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भाग I · स्था. 11.2025 
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अंतर्राष्ट्रीय संबंध करेंट अफेयर्स — यूपीएससी

यूपीएससी सिविल सेवा GS2 (राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध) के अंतर्राष्ट्रीय संबंध भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 3,350 नोट्स, रोज़ अपडेट।

पाठ्यक्रम के विषय: भारत के द्विपक्षीय संबंध (2763) · दूसरे देशों की नीतियों का भारत पर असर (208) · भारत एवं पड़ोसी देश (173) · क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह (QUAD, BRICS, SCO, G20...) (112) · अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं एवं एजेंसियां (UN, WTO, IMF...) (88) · प्रवासी भारतीय (6)

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ब्रिटिश विदेश सचिव इवेट कूपर ने 40 से अधिक देशों के साथ एक वर्चुअल समिट (Virtual Summit) आयोजित की

चर्चा में क्यों: ब्रिटिश विदेश सचिव इवेट कूपर ने 40 से अधिक देशों के साथ एक वर्चुअल समिट (Virtual Summit) आयोजित की। इस बैठक में ईरान द्वारा किए गए 25 से अधिक हमलों के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में फंसे जहाजों को बचाने और समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाने पर चर्चा की गई।

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। खबरों के अनुसार, ईरान ने इस जलडमरूमध्य में जहाजों पर 25 से अधिक हमले किए हैं, जिससे हजारों नाविक फंस गए हैं। ब्रिटिश सरकार इस मार्ग को फिर से खोलने के लिए कूटनीतिक और आर्थिक दबाव के संयोजन की वकालत कर रही है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों पर 25 से अधिक हमले किए हैं।
  • स्थानहोर्मुज जलडमरूमध्य: वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए एक रणनीतिक समुद्री चोकपॉइंट (chokepoint)।
  • पदयवेट कूपर: ब्रिटिश फॉरेन सेक्रेटरी।
  • पदकीर स्टार्मर: UK के Prime Minister।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा में होर्मुज जलडमरूमध्य के महत्व की चर्चा कीजिए और समुद्री चोकपॉइंट संघर्षों को सुलझाने में बहुपक्षीय कूटनीति की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।

  • एनर्जी सिक्योरिटी: वैश्विक तेल और गैस का एक बड़ा हिस्सा एक ही समुद्री चोकपॉइंट से होकर गुजरता है
  • मल्टीलैटरलिज्म: समुद्री सुरक्षा के लिए कूटनीतिक और आर्थिक दबाव के मुकाबले सामूहिक रक्षात्मक सैन्य क्षमताएं
  • भू-राजनीतिक तनाव: अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन और वैश्विक सप्लाई चेन स्थिरता पर क्षेत्रीय संघर्षों का प्रभाव

मुख्य शब्द: समुद्री सुरक्षा · एनर्जी डिप्लोमेसी · चोकपॉइंट पॉलिटिक्स · बहुपक्षवाद · सप्लाई चेन रेज़िलिएंस

मूल खबर ↗+2 और खबरें इस विषय पर
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पैलेंटिर (Palantir) के यूके और यूरोप प्रमुख, लुई मोस्ले ने मेवेन स्मार्ट सिस्टम (Maven Smart System) का बचाव करते हुए कहा कि हालांकि AI सैन्य निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज करता है, लेकिन इसके परिणामों की अंतिम जिम्मेदारी सैन्य संगठन की ही होती है

चर्चा में क्यों: पैलेंटिर (Palantir) के यूके और यूरोप प्रमुख, लुई मोस्ले ने मेवेन स्मार्ट सिस्टम (Maven Smart System) का बचाव करते हुए कहा कि हालांकि AI सैन्य निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज करता है, लेकिन इसके परिणामों की अंतिम जिम्मेदारी सैन्य संगठन की ही होती है।

पैलेंटायर (Palantir) का मेवेन स्मार्ट सिस्टम (Maven Smart System) ईरान के साथ युद्ध के दौरान लक्ष्य निर्धारण के निर्णयों के लिए अमेरिकी सेना द्वारा उपयोग किया जा रहा है। सटीक लक्ष्य निर्धारण में चूक और नागरिक हताहतों से संबंधित विशेषज्ञों की चिंताओं के बावजूद, पेंटागन की योजना मेवेन को अपने सिस्टम में और अधिक एकीकृत करने की है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकMaven Smart System: एक AI प्लेटफॉर्म जिसका उपयोग अमेरिकी सेना द्वारा टारगेटिंग फैसिशन्स (targeting decisions) के लिए किया जाता है।
  • तथ्यPalantir: एक टेक्नोलॉजी कंपनी जो मिलिट्री और कमर्शियल उपयोग के लिए AI प्लेटफॉर्म प्रदान करती है।
  • पदलुई मॉस्ले: Palantir के लिए UK और यूरोप के प्रमुख।
मेन्स के लिए

प्रश्न: आधुनिक युद्ध कौशल में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) प्रणालियों को घातक निर्णय लेने के लिए सौंपने के नैतिक और कानूनी निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए। स्वायत्त लक्ष्यीकरण (autonomous targeting) में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं? चर्चा कीजिए।

  • अकाउंटेबिलिटी गैप: 'ऑटोनॉमस' गलतियों के लिए मानव ऑपरेटर या सॉफ्टवेयर डेवलपर्स पर कानूनी जिम्मेदारी तय करने में मुश्किल
  • एल्गोरिथमिक बायस: ट्रेनिंग डेटा की कमियों के कारण गलत टारगेटिंग का जोखिम जिससे आम नागरिकों के हताहत होने का खतरा है
  • डुअल-यूज़ दुविधा: AI टूल्स का तेज़ी से बढ़ता कमर्शियल इस्तेमाल मिलिट्री-ग्रेड टेक्नोलॉजी की अंतरराष्ट्रीय निगरानी को जटिल बना रहा है

मुख्य शब्द: एल्गोरिथमिक जवाबदेही · ऑटोनॉमस वेपन्स सिस्टम · घातक स्वायत्त हथियार (LAWS) · दोहरे उपयोग वाली टेक्नोलॉजी · नैतिक AI

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस गर्मी में यूरोपीय संबंधों को प्राथमिकता देने की योजना बना रहे हैं

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस गर्मी में यूरोपीय संबंधों को प्राथमिकता देने की योजना बना रहे हैं, जिसमें फ्रांस में G-7 समिट की यात्रा और EU-भारत मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) में तेजी लाने के लिए EU अधिकारियों के साथ बैठकें शामिल हैं।

यूरोपीय संघ (EU) की संसद वर्तमान में EU-भारत मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) की पुष्टि पर चर्चा कर रही है। यूरोपीय संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने समझौते के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए भारतीय अधिकारियों के साथ बैठक की।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाG-7 समिट: 2026 की गर्मियों के दौरान फ्रांस में आयोजित की जाएगी।
  • तथ्यEU-India Free Trade Agreement: इसका उद्देश्य European Union और भारत के बीच व्यापार को बढ़ावा देना है।
  • पदनरेंद्र मोदी: भारत के प्रधानमंत्री।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक व्यापार के विविधीकरण के संदर्भ में भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के रणनीतिक और आर्थिक महत्व की चर्चा कीजिए।

  • ट्रेड इम्बैलेंस: यूरोपीय संघ और भारत के बीच औद्योगिक वस्तुओं और सेवाओं में घाटे को दूर करना
  • रेगुलेटरी अलाइनमेंट: डेटा प्राइवेसी, पर्यावरण मानक और श्रम अधिकारों पर मानकों का तालमेल
  • भू-राजनीतिक बदलाव: इंडो-पैसिफिक और यूरोपीय ट्रेड कॉरिडोर में भारत की स्थिति को एक प्रमुख पार्टनर के रूप में मजबूत करना

मुख्य शब्द: व्यापार उदारीकरण · रणनीतिक स्वायत्तता · आर्थिक कूटनीति · मार्केट एक्सेस · द्विपक्षीय सहयोग

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जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने गृह मंत्रालय को आसिम सज्जाद को वापस लाने का निर्देश दिया है

चर्चा में क्यों: जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने गृह मंत्रालय को आसिम सज्जाद को वापस लाने का निर्देश दिया है। आसिम सज्जाद, पाकिस्तान में जन्मे एक व्यक्ति हैं और वे जम्मू-कश्मीर के एक निवासी के बेटे हैं, जिन्हें अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले के बाद डिपोर्ट (deported) कर दिया गया था।

कोर्ट ने फैसला सुनाया कि आसिम सज्जाद को वीजा विस्तार (visa extension) के लिए आवेदन करने की अनुमति दी जानी चाहिए और नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 5(1)(d) के तहत उन्हें नागरिकता के लिए विचार में लिया जाना चाहिए। गृह मंत्रालय (MHA) को उन्हें वापस लाने के लिए आठ सप्ताह की समय सीमा दी गई है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • अधिनियम / विधेयकCitizenship Act, 1955: यह भारतीय नागरिकता प्राप्त करने की प्रक्रिया को नियंत्रित करता है।
  • तथ्यCitizenship Act, 1955 की Section 5(1)(d): यह जन्म से नागरिकता प्राप्त करने से संबंधित है।
  • संस्थागृह मंत्रालय (MHA): भारत में निर्वासन (deportation) और नागरिकता से जुड़े मामलों के लिए जिम्मेदार।
  • स्थानपहलगाम: कोर्ट ऑर्डर में अप्रैल 2025 के हमले के स्थान का उल्लेख किया गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: नागरिकता अधिनियम, 1955 के अंतर्गत पड़ोसी देशों में जन्मे भारतीय निवासियों के बच्चों को नागरिकता प्रदान करने के कानूनी और सुरक्षा निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • सुरक्षा-कानूनी विवाद: सीमा पार आवाजाही से जुड़े राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के बीच नागरिकता के अधिकार को संतुलित करना
  • न्यायिक निगरानी: निर्वासन और नागरिकता की स्थिति पर कार्यकारी फैसलों की समीक्षा में हाई कोर्ट की भूमिका

मुख्य शब्द: नागरिकता अधिनियम 1955 · निर्वासन · न्यायिक समीक्षा · राष्ट्रीय सुरक्षा · प्रत्यर्पण

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इजरायल ने बेरूत के उपनगरों पर हमले किए और दक्षिणी लेबनान में घुसपैठ की

चर्चा में क्यों: इजरायल ने बेरूत के उपनगरों पर हमले किए और दक्षिणी लेबनान में घुसपैठ की, जिसके कारण हिजबुल्लाह के साथ सैन्य तनाव बढ़ गया और इसमें बड़ी संख्या में नागरिक हताहत हुए।

लेबनान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Public Health) ने रिपोर्ट दी है कि संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक लेबनान में 1,200 मौतें हुई हैं। जारी संघर्ष के कारण अब तक एक मिलियन से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यलेबनानी मिनिस्ट्री ऑफ पब्लिक हेल्थ (Ministry of Public Health) ने रिपोर्ट दी है कि संघर्ष शुरू होने के बाद से लेबनान में 1,200 मौतें हुई हैं।
  • तथ्यसंघर्ष के कारण लेबनान में दस लाख से अधिक लोग विस्थापित (displaced) हो गए हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: लेबनान में बढ़ते संघर्ष के क्षेत्रीय स्थिरता और मध्य पूर्व की सुरक्षा संरचना पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • मानवीय संकट: लेबनान में भारी आंतरिक विस्थापन और बुनियादी ढांचे को नुकसान
  • क्षेत्रीय तनाव: इज़राइल और ईरान के बीच सीधा टकराव का खतरा
  • सुरक्षा का शून्य: दक्षिणी लेबनान में इजरायल के स्थायी कब्जे और लंबे समय तक अस्थिरता की संभावना

मुख्य शब्द: क्षेत्रीय स्थिरता · मानवीय संकट · गैर-राज्य अभिनेता · असिमेट्रिक वॉरफेयर · भू-राजनीतिक तनाव

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ संघर्ष बिना किसी समझौते के दो से तीन सप्ताह में समाप्त हो सकता है

चर्चा में क्यों: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ संघर्ष बिना किसी समझौते के दो से तीन सप्ताह में समाप्त हो सकता है। यह बयान ईरान द्वारा कुवैती बुनियादी ढांचे (infrastructure) पर किए गए हमलों और ईरान के औद्योगिक स्थलों पर अमेरिका-इजरायल द्वारा किए गए हमलों की रिपोर्ट के बीच आया है।

ईरान ने कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला किया, जिससे ईंधन के टैंकों में भीषण आग लग गई। इसी दौरान, अमेरिकी और इजराइली बलों ने ईरान के इस्फ़ाहन और फारोखशार शहरों में स्थित फार्मास्युटिकल कंपनियों और स्टील प्लांटों पर हमले किए।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानइस्फाहान और फारोखशार: हालिया US-Israeli हमलों में निशाने पर रहे ईरानी शहर।
  • तथ्यकुवैत ने रिपोर्ट किया कि ईरानी हमले के कारण उसके इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फ्यूल टैंक में भीषण आग लग गई।
  • पदडोनाल्ड ट्रंप: अप्रैल 2026 तक US President के रूप में कार्यरत।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य पूर्व में बढ़ते क्षेत्रीय संघर्ष के वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार मार्गों पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • एनर्जी सप्लाई में उतार-चढ़ाव: कुवैत में फ्यूल इंफ्रास्ट्रक्चर में रुकावट से ग्लोबल ऑयल मार्केट्स प्रभावित
  • क्षेत्रीय सुरक्षा दुविधा: औद्योगिक केंद्रों पर किनेटिक स्ट्राइक्स की बढ़ोतरी से क्षेत्रीय स्थिरता प्रभावित

मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक अस्थिरता · ऊर्जा सुरक्षा · काइनेटिक वॉरफेयर · क्षेत्रीय वर्चस्व · रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर

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राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने रूस को ईस्टर के अवसर पर युद्धविराम का प्रस्ताव देने के लिए अमेरिकी मध्यस्थों (mediators) का उपयोग करने के अपने इरादे की घोषणा की, जबकि क्रेमलिन ने किसी स्पष्ट रूप से तैयार किए गए प्रस्ताव को प्राप्त करने से इनकार किया

चर्चा में क्यों: राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने रूस को ईस्टर के अवसर पर युद्धविराम का प्रस्ताव देने के लिए अमेरिकी मध्यस्थों (mediators) का उपयोग करने के अपने इरादे की घोषणा की, जबकि क्रेमलिन ने किसी स्पष्ट रूप से तैयार किए गए प्रस्ताव को प्राप्त करने से इनकार किया।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने ईस्टर की छुट्टियों के दौरान युद्धविराम (truce) का प्रस्ताव दिया है, जिसमें संप्रभुता और गरिमा से समझौता करने को शामिल नहीं किया गया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि ऊर्जा युद्धविराम के संबंध में ज़ेलेंस्की की ओर से कोई स्पष्ट रूप से तैयार किया गया प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • पदवोलोडिमिर ज़ेलेंस्की: यूक्रेन के प्रेसिडेंट।
  • पददिमित्री पेस्कोव: क्रेमलिन प्रवक्ताता।
  • तथ्यUS, रूस और यूक्रेन के बीच तीन दौर की हाई-लेवल ट्रिलेटरल (trilateral) वार्ता आयोजित की गई है।
  • तथ्यईरान में युद्ध के कारण त्रिपक्षीय वार्ता (trilateral talks) के चौथे दौर को स्थगित कर दिया गया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: रूस-यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में दीर्घकालिक अंतर-राज्यीय संघर्षों को सुलझाने में तृतीय-पक्ष मध्यस्थता की भूमिका और त्रिपक्षीय कूटनीति की सीमाओं का विश्लेषण कीजिए।

  • डिप्लोमैटिक डेडलॉक: ट्रिलैटरल एंगेजमेंट के बावजूद पूर्वी यूक्रेन के क्षेत्रीय दर्जे पर कोई प्रगति नहीं
  • संप्रभुता की सीमाएं: सीजफायर रियायत और गैर-परक्राम्य क्षेत्रीय अखंडता के बीच टकराव
  • बाहरी वेरिएबल्स: शांति वार्ता की गति पर क्षेत्रीय संघर्षों (ईरान) का प्रभाव

मुख्य शब्द: थर्ड-पार्टी मेडिएशन · त्रिपक्षीय कूटनीति · संप्रभुता · सीज़फायर · भू-राजनीतिक गतिरोध

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संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के इस्फ़ाहान में एक गोला-बारूद डिपो पर हवाई हमला किया है

चर्चा में क्यों: संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के इस्फ़ाहान में एक गोला-बारूद डिपो पर हवाई हमला किया है। इस हमले में 'बंकर-बस्टर' बमों का इस्तेमाल किया गया, जिससे ईरान के परमाणु और रक्षा बुनियादी ढांचे (Infrastructure) से जुड़े तनाव में और बढ़ोतरी हुई है।

अमेरिका ने इस्फ़ाहान में एक गोला-बारूद डिपो पर हमला करने के लिए 2,000-पाउंड के बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया। ईरानी अधिकारियों ने पुष्टि की कि इन हमलों का लक्ष्य सैन्य स्थल थे, लेकिन उन्होंने विशिष्ट स्थानों का खुलासा नहीं किया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यUS ने इस्फ़ाहन हमले में 2,000-पाउंड के बंकर-बस्टर बमों (bunker-buster bombs) का इस्तेमाल किया।
  • स्थानइस्फाहान (Isfahan) ईरान के सैन्य और परमाणु बुनियादी ढांचे (infrastructure) के लिए एक प्रमुख स्थल है।
  • तथ्यस्ट्राइक का लक्ष्य एक एम्युनिशन डिपो (ammunition depot) था।
मेन्स के लिए

प्रश्न: ईरान के परमाणु बुनियादी ढांचे पर लक्षित हमलों के क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक अप्रसार व्यवस्था पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • परमाणु प्रसार: काइनेटिक स्ट्राइक्स के जवाब में गुप्त संवर्धन कार्यक्रमों के तेज़ होने का जोखिम
  • क्षेत्रीय तनाव: प्रॉक्सी वॉर के विस्तार और मिडिल ईस्टन एनर्जी कॉरिडोर में रुकावट की संभावना

मुख्य शब्द: गैर-प्रसार · काइनेटिक एक्शन · रणनीतिक प्रतिरोध · क्षेत्रीय स्थिरता · रक्षा निर्माण

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इजराइली विशेष दूत फ्लोर हसन-नहोम ने कहा कि मध्य पूर्व संघर्ष में भारत का संतुलित दृष्टिकोण उसे पाकिस्तान की तुलना में एक बेहतर मध्यस्थ बनाता है

चर्चा में क्यों: इजराइली विशेष दूत फ्लोर हसन-नहोम ने कहा कि मध्य पूर्व संघर्ष में भारत का संतुलित दृष्टिकोण उसे पाकिस्तान की तुलना में एक बेहतर मध्यस्थ बनाता है।

इजरायल के विदेश मंत्रालय की विशेष दूत, फ्लूर हसन-नहोम ने 7 अक्टूबर से ईरान के साथ चल रहे संघर्ष पर टिप्पणी की। उन्होंने इजरायल के साथ राजनयिक संबंधों की कमी के कारण पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रयासों पर संदेह व्यक्त किया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पदफ्लेर हसन-नहोम: इज़राइल के विदेश मंत्रालय की स्पेशल एन्वॉय (Special envoy)।
  • तथ्यइजराइल और ईरान के बीच संघर्ष 7 अक्टूबर से जारी है।
  • तथ्यपाकिस्तान के वर्तमान में इज़राइल के साथ कोई राजनयिक संबंध (diplomatic ties) नहीं हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य पूर्वी संघर्षों में मध्यस्थ के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका और क्षेत्रीय तनावों के बीच इसके 'संतुलित दृष्टिकोण' के भू-राजनीतिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • भू-राजनीतिक लाभ: पश्चिमी शक्तियों और ईरान जैसे क्षेत्रीय खिलाड़ियों के साथ जुड़ने की भारत की क्षमता
  • डिप्लोमैटिक क्रेडिबिलिटी: ध्रुवीकृत पड़ोसियों की तुलना में मध्यस्थता की प्रभावशीलता पर गैर-संरेखित स्थिति का असर
  • सुरक्षा-डिप्लोमेसी नेक्सस: ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर व्यापारिक हितों और क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · संतुलित दृष्टिकोण · मध्यस्थता · भू-राजनीतिक लाभ · गुटनिरपेक्षता

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भारतीय विदेश मंत्री एस

चर्चा में क्यों: भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रूसी उप विदेश मंत्री एंड्री रुडेंको के बीच 'विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी' (Special and Privileged Strategic Partnership) पर चर्चा करने के लिए 'फॉरेन ऑफिस कंसल्टेशन' (Foreign Office Consultations) आयोजित किए गए।

यह बैठक 30 मार्च, 2026 को भारत में आयोजित की गई। चर्चाओं के दौरान द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बात हुई, जिसमें आगामी उच्च-स्तरीय संपर्कों (high-level contacts) का कार्यक्रम और ईरान को लेकर अमेरिका-इजरायल तनाव के प्रभाव को शामिल किया गया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यभारत और रूस के बीच एक Special और Privileged Strategic Partnership है।
  • संस्थाभारत का फोकस BRICS, SCO, G20 और संयुक्त राष्ट्र जैसे बहुपक्षीय संगठनों (multilateral organizations) पर केंद्रित है।
  • पदएस. जयशंकर भारत के विदेश मंत्री (External Affairs Minister) के रूप में कार्यरत हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय समीकरणों के संदर्भ में भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • मल्टीलैटरल अलाइनमेंट: BRICS और SCO में भागीदारी के साथ पश्चिमी देशों के नेतृत्व वाले ग्लोबल फ्रेमवर्क के बीच संतुलन
  • भू-राजनीतिक तनाव: ईरान पर बढ़ते अमेरिका-इजरायल तनाव के बीच क्षेत्रीय स्थिरता की चुनौतियां

मुख्य शब्द: रणनीतिक साझेदारी · बहुपक्षवाद · द्विपक्षीय कूटनीति · क्षेत्रीय स्थिरता

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इरान-इजरायल संघर्ष में युद्धविराम और क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा करने के लिए मिस्र, पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के विदेश मंत्रियों ने इस्लामाबाद में बैठक की

चर्चा में क्यों: इरान-इजरायल संघर्ष में युद्धविराम और क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा करने के लिए मिस्र, पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के विदेश मंत्रियों ने इस्लामाबाद में बैठक की।

ईरान-इजरायल संघर्ष के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए रविवार (मार्च 2026) को इस्लामाबाद में चार देशों की बैठक हुई। इस बैठक का एक मुख्य परिणाम ईरान द्वारा किया गया समझौता रहा, जिसके तहत पाकिस्तानी झंडे वाले जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने की अनुमति दी गई है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानहोर्मुज जलडमरूमध्य: मध्य पूर्व में एक रणनीतिक समुद्री चोकपॉइंट (chokepoint)।
  • तथ्यइस समूह (quartet) में मिस्र, पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की शामिल हैं।
  • तथ्यतुर्की को ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत की वकालत करने वाले सबसे प्रतिबद्ध सदस्य के रूप में पहचाना गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: ईरान-इजराइल संघर्ष के मध्यस्थता में क्षेत्रीय बहुपक्षवाद की भूमिका और मध्य पूर्वी समुद्री सुरक्षा पर इसके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • भू-राजनीतिक लाभ: परमाणु कार्यक्रम वार्ता के लिए तुर्की की वकालत बनाम तत्काल युद्धविराम की मांग
  • मैरीटाइम सिक्योरिटी: होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिरता पर पाकिस्तानी झंडे वाले जहाज के गुजरने का प्रभाव
  • क्षेत्रीय मध्यस्थता: संघर्ष समाधान के लिए द्विपक्षीय तनाव से चार-राष्ट्र ब्लॉक की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: बहुपक्षवाद · समुद्री सुरक्षा · क्षेत्रीय स्थिरता · मध्यस्थता · भू-राजनीति

मूल खबर ↗+5 और खबरें इस विषय पर
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IMF ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व में ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर असमान झटका (asymmetric shock) लग रहा है

चर्चा में क्यों: IMF ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व में ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर असमान झटका (asymmetric shock) लग रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बाधाओं के कारण इससे कीमतें बढ़ रही हैं और विकास की गति धीमी हो रही है।

IMF की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने और क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान ने वैश्विक तेल बाजार में इतिहास का सबसे बड़ा व्यवधान पैदा किया है। खाद्य और उर्वरक की बढ़ती कीमतों के कारण कम आय वाले देशों में खाद्य असुरक्षा की स्थिति और गंभीर हो गई है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • संस्थाIMF: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष।
  • तथ्यIMF 14 अप्रैल को आर्थिक प्रभाव पर एक विस्तृत मूल्यांकन जारी करेगा।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक संघर्ष किस प्रकार विषम आर्थिक झटकों को उत्पन्न करते हैं और निम्न-आय वाले देशों में खाद्य असुरक्षा को कैसे बढ़ाते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • सप्लाई चेन में अस्थिरता: मिडिल ईस्ट में इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान से ऑयल मार्केट में ऐतिहासिक रुकावटें
  • असमान प्रभाव: कम आय वाले देश खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं जबकि विकसित अर्थव्यवस्थाएं बाहरी सहायता कम कर रही हैं

मुख्य शब्द: असिमेट्रिक शॉक · खाद्य असुरक्षा · भू-राजनीतिक जोखिम · सप्लाई चेन में रुकावट · बाहरी समर्थन

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इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष एक लंबे युद्ध में बदल गया है, जो US और इजरायल के संयुक्त हमले के बाद और बढ़ गया है

चर्चा में क्यों: इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष एक लंबे युद्ध में बदल गया है, जो US और इजरायल के संयुक्त हमले के बाद और बढ़ गया है। इससे एक स्पष्ट राजनीतिक समाधान (political endgame) न होने को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं।

इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका (United States) ने ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और कर्मियों को निशाना बनाते हुए एक संयुक्त हमला किया है। यह संघर्ष अब एक नए मोर्चे के रूप में लेबनान में हिजबुल्लाह (Hezbollah) को भी शामिल कर विस्तारित हो गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यइजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका (United States) ने ईरान पर संयुक्त हमला किया।
  • स्थानलेबनान में हिजबुल्लाह (Hezbollah) संघर्ष का एक नया मोर्चा बन गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: इजरायल और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष के रणनीतिक निहितार्थों और एक व्यापक राजनीतिक ढांचे के अभाव में सैन्य विस्तार की संभावित जोखिमों का विश्लेषण कीजिए।

  • रणनीतिक अस्पष्टता: स्पष्ट राजनीतिक लक्ष्य का न होना सैन्य उद्देश्यों को जटिल बना रहा है
  • क्षेत्रीय असर: हिजबुल्लाह की भागीदारी से लेबनान तक संघर्ष का विस्तार
  • असममित लचीलापन: लक्षित हमलों के बावजूद बुनियादी ढांचे और कर्मियों को बनाए रखने की ईरान की क्षमता

मुख्य शब्द: रणनीतिक गहराई · असिमेट्रिक वॉरफेयर · भू-राजनीतिक तनाव में बढ़ोतरी · क्षेत्रीय स्थिरता · सैन्य-राजनीतिक संबंध

स्रोत: अल जज़ीरा ↗+1 और खबरें इस विषय पर
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अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत-U.एस

चर्चा में क्यों: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत-U.एस. रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण (Advanced Manufacturing) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित एक 'विन-विन' आर्थिक विस्तार रणनीति की रूपरेखा प्रस्तुत की।

राजदूत सर्जियो गोर ने ऊर्जा और डिजिटल बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के क्षेत्र में भारत की आवश्यकताओं और अमेरिकी विशेषज्ञता के बीच तालमेल पर जोर दिया। इस चर्चा का मुख्य केंद्र सेमीकंडक्टर्स, महत्वपूर्ण खनिजों और फार्मास्यूटिकल्स के लिए लचीली सप्लाई चेन (Supply Chains) का निर्माण करना था।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाU.S.-India COMPACT: आर्थिक संबंधों और इंफ्रास्ट्रक्चर सहयोग को बढ़ाने के लिए एक फ्रेमवर्क।
  • विज्ञान-तकनीकPax Silica: सेमीकंडक्टर्स के लिए लचीली सप्लाई चेन (supply chains) बनाने के उद्देश्य से एक पहल।
  • तथ्यसहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में एनर्जी, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: महत्वपूर्ण खनिजों और अर्धचालकों (semiconductors) में आर्थिक सहयोग के विस्तार और आपूर्ति श्रृंखला लचीलेपन (supply chain resilience) के विकास किस प्रकार भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में कार्य करते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • सप्लाई चेन डाइवर्सिफिकेशन: महत्वपूर्ण मिनरल्स और सेमीकंडक्टर्स के लिए सिंगल-सोर्स ओरिजिन पर निर्भरता कम करना
  • तकनीकी तालमेल: भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को तेज़ करने के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में अमेरिकी विशेषज्ञता का लाभ उठाना
  • भू-राजनीतिक तालमेल: दक्षिण और मध्य एशिया में स्थिरता बढ़ाने के लिए आर्थिक निवेश का उपयोग

मुख्य शब्द: रणनीतिक साझेदारी · सप्लाई चेन रेजिलिएंस · क्रिटिकल मिनरल्स · डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर · आर्थिक कूटनीति

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WTO के फिशरीज सब्सिडी (Fisheries Subsidies) समझौते की बातचीत के दूसरे चरण के दौरान

चर्चा में क्यों: WTO के फिशरीज सब्सिडी (Fisheries Subsidies) समझौते की बातचीत के दूसरे चरण के दौरान, भारत ने दूर-दराज के समुद्री क्षेत्रों में मछली पकड़ने वाले औद्योगिक बेड़ों (Industrial Fishing Fleets) के लिए 25 साल की ट्रांजिशन अवधि और सख्त नियमों की मांग की है।

भारत WTO मत्स्य सब्सिडी समझौते (fisheries subsidies agreement) के भीतर लघु-स्तरीय और कारीगर मछुआरों के लिए स्थायी छूट की वकालत कर रहा है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य उन 9 मिलियन मछुआरा परिवारों की आजीविका की रक्षा करना है जो मुख्य रूप से टिकाऊ पद्धतियों का उपयोग करते हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यभारत में लगभग 9 मिलियन मछुआरा परिवार हैं।
  • तथ्यविकासशील देशों के लिए भारत द्वारा प्रस्तावित ट्रांजिशन पीरियड (transition period) 25 साल है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: विकासशील देशों में लघु-स्तरीय पारंपरिक मछुआरों की खाद्य सुरक्षा और आजीविका के साथ वैश्विक औद्योगिक मछली पकड़ने के हितों के बीच संतुलन स्थापित करने में बहुपक्षीय व्यापार समझौतों के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • रेगुलेटरी एसिमेट्री: इंडस्ट्रियल डिस्टेंट-वॉटर फ्लीट्स और आर्टिसनल फिशिंग प्रैक्टिस के बीच अंतर
  • खाद्य सुरक्षा नेक्सस: तटीय समुदायों की आजीविका पर सब्सिडी अनुशासन का प्रभाव
  • विकासशील समानता: वैश्विक व्यापार शासन में विकासशील देशों के लिए ट्रांज़िशन पीरियड की ज़रूरत

मुख्य शब्द: खाद्य सुरक्षा · सस्टेनेबल फिशिंग · बहुपक्षीय व्यापार · आर्टिसनल फिशरीज · व्यापार उदारीकरण

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बढ़ते तनाव और हूती विद्रोहियों के संघर्ष में शामिल होने के बीच

चर्चा में क्यों: बढ़ते तनाव और हूती विद्रोहियों के संघर्ष में शामिल होने के बीच, ईरान ने अमेरिका पर सार्वजनिक रूप से बातचीत की मांग करने के साथ-साथ गुप्त रूप से जमीनी हमले की योजना बनाने का आरोप लगाया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पेंटागन (Pentagon) ईरान में विशेष बलों और पारंपरिक इन्फेंट्री (infantry) की भागीदारी के साथ कई हफ्तों के जमीनी अभियानों की तैयारी कर रहा है। यह संघर्ष अब अपने दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है और इसने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और प्रमुख शिपिंग रूट्स (shipping routes) में भारी व्यवधान पैदा कर दिया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यहौथी विद्रोहियों ने युद्ध के दूसरे महीने में पहली बार संघर्ष में शामिल हुए।
  • स्थानसंघर्ष को कम करने के लिए पाकिस्तान में क्षेत्रीय शक्तियों की एक मीटिंग आयोजित की गई।
  • तथ्यइस संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और प्रमुख शिपिंग रूट्स (shipping routes) में महत्वपूर्ण व्यवधान पैदा किया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्षों के वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार मार्गों पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।

  • एनर्जी वोलाटिलिटी: सप्लाई चेन में रुकावट से वैश्विक तेल और गैस की कीमतों में अस्थिरता
  • मैरिटाइम सिक्योरिटी: मुख्य शिपिंग लेन के लिए खतरे और अंतरराष्ट्रीय नौसेना सहयोग की ज़रूरत

मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · भू-राजनीतिक तनाव · समुद्री व्यापार · तनाव कम करना · क्षेत्रीय अस्थिरता

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ईरान ने UAE और बहरीन के औद्योगिक केंद्रों पर अपने हमलों को तेज कर दिया, जबकि हूतियों ने इजराइल पर मिसाइलें दागीं

चर्चा में क्यों: ईरान ने UAE और बहरीन के औद्योगिक केंद्रों पर अपने हमलों को तेज कर दिया, जबकि हूतियों ने इजराइल पर मिसाइलें दागीं, जिसके कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद हो गया।

ईरान ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण शिपिंग मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को प्रभावी रूप से बंद कर दिया। इजरायल ने ईरान और लेबनान के खिलाफ हवाई हमले जारी रखे, जिसके परिणामस्वरूप पत्रकारों और पैरामेडिक्स के मारे जाने की खबरें सामने आईं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानहोर्मुज जलडमरूमध्य: वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक प्रमुख शिपिंग रूट।
  • तथ्यहोर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने के बाद तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल आया।
  • पदहौथिस (Houthis): ईरान समर्थित एक समूह जो इज़राइल पर मिसाइलें दाग रहा है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा व्यवधानों का वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मार्गों पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।

  • एनर्जी वोलाटिलिटी: अचानक सप्लाई शॉक से वैश्विक कीमतों में उछाल और इन्फ्लेशन का दबाव
  • समुद्री सुरक्षा: गैर-राज्य और राज्य प्रायोजित प्रॉक्सी कार्रवाई के प्रति महत्वपूर्ण चोकपॉइंट्स की संवेदनशीलता

मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · मैरीटाइम चोकपॉइंट्स · प्रॉक्सी वॉरफेयर · भू-राजनीतिक अस्थिरता

स्रोत: बीबीसी ↗+1 और खबरें इस विषय पर
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खबरों के अनुसार, पेंटागन ईरान में कई हफ्तों तक सीमित जमीनी सैन्य अभियानों (ground operations) की तैयारी कर रहा है

चर्चा में क्यों: खबरों के अनुसार, पेंटागन ईरान में कई हफ्तों तक सीमित जमीनी सैन्य अभियानों (ground operations) की तैयारी कर रहा है, जिसमें खर्ग द्वीप और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास के तटीय इलाकों पर संभावित छापेमारी शामिल है।

पेंटागन विशेष अभियानों और पारंपरिक इन्फेंट्री (Infantry) सैनिकों को शामिल करते हुए सीमित जमीनी अभियानों की योजना बना रहा है। US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने मध्य पूर्व में पहले ही अतिरिक्त सैनिकों को तैनात कर दिया है और हजारों और सैनिकों के वहां पहुंचने की उम्मीद है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • स्थानखार्ग आइलैंड (Kharg Island): ईरान में एक स्थान जिसे संभावित US ग्राउंड ऑपरेशंस (ground operations) का लक्ष्य बनाया गया है।
  • स्थानहोर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान के तटीय क्षेत्रों के पास एक रणनीतिक समुद्री मार्ग।
  • संस्थाCENTCOM: मध्य पूर्व में सैन्य ऑपरेशन्स के लिए जिम्मेदार US सेंट्रल कमांड।
  • तथ्ययोजनाबद्ध ऑपरेशंस को 'लिमिटेड' (limited) बताया गया है और ये पूर्ण आक्रमण (full invasion) की श्रेणी में नहीं आते हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: ईरान में संभावित अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप के क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले भू-राजनीतिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • मैरिटाइम सिक्योरिटी: होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले वैश्विक तेल परिवहन में रुकावट का जोखिम
  • क्षेत्रीय तनाव: प्रॉक्सी संघर्ष के विस्तार और बड़ी शक्तियों के बीच सीधे टकराव की संभावना

मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक अस्थिरता · समुद्री सुरक्षा · रणनीतिक प्रतिरोध · क्षेत्रीय वर्चस्व

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से पश्चिम एशिया युद्ध से जुड़ी अफवाहों के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया और इस संकट पर एक एकजुट संसदीय आवाज उठाने का आह्वान किया

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से पश्चिम एशिया युद्ध से जुड़ी अफवाहों के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया और इस संकट पर एक एकजुट संसदीय आवाज उठाने का आह्वान किया।

28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी अरब, UAE, कतर, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, ईरान, फ्रांस, इजराइल और मलेशिया के नेताओं के साथ बातचीत की। उन्होंने उल्लेख किया कि खाड़ी देशों ने वहां रहने वाले 1 करोड़ से अधिक भारतीयों को सहायता प्रदान की।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यगल्फ देशों में 1 करोड़ से अधिक भारतीय रहते हैं।
  • स्थानवेस्ट एशिया संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को हुई।
  • पदMann Ki Baat भारत के प्रधानमंत्री द्वारा प्रसारित एक मासिक रेडियो प्रोग्राम है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पश्चिम एशिया के संघर्षों से उत्पन्न भू-राजनीतिक जटिलताओं के बीच भारत के 'संवाद और कूटनीति' दृष्टिकोण के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: ध्रुवीकृत पश्चिम एशिया क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा और नॉन-अलाइनमेंट के बीच संतुलन
  • डिप्लोमैटिक लेवरेज: खाड़ी देशों और पश्चिमी शक्तियों के बीच एक पुल के रूप में भारत की भूमिका का इस्तेमाल
  • आंतरिक सुरक्षा: क्षेत्रीय भू-राजनीतिक संकट के दौरान गलत जानकारी और अफवाहों के प्रसार को कम करना

मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · कूटनीति · भू-राजनीतिक स्थिरता · ऊर्जा सुरक्षा · जन जागरूकता

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया संकट और भारत की ऊर्जा एवं सप्लाई चेन (Supply Chain) पर इसके प्रभाव की निगरानी के लिए इन्फॉर्मल ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (IGoM) की पहली बैठक की अध्यक्षता की

चर्चा में क्यों: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया संकट और भारत की ऊर्जा एवं सप्लाई चेन (Supply Chain) पर इसके प्रभाव की निगरानी के लिए इन्फॉर्मल ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (IGoM) की पहली बैठक की अध्यक्षता की।

IGoM की बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू शामिल हुए। इस समूह ने भारत की ऊर्जा आपूर्ति, आवश्यक वस्तुओं, बुनियादी ढांचे और सप्लाई चेन (supply chains) पर संघर्ष के प्रभाव पर ध्यान केंद्रित किया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाIGoM: वेस्ट एशिया संकट की निगरानी के लिए गठित एक इनफॉर्मल ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (Informal Group of Ministers)।
  • पदराजनाथ सिंह: केंद्रीय रक्षा मंत्री।
  • पदनिर्मला सीतारमण: केंद्रीय वित्त मंत्री।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पश्चिम एशिया के संकट के भारत की ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की सुदृढ़ता पर पड़ने वाले रणनीतिक और आर्थिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • ऊर्जा भेद्यता: भू-राजनीतिक अस्थिरता के दौरान पश्चिम एशियाई तेल और गैस आयात पर भारी निर्भरता
  • सप्लाई चेन में रुकावट: समुद्री व्यापार मार्गों और आवश्यक वस्तुओं के प्रवाह में संभावित बाधाएं
  • स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: कूटनीतिक तटस्थता और भारतीय नागरिकों व आर्थिक हितों की सुरक्षा के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · सप्लाई चेन रेज़िलिएंस · भू-राजनीतिक जोखिम · रणनीतिक स्वायत्तता · आर्थिक कूटनीति

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ईरान ने अपने औद्योगिक और परमाणु बुनियादी ढांचे पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में कुवैत, सऊदी अरब

चर्चा में क्यों: ईरान ने अपने औद्योगिक और परमाणु बुनियादी ढांचे पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन और इराक में अमेरिकी और मित्र देशों की संपत्तियों को निशाना बनाया।

यह संघर्ष अपने 29वें दिन में प्रवेश कर गया, जिसमें ईरान ने कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन और इराक में स्थित संपत्तियों को निशाना बनाया। साथ ही, यमन के हौथी आंदोलन ने इजराइल की ओर अपनी पहली बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जबकि हिजबुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान में जमीनी संघर्ष जारी रखा।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यइरान ने औद्योगिक और परमाणु बुनियादी ढांचे (infrastructure) पर हमलों के जवाब में कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन और इराक में स्थित लक्ष्यों को निशाना बनाया।
  • तथ्ययमन के हौथी (Houthi) आंदोलन ने संघर्ष के दौरान इजराइल की ओर अपनी पहली बैलिस्टिक मिसाइल (ballistic missile) दागी।
  • तथ्यतनाव बढ़ने के दौरान Hezbollah ने दक्षिणी Lebanon में जमीनी स्तर पर जुड़ाव (ground engagements) बनाए रखा।
मेन्स के लिए

प्रश्न: प्रॉक्सी युद्ध और क्षेत्रीय प्रतिशोधात्मक हमलों के भू-राजनीतिक स्थिरता और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों की आर्थिक सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।

  • क्षेत्रीय अस्थिरता: न्यूट्रल गल्फ देशों में किनेटिक स्ट्राइक्स का असर जिससे समुद्री और एनर्जी सिक्योरिटी प्रभावित हो रही है
  • प्रॉक्सी डायनेमिक्स: गैर-राज्य अभिनेताओं (हौथी, हिजबुल्लाह) की बढ़ती भागीदारी से पारंपरिक कूटनीतिक सीजफायर प्रयासों में जटिलता

मुख्य शब्द: प्रॉक्सी वॉरफेयर · क्षेत्रीय वर्चस्व · रणनीतिक जवाबी कार्रवाई · भू-राजनीतिक अस्थिरता · गैर-राज्य अभिनेता

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विदेश मंत्री एस

चर्चा में क्यों: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने G7 विदेश मंत्रियों के शिखर सम्मेलन में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की। इस बैठक में वैश्विक शासन सुधारों (Global Governance Reforms) और सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर चर्चा की गई।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने फ्रांस में आयोजित G7 विदेश मंत्रियों के शिखर सम्मेलन के दौरान फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और मार्को रूबियो (U.S.) एवं फैसल बिन फरहान (सऊदी अरब) सहित अन्य देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की। इन चर्चाओं का मुख्य केंद्र ऊर्जा, खाद्य और ईंधन सुरक्षा रहा।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • पदएस. जयशंकर: भारत के External Affairs Minister।
  • स्थानफ्रांस में G7 विदेश मंत्रियों का शिखर सम्मेलन (Summit) आयोजित किया गया।
  • तथ्यमुख्य चर्चा के विषयों में ऊर्जा, खाद्य और ईंधन सुरक्षा (fuel security) शामिल थे।
  • तथ्यभारत ने समिट के दौरान ग्लोबल गवर्नेंस सुधारों (Global Governance Reforms) की वकालत की।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दों के समाधान हेतु G7 जैसे बहुपक्षीय मंचों पर भारत की सक्रिय भागीदारी के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • बहुपक्षवाद: गवर्नेंस सुधारों में ग्लोबल साउथ की आवाज़ के रूप में भारत की भूमिका
  • स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: वैश्विक बदलावों के बीच फ्रांस और अमेरिका के साथ द्विपक्षीय संबंधों में संतुलन
  • रिसोर्स सिक्योरिटी: ग्लोबल फूड और फ्यूल सप्लाई चेन की सिस्टमिक कमियों को दूर करना

मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · ग्लोबल गवर्नेंस · बहुपक्षवाद · ऊर्जा सुरक्षा · ग्लोबल साउथ

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पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण हुई बाधाओं के बीच ईंधन की आपूर्ति में निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए भारत ने श्रीलंका को 38,000 मीट्रिक टन पेट्रोलियम की आपूर्ति की

चर्चा में क्यों: पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण हुई बाधाओं के बीच ईंधन की आपूर्ति में निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए भारत ने श्रीलंका को 38,000 मीट्रिक टन पेट्रोलियम की आपूर्ति की।

भारत ने श्रीलंका को 38,000 मीट्रिक टन डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति की। पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण आपूर्ति में आए व्यवधानों को कम करने के लिए यह डिलीवरी श्रीलंका IOC के माध्यम से की गई।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यभारत ने श्रीलंका को 38,000 मीट्रिक टन पेट्रोलियम (डीजल और पेट्रोल) की डिलीवरी की।
  • स्थानईंधन की आपूर्ति में व्यवधान वेस्ट एशिया (West Asia) में चल रहे युद्ध के कारण हुआ।
  • संस्थाश्रीलंका IOC ईंधन आपूर्ति की निरंतरता को सुगम बनाने वाली संस्था है।
  • पदविदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और श्रीलंकाई विदेश मंत्री विजिथा हेरथ ने 23 मार्च, 2026 को ऊर्जा सहयोग (energy cooperation) पर चर्चा की।
मेन्स के लिए

प्रश्न: दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय स्थिरता और 'पड़ोस पहले' की नीति के एक उपकरण के रूप में भारत की ऊर्जा कूटनीति के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • ऊर्जा सुरक्षा: द्विपक्षीय सहयोग के जरिए बाहरी सप्लाई शॉक को कम करना
  • भू-राजनीतिक लाभ: पड़ोस में फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में भारत की भूमिका को मज़बूत करना
  • स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: वेस्ट एशियन एनर्जी कॉरिडोर पर क्षेत्रीय निर्भरता कम करना

मुख्य शब्द: एनर्जी डिप्लोमेसी · पड़ोस पहले · रणनीतिक स्वायत्तता · क्षेत्रीय स्थिरता · सप्लाई चेन रेजिलिएंस

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NASA द्वारा लूनर गेटवे प्रोजेक्ट (Lunar Gateway project) को रोकने के फैसले के बावजूद

चर्चा में क्यों: NASA द्वारा लूनर गेटवे प्रोजेक्ट (Lunar Gateway project) को रोकने के फैसले के बावजूद, मोहम्मद बिन राशिद स्पेस सेंटर (MBRSC) ने आर्टेमिस प्रोग्राम (Artemis program) और NASA के साथ सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

NASA ने चंद्रमा पर स्थायी आधार (base) स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए 'लूनर गेटवे' (Lunar Gateway) प्रोजेक्ट को रोक दिया है। UAE की MBRSC का इरादा गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग में एक प्रमुख खिलाड़ी बने रहने का है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकलूनर गेटवे (Lunar Gateway): चंद्रमा की कक्षा में एक नियोजित स्पेस स्टेशन।
  • विज्ञान-तकनीकArtemis प्रोग्राम: NASA के नेतृत्व में एक अंतरराष्ट्रीय मानव चंद्र अन्वेषण (Lunar Exploration) प्रोग्राम।
  • संस्थाMBRSC: मोहम्मद बिन राशिद स्पेस सेंटर (Mohammed Bin Rashid Space Centre), UAE की स्पेस एजेंसी।
  • तथ्यNASA का रणनीतिक बदलाव: Lunar Gateway से एक स्थायी lunar base की ओर।
मेन्स के लिए

प्रश्न: अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए वैश्विक मानदंडों की स्थापना और तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देने में अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष सहयोग के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा: राष्ट्रीय अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं और बहुपक्षीय सहयोग ढांचे के बीच संतुलन
  • संसाधन शासन: लूनर माइनिंग और स्थायी बेस हैबिटेशन के लिए कानूनी ढांचा तैयार करना
  • तकनीकी तालमेल: हाई-रिस्क डीप स्पेस एक्सप्लोरेशन की लागत कम करने के लिए मल्टी-नेशनल एक्सपर्टाइज़ का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: स्पेस डिप्लोमेसी · बहुपक्षवाद · चंद्र अन्वेषण · रणनीतिक स्वायत्तता · तकनीकी सहयोग

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भारतीय नौसेना ने कोच्चि में IOS SAGAR पहल के तहत हार्बर ट्रेनिंग फेज (Harbour Training Phase) को पूरा किया

चर्चा में क्यों: भारतीय नौसेना ने कोच्चि में IOS SAGAR पहल के तहत हार्बर ट्रेनिंग फेज (Harbour Training Phase) को पूरा किया। इसमें समुद्री सहयोग को बढ़ाने के लिए इंडियन ओशन रीजन (IOR) में कई देशों के चालक दल शामिल हुए।

यह प्रशिक्षण कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान (Southern Naval Command) में आयोजित किया गया और यह दो सप्ताह तक चला। इसमें उन्नत सिमुलेटर (simulators) का उपयोग करते हुए सीमैनशिप, नेविगेशन और विजिट, बोर्ड, सर्च एंड सीज्योर (VBSS) ऑपरेशंस पर आधारित मॉड्यूल शामिल थे।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाIOS SAGAR: हिंद महासागर क्षेत्र (Indian Ocean Region) में समुद्री सहयोग के लिए भारतीय नौसेना की एक पहल।
  • तथ्यVBSS: Visit, Board, Search, and Seizure ऑपरेशंस ट्रेनिंग का एक मुख्य मॉड्यूल थे।
  • तथ्यइस प्रोग्राम में पार्टनर देशों से मल्टीनेशनल क्रू (multinational crews) शामिल हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: आईओएस सागर (IOS SAGAR) जैसी समुद्री सुरक्षा सहयोग पहलों के भारत के 'मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत' (Free and Open Indo-Pacific) के लक्ष्य को बनाए रखने के उद्देश्य में योगदान का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • रणनीतिक स्वायत्तता: स्वतंत्र नौसेना क्षमताओं के साथ बहुपक्षीय समुद्री सुरक्षा का संतुलन
  • इंटरऑपरेबिलिटी की बाधाएं: विभिन्न बहुराष्ट्रीय नौसेनाओं के बीच VBSS प्रोटोकॉल और कम्युनिकेशन सिस्टम को मानकीकृत करना
  • भू-राजनीतिक सिग्नलिंग: हिंद महासागर क्षेत्र में 'सुरक्षा प्रदाता' नैरेटिव को मज़बूत करना

मुख्य शब्द: समुद्री सुरक्षा · इंटरऑपरेबिलिटी · रणनीतिक स्वायत्तता · इंडो-पैसिफिक · VBSS ऑपरेशंस

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