उत्तर प्रदेश में अब हर मिठाई पर होगा 'Use by Date' दिखाना ज़रूरी
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खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता संरक्षण: यह GS2 शासन और सार्वजनिक स्वास्थ्य से संबंधित एक प्रासंगिक विषय है।
चर्चा में क्यों
उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने उपभोक्ता स्वास्थ्य और पारदर्शिता सुनिश्चित करनेके उद्देश्य से खुले विक्रय वाले व्यंजनों सहित सभी मिठाइयों के लिए 'यूज़ बाय डेट' (Use by Date) अनिवार्य कर दिया है।
पृष्ठभूमि
यह अधिदेश उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जारी किया गया है। यह विशेष रूप से खुले में बिकने वाली मिठाइयों को लक्षित करता है और दुग्ध प्रसंस्करण में एथिलीन ग्लाइकोल एवं डाइएथिलीन ग्लाइकोल के उपयोग पर प्रतिबंध लगाता है, जबकि इसके विकल्प के रूप में प्रोपलीन ग्लाइकोल के उपयोग की अनुमति प्रदान करता है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यउत्तर प्रदेश में खुले में बिकने वाली मिठाइयों सहित सभी मिठाइयों के लिए 'Use by Date' अनिवार्य।
- तथ्यप्रतिबंधित पदार्थ: दूध प्रसंस्करण में Ethylene glycol और diethylene glycol।
- तथ्यदूध प्रसंस्करण के लिए अनुमत वैकल्पिक पदार्थ: Propylene glycol।
- संस्थानियामक निकाय: Uttar Pradesh Food Safety and Drug Administration Department।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा नियमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- राज्य विशेष रूप से खुली मिठाइयों के लिए 'Use by Date' लेबल अनिवार्य करता है।
- दूध प्रसंस्करण में Ethylene glycol और diethylene glycol की अनुमति है।
- दूध प्रसंस्करण के लिए प्रोपलीन ग्लाइकोल (Propylene glycol) को एक सुरक्षित विकल्प के रूप में अनुमत है।
- (a)केवल 2
- (b)केवल 3
- (c)केवल 1 और 3
- (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (c) केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: स्वास्थ्य जोखिमों के कारण इन रसायनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
मेन्स के लिए
Q. असंगठित खाद्य क्षेत्र में सार्वजनिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करने और उपभोक्ता विश्वास बढ़ाने में खाद्य सुरक्षा नियमों और लेबलिंग मानकों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- Information asymmetry: Lack of standardized labeling for loose sweets hinders consumer choice and safety.
- Regulatory enforcement: Challenges in monitoring decentralized, unorganized sweet shops for chemical compliance.
- Public health risk: Potential toxicity of industrial chemicals like ethylene glycol in dairy supply chains.
कीवर्ड: Consumer Protection · Food Safety Standards · Public Health Policy · Transparency · Regulatory Compliance
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।