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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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भारत ने गंभीर रूप से बीमार मरीजों के सम्मानजनक मृत्यु के लिए गाइडलाइन्स अपनाईं

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चर्चा में क्यों

राज्य सरकार ने 2018 के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के निर्णय के अनुपालन में, गंभीर रूप से बीमार रोगियों को गरिमापूर्ण मृत्यु सुनिश्चित करने हेतु जीवन रक्षक प्रणाली (life support) हटाने के दिशा-निर्देशों को स्वीकृति प्रदान की है।

पृष्ठभूमि

ये दिशा-निर्देश उन रोगियों के लिए 'एडवांस मेडिकल डायरेक्टिव्स' (Advance Medical Directives) के उपयोग को अनिवार्य करते हैं जो निर्णय लेने की क्षमता खो सकते हैं। ये निर्देश जीवन रक्षक प्रणाली (life support) को हटाने से पूर्व मामलों की समीक्षा करने के लिए चिकित्सा बोर्डों के गठन और नामित अभिभावकों से सहमति प्राप्त करने की भी आवश्यकता निर्धारित करते हैं।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • अधिनियम / विधेयकएडवांस मेडिकल डायरेक्टिव (Advance Medical Directive): एक कानूनी दस्तावेज जिसमें एक रोगी भविष्य की अक्षमता की स्थिति के लिए अपनी चिकित्सा प्राथमिकताओं को निर्दिष्ट करता है।
  • संस्थामेडिकल बोर्ड: जीवन रक्षक प्रणाली (life support) को हटाने की समीक्षा और निरीक्षण के लिए अधिदेशित निकाय।
  • तथ्यनिष्क्रिय इच्छामृत्यु (passive euthanasia) और गरिमापूर्ण मृत्यु पर सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय 2018 में जारी किया गया था।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में 'निष्क्रिय इच्छामृत्यु' (passive euthanasia) के नैतिक और कानूनी निहितार्थों पर चर्चा कीजिए, जिसमें जीवन के अधिकार और गरिमापूर्ण मृत्यु के अधिकार के बीच संतुलन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाए। चर्चा कीजिए।

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।