यूपीएससी सिविल सेवा GS2 (राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध) के अंतर्राष्ट्रीय संबंध भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 3,345 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: भारत के द्विपक्षीय संबंध (2758) · दूसरे देशों की नीतियों का भारत पर असर (208) · भारत एवं पड़ोसी देश (173) · क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह (QUAD, BRICS, SCO, G20...) (112) · अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं एवं एजेंसियां (UN, WTO, IMF...) (88) · प्रवासी भारतीय (6)
चर्चा में क्यों: ऑस्ट्रेलिया के उप-प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स समुद्री सुरक्षा और डोमेन अवेयरनेस (domain awareness) पर चर्चा करने के लिए दूसरे ऑस्ट्रेलिया-भारत रक्षा मंत्रियों के संवाद (Defence Ministers' Dialogue) के लिए नई दिल्ली के दौरे पर हैं।
यह बैठक समुद्री सुरक्षा (Maritime Security), डोमेन अवेयरनेस (Domain Awareness) और द्विपक्षीय अभ्यासों को बढ़ाने पर केंद्रित है। यह बैठक 26 मई को Quad के विदेश मंत्रियों द्वारा इंडो-पैसिफिक मैरीटाइम सर्विलांस कोलैबोरेशन (IPMSC) शुरू किए जाने के बाद आयोजित की जा रही है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदरिचर्ड मार्ल्स: ऑस्ट्रेलिया के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और डिफेंस मिनिस्टर।
संस्थाIPMSC: Quad के विदेश मंत्रियों द्वारा Indo-Pacific Maritime Surveillance Collaboration लॉन्च किया गया।
तथ्यआगामी बैठक ऑस्ट्रेलिया-इंडिया Defence Ministers' Dialogue का दूसरा संस्करण है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बदलते हुए भारत-प्रशांत सुरक्षा ढांचे के संदर्भ में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग के महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
स्ट्रेटेजिक अलाइनमेंट: गैर-पारंपरिक सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस को मजबूत करना
मल्टीलैटरल सिनर्जी: क्षेत्रीय निगरानी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए IPMSC जैसी क्वाड-नेतृत्व वाली पहलों का लाभ उठाना
चर्चा में क्यों: अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने सिंगापुर में कहा कि भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के वर्चस्व (hegemony) के खिलाफ शक्ति संतुलन बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण आधार (anchor) है।
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा करने के लिए सिंगापुर का दौरा किया। उन्होंने साझा रक्षा अभियानों के लिए भारत के सैन्य आधुनिकीकरण और औद्योगिक क्षमता को महत्वपूर्ण बताया। साथ ही, उन्होंने चीनी प्रभाव का मुकाबला करने के लिए सहयोगियों से सैन्य खर्च बढ़ाने का आग्रह किया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदपीट हेगसेथ: US Defence Secretary.
तथ्यभारत को Indo-Pacific में शक्ति संतुलन (balance of power) के लिए एक 'क्रिटिकल एंकर' (critical anchor) के रूप में पहचाना गया है।
तथ्यक्षेत्रीय गठबंधों में US नीति निर्भरता के बजाय साझा जिम्मेदारी (shared responsibility) पर जोर देती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत-प्रशांत क्षेत्र में एक 'महत्वपूर्ण लंगर' (critical anchor) के रूप में भारत के महत्व का विश्लेषण कीजिए और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका की 'साझा जिम्मेदारी' (shared responsibility) की रणनीति के निहितार्थों की चर्चा कीजिए।
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: अमेरिका के साथ गहरे रक्षा संबंधों और स्वतंत्र क्षेत्रीय हितों के बीच संतुलन
डिफेंस इंडस्ट्रियलाइजेशन: बाहरी सप्लाई चेन पर निर्भरता कम करने के लिए भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का इस्तेमाल
सुरक्षा आर्किटेक्चर: एकपक्षीय अमेरिकी नेतृत्व से मल्टी-पोलर 'शेयर्ड रिस्पॉन्सिबिलिटी' मॉडल की ओर बदलाव
मुख्य शब्द: शक्ति का संतुलन · इंडो-पैसिफिक रणनीति · रणनीतिक स्वायत्तता · रक्षा औद्योगीकरण · क्षेत्रीय स्थिरता
चर्चा में क्यों: रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने घोषणा की है कि वियतनाम ने ब्रह्मोस (BrahMos) सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम के लिए एक समझौता किया है, जबकि इंडोनेशिया के साथ समझौता अंतिम चरण में है।
भारत वियतनाम और इंडोनेशिया को ब्रह्मोस (BrahMos) सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम का निर्यात कर रहा है। ये सौदे ASEAN क्षेत्र के भीतर रक्षा विनिर्माण और निर्यात को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकब्रह्मोस (BrahMos): भारत और रूस के बीच एक जॉइंट वेंचर (Joint Venture) के रूप में विकसित एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम।
स्थानवियतनाम और इंडोनेशिया: भारत के हालिया डिफेंस एक्सपोर्ट डील्स (defence export deals) में शामिल प्रमुख ASEAN देश।
तथ्यब्रह्मोस (BrahMos) मिसाइल सिस्टम को ASEAN क्षेत्र के भीतर डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट्स को मजबूत करने के लिए एक्सपोर्ट किया जा रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत द्वारा आसियान (ASEAN) देशों को बढ़ते रक्षा निर्यात किस प्रकार भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और 'एक्ट ईस्ट' नीति में योगदान देते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
स्ट्रेटेजिक लेवरेज: भरोसेमंद डिफेंस पार्टनरशिप के जरिए साउथ चाइना सी में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना
आर्थिक एकीकरण: नेट इंपोर्टर से हाई-टेक डिफेंस हार्डवेयर के बड़े निर्यातक बनने की ओर बदलाव
भू-राजनीतिक तालमेल: एक मजबूत और स्वतंत्र डिफेंस सप्लाई चेन बनाकर क्षेत्रीय वर्चस्व का मुकाबला करना
चर्चा में क्यों: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो G20 बैठक में शामिल होने के लिए भारत आए और वैश्विक एजेंडा के मुद्दों पर भारतीय अधिकारियों के साथ चर्चा की।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो G20 बैठक के लिए भारत आए। इस यात्रा के दौरान, उन्होंने वैश्विक एजेंडा से जुड़े विषयों पर भारतीय अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय चर्चा की।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदमार्को रूबियो: US Secretary of State
संस्थाG20: वह अंतरराष्ट्रीय मंच (International forum) जिसमें भारत यात्रा के दौरान US Secretary of State ने हिस्सा लिया।
तथ्यइस यात्रा के दौरान भारतीय अधिकारियों के साथ ग्लोबल एजेंडा (global agenda) पर चर्चा हुई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक एजेंडा को आकार देने और भारत एवं संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने में जी-20 (G20) मंच के महत्व पर चर्चा कीजिए।
स्ट्रेटेजिक अलाइनमेंट: क्लाइमेट फाइनेंस और ट्रेड स्टेबिलिटी जैसे वैश्विक मुद्दों पर तालमेल
मल्टीलैटरलिज्म: ग्लोबल साउथ और पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक पुल के रूप में भारत की भूमिका
चर्चा में क्यों: थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने कहा कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किए गए शुरुआती ऑपरेशन के बाद, भारत अब 'ऑपरेशन सिंदूर 2.0' की तैयारी कर रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत भारत द्वारा 7 मई, 2025 को पहलगाम, कश्मीर में हुए एक आतंकी हमले के बाद की गई थी। यह ऑपरेशन पाकिस्तान द्वारा भारतीय लक्ष्यों पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों के जवाब में चलाया गया था।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई, 2025 को की गई थी।
स्थानपहलगाम, कश्मीर: वह स्थल जहाँ से आतंकी हमले के कारण ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) शुरू हुआ।
पदजनरल उपेन्द्र द्विवेदी: थल सेना प्रमुख।
मेन्स के लिए
प्रश्न: आधुनिक आतंकवाद विरोधी अभियानों में सूचना युद्ध (Information Warfare) के महत्व और संघर्ष की तीव्र अवधि के दौरान राष्ट्रीय एकता बनाए रखने में इसकी भूमिका पर चर्चा कीजिए।
नैरेटिव कंट्रोल: एकीकृत राष्ट्रीय संचार के जरिए विरोधी प्रोपेगेंडा का मुकाबला
मल्टी-डोमेन रेडीनेस: तेज़ी से बढ़ते तनाव का जवाब देने के लिए आर्मी, नेवी और एयर फ़ोर्स का एकीकरण
सूचना युद्ध: घरेलू एकजुटता बनाए रखने के लिए मनोवैज्ञानिक और डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: सूचना युद्ध · आतंकवाद विरोधी · राष्ट्रीय सुरक्षा · मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस · रणनीतिक संचार
चर्चा में क्यों: चक्रवात डिटवाह (Cyclone Ditwah) के कारण श्रीलंका में 366 लोगों की मौत हो गई और तमिलनाडु तथा पुडुचेरी में बारिश का अलर्ट जारी किया गया, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय सहायता और स्थानीय बचाव अभियान शुरू किए गए।
चक्रवात डिटवाह (Cyclone Ditwah) तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों के पास एक गहरे दबाव (deep depression) में बदल गया। श्रीलंका में, इस चक्रवात के कारण 366 लोगों की मृत्यु हो गई और 367 लोग लापता हो गए, जिसके परिणामस्वरूप पुनर्प्राप्ति के लिए एक विशेष सार्वजनिक-निजी फंड (public-private fund) बनाया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यश्रीलंका में चक्रवात Ditwah (डिटवाह) से हुई मौतों की संख्या: 366।
तथ्यश्रीलंका में लापता लोगों की संख्या: 367।
स्थानग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन ने बचाव कार्यों के लिए 103 नावों को तैनात किया।
स्थानश्रीलंका को UK, चीन, ऑस्ट्रेलिया और नेपाल द्वारा अंतर्राष्ट्रीय सहायता प्रदान की गई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हिंद महासागर क्षेत्र में आपदा प्रबंधन और जलवायु लचीलेपन (climate resilience) के समक्ष मौजूद चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और चक्रवातों के प्रभावों को कम करने में बहुपक्षीय सहयोग की आवश्यकता पर प्रकाश डालिए। चर्चा कीजिए।
क्लाइमेट वल्नरेबिलिटी: बढ़ते ट्रॉपिकल साइक्लोन के प्रति तटीय इंफ्रास्ट्रक्चर की अधिक संवेदनशीलता
बहुपक्षीय सहयोग: भारत और श्रीलंका के बीच स्टैंडर्डाइज्ड अर्ली वार्निंग सिस्टम और रैपिड रिस्पांस प्रोटोकॉल की ज़रूरत
चर्चा में क्यों: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन व्यापार, रक्षा और ऊर्जा सहयोग पर चर्चा करने के लिए नई दिल्ली पहुंचे हैं। उनकी यह यात्रा 27 घंटे की होगी, जिसमें स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स (Small Modular Reactors) पर संभावित सहयोग पर भी बातचीत की जाएगी।
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत-रूस साझेदारी को मजबूत करने के लिए नई दिल्ली के 27 घंटे के दौरे पर हैं। मुख्य एजेंडा मदों में रूस के साथ भारत के बढ़ते व्यापार घाटे (trade deficit) को संबोधित करना और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (small modular reactors) पर सहयोग शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदव्लादिमीर पुतिन: रूस के प्रेसिडेंट।
तथ्यपुतिन की नई दिल्ली यात्रा की अवधि: 27 घंटे।
विज्ञान-तकनीकस्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स (Small Modular Reactors): भारत-रूस ऊर्जा सहयोग के लिए एक फोकस एरिया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की उभरती व्यापार गतिशीलता और ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों के संदर्भ में भारत-रूस साझेदारी के रणनीतिक महत्व का विश्लेषण कीजिए।
ट्रेड इम्बैलेंस: रूस के साथ गहरे डिफेंस संबंधों के बावजूद बढ़ते ट्रेड डेफिसिट को दूर करना
ऊर्जा विविधीकरण: न्यूक्लियर एनर्जी क्षमता बढ़ाने के लिए स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स पर संभावित सहयोग
भू-राजनीतिक संतुलन: अमेरिका के साथ तनावपूर्ण संबंधों के बीच रूस के साथ पुराने रिश्तों को संभालना
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · ऊर्जा सुरक्षा · व्यापार घाटा · द्विपक्षीय सहयोग · भू-राजनीतिक संतुलन
चर्चा में क्यों: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (National Security Advisor) अजीत डोवाल ने रूस में आयोजित एक सुरक्षा मंच के दौरान आतंकवाद विरोधी प्रयासों में दोहरे मानकों को खारिज करने और द्वितीय विश्व युद्ध (WWII) के बाद की अंतरराष्ट्रीय संरचनाओं में सुधार करने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोवाल ने रूसी संघ की सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु से मुलाकात की। इस बैठक में रक्षा, सुरक्षा, ऊर्जा और व्यापार-आर्थिक संबंधों पर चर्चा की गई। बैठक में नई दिल्ली में होने वाली आगामी BRICS राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
पदअजीत डोवाल: भारत के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (National Security Advisor)।
पदसर्गेई शोइगु: रूसी फेडरेशन की सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी।
स्थानहोर्मुज जलडमरूमध्य और रेड सी (Red Sea): इन्हें व्यापार के लिए महत्वपूर्ण शिपिंग रूट्स (shipping routes) के रूप में पहचाना गया है।
तथ्यBRICS: नई दिल्ली में होने वाली नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर्स की आगामी मीटिंग के लिए फोरम।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक आतंकवाद से निपटने के लिए द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात निर्मित अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा संरचनाओं में सुधार की आवश्यकता, ताकि वे 'ग्लोबल साउथ' (Global South) के हितों को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित कर सकें, का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
संस्थागत असंतुलन: द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के अंतरराष्ट्रीय निकायों में पश्चिमी-केंद्रित सुरक्षा मानदंडों का दबदबा
भू-राजनीतिक तनाव: पश्चिम एशियाई संघर्षों के बीच लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा का संतुलन
मल्टीलैटरल शिफ्ट: काउंटर-टेररिज्म स्टैंडर्ड्स तय करने में ग्लोबल साउथ की बढ़ती भूमिका
मुख्य शब्द: ग्लोबल साउथ · आतंकवाद विरोधी · समुद्री सुरक्षा · बहुपक्षवाद · रणनीतिक स्वायत्तता
चर्चा में क्यों: अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने भारत के सैन्य आधुनिकीकरण पर चर्चा की और वैश्विक रक्षा निर्माण रणनीति के हिस्से के रूप में भारत-अमेरिका सह-उत्पादन (co-production) का समर्थन किया।
अमेरिकी युद्ध सचिव (Secretary of War) पीट हेगसेथ ने उच्च-स्तरीय ऑपरेशंस के लिए भारत की भारी औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स क्षमताओं पर चर्चा की। उन्होंने रक्षा के वैश्वीकरण (globalization of defense) को समर्थन देने के लिए अमेरिका और भारत के बीच सह-उत्पादन (co-production) पर जोर दिया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदपीट हेगसेथ: US Secretary of War.
तथ्यशंगरी-ला डायलॉग (Shangri-La Dialogue): इसमें 44 देशों के शीर्ष अधिकारियों को एक साथ लाया गया।
तथ्यUS-India डिफेंस स्ट्रैटेजी: को-प्रोडक्शन और मैन्युफैक्चरिंग ग्लोबलाइजेशन पर फोकस।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत-अमेरिका रणनीतिक रक्षा साझेदारी को सुदृढ़ करने में सह-उत्पादन और विनिर्माण वैश्वीकरण के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
सप्लाई चेन रेज़िलिएंस: महत्वपूर्ण डिफेंस कंपोनेंट्स के लिए थर्ड-पार्टी देशों पर निर्भरता कम करना
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: स्वतंत्र औद्योगिक क्षमताओं के साथ द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में संतुलन
मुख्य शब्द: को-प्रोडक्शन · रक्षा वैश्वीकरण · रणनीतिक साझेदारी · सैन्य आधुनिकीकरण · औद्योगिक क्षमता
चर्चा में क्यों: अमेरिका, यूके और ऑस्ट्रेलिया (AUKUS) ने इंडो-पैसिफिक समुद्री खतरों का मुकाबला करने के लिए ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल्स (AUVs) विकसित करने हेतु एक संयुक्त उद्यम की घोषणा की है।
यह पहल AUKUS सुरक्षा गठबंधन के 'पिलर टू' (Pillar Two) के अंतर्गत आती है, जो उन्नत सैन्य क्षमताओं पर केंद्रित है। तीनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने समुद्री अभियानों को बढ़ाने और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे (Critical Infrastructure) की सुरक्षा में इस परियोजना की भूमिका पर जोर दिया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाAUKUS: ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम और यूनाइटेड स्टेट्स के बीच एक सुरक्षा समझौता (security pact)।
विज्ञान-तकनीकAUVs: Autonomous underwater vehicles जिन्हें समुद्री ऑपरेशंस और इंफ्रास्ट्रक्चर मॉनिटरिंग के लिए डिजाइन किया गया है।
तथ्यपिलर टू: अत्याधुनिक सैन्य तकनीक और क्षमताओं पर केंद्रित विशिष्ट AUKUS फ्रेमवर्क।
मेन्स के लिए
प्रश्न: AUKUS गठबंधन और उन्नत समुद्री प्रौद्योगिकियों पर इसके केंद्रित ध्यान, भारत-प्रशांत क्षेत्र में विकसित होते समुद्री सुरक्षा ढांचे को किस प्रकार प्रभावित करते हैं, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
भू-राजनीतिक तनाव: AUKUS और चीन के समुद्री विस्तार के बीच नौसेना तकनीक की प्रतिस्पर्धा में बढ़ोतरी
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: एशिया में क्षेत्रीय डिप्लोमैटिक स्थिरता के साथ मल्टीलैटरल सिक्योरिटी कमिटमेंट्स का संतुलन
मुख्य शब्द: मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस · इंडो-पैसिफिक सुरक्षा · ऑटोनॉमस सिस्टम्स · रणनीतिक संतुलन · रक्षा सहयोग
चर्चा में क्यों: भारत ने साझा सुरक्षा खतरों के खिलाफ समन्वय बढ़ाने के लिए 13 देशों की सेनाओं को शामिल करते हुए PRAGATI 2026 संयुक्त सैन्य अभ्यास की मेजबानी की।
दो सप्ताह तक चले PRAGATI 2026 अभ्यास में भूटान, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, फिलीपींस, सेशेल्स, श्रीलंका और वियतनाम सहित 13 देशों के सैनिक शामिल हुए। प्रशिक्षण मॉड्यूल में आतंकवाद विरोधी अभियान (counter-terrorism), जंगल युद्ध (jungle warfare), रैपेलिंग और कैजुअल्टी इवैक्युएशन (casualty evacuation) ड्रिल शामिल थे।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यPRAGATI 2026 में कुल 13 देशों ने भाग लिया।
विज्ञान-तकनीकट्रेनिंग मॉड्यूल में काउंटर-टेररिज्म, जंगल वॉरफेयर, रैपेलिंग और कैजुअल्टी इवैक्युएशन ड्रिल्स शामिल थे।
स्थानइसमें भाग लेने वाले देशों में भूटान, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, फिलीपींस, सेशेल्स, श्रीलंका और वियतनाम शामिल थे।
मेन्स के लिए
प्रश्न: प्रगति (PRAGATI) जैसे बहुपक्षीय सैन्य अभ्यासों के क्षेत्रीय सुरक्षा संरचना में योगदान और भारत की हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक 'नेट सुरक्षा प्रदाता' (net security provider) के रूप में भूमिका के संदर्भ में उनके महत्व पर चर्चा कीजिए।
सुरक्षा आर्किटेक्चर: सीमा पार अपराधों और समुद्री खतरों के खिलाफ सामूहिक प्रतिक्रिया को मजबूत करना
डिप्लोमैटिक लेवरेज: मल्टी-लैटरल ट्रेनिंग के जरिए क्षेत्रीय सुरक्षा प्रदाता के रूप में भारत की भूमिका को बढ़ाना
ऑपरेशनल सिनर्जी: मिश्रित-ग्रुप ट्रूप ऑपरेशंस के जरिए रियल-टाइम इमरजेंसी रिस्पॉन्स कोऑर्डिनेशन में सुधार
मुख्य शब्द: नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर · क्षेत्रीय स्थिरता · आतंकवाद विरोधी · बहुपक्षवाद · समुद्री सुरक्षा
चर्चा में क्यों: यूक्रेन और रूस के बीच हवाई हमलों का आदान-प्रदान हुआ, जिसमें एक यूक्रेनी ड्रोन हमले से ज़ापोरिज़िया (Zaporizhzhia) परमाणु ऊर्जा संयंत्र को नुकसान पहुँचा है।
इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने रिपोर्ट दी है कि आक्रमण के बाद से ज़ापोरिज़िया (Zaporizhzhia) परमाणु ऊर्जा संयंत्र ने 16वीं बार अपनी ऑफ-साइट पावर खो दी है। रूस ने दावा किया है कि उसने क्रीमियन प्रायद्वीप पर सैन्य बुनियादी ढांचे और एक ऑयल टर्मिनल को निशाना बनाया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यआक्रमण के बाद से ज़ापोरिज़ज़िया (Zaporizhzhia) न्यूक्लियर पावर प्लांट ने 16वीं बार ऑफ-साइट पावर (off-site power) खो दी है।
स्थानहड़ताल के दौरान शोस्तका रेलवे स्टेशन (Shostka railway station) के क्षतिग्रस्त होने की रिपोर्ट मिली।
स्थानक्रिमियन प्रायद्वीप पर स्थित एक ऑयल टर्मिनल को रूसी हमलों का निशाना बनाया गया।
संस्थाइंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने परमाणु सुविधा में हुई बिजली की हानि की निगरानी की।
मेन्स के लिए
प्रश्न: आधुनिक युद्ध कौशल में बुनियादी ढांचे को लक्षित करने के क्षेत्रीय परमाणु सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
न्यूक्लियर सेफ्टी रिस्क: ज़ापोरिज़िया में बार-बार ऑफ-साइट पावर लॉस से रेडियोलॉजिकल कंटामिनेशन का खतरा
कानूनी अस्पष्टता: हाई-इंटेंसिटी एरियल स्ट्राइक्स में कोलैटरल डैमेज के लिए ज़िम्मेदारी तय करने में चुनौतियां
ऊर्जा सुरक्षा: महत्वपूर्ण ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑयल टर्मिनल्स पर काइनेटिक स्ट्राइक्स का खतरा
मुख्य शब्द: परमाणु सुरक्षा · काइनेटिक वॉरफेयर · इंफ्रास्ट्रक्चर की कमज़ोरी · अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून · ऊर्जा सुरक्षा
चर्चा में क्यों: नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय नौसेना चीन और पाकिस्तान से दो तरफा समुद्री चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए एंटी-सबमरीन (anti-submarine) और नेटवर्क-सेंट्रिक ऑपरेशंस को मजबूत कर रही है।
भारतीय नौसेना समुद्री हितों को सुरक्षित करने के लिए तकनीकी एकीकरण और निरंतर उपस्थिति पर ध्यान केंद्रित कर रही है। प्रमुख पहलों में प्रोजेक्ट 75(I) के तहत छह स्टील्थ सबमरीन (stealth submarines) का अधिग्रहण और रक्षा प्लेटफार्मों में आत्मनिर्भरता के प्रति प्रतिबद्धता शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकProject 75(I): छह स्टील्थ सबमरीन (stealth submarines) के अधिग्रहण के लिए भारतीय नौसेना की एक पहल।
तथ्यनौसेना तीन विशिष्ट क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है: एंटी-सबमरीन (anti-submarine) वॉरफेयर, अंडरवॉटर सर्विलांस (underwater surveillance) और नेटवर्क-सेंट्रिक ऑपरेशंस (network-centric operations)।
पदएडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी: भारतीय नौसेना के वर्तमान चीफ।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की उभरती सुरक्षा चुनौतियों के संदर्भ में समुद्री निवारण (maritime deterrence) और आत्मनिर्भरता को बढ़ाने के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: समुद्री सुरक्षा की जरूरतों और स्वदेशी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के लक्ष्य के बीच संतुलन
तकनीकी समानता: क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ अंडरवॉटर सर्विलांस और नेटवर्क-सेंट्रिक क्षमताओं के अंतर को दूर करना
दो तरफा समुद्री दबाव: अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से एक साथ आने वाले सुरक्षा खतरों को संभालना
मुख्य शब्द: समुद्री प्रतिरोध · आत्मनिर्भरता · नेटवर्क-सेंट्रिक ऑपरेशंस · एंटी-सबमरीन · रणनीतिक स्वायत्तता
चर्चा में क्यों: रोमानियाई राष्ट्रपति निकुसोर दान ने रोमानिया में एक इमारत पर हुए ड्रोन हमले के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया है। इस घटना ने यूक्रेन संघर्ष में NATO की संभावित भागीदारी को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
रोमानिया में एक इमारत पर ड्रोन हमला हुआ, जिसकी जिम्मेदारी राष्ट्रपति निकुसोर दान ने रूस पर मढ़ी है। NATO ने अपने क्षेत्र की रक्षा करने की तत्परता व्यक्त की है, जबकि व्लादिमीर पुतिन ने इस हमले की जिम्मेदारी से इनकार किया और दावा किया कि युद्ध समाप्त होने के करीब है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
स्थानरोमानिया: एक NATO सदस्य देश जहाँ ड्रोन हमले की रिपोर्ट दी गई है।
संस्थाNATO: North Atlantic Treaty Organization, जिसने हमलों के खिलाफ क्षेत्र की रक्षा के लिए तत्परता व्यक्त की।
पदनिकुसोर दान: रोमानिया के प्रेसिडेंट।
पदवोलोडिमिर ज़ेलेंस्की: यूक्रेन के प्रेसिडेंट।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पूर्वी यूरोप में बढ़ते संघर्ष क्षेत्रों के नाटो (NATO) की सामूहिक सुरक्षा संरचना और क्षेत्रीय अखंडता के सिद्धांत पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
सिक्योरिटी डिलेमा: ड्रोन वॉरफेयर का बढ़ना और सीधा NATO-रूस टकराव का खतरा
भू-राजनीतिक तनाव: क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं और व्यापक महाद्वीपीय अस्थिरता के जोखिम के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: सामूहिक सुरक्षा · क्षेत्रीय अखंडता · असिमेट्रिक वॉरफेयर · निवारण · भू-राजनीतिक तनाव में बढ़ोतरी
चर्चा में क्यों: इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल फॉर द लॉ ऑफ द सी (ITLOS) ने 2022 में कार्गो शिप MT Heroic Idun और उसके भारतीय चालक दल (crew) को अवैध रूप से हिरासत में रखने के मामले में इक्वेटोरियल गिनी के खिलाफ फैसला सुनाया है।
ITLOS ने मार्शल आइलैंड्स को 14 मिलियन डॉलर से अधिक की राशि प्रदान की, जहाँ MT Heroic Idun पंजीकृत था। ट्रिब्यूनल ने पाया कि इक्वेटोरियल गिनी ने जहाज और उसके चालक दल को रोककर हिरासत में लेकर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी (UNCLOS) का उल्लंघन किया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाITLOS: इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल फॉर द लॉ ऑफ द सी (International Tribunal for the Law of the Sea)।
तथ्यITLOS ने इस फैसले में मार्शल आइलैंड्स को $14 मिलियन से अधिक की राशि देने का आदेश दिया।
प्रश्न: अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्रों में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा और नाविकों के अधिकारों को सुनिश्चित करने में 'संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून पर सम्मेलन' (UNCLOS) के महत्व पर चर्चा कीजिए।
क्षेत्राधिकार की स्पष्टता: तटीय राज्य के प्रवर्तन बनाम नौवहन की आज़ादी की सीमाओं को परिभाषित करना
मैरिटाइम सिक्योरिटी: जहाजों की मनमानी हिरासत और क्रू की सुरक्षा के जोखिमों को दूर करना
कानूनी सहारा: समुद्री विवादों के निपटारे और हर्जाने देने में अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल की भूमिका
मुख्य शब्द: नौवहन की स्वतंत्रता · समुद्री न्यायशास्त्र · UNCLOS · सीफ़रर राइट्स · अंतरराष्ट्रीय आर्बिट्रेशन
चर्चा में क्यों: पाकिस्तान ने ईरान और US के बीच मध्यस्थता के प्रयासों के दौरान वाशिंगटन में अपने राजनयिक और आर्थिक हितों के लिए लॉबिंग करने हेतु US स्थित एर्विन ग्रेव्स स्ट्रैटेजी ग्रुप (Ervin Graves Strategy Group) को नियुक्त किया है।
पाकिस्तान ने पूर्व रिपब्लिकन कांग्रेसमैन टॉम ग्रेव्स के नेतृत्व वाले 'एर्विन ग्रेव्स स्ट्रैटेजी ग्रुप' (Ervin Graves Strategy Group) के साथ दो साल का अनुबंध किया है। इस फर्म का मुख्य कार्य विधायी घटनाक्रमों की निगरानी करना, हितधारकों (stakeholders) के साथ जुड़ना और पाकिस्तान के लिए अमेरिकी सांसदों के दौरों को सुविधाजनक बनाना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदटॉम ग्रेव्स: एर्विन ग्रेव्स स्ट्रैटेजी ग्रुप के प्रमुख, जो पूर्व रिपब्लिकन कांग्रेसमैन हैं।
तथ्यकॉन्ट्रैक्ट की अवधि: लॉबिंग और डिप्लोमैटिक एंगेजमेंट (diplomatic engagement) के लिए दो साल का समझौता।
स्थानवॉशिंगटन, D.C.: पाकिस्तान की लॉबिंग और विधायी निगरानी (legislative monitoring) के लिए प्राथमिक स्थान।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक राजधानियों में मध्यवर्ती शक्तियों (middle-power nations) के कूटनीतिक और आर्थिक हितों को आकार देने में लॉबिंग फर्मों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
डिप्लोमैटिक लेवरेज: विधायी नतीजों और मीडिया नैरेटिव को प्रभावित करने के लिए प्राइवेट लॉबिंग का इस्तेमाल
रणनीतिक मध्यस्थता: अमेरिका के साथ द्विपक्षीय संबंधों को संतुलित करते हुए ईरान-अमेरिका तनावों को सुलझाने की कोशिश
चर्चा में क्यों: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि वे चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए ईरान के साथ होने वाले समझौते पर अंतिम निर्णय लेंगे, जबकि ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ एक समझौते पर अंतिम निर्णय लेने पर विचार कर रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगहाई और शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बगर गालिबफ ने कहा है कि हालांकि संदेशों का आदान-प्रदान किया जा रहा है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदडोनाल्ड ट्रंप: प्रेसिडेंट ऑफ द यूनाइटेड स्टेट्स।
पदइस्माइल बघाई: ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता।
पदमोहम्मद बहर गालिबफ: ईरान के टॉप नेगोशिएटर (top negotiator)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य पूर्व में कूटनीतिक मध्यस्थता की जटिलताओं और ईरान से जुड़े क्षेत्रीय संघर्षों को सुलझाने में एकपक्षीय कार्यकारी निर्णयों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
डिप्लोमैटिक गतिरोध: तेहरान और वाशिंगटन के बीच सक्रिय संदेशों के आदान-प्रदान के बावजूद कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ
वेरिफिकेशन की दुविधा: ईरान की ज़ुबानी वादों के बजाय आपसी कार्रवाई के आधार पर समझौतों को परखने की ज़िद
मुख्य शब्द: डिप्लोमैटिक मध्यस्थता · क्षेत्रीय स्थिरता · भू-राजनीतिक बढ़त · द्विपक्षीय वार्ता · संघर्ष समाधान
चर्चा में क्यों: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच एक व्यापार समझौता (Trade Deal) अगले कुछ हफ्तों और महीनों के भीतर होने की उम्मीद है।
भारत में अमेरिकी राजदूत, सर्जियो गोर ने रेखांकित किया कि पिछले दो दशकों में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार वस्तुओं और सेवाओं में 20 बिलियन डॉलर से बढ़कर 220 बिलियन डॉलर हो गया है। उन्होंने वैश्विक शक्ति समीकरणों (Global Power Dynamics) के लिए तकनीक को एक प्राथमिक चालक के रूप में पहचाना।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यपिछले दो दशकों में भारत और यू.एस. के बीच द्विपक्षीय व्यापार $20 बिलियन से बढ़कर $220 बिलियन हो गया है।
पदसर्जियो गोर भारत में अमेरिकी राजदूत हैं।
तथ्ययह ट्रेड डील (trade deal) वस्तुओं और सेवाओं दोनों को कवर करती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच गहराता आर्थिक एकीकरण और तकनीकी सहयोग वैश्विक शक्ति गतिशीलता और व्यापार गलियारों को किस प्रकार पुनर्गठित कर सकता है, चर्चा कीजिए।
रणनीतिक स्वायत्तता: घरेलू औद्योगिक सुरक्षा के साथ व्यापार रियायतों का संतुलन
टेक-आधारित एकीकरण: सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए उभरती टेक्नोलॉजी में मानकों को जोड़ना
ट्रेड इम्बैलेंस: वस्तु और सेवाओं के व्यापार में स्ट्रक्चरल डेफिसिट को दूर करना
मुख्य शब्द: द्विपक्षीय व्यापार · आर्थिक एकीकरण · तकनीकी नेतृत्व · ट्रेड कॉरिडोर · रणनीतिक साझेदारी
चर्चा में क्यों: इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज (IISS) की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत, फ्रांस और यूनाइटेड स्टेट्स के क्षेत्रीय दबदबे के कारण चीन की समुद्री संवेदनशीलता मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में है।
IISS रिपोर्ट चीन के समुद्री मार्गों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को एक महत्वपूर्ण समुद्री भेद्यता (vulnerability) के रूप में पहचानती है। यह रिपोर्ट बताती है कि हिंद महासागर में चीन की बढ़ती सैन्य उपस्थिति के बावजूद, भारत, फ्रांस और अमेरिका जैसे स्थापित देश महत्वपूर्ण क्षेत्रीय प्रभाव बनाए हुए हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाइंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज (IISS) वह संस्था है जिसने यह रिपोर्ट जारी की।
स्थानहोर्मुज जलडमरूमध्य को चीन के समुद्री मार्गों के लिए एक प्राथमिक समुद्री भेद्यता (maritime vulnerability) के रूप में पहचाना गया है।
तथ्यभारत, फ्रांस और संयुक्त राज्य अमेरिका (United States) को हिंद महासागर क्षेत्र में मजबूत सैन्य क्षमता बनाए रखने वाली शक्तियों के रूप में उद्धृत किया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: चीन की समुद्री सुरक्षा के संदर्भ में होर्मुज जलडमरूमध्य के भू-राजनीतिक महत्व और समुद्री मार्ग की स्थिरता बनाए रखने में क्षेत्रीय शक्तियों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
भू-राजनीतिक तनाव: हिंद महासागर की समुद्री सुरक्षा पर चीन और स्थापित शक्तियों (भारत, अमेरिका, फ्रांस) के बीच मुकाबला
रणनीतिक बॉटलनेक: चीन की बढ़ती नौसैनिक मौजूदगी के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले ऊर्जा और व्यापार मार्गों की संवेदनशीलता
मुख्य शब्द: समुद्री सुरक्षा · भू-राजनीति · समुद्री मार्ग · रणनीतिक कमजोरी · क्षेत्रीय दबदबा
चर्चा में क्यों: भारतीय अधिकारियों द्वारा व्यापार मिशनों के बाद, भारत और कनाडा ने कनेक्टिविटी बढ़ाने और व्यापारिक साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापार और निवेश मंच (Trade and Investment Forum) शुरू किया है।
भारतीय अधिकारी गोयल ने कनाडाई अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिधू और टेड पिक (मॉर्गन स्टेनली) एवं चिप केय (वारबर्ग पिंकस) सहित अन्य व्यापारिक नेताओं के साथ बैठक की। इस मंच का मुख्य उद्देश्य व्यापार, निवेश, नवाचार और सप्लाई चेन (supply chain) सहयोग का विस्तार करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदमनिंदर सिद्धू: कनाडाई इंटरनेशनल ट्रेड मिनिस्टर।
तथ्यइस फोरम का उद्देश्य व्यापार, निवेश, इनोवेशन और सप्लाई चेन सहयोग का विस्तार करना है।
स्थानकनाडा और यूनाइटेड स्टेट्स (United States) के लिए ट्रेड मिशन्स (Trade missions) आयोजित किए गए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत की स्थिति को सुदृढ़ करने और नवाचार-आधारित आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में द्विपक्षीय व्यापार मंचों के महत्व की चर्चा कीजिए।
सप्लाई चेन रेजिलिएंस: विविध द्विपक्षीय निवेश के जरिए सिंगल-सोर्स मार्केट्स पर निर्भरता कम करना
इनोवेशन सिनर्जी: भारत की मैन्युफैक्चरिंग और R&D क्षमताओं को मजबूत करने के लिए कनाडाई टेक एक्सपर्टाइज का लाभ उठाना
मुख्य शब्द: द्विपक्षीय व्यापार · सप्लाई चेन कोलैबोरेशन · इन्वेस्टमेंट फोरम · आर्थिक कनेक्टिविटी · इनोवेशन-आधारित विकास
चर्चा में क्यों: अमेरिका और ईरान के वार्ताकारों ने एक समझौते के ड्राफ्ट मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर सहमति जताई है, जिसके तहत युद्धविराम को आगे बढ़ाया जाएगा और आर्थिक राहत के बदले परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए 60 दिनों की अवधि तय की जाएगी।
प्रस्तावित MoU का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के माध्यम से निर्बाध वाणिज्यिक शिपिंग को फिर से शुरू करना और अमेरिकी नौसेना द्वारा लगाए गए ब्लॉकड (blockade) को हटाना है। इसमें प्रतिबंधों में राहत, ईरान की जमी हुई धनराशि और ईरान तक मानवीय पहुंच के संबंध में बातचीत के प्रावधान शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम के लिए बातचीत की विंडो की अवधि 60 दिनों के लिए प्रस्तावित है।
स्थानहोर्मुज जलडमरूमध्य: एक प्रमुख समुद्री मार्ग जहाँ बिना किसी रोक-टोक के कमर्शियल शिपिंग (commercial shipping) को फिर से शुरू करने का प्रस्ताव है।
विज्ञान-तकनीकनेगोशिएशन विंडो (negotiation window) का मुख्य फोकस ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम (nuclear program) है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अमेरिका-ईरान परमाणु गतिरोध के संदर्भ में कूटनीतिक उपकरणों के रूप में समुद्री सुरक्षा और आर्थिक प्रतिबंधों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
भू-राजनीतिक लाभ: आर्थिक दबाव के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का एक समुद्री चोक पॉइंट के रूप में उपयोग
डिप्लोमैटिक ट्रेड-ऑफ: परमाणु अप्रसार लक्ष्यों और क्षेत्रीय समुद्री स्थिरता की ज़रूरत के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: परमाणु अप्रसार · समुद्री सुरक्षा · आर्थिक प्रतिबंध · भू-राजनीतिक बढ़त · सीज़फायर डिप्लोमेसी
चर्चा में क्यों: अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास ईरानी ड्रोन्स पर हमला किया, जिसके जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने एक अमेरिकी एयरबेस पर जवाबी हमला किया।
अमेरिकी सेना ने दावा किया कि उसके कदम युद्धविराम बनाए रखने के लिए रक्षात्मक थे। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तेहरान के साथ संभावित समझौते की पेशकश को खारिज करने के बाद, अमेरिकी एयरबेस पर किए गए जवाबी हमले की जिम्मेदारी ली।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यहिंसा में वृद्धि के कारण वैश्विक तेल की कीमतों में उछाल आया।
पदडोनाल्ड ट्रंप: अमेरिकी राष्ट्रपति जिन्होंने तेहरान के साथ संभावित समझौते (compromise deal) की रिपोर्ट को खारिज कर दिया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार मार्गों पर पड़ने वाले भू-राजनीतिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
एनर्जी सिक्योरिटी: तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से वैश्विक महंगाई और ट्रेड बैलेंस प्रभावित
समुद्री सुरक्षा: होर्मुज जलडमरूमध्य में नेविगेशन की आज़ादी को ख़तरे
डिप्लोमैटिक डेडलॉक: क्षेत्रीय डी-एस्केलेशन पर समझौता रद्द करने का असर
मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक तनाव · ऊर्जा सुरक्षा · समुद्री व्यापार · प्रतिशोधी हमला · रणनीतिक चोकपॉइंट
चर्चा में क्यों: मिडल ईस्ट संघर्ष के 90वें दिन वैश्विक समुद्री व्यापार से अवैध वसूली की ईरानी कोशिशों के बाद, अमेरिकी प्रशासन ने ईरान के पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (Persian Gulf Strait Authority) पर नए प्रतिबंध लगाए हैं।
सचिव स्कॉट बेसेंट के नेतृत्व में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के माध्यम से होने वाले शिपिंग की निगरानी करने वाली एजेंसी को लक्षित किया। ये प्रतिबंध ईरान के लड़ाकू ड्रोन्स को गिराए जाने के बाद एक ईरानी सैन्य सुविधा पर अमेरिका द्वारा किए गए हमलों के बाद लगाए गए।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
स्थानहोर्मुज जलडमरूमध्य: एक रणनीतिक जलमार्ग जो फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
पदस्कॉट बेसेंट: US Treasury Secretary के रूप में कार्यरत।
तथ्यमई 2026 तक मिडिल ईस्ट संघर्ष (Middle East conflict) अपने 90वें दिन में प्रवेश कर गया।
तथ्यईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने नए प्रतिबंधों के खिलाफ जलमार्ग के शिपिंग रूट्स की रक्षा की।
मेन्स के लिए
प्रश्न: होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा व्यवधानों का वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर पड़ने वाले प्रभाव और क्षेत्रीय आक्रामकता को रोकने में एकपक्षीय प्रतिबंधों की प्रभावकारिता का विश्लेषण कीजिए।
ऊर्जा सुरक्षा: समुद्री पारगमन में रुकावट के कारण वैश्विक तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव
भू-राजनीतिक लाभ: आर्थिक शोषण के लिए रणनीतिक चोकपॉइंट्स का इस्तेमाल
प्रतिबंधों की प्रभावशीलता: ईरानी समुद्री बुनियादी ढांचे पर एकतरफा अमेरिकी प्रतिबंधों की सीमाएं
मुख्य शब्द: समुद्री सुरक्षा · एनर्जी डिप्लोमेसी · आर्थिक प्रतिबंध · रणनीतिक चोकपॉइंट्स · भू-राजनीतिक अस्थिरता
चर्चा में क्यों: ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने 3M कंपनी के खिलाफ 2 बिलियन डॉलर का मुकदमा दायर किया है। सरकार का आरोप है कि कंपनी ने PFAS 'फॉरएवर केमिकल्स' (forever chemicals) युक्त फायरफाइटिंग फोम से जुड़े पर्यावरणीय जोखिमों की जानकारी छिपाई थी।
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने 28 रक्षा ठिकानों पर PFAS संदूषण (contamination) के कारण 3M कंपनी पर 2 बिलियन डॉलर का मुकदमा दायर किया है। पर्यावरण में बने रहने की क्षमता और उनके उपचार (remediation) पर होने वाले भारी खर्च के कारण इन रसायनों को 'फॉरएवर केमिकल्स' (forever chemicals) कहा जाता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यऑस्ट्रेलियाई सरकार ने 3M के खिलाफ $2 बिलियन का मुकदमा दायर किया है।
पर्यावरणPFAS को उनके पर्यावरणीय स्थायित्व (environmental persistence) के कारण 'forever chemicals' कहा जाता है।
तथ्यPFAS संदूषण (contamination) ने ऑस्ट्रेलिया के 28 डिफेंस बेस को प्रभावित किया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: PFAS जैसे स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों (POPs) के विनियमन में आने वाली चुनौतियों और पर्यावरणीय क्षरण के लिए कॉर्पोरेट जवाबदेही के कानूनी निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
कॉर्पोरेट लायबिलिटी: विशिष्ट केमिकल के इस्तेमाल और लंबे समय के इकोलॉजिकल डैमेज के बीच सीधा संबंध स्थापित करने में मुश्किल
रेगुलेटरी गैप: केमिकल इनोवेशन और नए सिंथेटिक पदार्थों के लिए सेफ्टी स्टैंडर्ड्स तय करने के बीच का अंतर
मुख्य शब्द: कॉरपोरेट जवाबदेही · परसिस्टेंट ऑर्गेनिक पोल्यूटेंट्स · पर्यावरण सुधार · लायबिलिटी फ्रेमवर्क · केमिकल रेगुलेशन
चर्चा में क्यों: फिजी के विदेश मंत्री साकियासी डिटोका ने स्पष्ट किया कि नई दिल्ली में Quad के विदेश मंत्रियों द्वारा सहायता देने के वादे के बावजूद, किसी विशिष्ट पोर्ट प्रोजेक्ट (port project) पर कोई समझौता नहीं हुआ है।
फिजी सरकार बुनियादी ढांचे के विकास पर व्यवहार्यता अध्ययन (feasibility studies) के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के MCC कॉम्पैक्ट के तहत फंडिंग पर विचार कर रही है। यह घोषणा क्वाड (Quad) देशों और फिजी सरकार के बीच हुई चर्चाओं के बाद की गई है, जो फिजी के चीन के साथ मजबूत होते बुनियादी ढांचे के संबंधों के बीच हुई है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
स्थानफिजी: एक पैसिफिक आइलैंड देश जो वर्तमान में Quad और चीन के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधों को संतुलित कर रहा है।
तथ्यQuad के विदेश मंत्रियों ने फिजी को सहायता देने का संकल्प लेने के लिए नई दिल्ली में बैठक की।
मेन्स के लिए
प्रश्न: प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच 'क्वाड' (Quad) की बुनियादी ढांचा संबंधी पहलों के भू-राजनीतिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा: चीन की बेल्ट एंड रोड पहल के मुकाबले अमेरिका के नेतृत्व वाले क्वाड इंफ्रास्ट्रक्चर निवेशों के बीच संतुलन
कर्ज की स्थिरता: छोटे द्वीप वाले विकासशील देशों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग मॉडल के जोखिम
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: प्रमुख वैश्विक शक्तियों के प्रतिस्पर्धी हितों के बीच रास्ता निकालने की फिजी की नीति
चर्चा में क्यों: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच व्यापार विवादों और ऊर्जा राजनीति के कारण तनावपूर्ण हुए संबंधों को संबोधित करने के लिए भारत का दौरा किया।
इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार विवादों और ऊर्जा राजनीति के बाद संबंधों को सुधारना था। भारत वर्तमान में वैश्विक ऊर्जा संकट के कारण तेल और गैस की खरीद पर पुनर्विचार कर रहा है, जबकि वाशिंगटन भारत को ऊर्जा की बिक्री बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदमार्को रूबियो: US Secretary of State
तथ्यवैश्विक ऊर्जा संकट के कारण भारत की ऊर्जा रणनीति में तेल और गैस की खरीद पर पुनर्विचार शामिल है।
तथ्यभारत की व्यापारिक गतिशीलता (trade dynamics) रूसी कच्चे तेल (crude oil) पर निर्भरता और चीन के बढ़ते प्रभाव से प्रभावित होती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की ऊर्जा सुरक्षा आवश्यकताओं और संयुक्त राज्य अमेरिका एवं चीन के साथ उसके रणनीतिक एवं व्यापारिक संबंधों के बीच संतुलन बनाए रखने में आने वाली जटिलताओं का विश्लेषण कीजिए।
एनर्जी-सिक्योरिटी नेक्सस: रूसी कच्चे तेल पर निर्भरता और अमेरिका के नेतृत्व वाले एनर्जी सेल्स व रणनीतिक तालमेल के बीच संतुलन
ट्रेड-जियोपॉलिटिक्स ट्रेड-ऑफ: वाशिंगटन के साथ व्यापक ट्रेड डील के साथ चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करना
मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · रणनीतिक स्वायत्तता · ट्रेड डिप्लोमेसी · भू-राजनीतिक संतुलन · द्विपक्षीय संबंध
चर्चा में क्यों: भारत ने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो को आपातकालीन फार्मास्युटिकल सप्लाई (pharmaceutical supplies) भेजी है, ताकि WHO द्वारा 'पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न' घोषित किए गए इबोला प्रकोप से निपटने में सहायता मिल सके।
भारत ने डायग्नोस्टिक्स, चिकित्सीय उपचार (Therapeutics), संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण सामग्री, तथा केस मैनेजमेंट सपोर्ट प्रदान किया। इन सामग्रियों को पूर्वी डीआर कांगो (DR Congo) में तैनात करने के लिए पूर्वी अफ्रीका क्षेत्रीय समन्वय केंद्र (Eastern Africa Regional Coordinating Centre) द्वारा युगांडा में प्राप्त किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यWHO ने 17 मई को इबोला आउटब्रेक को इंटरनेशनल कंसर्न की पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी (Public Health Emergency of International Concern) घोषित किया।
संस्थाअफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Africa CDC) ने भारतीय आपूर्ति की प्राप्ति की पुष्टि की।
स्थानसप्लाई Uganda में प्राप्त हुए और DR Congo के पूर्वी हिस्से के लिए भेजे गए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: महामारी और महामारी संबंधी प्रतिक्रियाओं के दौरान वैश्विक स्वास्थ्य कूटनीति में भारत की भूमिका और अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा में इसके योगदान का विश्लेषण कीजिए।
सॉफ्ट पावर प्रोजेक्शन: मानवीय मेडिकल डिप्लोमेसी के जरिए भारत की 'दुनिया की फार्मेसी' वाली छवि को मजबूत करना
लॉजिस्टिक कोऑर्डिनेशन: रैपिड रिस्पॉन्स में ईस्टर्न अफ्रीका रीजनल कोऑर्डिनेटिंग सेंटर जैसे रीजनल हब्स की भूमिका
ग्लोबल हेल्थ सिक्योरिटी: उभरते संक्रामक बीमारी हॉटस्पॉट्स में तेज़ डायग्नोस्टिक और थेराप्यूटिक तैनाती की ज़रूरत को पूरा करना
मुख्य शब्द: ग्लोबल हेल्थ डिप्लोमेसी · सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल · दुनिया की फार्मेसी · संक्रामक रोग प्रबंधन · मानवीय सहायता
चर्चा में क्यों: Quad के विदेश मंत्रियों ने 26 मई, 2026 को नई दिल्ली में एक बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ते तनाव से निपटने के लिए समुद्री निगरानी (Maritime Surveillance) और ऊर्जा लचीलेपन (Energy Resilience) से जुड़ी पहल शुरू करना था।
इस बैठक में एस. जयशंकर (भारत), मार्को रूबियो (USA), तोशिमित्सु मोतेगी (जापान) और पेनी वोंग (ऑस्ट्रेलिया) शामिल हुए। बैठक के प्रमुख परिणामों में इंडो-पैसिफिक मैरीटाइम सर्विलांस कोलैबोरेशन (Indo-Pacific Maritime Surveillance Collaboration) और फिजी में 'क्वाड पोर्ट्स ऑफ द फ्यूचर पार्टनरशिप' (Quad Ports of the Future Partnership) पायलट प्रोजेक्ट शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाQuad: भारत, USA, जापान और ऑस्ट्रेलिया को शामिल करने वाला एक रणनीतिक समूह (strategic grouping)।
तथ्यइंडो-पैसिफिक मैरीटाइम सर्विलांस कोलैबोरेशन (Indo-Pacific Maritime Surveillance Collaboration): मई 2026 की बैठक के दौरान शुरू की गई एक नई पहल।
स्थानफिजी: Quad Ports of the Future Partnership के पायलट प्रोजेक्ट की लोकेशन।
तथ्यइंडो-पैसिफिक मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस (Indo-Pacific Maritime Domain Awareness): नई दिल्ली बैठक के दौरान इस पहल का विस्तार किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और बुनियादी ढाँचे के विकास को सुनिश्चित करने में 'क्वाड' (Quad) की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
सुरक्षा आर्किटेक्चर: मल्टीलैटरल मैरीटाइम सर्विलांस और नॉन-इंटरफेरेंस के सिद्धांत के बीच संतुलन
इंफ्रास्ट्रक्चर डिप्लोमेसी: क्षेत्रीय वर्चस्व को रोकने के लिए पैसिफिक आइलैंड देशों में पोर्ट डेवलपमेंट का इस्तेमाल
एनर्जी रेजिलिएंस: महत्वपूर्ण मैरीटाइम चोकपॉइंट्स में सप्लाई चेन की कमियों को कम करना
चर्चा में क्यों: अमेरिकी ऊर्जा विभाग (Department of Energy) ने कोल्ड वॉर (Cold War) युग के अतिरिक्त प्लूटोनियम को परमाणु रिएक्टरों के लिए ईंधन के रूप में उपयोग करने पर चर्चा करने के लिए ओक्लो (Oklo) सहित पांच कंपनियों को चुना है।
ट्रम्प प्रशासन की योजना बिजली कंपनियों के लिए लगभग 20 मीट्रिक टन प्लूटोनियम उपलब्ध कराने की है। अमेरिकी ऊर्जा विभाग (Department of Energy) पांच चुनिंदा कंपनियों के साथ उन्नत बातचीत शुरू कर रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकOklo: US Department of Energy द्वारा अतिरिक्त प्लूटोनियम को ईंधन के रूप में उपयोग करने पर चर्चा करने के लिए चुनी गई पांच कंपनियों में से एक।
तथ्यट्रम्प प्रशासन की योजना पावर कंपनियों के लिए लगभग 20 metric tonnes प्लूटोनियम उपलब्ध कराने की है।
पदUS Department of Energy: वह संस्था जो कोल्ड वॉर (Cold War) युग के प्लूटोनियम का उपयोग करने वाली कंपनियों के चयन के लिए जिम्मेदार है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: शीतयुद्ध युग के अतिरिक्त प्लूटोनियम को नागरिक परमाणु ऊर्जा उत्पादन के लिए पुन: उपयोग करने के सुरक्षा और आर्थिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
प्रसार का जोखिम: परिवहन और प्रोसेसिंग के दौरान अतिरिक्त प्लूटोनियम मटेरियल के हथियार बनने की संभावना
आर्थिक व्यवहार्यता: प्लूटोनियम प्रोसेसिंग की भारी लागत और न्यूक्लियर लायबिलिटी कम करने के फायदों के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: परमाणु प्रसार · परमाणु देनदारी · ऊर्जा सुरक्षा · अपशिष्ट प्रबंधन · रणनीतिक एसेट्स
चर्चा में क्यों: अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने घोषणा की है कि भारत के लिए रोजगार-आधारित सेकंड प्रेफरेंस (EB-2) श्रेणी के तहत वार्षिक इमिग्रेंट वीजा कोटा 2026 के लिए समाप्त हो गया है।
अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने घोषणा की है कि भारत के लिए 2026 तक उपलब्ध सभी EB-2 इमिग्रेंट वीजा जारी कर दिए गए हैं। EB-2 वीजा की वार्षिक सीमा को दुनिया भर की रोजगार सीमा (employment limit) के 28.6 प्रतिशत पर निर्धारित किया गया है, जिसमें प्रति देश सात प्रतिशत की विशिष्ट सीमा (cap) तय की गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यEB-2 वीजा की वार्षिक सीमा: दुनिया भर की एम्प्लॉयमेंट लिमिट (employment limit) का 28.6 प्रतिशत।
तथ्यEB-2 वीजा के लिए देश-विशिष्ट कैप (Country-specific cap): सात प्रतिशत।
पदUS स्टेट डिपार्टमेंट: वीजा कोटा खत्म होने की घोषणा के लिए जिम्मेदार अथॉरिटी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: प्रतिबंधात्मक आप्रवासन नीतियों और वीज़ा कोटा का भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच कुशल मानव पूंजी की गतिशीलता और द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए।
लेबर मार्केट फ्रिक्शन: कुशल माइग्रेशन की बाधाएं ग्लोबल टैलेंट मोबिलिटी और टेक-सेक्टर ह्यूमन रिसोर्स फ्लो को प्रभावित कर रही हैं
डिप्लोमैटिक लेवरेज: द्विपक्षीय व्यापार और निवेश वार्ताओं में वीजा कोटा का एक टूल के रूप में इस्तेमाल
मुख्य शब्द: मानव पूंजी गतिशीलता · द्विपक्षीय संबंध · वीज़ा कोटा · कुशल प्रवास · लेबर मार्केट की गतिशीलता