El Niño के असर से भारत में सूखे और हीटवेव का खतरा बढ़ेगा
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चर्चा में क्यों
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने चेतावनी दी है कि तीव्र होते एल नीनो (El Niño) की स्थितियाँ सूखे और लू जैसी चरम मौसमी घटनाओं को जन्म दे सकती हैं, जिससे भारत के मानसून पैटर्न प्रभावित होने की संभावना है।
पृष्ठभूमि
WMO की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने पिछले 126 वर्षों में अपने सबसे शुष्क जून के पांचवें क्रम का अनुभव किया है। वर्तमान एल नीनो (El Niño) चक्र के जुलाई और सितंबर के बीच एक तीव्र घटना में परिवर्तित होने का अनुमान है, जिससे नई दिल्ली जैसे क्षेत्रों में मानसून के आगमन में संभावित विलंब हो सकता है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- विज्ञान-तकनीकEl Niño: एक जलवायु पैटर्न जो पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में सतह के जल के असामान्य रूप से गर्म होने की विशेषता है।
- तथ्य2024 तक, भारत ने 126 वर्षों की अवधि में अपना सबसे शुष्क जून (5वां सबसे शुष्क) दर्ज किया।
- संस्थाWorld Meteorological Organization (WMO): संयुक्त राष्ट्र की एक विशिष्ट एजेंसी जो मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और जल विज्ञान पर केंद्रित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: एल नीनो की तीव्रता में वृद्धि भारत की कृषि स्थिरता को किस प्रकार प्रभावित करती है, इसका विश्लेषण कीजिए और खाद्य सुरक्षा पर चरम मौसमी घटनाओं के जोखिमों को कम करने के लिए उपयुक्त उपायों का सुझाव दीजिए।
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