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भाग I · स्था. 11.2025 
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अंतर्राष्ट्रीय संबंध करेंट अफेयर्स — यूपीएससी

यूपीएससी सिविल सेवा GS2 (राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध) के अंतर्राष्ट्रीय संबंध भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 3,353 नोट्स, रोज़ अपडेट।

पाठ्यक्रम के विषय: भारत के द्विपक्षीय संबंध (2765) · दूसरे देशों की नीतियों का भारत पर असर (208) · भारत एवं पड़ोसी देश (174) · क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह (QUAD, BRICS, SCO, G20...) (112) · अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं एवं एजेंसियां (UN, WTO, IMF...) (88) · प्रवासी भारतीय (6)

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पश्चिम एशिया में रहने वाले केरल के प्रवासियों ने ईरान द्वारा पास के एक यू.एस

चर्चा में क्यों: पश्चिम एशिया में रहने वाले केरल के प्रवासियों ने ईरान द्वारा पास के एक यू.एस. बेस पर हमले के कारण डर और सुरक्षा संबंधी चिंताएं व्यक्त की हैं। इस हमले के कारण हवाई मार्ग बंद कर दिए गए हैं और निकासी (evacuation) के आदेश जारी किए गए हैं।

ईरान ने पश्चिम एशिया में एक अमेरिकी बेस पर हमले किए, जिससे वहां विस्फोट और धुआं देखा गया। भारतीय दूतावास ने ओमान में रहने वाले भारतीयों के लिए सुरक्षा संबंधी सलाह जारी की। वहीं, हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण कुवैत एयरवेज (Kuwait Airways) के चालक दल JFK एयरपोर्ट पर फंस गए।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यएयरस्पेस बंद होने के कारण Kuwait Airways के क्रूJFK एयरपोर्ट पर फंसे रहे।
  • स्थानओमान: भारतीय दूतावास ने देश में रहने वाले भारतीयों के लिए एक सावधानी संबंधी एडवाइजरी (caution advisory) जारी की है।
  • स्थानबहरीन: स्ट्राइक के दौरान डर की रिपोर्ट करने वाले मलयाली प्रवासियों (Malayali expatriates) का स्थान।
मेन्स के लिए

प्रश्न: अस्थिर भू-राजनीतिक क्षेत्रों में कार्यरत विशाल प्रवासी कार्यबल की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने में भारत सरकार के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • डिप्लोमैटिक फ्रिक्शन: क्षेत्रीय तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के साथ द्विपक्षीय संबंधों में संतुलन
  • कौंसुलर लॉजिस्टिक्स: अचानक एयरस्पेस बंद होने के दौरान रियल-टाइम इवैक्युएशन और कम्युनिकेशन की बाधाएं
  • आर्थिक भेद्यता: क्षेत्रीय अस्थिरता का केरल की रेमिटेंस-आधारित अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक अस्थिरता · कन्सुलर प्रोटेक्शन · प्रवासी कल्याण · रेमिटेंस इकोनॉमी · क्षेत्रीय सुरक्षा

स्रोत: द हिंदू ↗+4 और खबरें इस विषय पर
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ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान द्वारा किए जाने वाले जवाबी हमलों से ओमान को बचा लिया गया

चर्चा में क्यों: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान द्वारा किए जाने वाले जवाबी हमलों से ओमान को बचा लिया गया, क्योंकि यह ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका (United States) के बीच एक राजनयिक सेतु और मध्यस्थ के रूप में कार्य करता है।

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने तेहरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद बहरीन, कुवैत, कतर और UAE में अमेरिका से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया। ओमान को बातचीत में मध्यस्थता की भूमिका के कारण निशाना नहीं बनाया गया, जिसका प्रमाण ओमान के विदेश मंत्री बदर बिन हमद अल बुसैदी और अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD वेंस के बीच हुई बैठक से मिलता है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • पदबद्र बिन हमद अल बुसैदी: ओमान के विदेश मंत्री।
  • तथ्यओमान ने ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका (United States) के बीच एक राजनयिक सेतु और मध्यस्थ (mediator) के रूप में कार्य किया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य पूर्व में क्षेत्रीय संघर्षों को कम करने में तटस्थ मध्यस्थों की भूमिका और वैश्विक समुद्री सुरक्षा के लिए उनके महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • डिप्लोमैटिक लेवरेज: मध्यस्थ के रूप में ओमान का तटस्थ स्टेटस सीधे सैन्य टकराव के खिलाफ एक बफर प्रदान करता है
  • क्षेत्रीय स्थिरता: गल्फ एयरस्पेस और समुद्री व्यापार मार्गों पर IRGC के जवाबी हमलों का असर

मुख्य शब्द: डिप्लोमैटिक मध्यस्थता · क्षेत्रीय तनाव में बढ़ोतरी · रणनीतिक तटस्थता · भू-राजनीतिक बफर · समुद्री सुरक्षा

स्रोत: टाइम्स ऑफ इंडिया ↗+14 और खबरें इस विषय पर
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ईरान के भीतर अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों को एक संरचनात्मक वृद्धि (structural escalation) के रूप में देखा जा रहा है

चर्चा में क्यों: ईरान के भीतर अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों को एक संरचनात्मक वृद्धि (structural escalation) के रूप में देखा जा रहा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा प्रवाह और समुद्री व्यापार की स्थिरता पर व्यापक असर पड़ सकता है।

ये हड़तालें मध्य पूर्व में 'डिटरेंस फटीग' (deterrence fatigue) के व्यापक रुझान के संदर्भ में हुई हैं। यह टकराव ऊर्जा बाजार में व्यवधान और शिपिंग बीमा दरों में वृद्धि के संबंध में एशिया के लिए विशिष्ट जोखिम पैदा करता है।

प्रीलिम्स बिंदु (1)
  • तथ्यमिडल ईस्ट को वैश्विक ऊर्जा प्रवाह और समुद्री ट्रांजिट रूट्स (maritime transit routes) के लिए एक केंद्रीय हब के रूप में पहचाना जाता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता और भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए ऊर्जा सुरक्षा को किस प्रकार प्रभावित करते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • एनर्जी प्राइस में उतार-चढ़ाव: समुद्री पारगमन जोखिम के कारण कच्चे तेल की कीमतों में अचानक उछाल
  • ट्रेड रूट असुरक्षा: रेड सी/पर्शियन गल्फ में शिपिंग इंश्योरेंस प्रीमियम में बढ़ोतरी और लॉजिस्टिकल देरी
  • भू-राजनीतिक तनाव: पारंपरिक निवारण तंत्र का कमजोर होना जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है

मुख्य शब्द: डिटरेंस फटीग · सप्लाई चेन स्थिरता · समुद्री पारगमन · ऊर्जा सुरक्षा · सिस्टमेटिक स्ट्रेन

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अमेरिका और इजराइल ने ईरान में लक्ष्यों पर हमले किए, जिसके जवाब में ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने जवाबी कार्रवाई की

चर्चा में क्यों: अमेरिका और इजराइल ने ईरान में लक्ष्यों पर हमले किए, जिसके जवाब में ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने जवाबी कार्रवाई की।

अमेरिका और इजरायल ने तेहरान में हमले किए, जिन्हें डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू ने एक 'अस्तित्वगत खतरे' (existential threat) को खत्म करने के प्रयासों के रूप में वर्णित किया। इसके जवाब में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यइस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ईरानी शासन की सैन्य शाखा है।
  • पदडोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू उन प्रमुख राजनीतिक हस्तियों में शामिल थे जिनका जिक्र इन हमलों के संदर्भ में किया गया था।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य हमलों के क्षेत्रीय स्थिरता और भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • भू-राजनीतिक तनाव: ईरान और इज़राइल के बीच सीधे हमलों में बढ़ोतरी से स्थापित नॉन-प्रोलिफरेशन मानदंडों को चुनौती
  • क्षेत्रीय अस्थिरता: मध्य पूर्व में समुद्री व्यापार मार्गों और एनर्जी सप्लाई चेन पर असर की संभावना

मुख्य शब्द: संप्रभुता · प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक · क्षेत्रीय तनाव में बढ़ोतरी · भू-राजनीतिक स्थिरता · गैर-प्रसार

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इजरायल ने ईरान में दो स्कूलों पर हवाई हमले किए, जिसमें कम से कम 51 नागरिकों की मौत हो गई

चर्चा में क्यों: इजरायल ने ईरान में दो स्कूलों पर हवाई हमले किए, जिसमें कम से कम 51 नागरिकों की मौत हो गई। इस घटना के कारण अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन के आरोप लगे हैं।

इन हमलों ने मिनाब (होरमोजगन प्रांत) में एक प्राथमिक बालिका विद्यालय और तेहरान के पूर्व में स्थित एक स्कूल को निशाना बनाया। ईरान की मेहर न्यूज़ एजेंसी और अल जज़ीरा ने हताहतों की संख्या की जानकारी दी। वहीं, ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने जून 2025 में हुए पिछले 12 दिनों के युद्ध के दौरान हजारों नागरिकों की मौत दर्ज की।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यमिनाब में लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले में कम से कम 51 लोग मारे गए।
  • स्थानमिनाब ईरान के दक्षिणी होर्मोजगन (Hormozgan) प्रांत में स्थित एक शहर है।
  • तथ्यजून 2025 में US, इज़राइल और ईरान के बीच 12 दिनों तक युद्ध हुआ।
मेन्स के लिए

प्रश्न: आधुनिक युद्धों में नागरिक हताहतों के अंतर्राष्ट्रीय कानून की वैधता और मध्य पूर्व में क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ने वाले निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • कानूनी जवाबदेही: गैर-राज्य अभिनेता संघर्षों में कोलैटरल डैमेज के लिए ज़िम्मेदारी तय करने में कठिनाई
  • मानवीय प्रभाव: गैर-सैन्य लक्ष्यों के रूप में सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और शैक्षिक सुविधाओं का विनाश
  • डिप्लोमैटिक एस्केलेशन: क्षेत्रीय प्रॉक्सी संघर्षों के लिए नागरिक हताहतों का उत्प्रेरक के रूप में इस्तेमाल

मुख्य शब्द: अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून · कोलेटरल डैमेज · असिमेट्रिक वॉरफेयर · क्षेत्रीय स्थिरता · नागरिक सुरक्षा

स्रोत: अल जज़ीरा ↗+1 और खबरें इस विषय पर
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यूरोपीय आयोग, स्पेन, मलेशिया और अन्य देशों ने ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए समन्वित हमलों पर प्रतिक्रिया दी है

चर्चा में क्यों: यूरोपीय आयोग, स्पेन, मलेशिया और अन्य देशों ने ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए समन्वित हमलों पर प्रतिक्रिया दी है। इन देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून और परमाणु प्रसार (Nuclear Proliferation) से जुड़ी वैश्विक चिंताओं पर जोर दिया है।

यूरोपीय आयोग और यूरोपीय काउंसिल ने ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद संयम बरतने और अंतर्राष्ट्रीय कानून के सम्मान की अपील की है। मलेशिया के प्रधानमंत्री ने इन हमलों की निंदा की, जबकि ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने ईरान को परमाणु हथियार प्राप्त करने से रोकने के लिए अमेरिका के प्रयासों का समर्थन किया।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • पदउर्सुला वॉन डेर लेयेन: यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट।
  • पदएंटोनियो कोस्टा: यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट।
  • पदअनवर इब्राहिम: मलेशिया के प्रधानमंत्री।
  • पदएंथनी अल्बनिज़े: ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री।
  • तथ्यकतर के विदेश मंत्रालय ने अपने क्षेत्र पर ईरान के मिसाइल हमले की निंदा की।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य पूर्व में एकपक्षीय सैन्य कार्रवाइयों के अंतर्राष्ट्रीय कानून की प्रभावकारिता और वैश्विक परमाणु अप्रसार व्यवस्था पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • कानूनी टकराव: अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत संप्रभुता के सिद्धांत और एकपक्षीय सैन्य हमलों के बीच विवाद
  • परमाणु सुरक्षा: परमाणु प्रसार को रोकने और क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के जोखिम के बीच संतुलन
  • डिप्लोमैटिक फ्रैगमेंटेशन: मध्य पूर्वी संघर्षों में बहुपक्षीय सहमति के कमजोर होने को दर्शाते अलग-अलग वैश्विक प्रतिक्रियाएं

मुख्य शब्द: अंतरराष्ट्रीय कानून · परमाणु अप्रसार · तनाव कम करना · बहुपक्षवाद · क्षेत्रीय स्थिरता

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संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ एक समन्वित सैन्य अभियान शुरू किया है

चर्चा में क्यों: संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ एक समन्वित सैन्य अभियान शुरू किया है, जिसके कारण क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है और डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चेतावनी दी है।

संयुक्त अमेरिका-इजरायल सैन्य अभियान के परिणामस्वरूप ईरान में कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बलों को चेतावनी दी कि यदि वे आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो उन्हें 'निश्चित मृत्यु' का सामना करना पड़ेगा। वहीं, बेंजामिन नेतन्याहू ने इस हमले को एक 'अस्तित्वगत खतरे' (existential threat) के खिलाफ एक कदम के रूप में पेश किया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यईरान के खिलाफ US-इजराइल के समन्वित सैन्य ऑपरेशन में कम से कम 40 लोग मारे गए।
  • पदअयतुल्लाह अली खामेनेई ईरान के सुप्रीम लीडर (Supreme Leader) हैं।
  • पदमोहम्मद बिन सलमान सऊदी अरब के डी फैक्टो (de facto) शासक हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: ईरान के विरुद्ध अमेरिका-इजरायल की सैन्य कार्राइयों के क्षेत्रीय स्थिरता और मध्य पूर्व में तनाव कम होने की संभावनाओं पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।

  • परमाणु प्रसार: ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं और क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं के बीच संतुलन
  • क्षेत्रीय पावर डायनेमिक्स: बदलते गठबंधन और अस्थिरता के बीच सऊदी अरब का सतर्क रुख
  • सिक्योरिटी डिलेमा: जवाबी हमलों का चक्र और 'अस्तित्व के खतरे' वाली बयानबाजी

मुख्य शब्द: क्षेत्रीय अस्थिरता · परमाणु अप्रसार · सुरक्षा दुविधा · भू-राजनीतिक पुनर्गठन · रणनीतिक प्रतिरोध

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इजरायल, ईरान और US के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और मिसाइल हमलों के बीच

चर्चा में क्यों: इजरायल, ईरान और US के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और मिसाइल हमलों के बीच, तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए एक सुरक्षा एडवाइजरी (Safety Advisory) जारी की है।

बहरीन में अमेरिकी नौसेना मुख्यालय पर मिसाइलें दागी गईं, जबकि अबू धाबी और दोहा में विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं। अमेरिकी सेना ईरान को लंबी दूरी की मिसाइलें विकसित करने से रोकने के लिए अभियान चला रही है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानबहरीन: मिसाइलों द्वारा US नेवी हेडक्वार्टर (Navy headquarters) के स्थान को निशाना बनाया गया।
  • स्थानअबू धाबी और दोहा: वे स्थान जहाँ संघर्ष के दौरान विस्फोटों की खबरें मिलीं।
  • तथ्यUS राष्ट्रपति ने ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम का विरोध करते हुए मानवीय सहायता (humanitarian aid) देने का वादा किया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के भारत की ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार मार्गों पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • ऊर्जा सुरक्षा: पर्शियन गल्फ से तेल सप्लाई चेन में संभावित रुकावट
  • समुद्री सुरक्षा: होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल शिपिंग लेन के लिए जोखिम
  • डिप्लोमैटिक बैलेंसिंग: ईरान और इजरायल दोनों के साथ रिश्ते बनाए रखने में भारत की चुनौती

मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक अस्थिरता · ऊर्जा सुरक्षा · समुद्री व्यापार · रणनीतिक स्वायत्तता · परमाणु अप्रसार

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डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के मिसाइल उद्योग और नौसेना को नष्ट करने के लिए अमेरिका द्वारा 'प्रमुख युद्ध अभियानों' (major combat operations) की शुरुआत की पुष्टि की

चर्चा में क्यों: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के मिसाइल उद्योग और नौसेना को नष्ट करने के लिए अमेरिका द्वारा 'प्रमुख युद्ध अभियानों' (major combat operations) की शुरुआत की पुष्टि की, साथ ही उन्होंने ईरानी लोगों से अपनी सरकार पर नियंत्रण लेने का आह्वान किया।

अमेरिका और इजरायल ने ईरान के मिसाइल उद्योग और नौसेना को निशाना बनाते हुए संयुक्त हमले शुरू किए हैं। डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू दोनों ने कहा कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य ईरानी लोगों को अपने भाग्य पर नियंत्रण पाने के लिए सशक्त बनाना है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यUS और Israel ईरान के मिसाइल इंडस्ट्री और नेवी के खिलाफ संयुक्त कॉम्बैट ऑपरेशंस (combat operations) चला रहे हैं।
  • पदडोनाल्ड ट्रंप: US President (फरवरी 2026 तक)।
  • पदबेंजामिन नेतन्याहू: इजरायली प्राइम मिनिस्टर।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक शक्तियों द्वारा प्रत्यक्ष सैन्य हस्तक्षेप के ईरान जैसे क्षेत्रीय अभिकर्ताओं के आंतरिक शासन और भू-राजनीतिक स्थिरता पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • भू-राजनीतिक बदलाव: अमेरिका-इजरायल के सीधे सैन्य हस्तक्षेप से क्षेत्रीय प्रतिरोध में कमी
  • आंतरिक शासन: लक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर हमलों के बाद नागरिक अशांति और शासन की अस्थिरता की संभावना
  • सिक्योरिटी डिलेमा: मिसाइल क्षमताओं के विनाश के बाद मिडिल ईस्ट में हथियारों की होड़ में बढ़ोतरी

मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक स्थिरता · सैन्य हस्तक्षेप · क्षेत्रीय वर्चस्व · रणनीतिक प्रतिरोध · सत्ता परिवर्तन

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इजरायल और यू.एस

चर्चा में क्यों: इजरायल और यू.एस. द्वारा ईरान के खिलाफ किए गए संयुक्त सैन्य हमले के बाद, भारत ने इजरायल में रहने वाले अपने नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह देते हुए एक एडवाइजरी जारी की है।

इजरायल में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के कारण भारत के दूतावास ने एक एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में सतर्क रहने, सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने और इजरायल के भीतर अनावश्यक यात्रा से बचने के निर्देश शामिल हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानइजरायल: वह देश जहाँ भारतीय एडवाइजरी (Advisory) जारी की गई थी।
  • तथ्यइजरायल और यू.एस. द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमले के बाद भारत ने एडवाइजरी जारी की।
  • पदभारतीय दूतावास (Embassy of India): स्थिति की निगरानी करने और अपडेट प्रदान करने के लिए जिम्मेदार निकाय।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के संदर्भ में मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्षों के भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और उसकी 'पड़ोस प्रथम' नीति पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • रणनीतिक दुविधा: ईरान के साथ स्थिर संबंध बनाए रखने के मुकाबले इज़राइल और अमेरिका के साथ संबंधों को संतुलित करना
  • ऊर्जा सुरक्षा: फार्स की खाड़ी में तेल सप्लाई चेन और समुद्री व्यापार मार्गों में संभावित रुकावट

मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · भू-राजनीतिक जोखिम · ऊर्जा सुरक्षा · डिप्लोमैटिक एडवाइजरी · मिडल ईस्ट संघर्ष

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जापान के विदेश मंत्री इवाओ होरी ने नीतिगत समर्थन, कनेक्टिविटी और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम (Semiconductor Ecosystem) बनाने पर चर्चा करने के लिए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात की

चर्चा में क्यों: जापान के विदेश मंत्री इवाओ होरी ने नीतिगत समर्थन, कनेक्टिविटी और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम (Semiconductor Ecosystem) बनाने पर चर्चा करने के लिए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात की।

जापान के विदेश मंत्री इवाओ होरी ने टाटा की सुविधा के आसपास एक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम (Semiconductor Ecosystem) पर चर्चा करने के लिए असम का दौरा किया। इस चर्चा में उभरती प्रौद्योगिकियों और जापानी भाषा में दक्षता के साथ असम के युवाओं को कौशल प्रदान करने (Skilling) पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पदइवाओ होरी: जापान के विदेश मंत्री।
  • स्थानअसम: उत्तर-पूर्वी भारत का वह राज्य जहाँ सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम (semiconductor ecosystem) पर चर्चा आयोजित की जा रही है।
  • तथ्यबैठक का मुख्य केंद्र टाटा की फैसिलिटी के आसपास एक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम (Semiconductor ecosystem) विकसित करना था।
मेन्स के लिए

प्रश्न: जापान के साथ द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग और तकनीकी एकीकरण को बढ़ावा देने में भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • सप्लाई चेन रेजिलिएंस: जापानी निवेश के जरिए सिंगल-सोर्स सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पर निर्भरता कम करना
  • ह्यूमन कैपिटल डेवलपमेंट: जापानी भाषा और तकनीकी दक्षता के जरिए उभरती टेक्नोलॉजी में स्किल गैप को कम करना

मुख्य शब्द: एक्ट ईस्ट पॉलिसी · सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम · द्विपक्षीय सहयोग · कौशल विकास · तकनीकी एकीकरण

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भारत और यूरोपीय संघ (European Union) ने निर्यात शुल्क (export tariffs) को कम करने के लिए एक नए व्यापार समझौते के हिस्से के रूप में एक-दूसरे को पांच साल के लिए मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा देने पर सहमति व्यक्त की है

चर्चा में क्यों: भारत और यूरोपीय संघ (European Union) ने निर्यात शुल्क (export tariffs) को कम करने के लिए एक नए व्यापार समझौते के हिस्से के रूप में एक-दूसरे को पांच साल के लिए मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा देने पर सहमति व्यक्त की है।

यह समझौता भारत को होने वाले यूरोपीय संघ (EU) के निर्यात के 96.6% हिस्से और यूरोपीय संघ को होने वाले भारत के निर्यात के 99.5% हिस्से पर लगने वाले टैरिफ (Tariffs) को समाप्त या कम करता है। यह समझौता वर्षों की बातचीत के बाद अंतिम रूप दिया गया था और इसे एक रणनीतिक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्ययह ट्रेड डील वैल्यू के आधार पर भारत को होने वाले EU के 96.6% एक्सपोर्ट्स पर टैरिफ को कम करती है।
  • तथ्ययह ट्रेड डील व्यापार मूल्य (trade value) के आधार पर EU को होने वाले भारत के 99.5% निर्यात पर टैरिफ को कम करती है।
  • तथ्यभारत और EU द्वारा दिया गया Most Favoured Nation (MFN) स्टेटस पांच साल की अवधि के लिए है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौता और मोज्त माले फेशियट (MFN) स्थिति भारत की वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (Global Value Chains) में स्थिति और उसकी रणनीतिक स्वायत्तता को किस प्रकार प्रभावित कर सकते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • ट्रेड डाइवर्सिफिकेशन: EU मार्केट एक्सेस बढ़ाकर सिंगल-मार्केट एक्सपोर्ट पर निर्भरता कम करना
  • टैरिफ लिबरलाइजेशन: घरेलू उद्योगों की सुरक्षा और प्रतिस्पर्धी एक्सपोर्ट ग्रोथ के बीच संतुलन
  • भू-राजनीतिक तालमेल: बदलते वैश्विक व्यापार समीकरणों के बीच भारत-EU संबंधों को मज़बूत करना

मुख्य शब्द: मोस्ट फेवर्ड नेशन · टैरिफ लिबरलाइजेशन · ट्रेड डिप्लोमेसी · रणनीतिक स्वायत्तता · ग्लोबल वैल्यू चेन

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बैंक ऑफ कनाडा के गवर्नर मार्क कार्नी ने भारत का दौरा किया

चर्चा में क्यों: बैंक ऑफ कनाडा के गवर्नर मार्क कार्नी ने भारत का दौरा किया। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों को सुधारना और एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) की संभावनाओं को तलाशना है। यह कदम दोनों देशों द्वारा अमेरिका पर अपनी व्यापारिक निर्भरता को कम करने के प्रयासों के बीच उठाया गया है।

यह यात्रा कनाडा द्वारा एक कनाडाई सिख अलगाववादी की एक्स्ट्राजुडिशियल किलिंग (extrajudicial killing) के संबंध में भारत पर लगाए गए आरोपों के कारण वर्षों से चले आ रहे तनावपूर्ण संबंधों के बाद हुई है। इस राजनयिक जुड़ाव (diplomatic engagement) का मुख्य केंद्र ऊर्जा, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रक्षा के क्षेत्रों में सहयोग पर है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पदमार्क कार्नी: बैंक ऑफ कनाडा के गवर्नर।
  • तथ्यभारत और कनाडा दोनों ही संयुक्त राज्य अमेरिका (United States) पर अपनी व्यापारिक निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहे हैं।
  • तथ्यसहयोग के मुख्य क्षेत्रों की पहचान की गई: ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) और डिफेंस।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की आर्थिक संप्रभुता और रणनीतिक स्वायत्तता के संदर्भ में व्यापारिक साझेदारियों के विविधीकरण और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं पर निर्भरता को कम करने के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • रणनीतिक विविधीकरण: आर्थिक दबाव कम करने के लिए अमेरिका पर व्यापार निर्भरता घटाना
  • डिप्लोमैटिक रिपेयर: ऐतिहासिक सुरक्षा तनाव के बीच द्विपक्षीय व्यापार हितों को संतुलित करना
  • तकनीकी तालमेल: घरेलू औद्योगिक क्षमताओं को बढ़ाने के लिए AI और डिफेंस में सहयोग का लाभ उठाना

मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · व्यापार विविधीकरण · द्विपक्षीय संबंध · आर्थिक संप्रभुता · भू-राजनीतिक पुनर्गठन

भारत और नेपाल के बीच संस्थागत संवाद के माध्यम से सैन्य संबंधों और परिचालन तैयारियों (operational preparedness) को मजबूत करने के लिए नई दिल्ली में 'टेंशन चीफ्स कॉन्वोक' (Tenth Chiefs’ Conclave) का आयोजन किया गया

चर्चा में क्यों: भारत और नेपाल के बीच संस्थागत संवाद के माध्यम से सैन्य संबंधों और परिचालन तैयारियों (operational preparedness) को मजबूत करने के लिए नई दिल्ली में 'टेंशन चीफ्स कॉन्वोक' (Tenth Chiefs’ Conclave) का आयोजन किया गया।

दो दिवसीय इस कार्यक्रम में भारतीय सेना के पूर्व थल सेना प्रमुखों और नेपाली सेना के मानद जनरलों (Honorary Generals) को एक साथ लाया गया। इसका आयोजन समकालीन सुरक्षा चुनौतियों और क्षमता विकास (capability development) के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' (Neighbourhood First) नीति के हिस्से के रूप में किया गया था।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानदसवां चीफ्स कॉन्वेंशन (Chiefs’ Conclave) नई दिल्ली में आयोजित किया गया।
  • तथ्यइस सम्मेलन में पूर्व चीफ्स ऑफ द आर्मी स्टाफ और नेपाली आर्मी के ऑनररी जनरल्स शामिल हुए।
  • तथ्यइस कार्यक्रम में नेशनल वॉर मेमोरियल (National War Memorial) पर पुष्पांजलि अर्पित करने का समारोह शामिल था।
मेन्स के लिए

प्रश्न: नेपाल जैसे पड़ोसी देशों के साथ संस्थागत सैन्य संवाद किस प्रकार भारत की क्षेत्रीय सुरक्षा संरचना और 'पड़ोस प्रथम' नीति के उद्देश्यों को सुदृढ़ कर सकते हैं, चर्चा कीजिए।

  • ऑपरेशनल सिनर्जी: साझा क्षेत्रीय सुरक्षा खतरों का मुकाबला करने के लिए सैन्य प्रोटोकॉल को मानकीकृत करना और क्षमता विकास
  • डिप्लोमैटिक लेवरेज: द्विपक्षीय सीमा प्रबंधन में भरोसा बढ़ाने और तनाव कम करने के लिए मिलिट्री-टू-मिलिट्री संबंधों का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: नेबरहुड फर्स्ट · ऑपरेशनल तैयारी · मिलिट्री डिप्लोमेसी · क्षमता विकास · संस्थागत संवाद

GS2 के अन्य विषय

राजव्यवस्था एवं संविधान · शासन · सामाजिक न्याय

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