रबर रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (RRII) ने पारंपरिक इमल्शन पेंट के विकल्प के रूप में प्राकृतिक रबर लेटेक्स से बना एक टिकाऊ और VOC-मुक्त पेंट विकसित किया है
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चर्चा में क्यों
रबर रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (RRII) ने पारंपरिक इमल्शन पेंट के विकल्प के रूप में प्राकृतिक रबर लेटेक्स से बना एक टिकाऊ और VOC-मुक्त पेंट विकसित किया है।
पृष्ठभूमि
रबर बोर्ड के अंतर्गत आने वाले RRII ने इस जल-आधारित फॉर्मूले को विकसित करने में 18 महीने का समय लगाया। इस उत्पाद को केरल पेंट इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 'केरल पेंट्स – भद्रम' ब्रांड के तहत बाजार में उतारा जाएगा।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थारबर रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (RRII), रबर बोर्ड के अंतर्गत कार्य करता है।
- तथ्यनया पेंट फॉर्मूला VOC-free और water-based है।
- स्थानकेरल पेंट इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड (Kerala Paint Industries Pvt. Ltd.) इस प्रोडक्ट की मार्केटिंग इकाई है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जैव-आधारित औद्योगिक उत्पादों का विकास भारत के चक्रीय अर्थव्यवस्था (circular economy) और सतत विनिर्माण की ओर संक्रमण में किस प्रकार योगदान दे सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- मार्केट व्यवहार्यता: नेचुरल रबर लेटेक्स की अधिक उत्पादन लागत और पारंपरिक सिंथेटिक इमल्शन पेंट्स के बीच संतुलन
- पर्यावरण सुधार: निर्माण सामग्री में वोलाटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड्स को खत्म करके इनडोर एयर पॉल्यूशन कम करना
मुख्य शब्द: सर्कुलर इकोनॉमी · सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग · बायो-आधारित मैटेरियल्स · VOC में कमी · वैल्यू एडिशन
कृषि पर और नोट्स
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