सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षित फुटपाथ के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित किया
GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· Fundamental rights, DPSP & duties· Prelims + Mains·
चर्चा में क्यों
सुप्रीम कोर्ट ने पैदल चलने वालों की सुरक्षा और शहरी नियोजन की विफलताओं को संबोधित करते हुए सुरक्षित फुटपाथों के अधिकार को एक मौलिक अधिकार घोषित किया है।
पृष्ठभूमि
उच्चतम न्यायालय का निर्णय इस तथ्य को रेखांकित करता है कि भारत में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर में पैदल चलने वाले व्यक्तियों की हिस्सेदारी 40% तक है। लगभग 4.5 करोड़ भारतीय प्रतिदिन कार्यस्थल पर जाने के लिए पैदल यात्रा करते हैं, तथापि बुनियादी ढांचा अक्सर पैदल यात्रियों की सुरक्षा के स्थान पर वाहनों के यातायात को प्राथमिकता प्रदान करता है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संविधानमौलिक अधिकार भारतीय संविधान के भाग III में निहित हैं।
- तथ्यभारत में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली कुल मौतों में पैदल चलने वालों की हिस्सेदारी 40% तक है।
- तथ्यलगभग 45 मिलियन भारतीय प्रतिदिन काम पर पैदल जाते हैं।
मेन्स के लिए
Q. भारत के तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ते शहरों में पैदल चलने वालों के अधिकारों की न्यायिक मान्यता शहरी नियोजन और बुनियादी ढांचा विकास को किस प्रकार पुनर्गठित कर सकती है, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- Right to life (Article 21)
- Urban planning priorities
- Infrastructure governance
- Way forward: Pedestrian-centric design
कीवर्ड: Right to Life · Urban Governance · Judicial Activism · Pedestrian Safety · Infrastructure Development
राजव्यवस्था एवं संविधान पर और नोट्स
- CJI सूर्यकांत ने संवैधानिक मूल्यों की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका पर दिया जोर · 14 अगस्त 2026
- चिदंबरम की कानूनी चुनौती के बीच संघ लोक सेवा आयोग ने DG Police के चयन में देरी की · 14 अगस्त 2026
- उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) द्वारा सांसद ए.ए. रहीम द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई की · 14 अगस्त 2026
- BCI ने NALSAR 2026 के ग्रेजुएट्स के एनरोलमेंट पर रोक लगाने का फैसला वापस लिया · 13 अगस्त 2026
- राजस्थान कैबिनेट ने समान विरासत अधिकार और मैरिज रजिस्ट्रेशन के लिए Uniform Civil Code बिल को मंजूरी दी · 13 अगस्त 2026
- केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने लोकसभा में प्रस्ताव पेश किया · 13 अगस्त 2026
कोई गलती या कोई कमी?
किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।
गलती बताएँ →कुछ और चाहिए? बताएँ →thesatyadheesh@gmail.com
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।