विरोध के बीच राज्यसभा में जन्म और मृत्यु संशोधन बिल पास
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चर्चा में क्यों
राज्यसभा ने पंजीकरण नियमों को कड़ा करने और चुनावी धोखाधड़ी को रोकनेउद्देश्य से 'जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026' पारित किया।
पृष्ठभूमि
यह विधेयक दो वर्ष से अधिक विलंबित पंजीकरणों के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश को अनिवार्य बनाता है, जिससे वर्तमान एक वर्ष की सीमा में वृद्धि की गई है। इस संशोधन को राज्यसभा में ध्वनि मत (voice vote) द्वारा पारित किया गया।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- अधिनियम / विधेयकजन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026।
- तथ्ययह विधेयक अनिवार्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आदेशों के लिए विलंब की सीमा को एक वर्ष से बढ़ाकर दो वर्ष कर देता है।
- संस्थाराज्यसभा: भारत की संसद का उच्च सदन।
मेन्स के लिए
Q. भारत में जन्म और मृत्यु के व्यवस्थित पंजीकरण किस प्रकार चुनावी अखंडता और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के एक उपकरण के रूप में कार्य करते हैं, चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- Prevention of 'ghost voters'
- Data accuracy for welfare schemes
- Legal hurdles for marginalized groups
कीवर्ड: Electoral integrity · Administrative transparency · Judicial oversight · Civil registration
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।