सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें कहा गया है कि अनुसूचित जाति (Scheduled Caste) का दर्जा केवल हिंदुओं
GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)· प्रीलिम्स + मेन्स·
चर्चा में क्यों
सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें कहा गया है कि अनुसूचित जाति (Scheduled Caste) का दर्जा केवल हिंदुओं, सिखों और बौद्धों तक ही सीमित है, और अन्य धर्मों में धर्म परिवर्तन करने पर यह दर्जा समाप्त हो जाता है।
पृष्ठभूमि
अदालत का यह फैसला संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 के क्लॉज 3 पर आधारित है। यह निर्णय विशेष रूप से अनुसूचित जातियाँ और अनुसूचित जनजातियाँ (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मिलने वाले लाभों और सुरक्षा के लिए पात्रता को प्रभावित करता है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- अधिनियम / विधेयकConstitution (Scheduled Caste) Order, 1950: क्लॉज 3 SC स्टेटस के लिए पात्रता को परिभाषित करता है।
- संस्थासुप्रीम कोर्ट: धार्मिक धर्मांतरण और SC स्टेटस के संबंध में आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा।
- तथ्यफैसले के अनुसार, SC स्टेटस के लिए पात्र धर्म: हिंदू, सिख और बौद्ध।
- अधिनियम / विधेयकअनुसूचित जातियाँ और अनुसूचित जनजातियाँ (अत्याचार निवारण) अधिनियम: धर्म परिवर्तन करने पर इस अधिनियम के तहत मिलने वाली सुरक्षा समाप्त हो जाती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के संदर्भ में, अनुसूचित जाति की स्थिति को धार्मिक पहचान से जोड़ने के संवैधानिक और सामाजिक निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- संवैधानिक टकराव: अनुच्छेद 25 (धर्म की स्वतंत्रता) और SC/ST एक्ट के सामाजिक-आर्थिक संरक्षण के बीच संतुलन
- पहचान का संकट: धार्मिक धर्मांतरण पर पिछड़े समुदायों को सुरक्षा ढांचों से बाहर किए जाने का जोखिम
- पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: आरक्षण कोटा की अखंडता बनाए रखना बनाम धार्मिक पसंद के व्यक्तिगत अधिकार
मुख्य शब्द: संवैधानिक व्याख्या · सामाजिक न्याय · धार्मिक धर्मांतरण · आरक्षण नीति · अनुसूचित जातियाँ
सामाजिक न्याय पर और नोट्स
- सुप्रीम कोर्ट ने 'हरीश राणा बनाम यूनियन ऑफ इंडिया (2026)' मामले में एक गंभीर रूप से बीमार मरीज के लिए 'क्लिनिकली असिस्टेड न्यूट्रिशन एंड हाइड्रेशन' (Clinically Assisted Nutrition and Hydration) को वापस लेने की अनुमति दी है · 31 मार्च 2026
- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 1.22 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को वर्दी के लिए ₹1,000 की DBT भुगतान की घोषणा की है और 1 अप्रैल से उनके मानदेय (Honorarium) में 10% की वृद्धि करने का निर्णय लिया है · 31 मार्च 2026
- राजस्थान हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि आरक्षण के लिए ट्रांसजेंडर लोगों को OBC श्रेणी में शामिल करना अप्रभावी और भेदभावपूर्ण है · 30 मार्च 2026
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी है · 30 मार्च 2026
- स्कूल टीचर्स फेडरेशन (STF) ने तेलंगाना सरकार की पहल की सराहना की है · 29 मार्च 2026
- SHUT क्लिनिक द्वारा NIMHANS के नेतृत्व में किए गए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि भारतीय बच्चों के बीच स्क्रीन टाइम (Screen Time) का अत्यधिक उपयोग · 29 मार्च 2026
कोई गलती या कोई कमी?
किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।