NITK के शोधकर्ताओं ने सड़क निर्माण और ढलान स्थिरीकरण (slope stabilization) के लिए प्लास्टिक जियोसेल (plastic geocells) के एक टिकाऊ और किफायती विकल्प के रूप में जूट-आधारित जियोसेल विकसित किया है
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चर्चा में क्यों
NITK के शोधकर्ताओं ने सड़क निर्माण और ढलान स्थिरीकरण (slope stabilization) के लिए प्लास्टिक जियोसेल (plastic geocells) के एक टिकाऊ और किफायती विकल्प के रूप में जूट-आधारित जियोसेल विकसित किया है।
पृष्ठभूमि
इस परियोजना को नेशनल जूट बोर्ड (National Jute Board) द्वारा वित्तपोषित किया गया था और इसे बिड़ला जूट मिल्स के सहयोग से कार्यान्वित किया गया। प्रयोगशाला अध्ययनों ने पुष्टि की है कि जूट जियोसेल्स (jute geocells) पॉलीमेरिक जियोसेल्स के समान ही प्रभावी हैं, जबकि ये उत्पादन लागत को 80% तक कम कर देते हैं।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यजुट (Jute) geocells, पारंपरिक polymeric geocells की तुलना में 80% लागत में कमी प्रदान करते हैं।
- संस्थानेशनल जूट बोर्ड (National Jute Board) जूट जियोसेल (jute geocell) डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए फंडिंग बॉडी है।
- स्थानयह रिसर्च नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कर्नाटक (National Institute of Technology Karnataka) में आयोजित की गई थी।
- विज्ञान-तकनीकJute geocells का उपयोग रोड कंस्ट्रक्शन और स्लोप स्टेबलाइजेशन (slope stabilization) के लिए किया जाता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ग्रामीण भारत में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में प्राकृतिक रेशों के एकीकरण से चक्रीय अर्थव्यवस्था (circular economy) को कैसे बढ़ावा दिया जा सकता है और सतत विकास लक्ष्यों को कैसे प्राप्त किया जा सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- आर्थिक व्यवहार्यता: मशीनी उत्पादन में 80% लागत की कमी से नेचुरल फाइबर पॉलिमर के मुकाबले प्रतिस्पर्धी बन गए
- पर्यावरण सुधार: रोड कंस्ट्रक्शन में प्लास्टिक कचरे को कम करने के लिए बायोडिग्रेडेबल जूट विकल्पों का इस्तेमाल
- ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर: नेशनल रूरल रोड प्रोग्राम में जूट-आधारित टेक्नोलॉजी को जोड़ने की संभावना
मुख्य शब्द: सर्कुलर इकोनॉमी · सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर · प्राकृतिक फाइबर · ढलान स्थिरीकरण · किफायती इंजीनियरिंग
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