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भाग I · स्था. 11.2025 
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सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें कहा गया है कि अनुसूचित जाति (Scheduled Caste) का दर्जा केवल हिंदुओं

GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)· प्रीलिम्स + मेन्स·

चर्चा में क्यों

सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें कहा गया है कि अनुसूचित जाति (Scheduled Caste) का दर्जा केवल हिंदुओं, सिखों और बौद्धों तक ही सीमित है, और अन्य धर्मों में धर्म परिवर्तन करने पर यह दर्जा समाप्त हो जाता है।

पृष्ठभूमि

अदालत का यह फैसला संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 के क्लॉज 3 पर आधारित है। यह निर्णय विशेष रूप से अनुसूचित जातियाँ और अनुसूचित जनजातियाँ (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मिलने वाले लाभों और सुरक्षा के लिए पात्रता को प्रभावित करता है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • अधिनियम / विधेयकConstitution (Scheduled Caste) Order, 1950: क्लॉज 3 SC स्टेटस के लिए पात्रता को परिभाषित करता है।
  • संस्थासुप्रीम कोर्ट: धार्मिक धर्मांतरण और SC स्टेटस के संबंध में आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा।
  • तथ्यफैसले के अनुसार, SC स्टेटस के लिए पात्र धर्म: हिंदू, सिख और बौद्ध।
  • अधिनियम / विधेयकअनुसूचित जातियाँ और अनुसूचित जनजातियाँ (अत्याचार निवारण) अधिनियम: धर्म परिवर्तन करने पर इस अधिनियम के तहत मिलने वाली सुरक्षा समाप्त हो जाती है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के संदर्भ में, अनुसूचित जाति की स्थिति को धार्मिक पहचान से जोड़ने के संवैधानिक और सामाजिक निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • संवैधानिक टकराव: अनुच्छेद 25 (धर्म की स्वतंत्रता) और SC/ST एक्ट के सामाजिक-आर्थिक संरक्षण के बीच संतुलन
  • पहचान का संकट: धार्मिक धर्मांतरण पर पिछड़े समुदायों को सुरक्षा ढांचों से बाहर किए जाने का जोखिम
  • पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: आरक्षण कोटा की अखंडता बनाए रखना बनाम धार्मिक पसंद के व्यक्तिगत अधिकार

मुख्य शब्द: संवैधानिक व्याख्या · सामाजिक न्याय · धार्मिक धर्मांतरण · आरक्षण नीति · अनुसूचित जातियाँ

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS2 · संविधान, संशोधन एवं मूल ढांचायह भी: GS1 · सांप्रदायिकता, क्षेत्रवाद एवं धर्मनिरपेक्षता

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।