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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित किया

GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· संविधान, संशोधन एवं मूल ढांचा· मेन्स·

चर्चा में क्यों

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने देश की लोकतांत्रिक यात्रा और शांति के संदेशवाहक के रूप में इसकी भूमिका पर जोर दिया।

पृष्ठभूमि

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 26 जनवरी, 2026 को गणतंत्र दिवस पर अपना संबोधन दिया। इस भाषण में भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें राष्ट्रीय उपलब्धियों और आत्मनिर्भरता के विषय पर प्रकाश डाला गया।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यभारत ने 2026 में अपना 77वां रिपब्लिक डे (Republic Day) मनाया।

मेन्स के लिए

प्रश्न: शांति और स्थिरता के वैश्विक संदेशवाहक के रूप में भारत की विकसित होती भूमिका को प्रतिबिंबित करने में गणतंत्र दिवस के संबोधन के महत्व पर चर्चा कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • भू-राजनीतिक स्थिति: राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता भूमिकाओं के बीच संतुलन
  • लोकतांत्रिक निरंतरता: 1950 से संवैधानिक मूल्यों के विकास पर एक नज़र

मुख्य शब्द: लोकतांत्रिक यात्रा · आत्मनिर्भरता · शांति और स्थिरता · संवैधानिक मूल्य

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS2 · दूसरे देशों की नीतियों का भारत पर असर

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।