GS2 · राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध · 7
GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)मेन्स चर्चा में क्यों: वरिष्ठ नागरिक मंचों के प्रतिनिधियों ने केरल स्टेट एल्डरली कमीशन (KSEC) के साथ बैठक की, जिसमें बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य सेवा, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में मौजूद कमियों को उजागर किया गया।
वरिष्ठ नागरिक मंचों और स्वयंसेवी संगठनों के 150 से अधिक प्रतिनिधियों ने KSEC के साथ बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य केरल में बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य सेवा, सुरक्षा और व्यक्तिगत जरूरतों से संबंधित प्राथमिकताओं की पहचान करना था।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थाकेरल स्टेट एल्डरली कमीशन (KSEC): एक राज्य-स्तरीय निकाय जिसे वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों और अधिकारों के मुद्दों को हल करने का काम सौंपा गया है।
- योजनाMEDISEP: केरल राज्य की एक हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम जो बुजुर्ग नागरिकों के लिए है।
- योजनावायोरक्ष (Vayoraksha): केरल राज्य की एक योजना जिसका उद्देश्य बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना है।
- तथ्ययह कमीशन हाई प्राइवेट इंश्योरेंस प्रीमियम (private insurance premiums) और केयर होम्स (care homes) के लिए अपर्याप्त फंडिंग के संबंध में शिकायतों को संकलित कर रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में व्यापक वृद्धजन देखभाल (geriatric care) प्रदान करने में निहित संस्थागत और वित्तीय चुनौतियों का परीक्षण कीजिए। वृद्धों के लिए समावेशी सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु राज्य-संचालित योजनाओं को किस प्रकार पुनर्गठित किया जा सकता है? विश्लेषण कीजिए।
- फंडिंग गैप: केयर होम्स के लिए अपर्याप्त सरकारी फंड बनाम संस्थागत जेरिएट्रिक केयर की बढ़ती मांग
- इंश्योरेंस बाधा: ऊंचे प्राइवेट प्रीमियम और स्कीम की कमियां कम आय वाले बुजुर्गों के लिए किफायती हेल्थकेयर तक पहुंच को सीमित कर रही हैं
- इमरजेंसी इंफ्रास्ट्रक्चर: चालू टोल-फ्री इमरजेंसी नंबरों की कमी से तुरंत सुरक्षा प्रतिक्रिया में बाधा
मुख्य शब्द: वृद्धों की देखभाल · सामाजिक सुरक्षा · संस्थागत देखभाल · स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच · कमज़ोर वर्ग
GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)मेन्स चर्चा में क्यों: कर्नाटक में दीवारु (एडिगा) जाति के परिवार, हाल ही में पारित कर्नाटक सोशल बॉयकॉट (प्रिवेंशन, प्रोहिबिशन एंड रिड्रेसल) बिल, 2025 के तहत न्याय की मांग कर रहे हैं।
कर्नाटक के सोराब तालुका में दीवरु (एडिगा) जाति के परिवारों ने अनौपचारिक ग्राम समितियों द्वारा लगाए गए बहिष्कार के कारण व्यापार, सेवाओं और शिक्षा से वंचित किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। इन शिकायतों के समाधान के लिए दिसंबर 2025 में कर्नाटक सोशल बॉयकॉट (प्रिवेंशन, प्रोहिबिशन एंड रिड्रेसल) बिल पारित किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यकर्नाटक के सोराब तालुका में दीवरु (Ediga) जाति के परिवारों ने सामाजिक बहिष्कार की रिपोर्ट दी है।
- अधिनियम / विधेयककर्नाटक सोशल बॉयकॉट (प्रिवेंशन, प्रोहिबिशन एंड रिड्रेसल) बिल दिसंबर 2025 में पास किया गया।
- पदमधु बंगारप्पा कर्नाटक में स्कूल एजुकेशन के मंत्री हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अनौपचारिक सामुदायिक निकायों द्वारा लगाए जाने वाले सामाजिक बहिष्कार किस प्रकार व्यक्तियों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने में विधायी हस्तक्षेप की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
- समानता का अधिकार: सार्वजनिक सेवाओं और शिक्षा से भेदभावपूर्ण बहिष्कार के जरिए आर्टिकल 15 और 16 का उल्लंघन
- संस्थागत अंतर: गांव समितियों के गैर-संवैधानिक कार्यों को रोकने में मौजूदा प्रशासनिक मशीनरी की अप्रभावीता
- सोशल कोहेशन: पारंपरिक सामुदायिक शासन और व्यक्तिगत संवैधानिक सुरक्षा के बीच टकराव
मुख्य शब्द: सामाजिक बहिष्कार · सामाजिक न्याय · संवैधानिक अधिकार · विधायी निवारण · सामुदायिक शासन
GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)मेन्स चर्चा में क्यों: दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी की याचिका पर पुनर्विचार करने का आदेश दिया है। इस याचिका में कर्मचारी ने अपने लिव-इन पार्टनर (live-in partner) और बच्चों को फैमिली पेंशन और स्वास्थ्य लाभों में शामिल करने की मांग की है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि याचिकाकर्ता ने अपनी सेवा के दौरान अपने लिव-इन रिलेशनशिप (live-in relationship) को छिपाया नहीं था। कोर्ट ने 'गंभीर कदाचार' (grave misconduct) के दावों को खारिज करते हुए, रोके गए पेंशन और ग्रेच्युइटी लाभों को ब्याज के साथ जारी करने का आदेश दिया।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- तथ्यपेंशन और ग्रेच्युइटी लाभ: सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों को प्रदान किए जाने वाले लाभ।
- पदसरकारी कर्मचारी: फैमिली पेंशन और हेल्थकेयर सुविधाओं से संबंधित याचिका का विषय।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में सरकारी कर्मचारी लाभ और सामाजिक सुरक्षा ढाँचों के संदर्भ में लिव-इन रिलेशनशिप (सह-जीवन) को मान्यता देने के कानूनी और सामाजिक निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- कानूनी अस्पष्टता: लिव-इन पार्टनर्स के अधिकारों और दायित्वों को परिभाषित करने वाले व्यापक विधायी ढांचे की कमी
- प्रशासनिक बाधा: मौजूदा सर्विस रूल्स के तहत पेंशन पात्रता के लिए डोमेस्टिक स्टेटस वेरिफाई करने में मुश्किल
- सामाजिक समानता: पारंपरिक पारिवारिक परिभाषाओं और बदलते आधुनिक घरेलू अरेंजमेंट्स के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: सामाजिक सुरक्षा · लिव-इन रिलेशनशिप · न्यायिक सक्रियता · पेंशन लाभ · अधिकारों की समानता
चर्चा में क्यों: मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने 1 जनवरी, 2026 से पात्र राज्य सरकार के कर्मचारियों को गारंटीकृत पेंशन प्रदान करने के लिए तमिलनाडु एश्योर्ड पेंशन स्कीम (Tamil Nadu Assured Pension Scheme - TAPS) की घोषणा की है।
TAPS योजना के तहत कर्मचारी के अंतिम वेतन (last-drawn) के आधार पर बुनियादी वेतन और महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) के बराबर 50% की सुनिश्चित पेंशन प्रदान की जाती है। इस योजना के लिए कर्मचारी को 10% का योगदान देना होता है, जबकि शेष लागत राज्य सरकार द्वारा वहन की जाती है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- योजनातमिलनाडु एश्योर्ड पेंशन स्कीम (TAPS) 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी होगी।
- तथ्यTAPS पेंशन की राशि अंतिम प्राप्त बेसिक पे (basic pay) और महंगाई भत्ता (dearness allowance) का 50% है।
- तथ्यTAPS के लिए कर्मचारी का योगदान 10% तय किया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में सुनिश्चित पेंशन योजनाओं के महत्व और राज्य के राजकोष पर इसके राजकोषीय निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
- राजकोषीय स्थिरता: राज्य के बजट की सीमाओं के साथ लंबी अवधि की पेंशन देनदारियों का संतुलन
- सोशल सिक्योरिटी: सरकारी कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट के बाद वित्तीय स्थिरता बढ़ाना
- कर्मचारी कल्याण: स्टेट वर्कफोर्स रिटेंशन पर डेफाइंड-बेनिफिट स्कीम्स का असर
मुख्य शब्द: सामाजिक सुरक्षा · राजकोषीय संघवाद · सार्वजनिक वित्त · कर्मचारी कल्याण · पेंशन सुधार
GS2शासन › पारदर्शिता, जवाबदेही एवं RTIप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार ने सूचना का अधिकार अधिनियम (Right to Information Act), 2005 के तहत अपीलों को संभालने की क्षमता बढ़ाने के लिए राज्य सूचना आयुक्तों (State Information Commissioners) की संख्या छह से बढ़ाकर आठ करने का निर्णय लिया है।
तमिलनाडु सरकार राज्य सूचना आयोग (State Information Commission) में दो और आयुक्तों को जोड़कर इसका विस्तार कर रही है। वर्तमान में, इस आयोग में एक मुख्य सूचना आयुक्त और पांच राज्य सूचना आयुक्त शामिल हैं। राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित एक समिति की सिफारिश के आधार पर इनकी नियुक्तियां करते हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- संस्थास्टेट इन्फॉर्मेशन कमीशन (State Information Commission): Right to Information Act, 2005 के तहत अपीलों को संभालने के लिए जिम्मेदार संस्था।
- पदस्टेट इन्फॉर्मेशन कमिश्नर: मुख्यमंत्री सहित एक कमेटी की सिफारिश पर राज्यपाल द्वारा नियुक्त किए जाते हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने में राज्य सूचना आयोगों को सुदृढ़ करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- संस्थागत बाधा: राज्य स्तरीय कमिशन्स में मानव संसाधनों की कमी के कारण लंबित अपीलों का समाधान
- अकाउंटेबिलिटी मैकेनिज्म: सार्वजनिक प्रशासन में पारदर्शिता की भावना बनाए रखने के लिए शिकायतों का समय पर निपटान सुनिश्चित करना
मुख्य शब्द: सूचना का अधिकार · पारदर्शिता · सार्वजनिक जवाबदेही · प्रशासनिक दक्षता · राज्य सूचना आयोग
चर्चा में क्यों: CDS जनरल अनिल चौहान ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा हाल ही में किए गए संवैधानिक संशोधन, जिनमें नेशनल स्ट्रेटेजी कमांड का गठन शामिल है, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अनुभव की गई कमियों की प्रतिक्रिया में किए गए हैं।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, जनरल अनिल चौहान ने घोषणा की कि केंद्र सरकार ने भारत के संयुक्त थिएटर कमांड (joint theatre commands) को पूरा करने की समय सीमा बढ़ाकर 30 मई, 2026 कर दी है। उन्होंने उल्लेख किया कि पाकिस्तान ने चेयरमैन, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी को समाप्त कर दिया है और सैन्य शक्ति को केंद्रित करने के लिए एक नेशनल स्ट्रैटेजी कमांड (National Strategy Command) स्थापित की है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- पदजनरल अनिल चौहान: भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS)।
- तथ्यभारत में जॉइंट थिएटर कमांड्स (Joint Theatre Commands) को पूरा करने की डेडलाइन बढ़ाकर 30 मई, 2026 कर दी गई है।
- तथ्यपाकिस्तान ने चेयरमैन, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के पद को समाप्त कर दिया है।
- तथ्यपाकिस्तान ने लैंड-सेंट्रिक (land-centric) अप्रोच का संकेत देने के लिए एक नेशनल स्ट्रेटेजी कमांड (National Strategy Command) बनाई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पाकिस्तान में सैन्य कमानों के पुनर्गठन और संवैधानिक संशोधनों का विश्लेषण कीजिए कि किस प्रकार ये क्षेत्रीय सुरक्षा गतिशीलता और भू-केंद्रित रक्षा रणनीतियों में बदलाव को दर्शाते हैं। चर्चा कीजिए।
- कमांड कंसंट्रेशन: नेशनल स्ट्रैटेजी कमांड के भीतर सैन्य अधिकार का केंद्रीकरण
- रणनीतिक बदलाव: ऑपरेशनल विफलताओं के जवाब में लैंड-सेंट्रिक डिफेंस पोस्चर की ओर बदलाव
- संस्थागत सुधार: भारत के एकीकृत रक्षा पोस्चर पर जॉइंट थिएटर कमांड्स का प्रभाव
मुख्य शब्द: जॉइंट थिएटर कमांड्स · नेशनल स्ट्रैटेजी कमांड · रक्षा सिद्धांत · ऑपरेशनल कमियां · सैन्य केंद्रीकरण
स्रोत: द हिंदू ↗+1 और खबरें इस विषय पर चर्चा में क्यों: राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने न्यायमूर्ति सौमेन सेन को केरल हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है।
न्यायमूर्ति सौमेन सेन ने 10 जनवरी, 2025 को लोक भवन में पद की शपथ ली। इससे पहले वे मेघालय हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे और उन्होंने कलकत्ता में 20 वर्षों तक वकालत की।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पदजस्टिस सौमेन सेन: जनवरी 2025 तक केरल हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस।
- स्थानलोक भवन: केरल में शपथ ग्रहण समारोह (swearing-in ceremony) का आयोजन स्थल।
- पदराजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर: शपथ ग्रहण समारोह के दौरान केरल के गवर्नर।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय संघीय संरचना में विधि के शासन को बनाए रखने और न्यायिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने में उच्च न्यायालयों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- न्यायिक स्वायत्तता: हाई कोर्ट जजों की नियुक्ति के दौरान कार्यकारी प्रभाव से स्वतंत्रता सुनिश्चित करना
- संघीय समन्वय: राज्य-विशिष्ट कानूनी विवादों और प्रशासनिक मुद्दों को सुलझाने में हाई कोर्ट की भूमिका
मुख्य शब्द: न्यायिक स्वतंत्रता · कानून का शासन · संघवाद · हाई कोर्ट का अधिकार क्षेत्र
GS3 · अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा · 6
GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoS&PI) ने 2022-23 और 2023-24 के लिए घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण (Household Consumption Expenditure Survey - HCES) के परिणाम जारी किए हैं, जिससे भारत के मासिक प्रति व्यक्ति व्यय (Monthly Per Capita Expenditure - MPCE) के आंकड़ों को अपडेट किया गया है।
HCES के परिणाम दर्शाते हैं कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में खाद्य व्यय में कमी आई है, जबकि फलों, अंडों, मछली और प्रोसेस्ड फूड (processed foods) पर होने वाले खर्च में वृद्धि हुई है। यह डेटा शहरी आवास के किराए के हिस्से में महत्वपूर्ण वृद्धि को भी रेखांकित करता है, जो बदलते उपभोग पैटर्न (consumption patterns) को दर्शाता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाMoS&PI: Ministry of Statistics and Programme Implementation वह संस्था है जो HCES के लिए जिम्मेदार है।
- तथ्यHCES 2022-23 और 2023-24 का डेटा बुनियादी खाद्य जरूरतों से हटकर आकांक्षात्मक (aspirational) और सेवा-उन्मुख खर्च की ओर बदलाव दर्शाता है।
- तथ्यनवीनतम सर्वे के परिणामों में अर्बन हाउसिंग रेंट शेयर (Urban housing rent share) में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: घरेलू उपभोग के प्रतिमानों में बुनियादी आवश्यकताओं से महत्वाकांक्षी व्यय की ओर होने वाला बदलाव भारत के विकसित होते आर्थिक संक्रमण और शहरीकरण को किस प्रकार प्रतिबिंबित करता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
- उपभोग में बदलाव: बुनियादी भोजन से हटकर हाई-वैल्यू प्रोसेस्ड फूड और सर्विसेज की ओर बदलाव
- शहरीकरण का प्रभाव: बढ़ते हाउसिंग रेंट शेयर शहरी केंद्रों की माइग्रेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर डिमांड को दर्शाते हैं
- एंगेल का नियम: बढ़ती प्रति व्यक्ति आय और घटते खाद्य व्यय के अनुपात के बीच संबंध
मुख्य शब्द: हाउसहोल्ड कंजम्पशन एक्सपेंडिचर सर्वे · मासिक प्रति व्यक्ति खर्च · एंगेल का नियम · आकांक्षी खर्च · आर्थिक बदलाव · शहरीकरण के रुझान
GS3आंतरिक सुरक्षा › सुरक्षा बल एवं एजेंसियांमेन्स चर्चा में क्यों: रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता भारत की दीर्घकालिक रणनीतिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) हासिल करने के लिए एक राष्ट्रीय अनिवार्यता है।
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने भारत के बढ़ते रक्षा औद्योगिक इकोसिस्टम (Defence Industrial Ecosystem) के प्रमाण के रूप में लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट 'तेजस' और 'अस्त्र' मिसाइल का उदाहरण दिया। राज्य मंत्री अमन अरोड़ा ने पंजाब के बुनियादी ढांचे और व्यापार-अनुकूल वातावरण के कारण रक्षा उद्योग निवेश के लिए एक केंद्र के रूप में इसकी क्षमता पर प्रकाश डाला।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- विज्ञान-तकनीकतेजस: भारत के स्वदेशी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के हिस्से के रूप में विकसित एक लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (Light Combat Aircraft)।
- विज्ञान-तकनीकAstra: एक स्वदेशी मिसाइल सिस्टम जिसे भारत के बढ़ते डिफेंस इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम (defence industrial ecosystem) के प्रमाण के रूप में उद्धृत किया गया है।
- तथ्यपंजाब की जनसंख्या का हिस्सा छोटा होने के बावजूद, यह भारत के सशस्त्र बलों (Armed Forces) में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बहुध्रुवीय विश्व में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता सुनिश्चित करने के लिए रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना किस प्रकार आवश्यक है, इसका विश्लेषण कीजिए।
- स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स और स्पेयर पार्ट्स के लिए विदेशी OEMs पर निर्भरता कम करना
- इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम: प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को आकर्षित करने के लिए स्टेट-लेवल इंफ्रास्ट्रक्चर और बिजनेस-फ्रेंडली माहौल का इस्तेमाल
- तकनीकी संप्रभुता: ऑपरेशनल निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए तेजस और अस्त्र जैसे प्लेटफॉर्म्स का स्वदेशी विकास
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · आत्मनिर्भर भारत · डिफेंस इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम · स्वदेशीकरण · सुरक्षा ढांचा
GS3अर्थव्यवस्था › रोज़गार एवं समावेशी विकासमेन्स चर्चा में क्यों: कर्नाटक में ट्रेड यूनियन राज्य सरकार द्वारा संशोधित न्यूनतम मजदूरी लागू करने में हो रही देरी को चुनौती दे रहे हैं। उनका तर्क है कि नए लेबर कोड्स (Labour Codes) कानूनी रूप से ऐसे संशोधनों पर रोक नहीं लगाते हैं।
कर्नाटक श्रम विभाग ने ₹19,000 से ₹31,000 प्रति माह तक के न्यूनतम वेतन संशोधन का मसौदा अधिसूचित किया है। 11 यूनियनों का प्रतिनिधित्व करने वाली ट्रेड यूनियनों की संयुक्त समिति, संशोधन प्रक्रिया में नौ साल की देरी के बावजूद, इसे लागू करने की वकालत कर रही है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यकर्नाटक में न्यूनतम वेतन (minimum wage) के प्रस्तावित संशोधनों की रेंज ₹19,000 से ₹31,000 प्रति माह के बीच है।
- संस्थाट्रेड यूनियंस की जॉइंट कमेटी (Joint Committee of Trade Unions): कर्नाटक में 11 ट्रेड यूनियंस का प्रतिनिधित्व करने वाला एक अंब्रेला ऑर्गनाइजेशन (umbrella organization)।
- पदकर्नाटक में संशोधित वेतन लागू करने पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पास है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: श्रमिकों के अधिकारों को सुनिश्चित करने में न्यूनतम मजदूरी संशोधनों के महत्व और श्रम एवं पूंजी के मध्य मध्यस्थता करने में ट्रेड यूनियनों की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
- रेगुलेटरी फ्रिक्शन: नियोक्ता की कानूनी चुनौतियों और वैधानिक वेतन संशोधन आदेशों के बीच टकराव
- लेबर प्रोटेक्शन: औद्योगिक प्रतिस्पर्धा और श्रमिकों के लिए उचित वेतन की ज़रूरत के बीच संतुलन
- संस्थागत देरी: अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर के सामाजिक-आर्थिक कल्याण पर प्रशासनिक सुस्ती का असर
मुख्य शब्द: न्यूनतम वेतन · लेबर कोड · ट्रेड यूनियन · औद्योगिक संबंध · निर्वाह मजदूरी · सामाजिक-आर्थिक कल्याण
GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, स्थानीय प्रतिभाओं को वैश्विक कार्यक्षेत्र (Global Workspace) प्रदान करने के लिए कोट्टारक्कारा में केरल की पहली वर्क नियर होम (Work Near Home - WNH) सुविधा का उद्घाटन करने वाले हैं।
कोट्टारक्कारा में इस सुविधा को 6 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ विकसित किया गया है। इसका लक्ष्य कम से कम 5,000 रोजगार के अवसर पैदा करना है और इसके शुरू होने से पहले ही इसे 60 आरक्षण प्राप्त हो चुके हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यकेरल की पहली Work Near Home सुविधा में ₹6 करोड़ से अधिक का निवेश।
- तथ्यWNH फैसिलिटी द्वारा सृजित किए जाने वाले टारगेट जॉब ऑपरच्युनिटीज: कम से कम 5,000।
- स्थानपहले Work Near Home फैसिलिटी की लोकेशन: कोट्टारक्करा, केरल।
मेन्स के लिए
प्रश्न: केरल में बुनियादी ढांचे और डिजिटल कनेक्टिविटी की चुनौतियों का समाधान करते हुए, 'वर्क नियर होम' (Work Near Home) मॉडल किस प्रकार ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रोजगार को सुगम बना सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
- इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: ग्रामीण हब्स में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड और भरोसेमंद बिजली की ज़रूरत
- आर्थिक विकेंद्रीकरण: लोकल लेवल पर ग्लोबल-स्टैंडर्ड वर्कस्पेस बनाकर शहरी पलायन को कम करना
- स्किल-मैचिंग: राज्य-स्तरीय पहलों के जरिए स्थानीय टैलेंट को ग्लोबल रिमोट-वर्क डिमांड से जोड़ना
मुख्य शब्द: आर्थिक विकेंद्रीकरण · रिमोट वर्क इंफ्रास्ट्रक्चर · रोज़गार सृजन · डिजिटल कनेक्टिविटी · वर्क-फ्रॉम-होम मॉडल
GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार ने iTNT हब (iTNT Hub) के माध्यम से जर्मनी स्थित XeedQ GmbH (जीएमबीएच) के साथ एक लेटर ऑफ इंटेंट (Letter of Intent) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य छात्रों और स्टार्टअप्स के लिए क्वांटम कंप्यूटिंग प्रोग्राम शुरू करना है।
iTNT हब (Hub) तमिलनाडु सरकार द्वारा समर्थित एक सार्वजनिक-निजी पहल है। XeedQ GmbH के साथ यह साझेदारी राज्य के इनोवेशन इकोसिस्टम (innovation ecosystem) में भौतिक तैनाती की योजनाओं के साथ एक 4-क्विबिट क्वांटम कंप्यूटर तक रिमोट एक्सेस प्रदान करती है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- विज्ञान-तकनीकiTNT हब: तमिलनाडु सरकार द्वारा समर्थित एक सार्वजनिक-निजी पहल।
- तथ्ययह पार्टनरशिप 4-qubit क्वांटम कंप्यूटर (quantum computer) तक रिमोट एक्सेस प्रदान करती है।
- पदXeedQ GmbH: क्वांटम कंप्यूटिंग प्रोग्राम्स के लिए पार्टनरशिप करने वाली जर्मनी स्थित कंपनी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की तकनीकी प्रगति में क्वांटम कंप्यूटिंग के महत्व और उच्च-तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: क्वांटम हार्डवेयर की भारी लागत के कारण पब्लिक-प्राइवेट इन्वेस्टमेंट मॉडल की ज़रूरत
- स्किल डेवलपमेंट: एकेडमिक करिकुलम और उभरती क्वांटम कंप्यूटिंग जरूरतों के बीच की दूरी को कम करना
मुख्य शब्द: क्वांटम कंप्यूटिंग · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · इनोवेशन इकोसिस्टम · क्षमता निर्माण · तकनीकी संप्रभुता
चर्चा में क्यों: IIT-Madras के शोधकर्ताओं ने पाया है कि भारत-गंगा के मैदान (Indo-Gangetic Plain) में कोहरे के ऊपर एरोसोल लोडिंग (aerosol loading) कोहरे की परतों को गाढ़ा कर देती है और उनके बने रहने की अवधि को बढ़ा देती है, जिससे प्रदूषण का एक ऐसा चक्र बनता है जो खुद को और अधिक मजबूत करता है।
इस अध्ययन में 15 वर्षों के सैटेलाइट डेटा का विश्लेषण किया गया और एक बड़े कोहरे की घटना का अनुकरण (Simulate) करने के लिए एक वेदर मॉडल का उपयोग किया गया। इसने एक ऐसे चक्र की पहचान की जहाँ बढ़ता प्रदूषण कोहरे के निर्माण को बढ़ावा देता है, और बदले में कोहरा प्रदूषकों को अपने भीतर कैद कर लेता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यIIT-Madras के शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन के लिए 15 साल के सैटेलाइट डेटा का विश्लेषण किया।
- स्थानयह अध्ययन इंडो-गैंगेटिक प्लेन (Indo-Gangetic Plain) क्षेत्र पर केंद्रित था।
- विज्ञान-तकनीकAerosol loading को कोहरे की परतों को मोटा करने वाले प्राथमिक कारक के रूप में पहचाना गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वायुमंडलीय एरोसोल और कोहरे जैसी मौसम संबंधी घटनाओं के बीच की अंतःक्रिया किस प्रकार भारत-गंगा के मैदान में वायु गुणवत्ता के क्षरण में योगदान देती है, इसका विश्लेषण कीजिए।
- फीडबैक लूप: एरोसोल-कोहरा इंटरैक्शन से प्रदूषकों के फंसने के चक्र खुद को और मजबूत कर रहे हैं
- क्षेत्रीय असमानता: इंडो-गैंगेटिक प्लेन में औद्योगिक और कृषि उत्सर्जन का संकेंद्रण
- मौसम पर प्रभाव: भारी पार्टिकुलेट मैटर लोड होने से स्थानीय मौसम के पैटर्न में बदलाव
मुख्य शब्द: एरोसोल लोडिंग · भारत-गंगा का मैदान · वायु प्रदूषण · आत्म-मजबूत करने वाला चक्र · सैटेलाइट डेटा विश्लेषण
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