी।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थाECI: यह वह संस्था है जो रिटर्निंग ऑफिसर्स (Returning Officers) के ट्रांसफर और पोस्टिंग को मंजूरी देने के लिए जिम्मेदार है।
- तथ्यBJP: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए 27 सीटें आवंटित कीं।
- तथ्यपुडुचेरी: 30 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 23 मार्च, 2026 को समाप्त हुई।
- तथ्यचुनाव की तारीखें: असम, केरल और पुडुचेरी के चुनाव 9 अप्रैल, 2026 के लिए तय किए गए हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: रिटर्निंग अधिकारियों के प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया की शुचिता सुनिश्चित करने में चुनाव आयोग की भूमिका के महत्व की चर्चा कीजिए।
- प्रशासनिक तटस्थता: राजनीतिक रूप से संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्रों में रिटर्निंग ऑफिसर्स का गैर-पक्षपाती आचरण सुनिश्चित करना
- लॉजिस्टिक कोऑर्डिनेशन: अलग-अलग भौगोलिक इलाकों में एक साथ होने वाले बहु-राज्य चुनावों और गिनती की प्रक्रियाओं का प्रबंधन
मुख्य शब्द: भारत निर्वाचन आयोग · रिटर्निंग ऑफिसर · लोकतांत्रिक प्रक्रिया · प्रशासनिक तटस्थता · चुनावी अखंडता
GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल और वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंताओं के कारण, 10-वर्षीय बेंचमार्क गवर्नमेंट बॉन्ड यील्ड (Government Bond Yield) बढ़कर 6.83% पर पहुंच गई।
10-वर्षीय बेंचमार्क गवर्नमेंट बॉन्ड यील्ड (Government Bond Yield) 6.83% तक पहुंच गई, जो जनवरी 2025 के बाद से इसका उच्चतम स्तर है। यह उछाल बैंकों के लिए ओवरनाइट बोरोइंग कॉस्ट (Overnight Borrowing Cost) में हुई महत्वपूर्ण वृद्धि के साथ हुआ।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यमार्च 2026 तक 10-वर्षीय बेंचमार्क गवर्नमेंट बॉन्ड यील्ड (yield) 6.83% तक पहुंच गई।
- तथ्ययील्ड में उछाल कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और ग्लोबल सेंट्रल बैंक द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंताओं से प्रेरित था।
- तथ्ययील्ड में यह उछाल अक्टूबर 2023 के बाद से एक दिन में हुई सबसे बड़ी वृद्धि थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और अंतर्राष्ट्रीय ब्याज दरों के रुझानों का भारत की घरेलू बॉन्ड यील्ड और बैंकिंग तरलता पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
- मौनेटरी ट्रांसमिशन: ओवरनाइट बोरोइंग कॉस्ट बढ़ने का कमर्शियल बैंक की लेंडिंग कैपेसिटी पर असर
- एक्सटर्नल शॉक: ग्लोबल क्रूड प्राइस में उतार-चढ़ाव और डोमेस्टिक सॉवरेन बॉन्ड यील्ड के बीच संबंध
- पॉलिसी स्टैंड: हाई यील्ड वोलेटिलिटी के दौरान मार्केट सेंटीमेंट को मैनेज करने में RBI की भूमिका
मुख्य शब्द: बॉन्ड यील्ड · मौनेटरी पॉलिसी · लिक्विडिटी मैनेजमेंट · बाहरी झटके · ओवरनाइट बोरोइंग
नोट्स सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किए जाते हैं और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़े हैं। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें। नोट्स कैसे बनते हैं