असम के वित्त मंत्री Jayanta Mallabaruah ने पर्यावरण सुरक्षा के लिए Green Cess का प्रस्ताव रखा
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चर्चा में क्यों
असम के वित्त मंत्री जयंत मल्लाबरुआ ने पर्यावरण संरक्षण और सतत बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण हेतु 2026-27 के बजट में 'ग्रीन सेस' (Green Cess) का प्रस्ताव रखा है।
पृष्ठभूमि
प्रस्तावित 'ग्रीन सेस' (Green Cess) चार विशिष्ट क्षेत्रों को लक्षित करता है: पत्थर क्रशर, ईंट भट्टे, वाणिज्यिक भूजल निष्कर्षण और पुराने वाहनों का हस्तांतरण। इस राजस्व को असम में वनीकरण, प्रदूषण नियंत्रण, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु अनुकूलन के लिए आवंटित किया गया है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यवित्त वर्ष 2026-27 के लिए असम राज्य बजट में Green Cess का प्रस्ताव।
- तथ्यसेस (Cess) के लिए लक्षित क्षेत्र: स्टोन क्रशर, ईंट भट्टे, वाणिज्यिक भूजल निष्कर्षण और पुराने वाहनों का हस्तांतरण।
- तथ्यप्राथमिक उद्देश्य: वनीकरण, प्रदूषण नियंत्रण, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु अनुकूलन।
मेन्स के लिए
Q. असम जैसे पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील राज्यों में पर्यावरण संरक्षण के लिए एक राजकोषीय उपकरण के रूप में 'ग्रीन सेस' (Green Cess) की प्रभावकारिता का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- Fiscal decentralization: State-level autonomy in generating revenue for localized ecological restoration
- Externalities internalisation: Pricing environmental degradation in industrial activities like brick kilns and stone crushing
- Revenue recycling: Ensuring transparent allocation of cess funds toward measurable biodiversity and afforestation targets
कीवर्ड: Fiscal Federalism · Environmental Externalities · Polluter Pays Principle · Sustainable Infrastructure · Climate Adaptation
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी पर और नोट्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।