तमिलनाडु सरकार ने अपनी तटरेखा के साथ फेंके गए मछली पकड़ने वाले जालों और समुद्री कचरे के भारी जमाव की सूचना दी है
GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· प्रदूषण (वायु, जल, प्लास्टिक)· प्रीलिम्स + मेन्स·
चर्चा में क्यों
तमिलनाडु सरकार ने अपनी तटरेखा के साथ फेंके गए मछली पकड़ने वाले जालों और समुद्री कचरे के भारी जमाव की सूचना दी है, जिसके बाद TNPCB ने 'तमिलनाडु फिशनेट इनिशिएटिव प्रोजेक्ट' (Tamil Nadu Fishnet Initiative Project) शुरू किया है।
पृष्ठभूमि
तमिलनाडु के सर्वेक्षण किए गए समुद्र तटों पर पाए जाने वाले कचरे में मछली पकड़ने से संबंधित मलबा लगभग आधा हिस्सा है। तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (TNPCB) संग्रह केंद्रों से जुड़े रीसाइक्लिंग सेंटर स्थापित करने के लिए 'तमिलनाडु फिशनेट इनिशिएटिव प्रोजेक्ट' शुरू कर रहा है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- स्थानतमिलनाडु में पुडुकोट्टई और विल्लुपुरम को समुद्री कचरे (marine litter) के उच्च संचय वाले क्षेत्रों के रूप में पहचाना गया है।
- संस्थातमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (TNPCB) Fishnet Initiative Project की निगरानी करने वाली राज्य संस्था है।
- योजनाTN-SHORE प्रोजेक्ट एक व्यापक पहल (initiative) है जिसके तहत Fishnet इनिशिएटिव प्रोजेक्ट का विस्तार किया जाएगा।
- तथ्यसर्वेक्षित समुद्र तटों पर पाए गए कचरे में से लगभग आधा हिस्सा मछली पकड़ने से संबंधित मलबे (debris) का है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: तटीय पारिस्थितिकी तंत्रों पर समुद्री कचरे के पर्यावरणीय प्रभाव की चर्चा कीजिए और मत्स्य अपशिष्ट के प्रबंधन में चक्रीय अर्थव्यवस्था (circular economy) के मॉडलों की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर के आयाम
- इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: मरीन-ग्रेड पॉलिमर्स और सिंथेटिक नेट के लिए स्पेशलाइज्ड रीसाइक्लिंग फैसिलिटीज की कमी
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: कमर्शियल फिशिंग गियर के लिए अनिवार्य 'एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी' (EPR) की ज़रूरत
- पारिस्थितिक खतरा: हाई-इंटेंसिटी फिशिंग ज़ोन में समुद्री जैव विविधता के लिए उलझने और निगलने का जोखिम
मुख्य शब्द: सर्कुलर इकोनॉमी · समुद्री कचरा · तटीय प्रबंधन · वेस्ट वैलराइजेशन · प्रदूषण कम करना
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी पर और नोट्स
- सेंट्रल एम्पॉवर्ड कमेटी (CEC) के एक सदस्य ने बन्नेरघट्टा नेशनल पार्क का दौरा किया · 2 जनवरी 2026
- तमिलनाडु वन विभाग बाघों की आबादी और उनके शिकार के आधार (prey bases) का आकलन करने के लिए 'ऑल इंडिया टाइगर एस्टिमेशन' (AITE) 2026 के पहले चरण की शुरुआत करने जा रहा है · 1 जनवरी 2026
- नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) ने रिपोर्ट दी है कि 2025 में बाघों की मौतों में 40% की वृद्धि हुई है, जिसमें मध्य प्रदेश में सबसे अधिक मौतें दर्ज की गईं · 1 जनवरी 2026
- 'पीपल एंड नेचर' (People and Nature) में किए गए एक अध्ययन में 13वीं शताब्दी के मराठी ग्रंथों का हवाला देते हुए पश्चिमी महाराष्ट्र के सवाना (savannas) को खराब हो चुके जंगलों के रूप में देखने के नजरिए को चुनौती दी गई है · 1 जनवरी 2026
- मैसूर के पर्यावरणविदों ने सरकार से चामुंडी हिल्स को संरक्षित करने का आग्रह किया है · 31 दिसंबर 2025
- वन्यजीव प्रेमियों और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी ने मुदुमलई टाइगर रिज़र्व में एक दुर्लभ ईस्टर्न इंपीरियल ईगल और एक लुप्तप्राय इजिप्शियन वल्चर (Egyptian vulture) के देखे जाने की पुष्टि की है · 30 दिसंबर 2025
कोई गलती या कोई कमी?
किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।