यूपीएससी सिविल सेवा GS2 (राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध) के अंतर्राष्ट्रीय संबंध भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 3,314 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: भारत के द्विपक्षीय संबंध (2734) · दूसरे देशों की नीतियों का भारत पर असर (207) · भारत एवं पड़ोसी देश (173) · क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह (QUAD, BRICS, SCO, G20...) (109) · अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं एवं एजेंसियां (UN, WTO, IMF...) (86) · प्रवासी भारतीय (5)
चर्चा में क्यों: अमेरिका-इजराइल के हवाई हमलों में हुई मृत्यु के पश्चात ईरान के सर्वोच्च नेता आयतोलला अली खामेनेई का मश्हद में अंतिम संस्कार किया गया, जो मध्य-पूर्वी नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन का संकेत है।
आयतल्लाह अली खामेनेई ने 28 फरवरी को हवाई हमलों में अपने निधन से पूर्व लगभग 37 वर्षों तक ईरान पर शासन किया। उन्हें मशहद स्थित इमाम रेज़ा दरगाह में दफनाया गया, जो शिया इस्लाम का एक प्रमुख पवित्र स्थल है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानमशहद: ईरान के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में स्थित एक शहर और शिया इस्लाम का एक प्रमुख केंद्र।
पदसुप्रीम लीडर: इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान में सर्वोच्च राजनीतिक और धार्मिक सत्ता।
तथ्यआयतल्लाह अली खामेनेई का कार्यकाल: लगभग 37 वर्षों का शासन।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ईरान में नेतृत्व परिवर्तन के मध्य पूर्व की भू-राजनीतिक स्थिरता और भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: जुलाई 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा भारत-प्रशांत क्षेत्र में द्विपक्षीय रक्षा संबंधों और रणनीतिक सहयोग के सुदृढ़ीकरण को रेखांकित करती है।
यह यात्रा पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्षों और निरंतर जारी समुद्री सुरक्षा चिंताओं के बीच हो रही है। क्षेत्रीय गतिविधियों के तीव्र होने की अवधि के दौरान, यह रिपोर्ट किया गया कि भारतीय नौसेना का Drishti-10 UAV गुजरात के निकट दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
पदनरेन्द्र मोदी: भारत के प्रधानमंत्री।
तथ्यDrishti-10: भारतीय नौसेना द्वारा संचालित एक समुद्री निगरानी UAV।
स्थानगुजरात: पश्चिमी भारत का वह राज्य जहाँ UAV दुर्घटना हुई।
संस्थाइंडो-पैसिफिक: एक भू-राजनीतिक क्षेत्र जिसमें प्रशांत महासागर, हिंद महासागर और आसपास के महाद्वीप शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: उभरते समुद्री खतरों के विरुद्ध भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा सहयोग के माध्यम से हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा संरचना को आकार देने में इसके महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: स्वतंत्र विदेश नीति के लक्ष्यों को बनाए रखते हुए ऑस्ट्रेलिया के साथ मल्टी-अलाइन्ड पार्टनरशिप में संतुलन
मैरीटाइम सिक्योरिटी: हिंद महासागर में जॉइंट पेट्रोल और टेक्नोलॉजी शेयरिंग के जरिए 'नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर' स्टेटस को मजबूत करना
भू-राजनीतिक संतुलन: सहयोगी मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस और नेवल एक्सरसाइज के जरिए क्षेत्रीय वर्चस्व को रोकना
चर्चा में क्यों: विमल मिश्रा और उर्मिन वेगड द्वारा किए गए एक अध्ययन में 1951 के बाद से पूर्वी सिंधु बेसिन की नदियों में वर्षा में 20% की गिरावट दर्ज की गई है, जो भारत को पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) पर पुन: बातचीत करने के लिए एक वैज्ञानिक आधार प्रदान करता है।
यह अध्ययन वर्ष 1951 और 2024 के मध्य वर्षा के रुझानों का तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करता है, जिसमें पूर्वी नदियों में 20% की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि पश्चिमी नदियों में यह गिरावट 6% रही है। यह अध्ययन सतलुज और रावी उप-जलग्रहण क्षेत्रों में भूजल के महत्वपूर्ण ह्रास की पहचान करता है, वहीं चेनाब, झेलम और सिंधु बेसिनों में जल की बेहतर उपलब्धता पर भी प्रकाश डालता है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्य1951 और 2024 के बीच पूर्वी सिंधु बेसिन नदियों में वर्षा में 20% की गिरावट आई।
तथ्यउसी अवधि के दौरान सिंधु बेसिन की पश्चिमी नदियों में वर्षा में 6% की कमी देखी गई।
स्थानसतलुज और रावी उप-जलग्रहण क्षेत्रों को महत्वपूर्ण भूजल ह्रास वाले क्षेत्रों के रूप में पहचाना गया है।
संस्थासिंधु जल संधि (1960) तीन बारहमासी नदियों (Indus, Jhelum, Chenab) और तीन सहायक नदियों (Ravi, Beas, Sutlej) के वितरण को नियंत्रित करती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सिंधु बेसिन में जलवायु-प्रेरित जल-वैज्ञानिक परिवर्तनों के संदर्भ में यह चर्चा कीजिए कि न्यायसंगत जल-साझाकरण सुनिश्चित करने के लिए सिंधु जल संधि की समीक्षा क्यों आवश्यक है।
चर्चा में क्यों: भारत और ऑस्ट्रेलिया ने 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने के भारत के लक्ष्य को समर्थन देनेके लिए एक यूरेनियम आपूर्ति समझौते को कार्यान्वित किया है।
यह समझौता भारत और ऑस्ट्रेलिया के मध्य वर्ष 2014 के नागरिक परमाणु सहयोग को कार्यान्वित करता है। यह IAEA सुरक्षा उपायों के अंतर्गत शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम की आपूर्ति सुनिश्चित करता है और भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी को सुगम बनाने का लक्ष्य रखता है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
अंतर्राष्ट्रीय संगठनIAEA: International Atomic Energy Agency यूरेनियम आपूर्ति के लिए सुरक्षा उपायों (safeguards) की निगरानी करता है।
तथ्यभारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य: 2047 तक 100 GW।
तथ्यवर्तमान परमाणु ऊर्जा क्षमता: 8 GW।
पदयह समझौता भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2014 की नागरिक परमाणु साझेदारी का एक औपचारिक रूप है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत-ऑस्ट्रेलिया जैसे रणनीतिक खनिज समझौतों के भारत की ऊर्जा सुरक्षा और 'नेट जीरो' उत्सर्जन लक्ष्य प्राप्त करने की प्रतिबद्धता में योगदान का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
एनर्जी सिक्योरिटी: स्थिर बिजली उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए न्यूक्लियर फ्यूल हेतु अस्थिर वैश्विक बाजारों पर निर्भरता कम करना
रेगुलेटरी बदलाव: राज्य के नेतृत्व वाले न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स से न्यूक्लियर एनर्जी लाइफसाइकिल में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी को सक्षम बनाना
डिप्लोमैटिक लेवरेज: क्रिटिकल मिनरल सप्लाई चेन और टेक्नोलॉजी शेयरिंग के जरिए 'कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' को मजबूत करना
मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · नेट ज़ीरो · रणनीतिक साझेदारी · न्यूक्लियर फ्यूल साइकिल · IAEA सेफ़गार्ड्स
चर्चा में क्यों: PMO के निर्देशों के अनुपालन में, विद्युत मंत्रालय भारत में बिजली उत्पादन और जल की उपलब्धता पर एल नीनो (El Niño) के प्रभाव को कम करनेके लिए एक परामर्श (advisory) तैयार कर रहा है।
विद्युत मंत्रालय विद्युत उत्पादन हेतु ईंधन और जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक परामर्श पत्र तैयार कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य बिजली की कटौती को रोकना, महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की सुरक्षा करना और एल नीनो (El Niño) प्रेरित मानसून के उतार-चढ़ाव के दौरान कृषि संबंधी मांग को सौर घंटों में स्थानांतरित करके उसका प्रबंधन करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकEl Niño: एक जलवायु पैटर्न जो पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में सतह के जल के असामान्य रूप से गर्म होने की विशेषता है।
तथ्यविद्युत मंत्रालय: भारत में विद्युत क्षेत्र के नियोजन और विकास के लिए उत्तरदायी।
विज्ञान-तकनीकसौर घंटे (Solar hours): दिन के वे समय जब सौर विकिरण (solar radiation) फोटोवोल्टिक (photovoltaic) बिजली उत्पादन के लिए पर्याप्त होता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: एल नीनो जैसी जलवायु संबंधी घटनाओं का भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए और मानसून के उतार-चढ़ाव के दौरान ग्रिड स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।
संसाधन प्रतिस्पर्धा: सूखे के दौरान हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर उत्पादन और कृषि सिंचाई के लिए पानी की ज़रूरतों के बीच संतुलन
ग्रिड स्टेबिलिटी: अनियमित बारिश और ईंधन आपूर्ति में रुकावट के कारण मांग और सप्लाई में होने वाले अचानक बदलावों को मैनेज करना
विकेंद्रीकृत लचीलापन: नेशनल ग्रिड पर पीक डिमांड कम करने के लिए सोलर-पावर्ड सिंचाई का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · क्लाइमेट रेजिलिएंस · ग्रिड स्टेबिलिटी · संसाधन प्रबंधन · शमन रणनीति
चर्चा में क्यों: रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि पश्चिमी देशों के शांति मध्यस्थता प्रयासों के बावजूद, व्लादिमीर पुतिन NATO ठिकानों को निशाना बनाकर और डोंबास क्षेत्र पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त करने के प्रयासों के माध्यम से रूस-यूक्रेन संघर्ष को और बढ़ा सकते हैं।
इस संघर्ष के कारण रूस के भीतर ईंधन की भारी घरेलू कमी उत्पन्न हो गई है। क्रेमलिन के सूत्रों ने संकेत दिया है कि वर्तमान मोर्चों पर युद्धविराम के प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया गया है, क्योंकि उनका लक्ष्य संपूर्ण डोंबास क्षेत्र पर अधिकार प्राप्त करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानडोनबास: पूर्वी यूक्रेन का एक क्षेत्र जो 2014 से संघर्ष का प्राथमिक केंद्र रहा है।
संस्थाNATO: North Atlantic Treaty Organization, 32 सदस्य देशों का एक सामूहिक रक्षा गठबंधन।
तथ्यरूस-यूक्रेन संघर्ष: फरवरी 2022 से निरंतर जारी (पूर्ण पैमाने पर आक्रमण)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: रूस-यूक्रेन संघर्ष के यूरोपीय सुरक्षा संरचना पर पड़ने वाले प्रभावों और एक व्यापक नाटो संघर्ष में इसके बढ़ने की संभावनाओं का विश्लेषण कीजिए।
सिक्योरिटी डिलेमा: एस्केलेशन से नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी का आर्टिकल 5 लागू होने का खतरा
ऊर्जा असुरक्षा: संघर्ष से पैदा हुई ईंधन की कमी का यूरेशियन और यूरोपीय बाजारों पर असर
भू-राजनीतिक बदलाव: द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के सुरक्षा मानदंडों का कमज़ोर होना और मल्टी-पोलर घर्षण का उदय
मुख्य शब्द: सुरक्षा दुविधा · भू-राजनीतिक अस्थिरता · सामूहिक रक्षा · रणनीतिक विस्तार · ऊर्जा सुरक्षा
चर्चा में क्यों: अमेरिका ने ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र के परिधि पर हवाई हमले किए हैं, जिससे परमाणु सुरक्षा और क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के संबंध में अंतर्राष्ट्रीय चिंताएं उत्पन्न हो गई हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान में बुशहर परमाणु संयंत्र के परिधि, एक सैन्य आधार और एक मछली पकड़ने के घाट को लक्षित किया। इन हमलों के पश्चात, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने उक्त सुविधा की सुरक्षा के संबंध में चिंता व्यक्त की है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानबुशहर: ईरान का वह प्रांत जहाँ देश का एकमात्र नागरिक परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थित है।
संस्थाIAEA: परमाणु सुरक्षा और सुरक्षा मानकों के लिए जिम्मेदार अंतर्राष्ट्रीय निकाय।
तथ्यवर्तमान कैलेंडर वर्ष में ये हड़तालें एक गुरुवार को हुईं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: परमाणु सुविधाओं के निकट सैन्य कार्रवाइयों के वैश्विक परमाणु अप्रसार मानदंडों और मध्य पूर्व में क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिरता पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
सुरक्षा जोखिम: कूलिंग सिस्टम को हुए नुकसान के कारण रेडियोएक्टिव लीकेज या पर्यावरणीय आपदा की संभावना
गैर-प्रसार तनाव: सैन्य प्रतिरोध और शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के लिए IAEA के जनादेश के बीच टकराव
क्षेत्रीय तनाव: पर्शियन गल्फ में व्यापक पारंपरिक युद्ध शुरू होने का खतरा
मुख्य शब्द: परमाणु अप्रसार · क्षेत्रीय स्थिरता · IAEA सुरक्षा उपाय · रणनीतिक प्रतिरोध · परमाणु सुरक्षा
चर्चा में क्यों: दिल्ली पुलिस ने एक आरोप पत्र दाखिल किया है, जिसमें खुलासा हुआ है कि हरदीप निज्जर ने एक आतंकवादी नेटवर्क स्थापित करने के उद्देश्य से गैंगलॉर्ड अर्श डल्ला को कनाडा में भागने में सहायता प्रदान की।
दिल्ली पुलिस की आरोप-पत्र (चार्जशीट) में यह आरोप लगाया गया है कि अर्श डाला को प्रतिबंधित 'खालिस्तान टाइगर फोर्स' (KTF) का कमांडर-इन-चीफ नियुक्त किया गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि डाला को पाकिस्तान की ISI से समर्थन प्राप्त हुआ और उसने कनाडा से भारत-विरोधी गतिविधियों का संचालन किया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यहदीप निज्जर की जून 2023 में कनाडा में हत्या कर दी गई थी।
तथ्यKhalistan Tiger Force (KTF) भारत में एक प्रतिबंधित संगठन है।
तथ्यISI: Inter-Services Intelligence पाकिस्तान की प्राथमिक खुफिया एजेंसी है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सीमा पार से संचालित आतंकवाद को विफल करने में भारत के समक्ष आने वाली चुनौतियों और कट्टरपंथ एवं आपराधिक नेटवर्क को सुगम बनाने में विदेशी धरती की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
एक्सट्रैडिशन की बाधाएं: कनाडा जैसे पश्चिमी देशों से भगोड़ों और गैंगलॉर्ड्स को वापस लाने की कानूनी जटिलताएं
इंटेलिजेंस गैप्स: विदेश में बैठे ऑपरेटिव्स और घरेलू रिक्रूट्स के बीच रियल-टाइम कम्युनिकेशन की निगरानी में मुश्किल
डिप्लोमैटिक फ्रिक्शन: भारत विरोधी तत्वों को सुरक्षित ठिकाना देने वाले देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों में संतुलन बनाना
मुख्य शब्द: ट्रांसनेशनल आतंकवाद · कट्टरपंथ · प्रत्यर्पण · इंटेलिजेंस कोऑपरेशन · गैर-राज्य अभिनेता
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री मोदी ने मेलबर्न में भारतीय प्रवासियों को संबोधित किया और 'ऑपरेशन सिंदूर' को पाकिस्तान और PoK में आतंकी शिविरों के विरुद्ध एक निर्णायक प्रहार के रूप में रेखांकित किया।
'मेलबर्न मीट्स मोदी' कार्यक्रम में 30,000 से अधिक व्यक्तियों की उपस्थिति दर्ज की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने पहलगाम हमले के प्रत्युत्तर में 'ऑपरेशन सिंदूर' पर प्रकाश डाला, जिसमें आतंकवाद विरोधी बुनियादी ढांचे के विरुद्ध हवाई हमलों पर विशेष बल दिया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदनरेन्द्र मोदी: भारत के प्रधानमंत्री।
तथ्यMelbourne Meets Modi: ऑस्ट्रेलिया में 30,000 से अधिक लोगों ने इसमें भाग लिया।
स्थानपहलगाम: यह केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में स्थित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: क्षेत्रीय सुरक्षा के संदर्भ में भारत की सक्रिय 'पड़ोस पहले' (Neighborhood First) नीति और आतंकवाद विरोधी दृष्टिकोण के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर किए गए हमलों के पश्चात, संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमलों का दूसरा चरण शुरू किया है, जो अंतरिम शांति समझौते की स्थिरता के लिए खतरा उत्पन्न कर रहा है।
अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में हुए समुद्री हमलों के प्रत्युत्तर में ईरान के शहरों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए। ईरान ने अमेरिका पर जून के अंतरिम शांति समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया। साथ ही, अमेरिका ने खर्ग द्वीप स्थित तेल-उत्पादन केंद्र को जब्त करने की चेतावनी दी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य: एक रणनीतिक समुद्री चोकपॉइंट जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है।
स्थानखार्ग द्वीप: ईरान का एक प्रमुख तेल और गैस उत्पादन एवं निर्यात केंद्र।
तथ्यअमेरिका और ईरान के बीच अंतरिम शांति समझौता जून में हस्ताक्षरित किया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हॉर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री असुरक्षा के वैश्विक ऊर्जा बाजारों और मध्य पूर्व में क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ने वाले भू-राजनीतिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
एनर्जी सिक्योरिटी रिस्क: खर्ग आइलैंड प्रोडक्शन हब्स पर हमलों के कारण ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन में रुकावट की संभावना
डिप्लोमैटिक डेडलॉक: समुद्री सुरक्षा प्रोटोकॉल की अलग-अलग व्याख्याओं के कारण जून के अंतरिम शांति समझौते का टूटना
मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक अस्थिरता · समुद्री सुरक्षा · ऊर्जा सुरक्षा · रणनीतिक चोकपॉइंट · राजनयिक गतिरोध
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री मोदी की न्यूज़ीलैंड यात्रा से पूर्व, न्यूज़ीलैंड से भारत को होने वाले निर्यात का 57% हिस्सा शुल्क-मुक्त (tariff-free) होगा।
वर्तमान में, दोनों राष्ट्रों के मध्य एक मुक्त व्यापार समझौता प्रभावी है, जो वस्तुओं पर 95% शुल्क को समाप्त करता है। वर्ष 2024 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार $2.4 बिलियन तक पहुंच गया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यवर्ष 2024 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच कुल व्यापार $2.4 बिलियन तक पहुंच गया।
तथ्यवर्तमान मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement) वस्तुओं पर 95% टैरिफ को समाप्त करता है।
तथ्यनई व्यवस्था के पहले दिन से ही न्यूजीलैंड के भारत को होने वाले निर्यात का 57% शुल्क-मुक्त होगा।
मेन्स के लिए
प्रश्न: न्यूजीलैंड जैसे देशों के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौतों को गहरा करने से वैश्विक विनिर्माण और निर्यात केंद्र बनने के भारत के लक्ष्य में किस प्रकार योगदान मिलता है, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
मार्केट डाइवर्सिफिकेशन: हाई-वैल्यू एक्सपोर्ट मार्केट्स का विस्तार करके पारंपरिक ट्रेडिंग पार्टनर्स पर निर्भरता कम करना
ट्रेड-ऑफ विश्लेषण: घरेलू उद्योगों के संरक्षण और न्यूज़ीलैंड से टैरिफ-मुक्त आयात के फायदों के बीच संतुलन
मैरिटाइम सिक्योरिटी सिनर्जी: इंडो-पैसिफिक में व्यापार विस्तार को सहयोगी मैरिटाइम सिक्योरिटी फ्रेमवर्क से जोड़ना
मुख्य शब्द: द्विपक्षीय व्यापार · टैरिफ लिबरलाइजेशन · इंडो-पैसिफिक सहयोग · निर्यात विविधीकरण · आर्थिक डिप्लोमेसी
चर्चा में क्यों: अमेरिका ने ईरान की सैन्य और बंदरगाह अवसंरचना, जिसमें चाबहार बंदरगाह भी शामिल है, के विरुद्ध कई सप्ताह तक चलने वाला बमबारी अभियान शुरू किया, जिसके परिणामस्वरूप IRGC द्वारा जवाबी हमले किए गए।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने वायु रक्षा प्रणालियों, मिसाइल भंडारण और नौसैनिक क्षमताओं सहित 90 स्थलों को लक्षित किया। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमला करके जवाबी कार्रवाई की। यह संघर्ष हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर केंद्रित है, जो वैश्विक तेल और गैस व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक मार्ग है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
स्थानचाबहार बंदरगाह: ईरान के सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में स्थित एक रणनीतिक गहरे समुद्र का बंदरगाह (deep-sea port)।
स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य: एक संकीर्ण जलमार्ग जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
संस्थाIRGC: Islamic Revolutionary Guard Corps ईरान की एक विशिष्ट सैन्य शाखा है जो आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के लिए उत्तरदायी है।
तथ्यअमेरिका ने तटीय निगरानी संपत्तियों और लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे सहित 90 स्थलों को लक्षित किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते सैन्य तनाव के वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार मार्गों पर पड़ने वाले भू-राजनीतिक और आर्थिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
एनर्जी सिक्योरिटी रिस्क: होर्मुज जलडमरूमध्य के ज़रिए वैश्विक तेल और गैस के प्रवाह में संभावित रुकावट
मैरिटाइम सिक्योरिटी: फारस की खाड़ी में अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन की आज़ादी और कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा को खतरा
क्षेत्रीय तनाव: पड़ोसी देशों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री शक्तियों के शामिल होने से बहु-मोर्चा संघर्ष का खतरा
मुख्य शब्द: भू-राजनीति · ऊर्जा सुरक्षा · समुद्री व्यापार · रणनीतिक चोकपॉइंट्स · प्रतिशोधी हमले
चर्चा में क्यों: भारत और म्यांमार ने सुरक्षा प्रतिबद्धताओं की पुष्टि करने और भारत के हितों के विरुद्ध म्यांमार के क्षेत्र के उपयोग को रोकने के उद्देश्य से 23वीं राष्ट्रीय स्तरीय बैठक आयोजित की।
23वीं राष्ट्रीय स्तरीय बैठक का मुख्य केंद्र सीमा सुरक्षा और सीमापारीय अपराधों के विरुद्ध सहयोग रहा। म्यांमार ने यह प्रतिबद्धता व्यक्त की है कि वह यह सुनिश्चित करेगा कि उसके क्षेत्र का उपयोग भारत के सुरक्षा हितों को कमजोर करने के लिए न किया जाए।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानम्यांमार भारत का एक प्रमुख पड़ोसी है जो पूर्वोत्तर में एक भूमि सीमा साझा करता है।
तथ्यद्विपक्षीय सुरक्षा और पार-राष्ट्रीय अपराध पर चर्चा करने के लिए 23rd National Level Meeting आयोजित की गई।
संस्थाNational Level Meetings भारत और म्यांमार के बीच द्विपक्षीय सुरक्षा समन्वय के लिए एक तंत्र के रूप में कार्य करती हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सीमा पार से होने वाले अपराधों से निपटने और पूर्वोत्तर भारत में क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने के संदर्भ में भारत-म्यांमार सीमा सुरक्षा के महत्व पर चर्चा कीजिए।
सुरक्षा में शून्य: छिद्रपूर्ण सीमाओं का उपयोग विद्रोही गतिविधियों और हथियारों की तस्करी के लिए गैर-राज्य तत्वों द्वारा करने का जोखिम
ट्रांसनेशनल क्राइम नेक्सस: भारत-म्यांमार कॉरिडोर में मानव तस्करी और नार्कोटिक्स प्रवाह से निपटने के लिए तालमेल की ज़रूरत
भू-राजनीतिक तनाव: म्यांमार के आंतरिक राजनीतिक बदलावों के साथ द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग का संतुलन
मुख्य शब्द: ट्रांसनेशनल क्राइम · सीमा प्रबंधन · क्षेत्रीय स्थिरता · द्विपक्षीय सहयोग · गैर-राज्य अभिनेता
चर्चा में क्यों: अनमोल बिश्नोई की निर्वासन के पश्चात, भारत और US ने बिश्नोई गिरोह और अन्य पार-राष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्कों के संबंध में खुफिया जानकारी साझा करने की प्रक्रिया को सुदृढ़ किया है।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार के ठिकानों और उनके सहयोगियों के विवरण को अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ साझा करने की सुविधा प्रदान की। यह खुफिया जानकारी तकनीकी निगरानी और गिरफ्तार किए गए सहयोगियों द्वारा दिए गए खुलासों से प्राप्त की गई थी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाMEA: Ministry of External Affairs भारत की विदेश नीति और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिए नोडल मंत्रालय है।
तथ्यअनमोल बिश्नोई को 2023 में अमेरिका से भारत वापस भेज दिया गया था।
पदलॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार इस कार्रवाई के निशाने में रहे संगठित अपराध नेटवर्क के प्रमुख व्यक्ति हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सीमा पार आपराधिक नेटवर्क और बहुराष्ट्रीय संगठित अपराधों से निपटने में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग के महत्व पर चर्चा कीजिए।
एक्सट्रैडिशन की बाधाएं: हाई-प्रोफाइल अपराधियों की तेज़ निर्वासन के लिए न्यायिक प्रक्रियाओं में तालमेल की कानूनी जटिलताएं
इंटेलिजेंस इंटीग्रेशन: अलग-अलग नेशनल सिक्योरिटी फ्रेमवर्क्स में रियल-टाइम टेक्निकल सर्विलांस डेटा को सिंक करने की चुनौतियां
क्षेत्राधिकार का टकराव: संप्रभु डेटा प्राइवेसी कानूनों और संवेदनशील आपराधिक इंटेलिजेंस साझा करने की ज़रूरत के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: ट्रांसनेशनल क्राइम · द्विपक्षीय सहयोग · इंटेलिजेंस शेयरिंग · प्रत्यर्पण · तकनीकी निगरानी
चर्चा में क्यों: कोच्चि में जल की कमी की समस्या के समाधान हेतु, एशियाई विकास बैंक (ADB) द्वारा वित्तपोषित अलुवा में ₹523 करोड़ के जल उपचार संयंत्र के लिए केरल सरकार को प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हुई है।
इस परियोजना के अंतर्गत केरल के आलुवा में 190 मिलियन लीटर प्रतिदिन (MLD) की क्षमता वाला एक जल उपचार संयंत्र स्थापित किया जाएगा। यह केरल शहरी जल आपूर्ति सुधार परियोजना का एक अभिन्न अंग है, जिसकी कुल अनुमानित लागत ₹523 करोड़ है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाADB: Asian Development Bank एक क्षेत्रीय विकास बैंक है जो विकासशील देशों को ऋण और तकनीकी सहायता प्रदान करता है।
तथ्यAluva जल उपचार संयंत्र की क्षमता 190 MLD है।
तथ्यजुलाई 2026 तक परियोजना की लागत ₹523 करोड़ स्वीकृत की गई है।
स्थानआलुवा, केरल के एर्नाकुलम जिले में एक नगर पालिका है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय राज्यों में शहरी बुनियादी ढांचे और जल सुरक्षा में सुधार के लिए बहुपक्षीय विकास बैंकों (MDBs) द्वारा वित्तपोषण के महत्व की चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के EV बैटरी निर्माण और राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन (National Critical Mineral Mission) के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण खनिजों (निकल और लिथियम) की आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित करने हेतु इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया।
इंडोनेशिया के पास विशाल निकेल भंडार हैं और निर्यात हेतु इसके घरेलू प्रसंस्करण की आवश्यकता है। ऑस्ट्रेलिया के पास विश्व का दूसरा सबसे बड़ा लिथियम भंडार है। भारत का राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन (NCMM) इन आपूर्तियों को सुरक्षित करने हेतु प्राथमिक ढांचा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यऑस्ट्रेलिया के पास विश्व में दूसरा सबसे बड़ा लिथियम भंडार है।
संस्थाNational Critical Mineral Mission (NCMM) महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करनेके लिए भारत की एक पहल है।
स्थानइंडोनेशिया, EV बैटरी का एक प्रमुख घटक, निकल का एक प्राथमिक वैश्विक स्रोत है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के हरित ऊर्जा की ओर संक्रमण के लिए महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करने के रणनीतिक महत्व और खनिज सुरक्षा प्राप्त करने में द्विपक्षीय कूटनीति की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
सप्लाई चेन की कमजोरी: निकल और लिथियम के लिए खास इलाकों पर निर्भरता से सिंगल-पॉइंट-ऑफ-फेल्योर का रिस्क पैदा होता है
भू-राजनीतिक लाभ: संसाधन संपन्न देश औद्योगिक नीति के लिए घरेलू प्रोसेसिंग आवश्यकताओं का इस्तेमाल कर रहे हैं
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: ईवी को तेज़ी से अपनाने की ज़रूरत और खनिज आत्मनिर्भरता के लंबे लक्ष्य के बीच संतुलन
चर्चा में क्यों: भारत और मालदीव ने द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देनेके उद्देश्य से एक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) हेतु वार्ता शुरू की है।
मुक्त व्यापार समझौता (FTA) वार्ता औपचारिक रूप से मालदीव के मंत्री मोहम्मद सईद और भारत के मंत्री पीयूष गोयल के मध्य आयोजित एक बैठक के दौरान शुरू की गई। इस समझौते का उद्देश्य व्यवसायों के लिए बाजार पहुंच में सुधार करना और विभिन्न क्षेत्रों में सतत विकास को बढ़ावा देना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
अंतर्राष्ट्रीय संगठनFTA: दो या दो से अधिक देशों के बीच व्यापार की बाधाओं को कम करने या समाप्त करने के लिए किया गया एक व्यापार समझौता।
तथ्यभारत और मालदीव समुद्री व्यापार के लिए Indian Ocean Region (IOR) में प्रमुख भागीदार हैं।
पदपीयूष गोयल: वाणिज्य और उद्योग मंत्री, भारत सरकार।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत और मालदीव के बीच एक मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement) भारत की 'पड़ोस पहले' (Neighborhood First) नीति और क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को किस प्रकार सुदृढ़ कर सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।