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भाग I · स्था. 11.2025 
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केरल उच्च न्यायालय ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को मानसिक बीमारी के आधार पर दोषमुक्त किए गए व्यक्तियों के लिए पुनर्वास प्रणालियों का मूल्यांकन करने और उनमें सुधार करने का निर्देश दिया है

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चर्चा में क्यों

केरल उच्च न्यायालय ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को मानसिक बीमारी के आधार पर दोषमुक्त किए गए व्यक्तियों के लिए पुनर्वास प्रणालियों का मूल्यांकन करने और उनमें सुधार करने का निर्देश दिया है।

पृष्ठभूमि

केरल उच्च न्यायालय ने मानसिक अस्वस्थता के आधार पर दोषमुक्त किए गए व्यक्तियों के पुन: एकीकरण हेतु उपलब्ध सुविधाओं के व्यापक मूल्यांकन का आदेश दिया है। न्यायालय ने मनो-सामाजिक पुनर्वास की सुविधा प्रदान करने के लिए एक राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण और 'हाफ-वे होम्स' (halfway homes) की स्थापना का निर्देश दिया है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • संस्थाराज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण (State Mental Health Authority): केरल में मानसिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और पुनर्वास की निगरानी के लिए एक प्रस्तावित निकाय।
  • स्थानकेरल उच्च न्यायालय: पुनर्वास मूल्यांकन के लिए निर्देश जारी करने वाली न्यायिक संस्था।
  • तथ्यहाफवे होम्स (Halfway homes): आवासीय सुविधाएँ जिन्हें संस्थागत देखभाल से स्वतंत्र जीवन की ओर जाने वाले व्यक्तियों को संक्रमणकालीन सहायता प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में न्यायपालिका द्वारा दोषमुक्त किए गए मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों के पुनर्वास में विद्यमान संस्थागत और प्रणालीगत कमियों का विश्लेषण कीजिए।

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS2 · न्यायपालिका एवं ऐतिहासिक फैसले

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।