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India's Ground Truth Record
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भाग I · स्था. 11.2025 
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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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उच्चतम न्यायालय ने गृहणियों को 'राष्ट्र निर्माता' के रूप में मान्यता दी है

GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· Policies of other countries affecting India· Prelims + Mains·

चर्चा में क्यों

उच्चतम न्यायालय ने गृहणियों को 'राष्ट्र निर्माता' के रूप में मान्यता दी है, वहीं भारत का बढ़ता आर्थिक प्रभाव इसे G7 के नेतृत्व वाले वैश्विक शासन चर्चाओं में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करता है।

पृष्ठभूमि

उच्चतम न्यायालय ने महिलाओं द्वारा किए जाने वाले अवैतनिक घरेलू कार्यों के आर्थिक योगदान को स्वीकार किया है। भारत जलवायु वित्त, ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा पर वैश्विक शासन को प्रभावित करनेके लिए G7 मंचों में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • पदभारत का उच्चतम न्यायालय: भारत की सर्वोच्च न्यायिक संस्था।
  • अंतर्राष्ट्रीय संगठनG7: दुनिया की सात उन्नत अर्थव्यवस्थाओं (USA, UK, France, Germany, Italy, Canada, Japan) का एक मंच।
  • तथ्यG7 चर्चाओं में भारत की भागीदारी आर्थिक सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और जलवायु वित्त पर केंद्रित है।

मेन्स के लिए

Q. भारत की बढ़ती आर्थिक स्थिति किस प्रकार उसे G7 जैसे बहुपक्षीय मंचों पर वैश्विक शासन और जलवायु वित्त (climate finance) के ढाँचों को प्रभावित करने में सक्षम बनाती है? चर्चा कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • Geopolitical leverage: Utilizing economic growth to advocate for Global South interests in climate finance negotiations
  • Trade policy friction: Balancing domestic industrial growth against international concerns over coercive trade practices
  • Gender justice integration: Aligning domestic social equity milestones with international sustainable development goals

कीवर्ड: Gender Justice · Global Governance · Economic Security · Climate Finance · Multilateralism

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: Indian Express ↗यह भी: GS1 · Women & gender issues

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।