यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के कृषि भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 410 नोट्स, रोज़ अपडेट।
चर्चा में क्यों: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विपणन वर्ष 2027-28 के लिए छह रबी फसलों के लिए संशोधित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत किसानों को कुल ₹90,962 करोड़ का अनुमानित भुगतान किया जाएगा।
कैबिनेट ने गेहूं, जौ, चना, मसूर, रेपसीड/सरसों और स़ाफ़लोवर के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि को स्वीकृति प्रदान की है। वर्ष 2027-28 के लिए गेहूं का MSP ₹2,610 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो इसके ₹1,264 प्रति क्विंटल की उत्पादन लागत से दोगुने से अधिक है।
Prelims pointers (5)
Fact2027-28 रबी विपणन वर्ष के लिए गेहूं का MSP: ₹2,610 प्रति क्विंटल।
Factवर्ष 2027-28 के लिए जौ का MSP: ₹2,286 प्रति क्विंटल।
Factवर्ष 2027-28 के लिए मसूर का MSP: ₹7,390 प्रति क्विंटल।
Factवर्ष 2027-28 के लिए सूरजमुखी (Safflower) का MSP: ₹7,215 प्रति क्विंटल।
BodyCACP (Commission for Agricultural Costs & Prices) MSP के लिए सिफारिशें प्रदान करता है।
Mains angle
Q. किसानों की आय सुरक्षा सुनिश्चित करने में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की भूमिका और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के राजकोषीय स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।
Fiscal burden: High MSP-to-production cost ratios impacting government expenditure on procurement
Market distortion: Potential for over-production of specific crops leading to supply-side imbalances
Price stability: Balancing domestic food security with global price trends and El Nino impacts
चर्चा में क्यों: क्षेत्रीय कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'राइजिंग रायलसीमा' बागवानी केंद्र के शुभारंभ के समर्थन में किसानों ने पुलिवेंडुला में एक ट्रैक्टर रैली आयोजित की।
'राइजिंग रायलासीमा' परियोजना एक ₹1-लाख-करोड़ का उद्यानिकी केंद्र है, जिसे 2 अक्टूबर, 2026 को मदनपल्ले में शुरू किया जाएगा। इस परियोजना के लिए 'पूर्वोदय' योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा ₹40,000 करोड़ और निजी निवेश से ₹60,000 करोड़ का वित्तपोषण किया जा रहा है।
Prelims pointers (3)
Schemeपुरोदया: रायलसीमा बागवानी केंद्र के लिए ₹40,000 करोड़ प्रदान करने वाली एक योजना।
Fact'Rising Rayalaseema' हब के लिए कुल निवेश: ₹1-lakh-crore।
Factनिजी निवेश घटक: ₹60,000 करोड़।
Mains angle
Q. भारत के शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर बागवानी केंद्रों और सार्वजनिक-निजी निवेश मॉडलों के माध्यम से किसानों के लिए मूल्य श्रृंखला (वैल्यू चेन) को किस प्रकार सुदृढ़ किया जा सकता है, चर्चा कीजिए।
Investment synergy: Leveraging private capital to scale infrastructure under central schemes like Purvodaya
Value addition: Transitioning from raw produce to processed horticulture to improve farmer margins
Regional development: Addressing agrarian distress through targeted industrial-agricultural hubs
चर्चा में क्यों: भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (IIHR) के वैज्ञानिकों ने कर्नाटक में तरबूज की फसलों में 'गमी स्टेम ब्लाइट' (Gummy Stem Blight) रोग से निपटने के लिए 'अर्का शक्ति' नामक एक संकरित मूल स्टॉक (hybrid root stock) विकसित किया है।
रोगों के प्रकोप के कारण कर्नाटक में तरबूज की खेती 2014 में 12,000 हेक्टेयर से घटकर 2024 में 1,300 हेक्टेयर रह गई है। 'अर्का शक्ति' ग्राफ्टिंग प्रक्रिया के अंतर्गत प्रति एकड़ ₹15,000 का अतिरिक्त व्यय होता है, किंतु यह रोग-मुक्त फल प्रदान करती है जिनका भार 3 से 8 किलोग्राम तक होता है।
Prelims pointers (3)
BodyIndian Institute of Horticulture Research (IIHR) वह संस्था है जिसने Arka Shakti विकसित किया है।
Factकर्नाटक में तरबूज की खेती 2014 में 12,000 हेक्टेयर से घटकर 2024 में 1,300 हेक्टेयर रह गई है।
FactArka Shakti हाइब्रिड रूट स्टॉक 3 से 8 kg के बीच वजन वाले फल पैदा करता है।
Mains angle
Q. उद्यानिकी में फसल-विशिष्ट रोगों के शमन और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में हाइब्रिड रूटस्टॉक (संकरित मूलवृंत) जैसे जैव-प्रौद्योगिकी हस्तक्षेपों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
Economic trade-off: Balancing the ₹15,000 per acre grafting cost against increased yield and disease resistance
Institutional role: IIHR's contribution to localized agricultural resilience against pathogens like Gummy Stem Blight
चर्चा में क्यों: किसानों द्वारा अनिश्चितकालीन आंदोलन के पश्चात, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कर्नाटक के खरीफ सीजन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सूरजमुखी, मूंग और सोयाबीन की खरीद को मंजूरी प्रदान की है।
कृषि मंत्रालय ने 13,413 मीट्रिक टन सूरजमुखी, 38,250 मीट्रिक टन मूंग और 115,500 मीट्रिक टन सोयाबीन की खरीद को मंजूरी प्रदान की है। हुब्बल्ली में हुए किसान विरोध प्रदर्शनों के उपरांत, प्रह्लाद जोशी द्वारा किए गए अनुरोध के प्रत्युत्तर में यह निर्णय लिया गया।
Prelims pointers (4)
Factस्वीकृत सूरजमुखी खरीद: 13,413 Metric Tonnes।
Factअनुमोदित हरी मूंग की खरीद: 38,250 Metric Tonnes।
Factअनुमोदित सोयाबीन खरीद: 115,500 Metric Tonnes।
Placeहबल्ली, कर्नाटक: MSP की कार्यवाही के लिए किसान आंदोलन का स्थल।
Mains angle
Q. किसानों के लिए मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के महत्व और तिलहन एवं दलहन के क्षेत्र में इसके विस्तार से जुड़ी चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
Market distortion: Risk of creating artificial demand and affecting private sector procurement dynamics
Logistical bottleneck: Infrastructure gaps in rural Karnataka for timely procurement of khariff crops
Keywords: Minimum Support Price · Khariff season · Price realization · Agrarian distress · Procurement mechanism
चर्चा में क्यों: महाराष्ट्र कैबिनेट ने चारे की कमी और सूखे राहत हेतु 'चारा विकास नीति' की घोषणा की है तथा 'महाराष्ट्र रोजगार गारंटी योजना' के अंतर्गत ₹6,728 करोड़ का आवंटन किया है।
महाराष्ट्र सरकार ने 265 तालुकों को प्रभावित करने वाले सूखे की समस्या के समाधान हेतु 29 सितंबर, 2026 को 'चारा विकास नीति' की घोषणा की। इस नीति के अंतर्गत घास, चारा वृक्षों और उन्नत फसलों की खेती के लिए जिला-वार योजनाएं शामिल हैं, जिन्हें राज्य स्तरीय कार्य बल द्वारा समर्थन प्रदान किया जाएगा।
Prelims pointers (3)
Factसूखे राहत के लिए महाराष्ट्र रोजगार गारंटी योजना के तहत ₹6,728 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
Factमहाराष्ट्र के 265 तालुकाओं पर सूखे का प्रभाव है।
Schemeचारा विकास नीति में घासों, चारा वृक्षों और उन्नत फसलों के लिए जिला-वार योजनाएं शामिल हैं।
Mains angle
Q. भारत में जलवायु-प्रेरित सूखे के विरुद्ध पशुधन की सुदृढ़ता सुनिश्चित करने में राज्य-नेतृत्व वाली चारा विकास नीतियों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
Resource management: Balancing fodder cultivation with food crop requirements during drought
Institutional mechanism: Role of state-level task forces in livestock need assessment
Verification protocol: Importance of 'ground truthing' in quantifying climate-induced crop losses
चर्चा में क्यों: अनियमित और अपर्याप्त वर्षा के मौसम के पश्चात, चक्रवात 'अर्णब' के कारण उत्तर प्रदेश और बिहार में भारी वर्षा और बाढ़ आई, जिससे धान की फसलों को व्यापक क्षति हुई।
25 से 28 सितंबर के मध्य, उत्तर प्रदेश के 75 में से 26 जिलों में सामान्य से दोगुने से अधिक वर्षा दर्ज की गई। बिहार में, 1 जून से अब तक 38 में से 31 जिलों में वर्षा की कमी दर्ज की गई है।
Prelims pointers (3)
Factचक्रवात Arnab के कारण उत्तर प्रदेश और बिहार में बाढ़ और धान की फसलों को क्षति हुई।
Fact25 से 28 सितंबर के बीच उत्तर प्रदेश के 75 में से 26 जिलों में सामान्य से दोगुने से अधिक वर्षा दर्ज की गई।
Fact1 जून से बिहार के 38 में से 31 जिलों में कम वर्षा दर्ज की गई है।
Mains angle
Q. अनियमित मानसून के पैटर्न और चक्रवात 'अरब' जैसी चरम मौसमी घटनाओं का भारत की खाद्य सुरक्षा और कृषि स्थिरता पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए।
Climate vulnerability: Impact of erratic rainfall on paddy crop cycles in the Indo-Gangetic plains
Water management: Challenges in balancing flood mitigation with irrigation needs during deficient monsoon seasons
चर्चा में क्यों: राजस्थान 90.19 लाख पहचान पत्र जारी कर किसानों की डिजिटल पहचान पूर्ण करने वाला उत्तर भारत का पहला राज्य बन गया है, जो 2015 की जनगणना के आंकड़ों से अधिक है।
राजस्थान ने 90.19 लाख डिजिटल किसान आईडी जारी की हैं, जो 2015-16 की जनगणना में दर्ज 76.54 लाख परिचालन योग्य होल्डिंग्स की तुलना में 118% अधिक है। यह पहल केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत कृषि और राजस्व विभागों के बीच एक समन्वित प्रयास था।
Prelims pointers (4)
Factराजस्थान ने 90.19 लाख डिजिटल किसान ID जारी किए।
Fact2015-16 की जनगणना के अनुसार राजस्थान में 76.54 लाख परिचालन योग्य कृषि जोत (operational holdings) दर्ज की गईं।
Bodyयह पहल केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत आती है।
Placeराजस्थान उत्तर भारत का पहला राज्य है जिसने इस डिजिटल पहचान को पूरा किया है।
Mains angle
Q. भारत में किसानों की डिजिटल पहचान किस प्रकार कृषि सब्सिडी के वितरण को सुव्यवस्थित कर सकती है और लघु एवं सीमांत किसानों के लिए ऋण तक पहुंच में सुधार कर सकती है, इस पर चर्चा कीजिए।
Data integrity: Reducing ghost beneficiaries in fertilizer distribution and MSP procurement
Financial inclusion: Streamlining credit flow by creating a verifiable digital identity for landholders
Service delivery: Enhancing the efficiency of crop insurance and advisory services through unified databases
Keywords: Digital Public Infrastructure · Agricultural Credit · Minimum Support Price · Data-driven Governance · Farmer Welfare
चर्चा में क्यों: कर्नाटक राज्य बागवानी विभाग (KSDH) द्वारा फॉग और मिस्ट तकनीक का उपयोग करते हुए लालबाग वनस्पति उद्यान में 2.5 एकड़ क्षेत्र को सिंगापुर के 'गार्डन्स बाय द बे' की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है।
इस परियोजना के अंतर्गत कर्नाटक, केरल, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश से 50 छाया-प्रेमी प्रजातियों का रोपण किया जाना प्रस्तावित है। इसमें जर्मनी से निर्मित स्वचालित नोजल, एक RO जल सुविधा और जल प्रबंधन हेतु 15 चेक डैम शामिल हैं।
Prelims pointers (4)
Placeलालबाग बॉटैनिकल गार्डन कर्नाटक के बेंगलुरु में स्थित है।
Factयह परियोजना 2.5 एकड़ के क्षेत्र को कवर करती है।
Factपरियोजना में 15 चेक डैम और एक RO जल सुविधा शामिल है।
S&Tयह परियोजना जर्मनी से प्राप्त स्वचालित नोजल (automated nozzles) का उपयोग करके फॉग और मिस्ट तकनीक को पेश करती है।
Mains angle
Q. भारतीय शहरों में उन्नत सिंचाई प्रौद्योगिकियों के एकीकरण और स्वदेशी प्रजातियों के संरक्षण से शहरी बागवानी और जैव विविधता को किस प्रकार बढ़ावा दिया जा सकता है, चर्चा कीजिए।
Resource efficiency: Use of RO water and check dams to mitigate urban water scarcity
Biodiversity conservation: Promoting shade-loving species from diverse Indian states
Technological adoption: Transition from traditional irrigation to automated fog and mist systems
चर्चा में क्यों: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 12% वर्षा की कमी और El Nino की स्थितियों के बावजूद, वर्ष 2026-27 के लिए 373.93 मिलियन टन के खाद्यान्न उत्पादन लक्ष्य की घोषणा की है।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने वर्ष 2026-27 की अवधि के लिए 373.93 मिलियन टन का खाद्यान्न लक्ष्य निर्धारित किया है। यह घोषणा कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों में 12% वर्षा की कमी के प्रभाव के बीच की गई है।
Prelims pointers (3)
Factवर्ष 2026-27 के लिए खाद्यान्न उत्पादन लक्ष्य: 373.93 मिलियन टन।
Factरिपोर्ट की गई वर्षा की कमी: 12%।
Placeसूखे जैसी स्थिति का सामना कर रहे राज्य: Karnataka, Maharashtra, Andhra Pradesh, Telangana और Rajasthan।
Mains angle
Q. भारत में बढ़ती जलवायु परिवर्तनशीलता और अनिश्चित वर्षा के पैटर्न के परिप्रेक्ष्य में खाद्य सुरक्षा लक्ष्यों को प्राप्त करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
Climate-resilient agriculture: Need for drought-tolerant crop varieties in low-rainfall zones
Supply chain stability: Ensuring fertilizer availability during Rabi season despite erratic monsoons
Market integration: Leveraging zero import duty benefits to enhance global market competitiveness
चर्चा में क्यों: उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्राम सभा के तालाबों, जलाशयों और नदियों के अनुकूलन के माध्यम से किसानों और मत्स्य समुदायों की मत्स्य आय को बढ़ावा देने की योजना की घोषणा की है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने सूचित किया है कि आठ वर्षों की अवधि के दौरान मत्स्य उत्पादन 6.29 लाख टन से बढ़कर 15.90 लाख टन हो गया है। इस पहल के अंतर्गत मत्स्य उत्पादन हेतु 80,000 हेक्टेयर से अधिक तालाबों, 2,205 किलोमीटर नदियों और 342 जलाशयों को पट्टे पर दिया गया है।
Prelims pointers (3)
Factआठ वर्षों की अवधि में उत्तर प्रदेश का मछली उत्पादन 6.29 लाख टन से बढ़कर 15.90 लाख टन हो गया।
Factउत्तर प्रदेश में मत्स्य उत्पादन के लिए 80,000 हेक्टेयर से अधिक तालाबों को पट्टे पर लिया गया।
Factवर्तमान में राज्य में 2,205 किमी की नदियाँ और 342 जलाशय मत्स्य उत्पादन में सहायता प्रदान कर रहे हैं।
Mains angle
Q. उत्तर प्रदेश जैसे कृषि प्रधान राज्यों में मत्स्य पालन जैसी संबद्ध गतिविधियों को बढ़ावा देने से ग्रामीण रोजगार और सतत आर्थिक विकास में किस प्रकार योगदान दिया जा सकता है, चर्चा कीजिए।
Livelihood diversification: Transitioning from primary crop cultivation to high-value aquaculture for rural income stability
Resource optimization: Leveraging existing water bodies like Gram Sabha ponds and reservoirs to maximize per-unit land productivity
चर्चा में क्यों: केरल के वन एवं वन्यजीव मंत्री शिबू बेबी जॉन ने मानव-वन्यजीव संघर्ष के समाधान हेतु नारियल और कोको के पौधों पर वन्यजीवों द्वारा किए गए हमलों के लिए मुआवजे की राशि को दोगुना करने की घोषणा की है।
केरल सरकार ने वन्यजीवों से होने वाली क्षति के लिए नारियल पर ₹15 और कोको के पौधे पर ₹30 का मुआवजा घोषित किया है। इस पहल के अंतर्गत 55 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में नियंत्रण, शमन और मुआवजे की त्रि-आयामी रणनीति शामिल है।
Prelims pointers (3)
Factकेरल में वन्यजीवों के हमलों के लिए मुआवजा: नारियल पर ₹15 और कोको के पौधे पर ₹30।
Factमानव-वन्यजीव संघर्ष रणनीति के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की संख्या: 55।
S&Tमानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन के लिए प्रस्तावित तकनीकें: AI और remote sensing।
Mains angle
Q. कृषि प्रधान परिदृश्यों में मानव-वन्यजीव संघर्ष के प्रबंधन की चुनौतियों पर चर्चा कीजिए और क्षतिपूर्ति-आधारित शमन रणनीतियों की प्रभावकारिता का मूल्यांकन कीजिए।
Economic loss: High vulnerability of plantation crops like cocoa and coconut to wildlife damage
Technological integration: Utilization of AI and remote sensing for real-time conflict monitoring
Policy trade-offs: Balancing wildlife conservation goals with the livelihood security of rural farmers
चर्चा में क्यों: उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने उपभोक्ता स्वास्थ्य और पारदर्शिता सुनिश्चित करनेके उद्देश्य से खुले विक्रय वाले व्यंजनों सहित सभी मिठाइयों के लिए 'यूज़ बाय डेट' (Use by Date) अनिवार्य कर दिया है।
यह अधिदेश उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जारी किया गया है। यह विशेष रूप से खुले में बिकने वाली मिठाइयों को लक्षित करता है और दुग्ध प्रसंस्करण में एथिलीन ग्लाइकोल एवं डाइएथिलीन ग्लाइकोल के उपयोग पर प्रतिबंध लगाता है, जबकि इसके विकल्प के रूप में प्रोपलीन ग्लाइकोल के उपयोग की अनुमति प्रदान करता है।
Prelims pointers (4)
Factउत्तर प्रदेश में खुले में बिकने वाली मिठाइयों सहित सभी मिठाइयों के लिए 'Use by Date' अनिवार्य।
Factप्रतिबंधित पदार्थ: दूध प्रसंस्करण में Ethylene glycol और diethylene glycol।
Factदूध प्रसंस्करण के लिए अनुमत वैकल्पिक पदार्थ: Propylene glycol।
Bodyनियामक निकाय: Uttar Pradesh Food Safety and Drug Administration Department।
Mains angle
Q. असंगठित खाद्य क्षेत्र में सार्वजनिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करने और उपभोक्ता विश्वास बढ़ाने में खाद्य सुरक्षा नियमों और लेबलिंग मानकों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
Information asymmetry: Lack of standardized labeling for loose sweets hinders consumer choice and safety.
Regulatory enforcement: Challenges in monitoring decentralized, unorganized sweet shops for chemical compliance.
Public health risk: Potential toxicity of industrial chemicals like ethylene glycol in dairy supply chains.
Keywords: Consumer Protection · Food Safety Standards · Public Health Policy · Transparency · Regulatory Compliance
चर्चा में क्यों: महाराष्ट्र सरकार ने 265 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित कर दिया है, जिसमें 25 प्रतिशत से अधिक वर्षा की कमी के कारण 'Trigger-1' राहत उपायों को सक्रिय कर दिया गया है।
महाराष्ट्र ने 358 में से 265 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया है। राहत उपायों के अंतर्गत पूर्ण भू-राजस्व छूट, परीक्षा शुल्क की माफी और फसल ऋणों का पुनर्गठन शामिल है।
Prelims pointers (4)
Factजब वर्षा की कमी 25 प्रतिशत से अधिक हो जाती है, तब Trigger-1 सक्रिय हो जाता है।
Schemeरोजगार गारंटी योजना: सूखा प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को खाद्यान्न प्रदान करती है।
Factमहाराष्ट्र के 358 में से 265 तालुकाओं को सूखा प्रभावित घोषित किया गया।
Placeमहाराष्ट्र: राज्य द्वारा तालुकों के लिए सूखा प्रभावित स्थिति की घोषणा।
Mains angle
Q. महाराष्ट्र में कृषि समुदायों पर पड़ने वाले सामाजिक-आर्थिक प्रभावों को कम करने में राज्य-नेतृत्व वाले सूखा प्रबंधन ढाँचों की प्रभावशीलता का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
Fiscal relief: Efficacy of land revenue exemptions vs. long-term debt restructuring for crop loans
Transparency mechanism: Use of GPS coordinates and photographic evidence to prevent leakage in crop damage assessment
चर्चा में क्यों: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उल्लेख किया कि 2022 में इसके कार्यान्वयन के पश्चात E20 एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल ने वाहनों की माइलेज में वृद्धि की है और इससे वाहनों को कोई क्षति नहीं हुई है।
वर्ष 2022 से, भारत भर में 4 करोड़ चार पहिया वाहनों और 20 मिलियन दो पहिया वाहनों में E20 एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल का उपयोग किया गया है। मंत्री ने दावा किया कि इस ईंधन ने यांत्रिक क्षति किए बिना वाहनों की औसत माइलेज में सुधार किया है।
Prelims pointers (3)
Factवर्ष 2022 से 4 करोड़ चार-पहिया वाहनों में E20 ईंधन का उपयोग किया जा रहा है।
Fact2022 से अब तक 20 मिलियन दोपहिया वाहनों में E20 ईंधन का उपयोग किया गया है।
S&TE20 का तात्पर्य 20% इथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल से है।
Mains angle
Q. ईंधन में एथेनॉल सम्मिश्रण को बढ़ावा देने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा और कृषि क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में होने वाले योगदान पर चर्चा कीजिए।
Energy security: Reducing crude oil import dependency through domestic bio-fuel production
Agrarian impact: Creating a stable demand for surplus ethanol feedstock from sugarcane and grain farmers
Technical feasibility: Balancing engine compatibility with high ethanol concentrations in existing vehicle fleets
चर्चा में क्यों: उत्तर प्रदेश सरकार ने तकनीकी प्रगति और संस्थागत क्षमता निर्माण के माध्यम से गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने और खेती की लागत को कम करने के लिए एक AI-आधारित योजना की घोषणा की है।
उत्तर प्रदेश गन्ना आयुक्त, सुश्री मिनिस्थी एस. ने 25 सितंबर, 2026 को इस पहल की घोषणा की। यह योजना उच्च उपज वाली किस्मों, उन्नत बीज प्रणालियों, मशीनीकरण और रिमोट सेंसिंग एवं AI के उपयोग द्वारा डेटा-आधारित निर्णय लेने पर केंद्रित है।
Prelims pointers (3)
Factउत्तर प्रदेश सरकार ने 25 सितंबर, 2026 को AI-आधारित गन्ना योजना की घोषणा की।
S&Tयह योजना गन्ना खेती में डेटा-आधारित निर्णय लेने के लिए remote sensing और AI का उपयोग करती है।
Factइस पहल के प्रमुख घटकों में उच्च उपज वाली किस्में, बेहतर बीज प्रणालियाँ और मशीनीकरण शामिल हैं।
Mains angle
Q. कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) और रिमोट सेंसिंग का एकीकरण भारतीय गन्ना उद्योग की उत्पादकता और लाभप्रदता को किस प्रकार परिवर्तित कर सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
Data transparency: Transitioning to a digital ecosystem to ensure accountability in cane procurement
Technological leap: Reducing cultivation costs through mechanization and high-yielding variety distribution
Institutional capacity: Strengthening seed systems and infrastructure to support AI-driven farm management
चर्चा में क्यों: 2025-26 गतिशील भूजल मूल्यांकन (Dynamic Groundwater Assessment) ने पंजाब के गंभीर भूजल संकट को रेखांकित किया है, जहाँ गहन चावल-गेहूँ सिंचाई के कारण भूजल निष्कर्षण की दर पुनर्भरण से 152% अधिक है।
पंजाब में भूजल निष्कर्षण की दर 152% है, जिसमें इसके 72% ब्लॉकों को 'रेड ज़ोन' (लाल क्षेत्र) में वर्गीकृत किया गया है। धान और गेहूं की सिंचाई के लिए प्रतिवर्ष लगभग 25 बिलियन क्यूबिक मीटर जल का उपभोग किया जाता है।
Prelims pointers (4)
Factपंजाब की भूजल निष्कर्षण दर: 152% (2025-26 मूल्यांकन)।
Factपंजाब के 72% भूजल ब्लॉक 'red zone' में हैं।
Factपंजाब में चावल और गेहूं के लिए वार्षिक सिंचाई खपत: 25 बिलियन क्यूबिक मीटर।
Scheme‘Pani Bachao, Paisa Kamao’ योजना: इसका उद्देश्य भूजल निष्कर्षण को कम करना है।
Mains angle
Q. पंजाब की कृषि अर्थव्यवस्था में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) आधारित खरीद और रियायती बिजली के अंतर्संबंध किस प्रकार भूजल के ह्रास में योगदान देते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: महाराष्ट्र के सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने कमजोर मानसून और वर्षा की कमी के कारण सितंबर 2026 के अंत तक संभावित 100% सूखे की स्थिति के प्रति चेतावनी दी है।
इंडिया ड्राउट मॉनिटर पोर्टल ने महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना और कर्नाटक में मध्यम से गंभीर सूखे के व्यापक हॉटस्पॉट की पहचान की है। वर्ष 2026 का सूखा प्रभाव पिछले पांच वर्षों में दर्ज किए गए सबसे व्यापक क्षेत्र में है, जिससे सोयाबीन, कपास और गन्ने की फसलों पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
Prelims pointers (3)
Factसितंबर 2026 कम से कम पांच वर्षों में सूखे से सर्वाधिक प्रभावित होने वाला महीना बनकर उभरा।
Placeमहाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना और कर्नाटक में सूखा हॉटस्पॉट्स (Drought hotspots) की पहचान की गई है।
Factसूखे से प्रभावित होने वाली प्रमुख फसलों में सोयाबीन, कपास और गन्ना शामिल हैं।
Mains angle
Q. महाराष्ट्र में अनिश्चित मानसून के प्रतिरूपों का कृषि उत्पादकता पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए और सूखा-प्रेरित फसल विफलताओं को कम करने के लिए उपयुक्त उपायों का सुझाव दीजिए।
Climate vulnerability: High dependence on monsoon-fed irrigation for cash crops like cotton and sugarcane
Economic risk: Potential for rural distress and price volatility due to widespread crop failure in drought hotspots
चर्चा में क्यों: केरल के कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी ने पहाड़ी क्षेत्रों में किसानों पर होने वाले वन्यजीवों के हमलों के विरुद्ध रणनीतियाँ विकसित करने हेतु तिरुवाम्बडी में एक राज्य स्तरीय सम्मेलन की घोषणा की है।
यह सम्मेलन कृषि एवं वन विभागों द्वारा AI, बायो-फेंसिंग और पारंपरिक विधियों की संभावनाओं का अन्वेषण करने हेतु आयोजित किया जा रहा है। केरल सरकार ने वन्यजीवों के हमलों के लिए मुआवजे में 25% की वृद्धि की है और वह केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता की मांग कर रही है।
Prelims pointers (3)
Factकेरल में वन्यजीवों के हमलों के लिए मुआवजे में 25% की वृद्धि की गई है।
S&Tमानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए Bio-fencing और AI प्रस्तावित तकनीकें हैं।
Placeकेरल का तिरुवामबडी राज्य स्तरीय सम्मेलन (state-level conclave) का स्थल है।
Mains angle
Q. पर्वतीय क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव की चर्चा कीजिए और इन जोखिमों को कम करने में बायो-फेंसिंग जैसे तकनीकी हस्तक्षेपों की प्रभावकारिता का मूल्यांकन कीजिए।
Ecological shift: Climate-induced habitat loss forcing wildlife into agricultural zones
Technological trade-off: High capital cost of AI-based monitoring vs. scalability of conventional fencing
Fiscal constraint: Dependency on Union financial assistance for state-level compensation schemes
चर्चा में क्यों: कामधेनु विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने रिपोर्ट दी है कि मानसून के दौरान पर्यावरणीय परिस्थितियों में परिवर्तन के कारण गुजरात की नर्मदा नदी में हिल्सा मछली की अभूतपूर्व पकड़ दर्ज की गई है।
वर्ष 2025-26 में नर्मदा नदी में कुल हिल्सा उत्पादन 14,587.72 मीट्रिक टन तक पहुँच गया, जो वर्ष 2024-25 के 8,535.75 मीट्रिक टन की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। केवल भरूच जिले ने 7,410.09 मीट्रिक टन का योगदान दिया, जिससे 25,000 से अधिक मछुआरों को सहायता प्राप्त हुई।
Prelims pointers (4)
Factवर्ष 2025-26 में नर्मदा नदी में हिल्सा (Hilsa) उत्पादन 14,587.72 मीट्रिक टन तक पहुंच गया।
Factभरूच जिले ने 2025-26 में 7,410.09 मीट्रिक टन हिल्सा का उत्पादन किया।
Placeगुजरात में रिपोर्ट की गई हिल्सा मछली की पकड़ नर्मदा नदी में दर्ज की गई है।
Factभरूच में 25,000 से अधिक मछुआरे हिल्सा उत्पादन द्वारा समर्थित हैं।
Mains angle
Q. बदलती पर्यावरणीय परिस्थितियों और जलवायु परिवर्तनशीलता किस प्रकार भारत में पारंपरिक मत्स्य पालन के प्रतिमानों को परिवर्तित कर रही है और तटीय एवं नदीय समुदायों की आजीविका को प्रभावित कर रही है, इसका विश्लेषण कीजिए।
Livelihood vulnerability: Economic dependence of 25,000 fishermen on shifting migratory patterns of hilsa
Ecological shift: Impact of monsoon-driven environmental changes on inland riverine biodiversity and yields
चर्चा में क्यों: ओडिशा में 2027 के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों से पूर्व, नगर प्रशासन के निदेशक, अरिंदम डकुआ ने नगर पालिकाओं और NACs के लिए वार्ड सीमांकन और सीट आरक्षण के कार्यक्रम को संशोधित किया है।
इस संशोधन के अंतर्गत ओडिशा में नगर पालिकाओं और अधिसूचित क्षेत्र परिषदों (NACs) के वार्डों का परिसीमन और सीटों का आरक्षण सम्मिलित है। इस प्रक्रिया में आपत्तियों हेतु एक प्रारूप अधिसूचना चरण, एक अपील अवधि और 31 अक्टूबर, 2026 की अंतिम अधिसूचना समय-सीमा शामिल है।
Prelims pointers (3)
BodyNAC: Notified Area Councils भारत में शहरी स्थानीय निकाय (urban local bodies) हैं।
Factओडिशा में निर्वाचन क्षेत्र परिसीमन और सीट आरक्षण के लिए अंतिम अधिसूचनाएं 31 अक्टूबर, 2026 तक जारी करने निर्धारित हैं।
Placeओडिशा: राज्य सरकार शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के कार्यक्रम को संशोधित कर रही है।
Mains angle
Q. शहरी स्थानीय निकायों में समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने में समय-समय पर वार्डों के परिसीमन और सीटों के आरक्षण के महत्व की चर्चा कीजिए।
Demographic alignment: Ensuring ward boundaries reflect current population density to prevent under-representation
Inclusivity mechanism: Balancing reservation quotas with the need for administrative efficiency in urban planning
चर्चा में क्यों: आंध्र प्रदेश के कृषि मंत्री के. अत्तचन्नैडू ने डिजिटल कृषि पहलों में राज्य की प्रगति पर प्रकाश डाला।
राज्य ने AgriStack के अंतर्गत 52.08 लाख PM-KISAN लाभार्थियों को किसान आईडी जारी करके अपने लक्ष्य का 86.8% प्राप्त कर लिया है। APAIMS 2.0 प्रणाली ने 24.69 लाख किसानों के लिए उर्वरक वितरण का डिजिटलीकरण सुलभ कराया, जिसके परिणामस्वरूप यूरिया की खपत में 31% की कमी आई।
Prelims pointers (5)
Factआंध्र प्रदेश में AgriStack के अंतर्गत 52.08 लाख PM-KISAN लाभार्थियों को किसान ID प्राप्त हुई।
FactAPAIMS 2.0 ने 24.69 लाख किसानों के लिए डिजिटल उर्वरक वितरण की सुविधा प्रदान की।
FactAPAIMS 2.0 प्रणाली के माध्यम से यूरिया की खपत में 31% की कमी आई।
Factदालों की खेती के लिए 80% सब्सिडी के साथ आकस्मिक बीजों हेतु ₹200 करोड़ आवंटित किए गए।
FactKharif-2026 सर्वेक्षण में लगभग 97 लाख एकड़ क्षेत्र को कवर किया गया।
Mains angle
Q. एग्रीस्टैक (AgriStack) और एपीएआईएमएस (APAIMS) जैसे डिजिटल बुनियादी ढांचे उर्वरक वितरण की दक्षता को कैसे बढ़ा सकते हैं और किसानों तक लक्षित सब्सिडी की सुपुर्दगी सुनिश्चित कर सकते हैं, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
Data integrity: Ensuring accurate farmer profiling to prevent leakages in PM-KISAN and fertilizer subsidies
Logistical efficiency: Reducing urea wastage through real-time digital tracking and demand-based distribution
Climate resilience: Balancing high-subsidy contingency seed schemes with pulse cultivation targets during El Niño
चर्चा में क्यों: इंडोनेशिया में भीषण जंगल की आग के कारण सिंगापुर और मलेशिया में गंभीर सीमा पार धुंध (transboundary haze) की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिसमें वायु गुणवत्ता 2019 के संकट के स्तर के समान है।
अगस्त 2026 में इंडोनेशिया में 9,000 से अधिक हॉटस्पॉट दर्ज किए गए थे, जबकि सितंबर के मध्य तक 7,000 से अधिक हॉटस्पॉट दर्ज किए गए। एल निनो (El Nino) प्रेरित शुष्क मौसम और कालीमंतन एवं सुमात्रा से आने वाले धुएं के कारण धुंध की स्थिति और भी गंभीर हो गई है।
Prelims pointers (4)
Factअगस्त 2026 में इंडोनेशिया में 9,000 से अधिक हॉटस्पॉट्स दर्ज किए गए।
Placeकलिमान्तन और सुमात्रा इंडोनेशिया के वे क्षेत्र हैं जहाँ से धुआं उत्पन्न हुआ।
S&TEl Nino को शुष्क मौसम और जंगल की आग के बढ़ते जोखिम के चालक के रूप में पहचाना गया है।
BodyASEAN Specialised Meteorological Centre वह निकाय है जो सीमा पार के धुएं के धुंध (smoke haze) की निगरानी करता है।
Mains angle
Q. दक्षिण-पूर्व एशिया में सीमा पार वायु प्रदूषण के प्रबंधन में आने वाली चुनौतियों और जंगल की आग से उत्पन्न धुंध (haze) के प्रभाव को कम करने में क्षेत्रीय सहयोग की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
Institutional bottleneck: Lack of binding enforcement mechanisms in ASEAN's haze management framework
Climate-policy nexus: El Nino-driven droughts intensifying land-clearing fires in Kalimantan and Sumatra
Diplomatic friction: Balancing sovereign land-use rights with regional environmental health obligations
चर्चा में क्यों: लद्दाख ने खगोल-पर्यटन (astro-tourism) को बढ़ावा देने और ग्रामीण गरीबी को कम करने के उद्देश्य से हनले में भारत का प्रथम 'डार्क स्काई रिजर्व' स्थापित किया है।
डार्क स्काई रिजर्व लद्दाख के हनले में 4,500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। खगोलीय दृश्यता के संरक्षण हेतु यहाँ प्रकाश संबंधी कड़े नियमों का कार्यान्वयन किया गया है। इसमें 18 महिलाओं को 'एस्ट्रो-एंबेसडर' के रूप में प्रशिक्षित करने हेतु एक विशेष कार्यक्रम भी सम्मिलित है।
Prelims pointers (3)
Placeहन्ले, लद्दाख: भारत के पहले Dark Sky Reserve का स्थल।
Factहनले डार्क स्काई रिजर्व की ऊंचाई: 4,500 मीटर।
Factएस्ट्रो-टूरिज्म का प्रभाव: हनले में होमस्टये मासिक रूप से 2 लाख रुपये तक कमा रहे हैं।
Mains angle
Q. उच्च-ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ग्रामीण आजीविका विविधीकरण और गरीबी उन्मूलन के लिए एस्ट्रो-टूरिज्म (खगोल-पर्यटन) जैसे विशिष्ट पर्यटन को बढ़ावा देने की क्षमता का विश्लेषण कीजिए।
Livelihood diversification: Transitioning from subsistence activities to high-value astro-tourism services
Ecological preservation: Balancing infrastructure development with strict light pollution regulations
Gender inclusion: Empowering local women as skilled astro-ambassadors in remote geographies
चर्चा में क्यों: मानसून की वर्षा पर निर्भरता कम करनेके उद्देश्य से, मुंबई में 2029 तक मनोरी में 400 मिलियन लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाला एक विलवणीकरण (desalination) संयंत्र स्थापित किया जाएगा।
इस परियोजना का कुल मूल्यांकन 4,007 करोड़ रुपये है। इसका निर्माण और संचालन IDE Technologies द्वारा 20 वर्षीय अनुबंध के अंतर्गत किया जाएगा। 200 मिलियन लीटर प्रति दिन की क्षमता वाले प्रथम चरण का कार्य मानसून के पश्चात प्रारंभ होने की संभावना है।
Prelims pointers (5)
Placeमुंबई में प्रस्तावित डिसेलिनेशन प्लांट (desalination plant) के लिए मनोरी स्थल निर्धारित है।
Factइस संयंत्र का लक्ष्य 400 मिलियन लीटर प्रतिदिन की क्षमता का है।
Factपरियोजना की लागत Rs 4,007 करोड़ है।
FactIDE Technologies 20-वर्षीय अनुबंध के तहत संयंत्र का संचालन करेगी।
Factहैदराबाद के GVPR Engineers नागरिक बुनियादी ढांचे (civil infrastructure) का प्रबंधन करेंगे।
Mains angle
Q. भारत के तटीय शहरों में शहरी जल संकट के समाधान के रूप में विलवणीकरण (desalination) की भूमिका का एक सतत समाधान के रूप में विश्लेषण कीजिए।
Energy-water nexus: High electricity consumption of desalination vs. freshwater conservation
Environmental impact: Management of brine discharge and coastal ecosystem preservation
Economic viability: High capital expenditure and operational costs compared to traditional surface water
चर्चा में क्यों: कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने सरकार की 100-दिवसीय पहल के हिस्से के रूप में भूमिहीन लोगों को पांच लाख आवास स्थल वितरित करने की एक योजना को मंजूरी दी है।
कर्नाटक सरकार ने सार्वजनिक सेवाओं में सुधार हेतु 'सेवा वन' (Seva One) प्लेटफॉर्म और 'BMTC 2.0' ऐप का अनावरण किया है। राज्य सरकार ने भूमिहीन व्यक्तियों को पांच लाख आवास स्थल प्रदान करने की योजना को स्वीकृति दी है तथा 'CSR' और 'सैनिक सम्मान' योजनाओं का शुभारंभ किया है।
Prelims pointers (4)
SchemeSeva One: कर्नाटक सरकार द्वारा शासन और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार के लिए शुरू किया गया एक प्लेटफॉर्म।
Factकर्नाटक सरकार ने भूमिहीन लोगों को पांच लाख आवास स्थल वितरित करने की एक योजना को मंजूरी दी है।
Schemeसैनिक सम्मान: कर्नाटक सरकार द्वारा शुरू की गई एक योजना।
FactBMTC 2.0: सार्वजनिक सेवा वितरण को बेहतर बनाने के लिए कर्नाटक सरकार द्वारा लॉन्च किया गया एक ऐप।
Mains angle
Q. भूमिहीन आबादी के लिए आवास योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण और शहरी भारत में समावेशी विकास और गरीबी उन्मूलन में योगदान की संभावनाओं का विश्लेषण कीजिए।
Social equity: Addressing the housing deficit for marginalized landless communities
Urban planning: Integrating affordable housing into state-led infrastructure development
Governance efficiency: Leveraging digital platforms like Seva One to streamline public service delivery
Keywords: inclusive development · public service delivery · landless housing · e-governance · social welfare
चर्चा में क्यों: शिलांग के निकट एक ट्रक पलटने की घटना के उपरांत अवैध कोयला खनन की जाँच हेतु मेघालया उच्च न्यायालय ने सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति बी.पी. कताके समिति को नियुक्त किया है।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने वर्ष 2014 में मेघालय में खतरनाक कोयला खनन पर प्रतिबंध लगा दिया था। 24 अगस्त को, शिलॉन्ग के समीप एक कोयले से लदा ट्रक पलट गया, जिसके परिणामस्वरूप कोयले की नीलामी और खनन स्रोत की वैधता की जांच शुरू कर दी गई।
Prelims pointers (3)
BodyNational Green Tribunal (NGT): वह निकाय जिसने 2014 में मेघालय में खतरनाक कोयला खनन पर प्रतिबंध लगाया था।
Placeशिलॉन्ग: मेघालय में पलटे हुए कोयला ट्रक की घटना का स्थान।
Factदो सप्ताह की समय-सीमा: पुलिस को Katakey Committee को रिपोर्ट सौंपने के लिए दी गई समय-सीमा।
Mains angle
Q. पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में खनन पर पर्यावरणीय प्रतिबंधों को लागू करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और अवैध निष्कर्षण को रोकने के लिए उचित उपायों का सुझाव दीजिए।
Regulatory oversight: Difficulty in monitoring remote mining sites and verifying documentation for auctioned minerals
Environmental degradation: Impact of hazardous coal mining on the fragile biodiversity of Meghalaya's hills
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार ने बढ़ती इनपुट लागत के विरुद्ध प्राथमिक उत्पादकों को सहायता प्रदान करनेके उद्देश्य से दुग्ध खरीद की कीमतों में वृद्धि की घोषणा की है।
तमिलनाडु सरकार ने दूध की खरीद मूल्य में ₹3 की वृद्धि की है, जिससे यह अब ₹44 प्रति लीटर हो गया है। राज्य सरकार लागत की भरपाईकरनेके लिए Aavin को ₹60 करोड़ (वार्षिक ₹720 करोड़) का मासिक मुआवजा प्रदान करेगी।
Prelims pointers (3)
Factतमिलनाडु में दूध की नई खरीद कीमत: ₹44 प्रति लीटर।
BodyAavin: तमिलनाडु की प्राथमिक दुग्ध सहकारी समिति।
FactAavin के लिए वार्षिक मुआवजा राशि: ₹720 करोड़।
Mains angle
Q. डेयरी क्षेत्र की स्थिरता और प्राथमिक उत्पादकों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए खरीद कीमतों में सरकारी हस्तक्षेप के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने प्रकाशम जिले में सूखे और जल की कमी की समस्या के समाधान हेतु पूला सुब्बैया वेलिगोडा सिंचाई परियोजना के प्रथम चरण का उद्घाटन किया।
यह परियोजना गुरुत्वाकर्षण के माध्यम से कृष्णा नदी के जल को 4.47 लाख एकड़ क्षेत्र की सिंचाई और 23 लाख लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने हेतु परिवर्तित करती है। विस्थापित परिवारों के लिए ₹905 करोड़ की क्षतिपूर्ति राशि आवंटित की गई है।
Prelims pointers (4)
Placeप्राकसम जिला आंध्र प्रदेश राज्य में स्थित है।
Factइस परियोजना का लक्ष्य 4.47 लाख एकड़ भूमि की सिंचाई करना है।
Factयह परियोजना फ्लोराइड संदूषण को संबोधित करते हुए 23 लाख लोगों को पेयजल प्रदान करती है।
Factयह परियोजना कृष्णा नदी के जल के गुरुत्वाकर्षण-आधारित विचलन (gravity-based diversion) का उपयोग करती है।
Mains angle
Q. भारत के सूखा-प्रवण क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और जल-जनित स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान में बड़े पैमाने पर सिंचाई परियोजनाओं के महत्व की चर्चा कीजिए।
impact on agricultural productivity
mitigation of fluoride contamination
socio-economic impact of displacement
sustainable water management
Keywords: irrigation infrastructure · drought mitigation · water security · rural development · displacement compensation
चर्चा में क्यों: मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना फूड्स का निरीक्षण किया, जो एक राज्य के स्वामित्व वाली निर्माता इकाई है और केंद्र सरकार द्वारा 'टेक होम राशन' (THR) योजना के लिए एक मॉडल के रूप में मान्यता प्राप्त है।
तेलंगाना फूड्स हैदराबाद स्थित एक राज्य के स्वामित्व वाला पोषण खाद्य निर्माता है। यह तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए 'बलमृतम' और 'खिचड़ी मिक्स' जैसे उत्पादों का उत्पादन करता है।
Prelims pointers (3)
BodyTelangana Foods तेलंगाना सरकार के स्वामित्व वाला एक राज्य उद्यम है।
Factयह सुविधा तेलंगाना और आंध्र प्रदेश दोनों के आंगनवाड़ी केंद्रों को पोषणयुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराती है।
SchemeTake Home Ration (THR) बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए एक पोषण संबंधी हस्तक्षेप है।
Mains angle
Q. ग्रामीण भारत में 'टेक होम राशन' (THR) मॉडल के माध्यम से बच्चों के लिए पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने में सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (SOEs) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
Nutritional security
Public-Private-State partnership
Logistics and supply chain
Impact on child health
Keywords: Nutritional Security · State-owned Enterprise · Take Home Ration · Anganwadi Centres · Public Health
चर्चा में क्यों: अल्प सिंचाई मंत्री ने जल स्तर में सुधार हेतु 224 निर्वाचन क्षेत्रों में भूजल पुनर्भरण परियोजनाओं की निगरानी के लिए एक डैशबोर्ड की घोषणा की।
राज्य सरकार शिरपुर मॉडल (महाराष्ट्र) पर आधारित भूजल पुनर्भरण कार्यक्रम को कार्यान्वित करने की योजना बना रही है। लघु सिंचाई विभाग को वर्ष 2026-27 के लिए 3,810 में से 925 टैंकों को भरने हेतु ₹3,333 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
Prelims pointers (4)
Factलघु सिंचाई विभाग के लिए बजट आवंटन: 2026-27 के लिए ₹3,333 करोड़।
Placeशिरपुर मॉडल: महाराष्ट्र से एक भूजल पुनर्भरण (groundwater recharge) मॉडल।
Factकार्यक्षेत्र के अंतर्गत 3,810 में से 925 टैंकों को भरने का लक्ष्य।
S&Tभूजल पुनर्भरण (Groundwater recharge) के तरीकों में चेक डैम का निर्माण और टैंकों को भरना शामिल है।
Mains angle
Q. भारत में जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में विकेंद्रीकृत भूजल प्रबंधन के महत्व और समुदाय-आधारित मॉडलों की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: किसानों ने कर्नाटक में बिदादी इंटीग्रेटेड टाउनशिप प्रोजेक्ट को चुनौती दी है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार ने 2013 के भूमि अधिग्रहण अधिनियम के अंतर्गत अनिवार्य सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट (SIA) की आवश्यकताओं की अनदेखी की है।
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बिदादी एकीकृत टाउनशिप परियोजना के विरुद्ध दायर की गई एक चुनौती पर सुनवाई की। राज्य सरकार ने यह वचन दिया है कि वह प्रवर्तन से पूर्व अधिग्रहण पुरस्कार को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी। यह मामला 'भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्था में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013' द्वारा अनिवार्य 'सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन' (SIA) की अनदेखी करने के आरोपों से संबंधित है।
Prelims pointers (3)
Act / Billभूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित मुआवजे और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 (LARR Act)।
Factभूमि अधिग्रहण के लिए 2013 के अधिनियम के तहत सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन (SIA) एक अनिवार्य आवश्यकता है।
Bodyकर्नाटक उच्च न्यायालय।
Mains angle
Q. भारत में न्यायसंगत भूमि अधिग्रहण सुनिश्चित करने और ग्रामीण समुदायों के अधिकारों के संरक्षण में सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन (SIA) के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: केंद्र सरकार द्वारा प्याज की कीमतों में वार्षिक आधार पर हुई 59% की वृद्धि को नियंत्रित करनेके उद्देश्य से दिल्ली-NCR में 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर प्याज की बिक्री के माध्यम से बाजार में हस्तक्षेप किया जा रहा है।
नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NCCF) द्वारा 10 खुदरा आउटलेट्स और 105 'भारत ब्रांड' स्टोर के माध्यम से प्याज का वितरण किया जाएगा। प्रारंभिक पांच शहरों—चेन्नई, मदुरै, दिल्ली, एर्नाकुलम और गुवाहाटी—में कीमतों को स्थिर करनेके उद्देश्य से, नासिक, महाराष्ट्र से विशेष 'कांदा एक्सप्रेस' ट्रेनों के माध्यम से आपूर्ति का परिवहन किया जा रहा है।
Prelims pointers (4)
BodyNCCF: National Cooperative Consumers Federation of India Ltd एक बहु-राज्य सहकारी संघ है।
Factसरकारी हस्तक्षेप के माध्यम से दिल्ली-NCR में प्याज की खुदरा कीमतों को 35 रुपये प्रति किलोग्राम पर सीमित किया जा रहा है।
Factअगस्त 2024 तक, प्याज की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत में साल-दर-साल 59% की वृद्धि हुई।
Placeमहाराष्ट्र का नासिक, प्याज उत्पादन और आपूर्ति का एक प्रमुख केंद्र है।
Mains angle
Q. भारतीय कृषि बाजार में खाद्य सुरक्षा और मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने में बफर स्टॉक और सरकारी हस्तक्षेप की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
Price volatility in perishables
Role of NCCF and buffer stocks
Logistics and supply chain efficiency
Way forward: Strengthening cold chain infrastructure
चर्चा में क्यों: कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री ने भारी वर्षा की कमी के कारण 102 तालुकों के लिए सूखा घोषित करने का संकेत दिया है, जो कृषि उत्पादन पर इसके प्रभाव को रेखांकित करता है।
कर्नाटक सरकार जून माह से वर्षा की कमी के कारण 102 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित करने की तैयारी कर रही है। राज्य सरकार ने केंद्र से 240 में से 175 प्रभावित तालुकों को सहायता प्रदान करनेके लिए 'ड्रॉट मैनुअल' (Drought Manual) के मानदंडों में ढील देने का अनुरोध किया है।
Prelims pointers (3)
Factकर्नाटक के 102 तालुकों को सूखा घोषित करने के लिए विचाराधीन रखा गया है।
Factजल की कमी के कारण लक्षित कृषि क्षेत्र का केवल 71% हिस्सा ही बोया गया है।
Factप्रभावित क्षेत्रों में वर्तमान में 872 स्थानों पर टैंकरों के माध्यम से पीने योग्य पानी की आपूर्ति की जा रही है।
Mains angle
Q. भारत में गंभीर वर्षा की कमी के दौरान कृषि प्रधान अर्थव्यवस्थाओं के समक्ष आने वाली चुनौतियों और सूखा प्रबंधन में केंद्र-राज्य सहयोग की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: भारत सरकार ने रिकॉर्ड उत्पादन के बीच घरेलू कीमतों को स्थिर करने और किसानों की आय को समर्थन देनेके उद्देश्य से 24 अगस्त, 2026 को गेहूं के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध को हटा दिया है।
भारत ने वर्ष 2025-26 में 120.65 मिलियन टन का रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन दर्ज किया। भारतीय खाद्य निगम (FCI) के पास वर्तमान में बफर स्टॉक के रूप में लगभग 49 मिलियन टन गेहूं उपलब्ध है।
Prelims pointers (3)
Factवर्ष 2025-26 में भारत का गेहूं उत्पादन रिकॉर्ड 120.65 मिलियन टन तक पहुंच गया।
FactFCI के पास गेहूं का बफर स्टॉक लगभग 49 million tonnes है।
Bodyभारतीय खाद्य निगम (FCI) बफर स्टॉक बनाए रखने वाली प्राथमिक एजेंसी है।
Mains angle
Q. गेहूँ निर्यात नीतियों और घरेलू खाद्य सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखने तथा किसानों के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: पश्चिम बंगाल के मछुआरों ने 'ब्लू इकोनॉमी' प्रबंधन में AI की भूमिका को प्रदर्शित करते हुए, INCOIS के HiFA मशीन लर्निंग सिस्टम का सफलतापूर्वक उपयोग कर 30-40 टन हिल्सा मछली का संग्रहण किया।
Hilsa मछली की उपलब्धता का पूर्वानुमान लगाने के लिए Indian National Centre for Ocean Information Services (INCOIS) द्वारा HiFA (Hilsa Forecast Advisory) प्रणाली शुरू की गई है। यह प्रणाली उच्च-क्षमता वाले मत्स्य पालन क्षेत्रों की पहचानकरने हेतु समुद्री सतह के तापमान और लवणता जैसे पर्यावरणीय चरों के विश्लेषण के लिए मशीन लर्निंग का उपयोग करती है।
Prelims pointers (3)
BodyINCOIS: Indian National Centre for Ocean Information Services, महासागर संबंधी जानकारी और पूर्वानुमान प्रदान करता है।
S&THiFA: हिल्सा मछली की उपलब्धता के लिए एक मशीन लर्निंग-आधारित पूर्वानुमान प्रणाली।
Factहिल्सा मछली: बंगाल की खाड़ी और तटीय पश्चिम बंगाल में एक प्रमुख व्यावसायिक मछली की प्रजाति।
Mains angle
Q. मशीन लर्निंग और वास्तविक समय के डेटा विश्लेषण (रियल-टाइम डेटा एनालिटिक्स) का एकीकरण किस प्रकार भारत की 'ब्लू इकोनॉमी' (नीली अर्थव्यवस्था) की स्थिरता को बढ़ा सकता है और लघु-स्तरीय मत्स्य पालन को समर्थन प्रदान कर सकता है? चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: रबर बोर्ड ने केरल स्थित रबर रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (RRII) को रबर क्लोन्स की विशिष्टता, एकरूपता और स्थिरता (DUS) के परीक्षण हेतु देश के मॉडल केंद्र के रूप में समर्पित किया है।
केरल के पुथुपल्ली स्थित भारतीय रबर अनुसंधान संस्थान (RRII) अब एक अधिकृत DUS परीक्षण केंद्र है। इसका उद्देश्य क्लोन की विशेषताओं की पहचान करना, जैव विविधता का संरक्षण करना और नई रबर किस्मों को कानूनी संरक्षण प्रदान करना है।
Prelims pointers (4)
Act / Billपौधों की किस्मों और किसानों के अधिकारों का संरक्षण अधिनियम (Protection of Plant Varieties and Farmers’ Rights Act): यह नई पौधों की किस्मों को कानूनी संरक्षण प्रदान करता है।
S&TDUS Testing: एक मानक प्रक्रिया जो यह निर्धारित करती है कि कोई पादप किस्म विशिष्ट (distinct), एकरूप (uniform) और स्थिर (stable) है या नहीं।
Placeपुथुप्पल्ली, केरल: Rubber Research Institute of India (RRII) का स्थान।
Factरबर बोर्ड: भारत में रबर के विकास और प्रचार के लिए उत्तरदायी एक वैधानिक निकाय।
Mains angle
Q. भारत की बागवानी फसलों की स्थिरता सुनिश्चित करने और किसानों के हितों की रक्षा करने में 'पौधों की किस्मों और किसानों के अधिकारों का संरक्षण अधिनियम' के महत्व पर चर्चा कीजिए।