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भाग I · स्था. 11.2025 
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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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CJI Surya Kant: मोदी के टेक-ड्रिवन कोर्ट में न्याय के लिए संवाद और गरिमा जरूरी

GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· Judiciary & landmark judgments· Mains·

चर्चा में क्यों

मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने तकनीक-आधारित न्यायिक ढांचे के भीतर न्याय तक सार्वजनिक पहुंच सुनिश्चित करने में संवाद, गरिमा और भाषाई समावेशिता की भूमिका पर बल दिया।

पृष्ठभूमि

मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने 8 अगस्त, 2026 को इंदौर में NALSA के पश्चिमी क्षेत्र क्षेत्रीय सम्मेलन को संबोधित किया। इस चर्चा का मुख्य केंद्र आधुनिक तकनीक को ऐसी कानूनी सहायता के साथ एकीकृत करना था जो विविध भाषाओं और संस्कृतियों का सम्मान करती हो।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • संस्थाNALSA: National Legal Services Authority, समाज के कमजोर वर्गों को मुफ्त और सक्षम कानूनी सेवाएँ प्रदान करने के लिए स्थापित।
  • पदCJI: Chief Justice of India, भारतीय न्यायपालिका का सर्वोच्च न्यायिक पद।
  • तथ्ययह सम्मेलन पश्चिमी क्षेत्र क्षेत्रीय सम्मेलन (Western Zone Regional Conference) के हिस्से के रूप में इंदौर में आयोजित किया गया था।

मेन्स के लिए

Q. भारत की निरंतर प्रौद्योगिकी-आधारित होती न्यायिक प्रणाली में हाशिए पर रहने वाले वर्गों के लिए न्याय तक समावेशी पहुँच सुनिश्चित करने में आने वाली चुनौतियों और अवसरों का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • linguistic barriers
  • digital divide
  • technological integration
  • legal aid accessibility

कीवर्ड: Access to Justice · Legal Aid · Digital Inclusion · Judicial Reform · Linguistic Diversity

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: The Hindu ↗यह भी: GS2 · Vulnerable sections (SC/ST, minorities, disabled, elderly, children)

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।