कर्नाटक सरकार ने अनुसूचित जातियों और जनजातियों के छात्रों
चर्चा में क्यों: कर्नाटक सरकार ने अनुसूचित जातियों और जनजातियों के छात्रों, फैकल्टी और कर्मचारियों को भेदभाव से बचाने और उच्च शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए संशोधित रोहित वेमुला बिल, 2026 को मंजूरी दी है।
इस विधेयक का शीर्षक 'कर्नाटक रोहित वेमुला (भेदभाव, बहिष्कार या अन्याय की रोकथाम) (शिक्षा और गरिमा का अधिकार) विधेयक, 2026' है। इसका उद्देश्य कर्नाटक राज्य के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में होने वाले भेदभाव और बहिष्कार को लक्षित करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- अधिनियम / विधेयकरोहित वेमुला बिल, 2026: इसका उद्देश्य कर्नाटक में उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव और बहिष्कार को रोकना है।
- तथ्ययह बिल अनुसूचित जातियों और जनजातियों से संबंधित छात्रों, फैकल्टी और स्टाफ के लिए सुरक्षा प्रदान करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में हाशिए पर रहने वाले समुदायों के लिए सामाजिक न्याय और उच्च शिक्षा तक समान पहुँच सुनिश्चित करने में विधायी उपायों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- संस्थागत सुरक्षा: शैक्षणिक वातावरण में व्यवस्थित बहिष्कार के खिलाफ मजबूत शिकायत निवारण तंत्र की ज़रूरत
- संवैधानिक तालमेल: समानता के अधिकार और समावेशी शैक्षिक इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यावहारिक चुनौतियों के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: सामाजिक न्याय · समावेशी शिक्षा · प्रणालीगत भेदभाव · विधायी ढांचा · पिछड़ा वर्ग