इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) ने गैर-संचारी रोगों (non-communicable diseases) के लिए स्केलेबल AI समाधान विकसित करने हेतु एक AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में 'ट्रांसलेशनल AI फॉर नेटवर्क्ड यूनिवर्सल हेल्थकेयर' (TANUH) फाउंडेशन की स्थापना की है
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चर्चा में क्यों
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) ने गैर-संचारी रोगों (non-communicable diseases) के लिए स्केलेबल AI समाधान विकसित करने हेतु एक AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में 'ट्रांसलेशनल AI फॉर नेटवर्क्ड यूनिवर्सल हेल्थकेयर' (TANUH) फाउंडेशन की स्थापना की है।
पृष्ठभूमि
TANUH फाउंडेशन बेंगलुरु स्थित IISc में स्थित है और यह 'Make AI in India' विजन के अनुरूप कार्य करता है। यह संस्था स्वास्थ्य-AI (Health-AI) तकनीकों को प्रयोगशाला के परिवेश से निकालकर व्यापक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँचाने पर ध्यान केंद्रित करती है, ताकि ओरल कैंसर, डायबिटीज और मानसिक स्वास्थ्य जैसी स्थितियों का उपचार किया जा सके।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- विज्ञान-तकनीकTANUH: नेटवर्क वाले यूनिवर्सल हेल्थकेयर फाउंडेशन के लिए ट्रांसलेशनल AI।
- स्थानIISc बेंगलुरु: AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (Centre of Excellence) के लिए होस्ट संस्थान।
- तथ्यलक्षित बीमारियाँ: ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, रेटिनल बीमारियाँ, डायबिटीज और मेंटल हेल्थ।
- विज्ञान-तकनीकउद्देश्य: पॉइंट ऑफ केयर (Point of care) पर शुरुआती पहचान, जोखिम की भविष्यवाणी और निगरानी के लिए AI टूल्स विकसित करना।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में गैर-संचारी रोगों (NCDs) के प्रबंधन की चुनौतियों के समाधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) का एकीकरण किस प्रकार सहायक हो सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- डेटा प्राइवेसी: बड़े पैमाने पर हेल्थ डेटा कलेक्शन और मरीज की गोपनीयता व सुरक्षित डेटा स्टोरेज के बीच संतुलन
- डिजिटल डिवाइड: सीमित कनेक्टिविटी वाले ग्रामीण क्षेत्रों में AI-आधारित डायग्नोस्टिक्स तक समान पहुंच सुनिश्चित करना
- क्लीनिकल वैलिडेशन: AI-आधारित रिस्क प्रेडिक्शन और पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट प्लान के लिए स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल बनाना
मुख्य शब्द: ट्रांसलेशनल AI · गैर-संचारी रोग · पॉइंट ऑफ केयर · स्केलेबल सॉल्यूशंस · डिजिटल हेल्थ
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर और नोट्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।